अरुण
सत्यापित कहानीकार (Verified)@aranae
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
अरुण की रचनाएं
और काजल बेतकल्लुफ़ हो गई-2
जब लेपटॉप में उसने काफी सारे वीडियो में से एक वीडियो प्ले किया, तो मेरी आँखें खुली की खुली रह गई।
और काजल बेतकल्लुफ़ हो गई-1
और यह भी मेरे एक पाठक की मेहरबानी से मुमकिन हुई, लेकिन इस बार फर्क यह है कि सलोनी गुप्ता, शालिनी और शालिनी राठौड़ की तरह यह किसी महिला मित्र की वजह से नहीं बल्कि प्रतीक नाम के एक शादीशुदा मेरे एक पाठक की वजह से सम्भव हुई और इसमें वो और उसकी शर्मीली...
शालिनी ने जो चाहा वो पाया-4
मालकिन और नौकर का भेदभाव जाता रहा, उस नौकर राजू ने शालिनी के हाथ से पाइप छीन कर दूर फेंका और उसके कपड़े उतारने को लपका।
शालिनी ने जो चाहा वो पाया-3
शालिनी के अभी तक के दोनों सेक्स अनुभव बाथरूम में ही हुए थे और वो भी अकेले ही हुए थे, और बहुत ही अच्छे हुए थे और उसने बहुत एन्जॉय भी किया था।
शालिनी ने जो चाहा वो पाया-2
नहाते समय उसने जो कुछ देखा, महसूस किया और उसके बाद खुले आसमान के नीचे गंदी सी पड़ी बालकनी के खुरदरे फर्श पर किये हस्त-मैथुन ने उसे असीम आनन्द प्रदान किया था।
शालिनी ने जो चाहा वो पाया-1
इस क्षेत्र के मेरे जैसे जैसे अनुभवी लोगों का फायदा नए और संकोची लोगों को मिल रहा है।
बेधड़क सलोनी संग काम क्रीड़ा-1
और जिस तरह की घटना का मैंने जिक्र अपनी कहानियों में किया था तो लड़कों के इस तरह के पत्र स्वाभाविक भी थे लेकिन मेरे लिए आश्चर्यजनक बात यह थी कि लड़कियों के भी बहुत ज्यादा इमेल आये जो दोस्ती करना चाहती थी और उन में से कुछ मेरी मित्र भी बन गई फेसबुक पर !
प्रफुल्ला-4
दोस्तो, मेरे सामने पलंग पर निर्वस्त्र और नग्नावस्था में पसरी पड़ी प्रफुल्ला और और मेरे बीच में अब यदि कोई दूरी बची हुई थी तो वो थी उसके पति चेतन की मौजदगी की वजह से मेरा संकोच, अन्यथा उसकी ऐसी अवस्था को देख कर कोई भी पुरुष अपने आप को रोक ही नहीं स...
प्रफुल्ला-3
हम बड़े से ड्राइंग रूम में आये, प्रफुल्ला मेरे लिए बारी बारी से पानी, चाय, नाश्ता लाती रही, चेतन भी उसका भरपूर सहयोग कर रहा था, पर मारे उत्तेजना के और आने वाले पलों की कल्पना मात्र से मैं उत्तेजित हो रहा था, मुझसे कुछ भी खाया-पीया ही नहीं जा रहा था।
प्रफुल्ला-1
और जिस तरह की घटना का मैंने जिक्र अपनी कहानियों में किया था, तो लड़कों के इस तरह के पत्र स्वाभाविक भी थे, लेकिन मेरे लिए आश्चर्यजनक बात यह थी कि लड़कियों के भी बहुत ज्यादा इमेल आये, जो दोस्ती करना चाहती थी और उनमें से कुछ मेरी मित्र भी बन गई फेसबुक ...
मेरी बेकरार बीवी-2
तो अब मेरे हाथ भी गियर संभालते संभालते उसकी अंडरवियर तक जा पहुँचे। वो उत्तेजना के मारे और पसर गई मैंने भी अब आहिस्ता से अपना हाथ उसकी अंडरवियर में सरका दिया और जैसे ही मैंने उसकी घनी, काली, घुंघराले और मुलायम बालों वाली चूत को स्पर्श किया, उसके मु...