अरुण
सत्यापित कहानीकार (Verified)@aranae
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
अरुण की रचनाएं
लड़कों की यौन परिअर्चना सेक्स फैन्टसी
लड़कों में यौन उत्तेज़ना की शुरुआत लड़कियों के मुकाबले थोड़ी देर से शुरू होती है, जब उनके लिंग में तनाव आने लगता है।लड़कियों में भी ये सब माहवारी शुरू होने और वक्ष के विकसित होते ही कुछ कुछ होने लगती है।
सेक्स में सनक या पागलपन -3
एक युवती ने लिखा है कि उसके पति को महिलाओं के अंतःवस्त्रों को लेकर अज़ब सा पागलपन है।वैसे तो अधिकतर पुरुष महिलाओं के अंतःवस्त्रों के दीवाने होते हैं, और शायद इसलिए महिलाओं के अंतःवस्त्र बनाने वाली कम्पनियाँ महिला की योनि और उसके उरोजों के सार सम्भा...
सेक्स में सनक या पागलपन -2
दोस्तो, इस विषय पर आपने मेरा हालिया लेखसेक्स में सनक या पागलपन-1पढ़ा.. और इस पर अपने कमेंट्स किए.. मुझे मेल भी किए.. एक पाठिका निष्ठा शर्मा के कमेंट्स का मैं यहाँ जिक्र करना चाहूँगा.. जो लिखती है।
सेक्स में सनक या पागलपन -1
तो आज मैं फिर से कुछ लिखने जा रहा हूँ.. आज मैं जिस विषय पर लिखने जा रहा हूँ.. उसका विषय है ‘सेक्स में सनक’
उत्तेजना की चाहत बन गयी शामत-3
इस कामुक कहनी के पिछले भागउत्तेजना की चाहत बन गयी शामत-2
उत्तेजना की चाहत बन गयी शामत-2
दोस्तो, जैसा कि आपने कहानी के पिछले भागउत्तेजना की चाहत बन गयी शामत-1में पढ़ा कि हम दोनों मर्दों (मुझे और मेरे डॉक्टर दोस्त) को एक दूसरे की बीवियों के बदन के साथ मजे लेने का मन कर रहा था. फिर आखिरकार वो घड़ी भी आ ही गई जब हम दोनों की बीवियों की अद...
उत्तेजना की चाहत बन गयी शामत-1
मेरा प्रयास रहता है कि आपको मेरे लेखों के द्वारा उत्तेजना का मजा तो मिले ही साथ ही साथ आप लोगों को कुछ ज्ञान भी प्राप्त हो जाये. अत: मेरी इसी कोशिश के चलते मैंने कई सारे लेख लिखे हैं जिनके माध्यम से मैंने आप लोगों को सेक्स ज्ञान बांटने के साथ ही म...
और पायल बेतकल्लुफ़ हो गई-3
उससे सीट-बेल्ट नहीं लग रही थी, वो परेशान होकर बोली- न जाने क्यूँ नहीं लग रही? सीट-बेल्ट छोटी है शायद !
और पायल बेतकल्लुफ़ हो गई-2
जब लेपटॉप में उसने काफी सारे वीडियो में से एक वीडियो प्ले किया, तो मेरी आँखें खुली की खुली रह गई।
और पायल बेतकल्लुफ़ हो गई-1
और यह भी मेरे एक पाठक की मेहरबानी से मुमकिन हुई, लेकिन इस बार फर्क यह है कि सलोनी गुप्ता, अंजली और अंजली राठौड़ की तरह यह किसी महिला मित्र की वजह से नहीं बल्कि प्रतीक नाम के एक शादीशुदा मेरे एक पाठक की वजह से सम्भव हुई और इसमें वो और उसकी शर्मीली...
बेधड़क सलोनी संग काम क्रीड़ा-1
और जिस तरह की घटना का मैंने जिक्र अपनी कहानियों में किया था तो लड़कों के इस तरह के पत्र स्वाभाविक भी थे लेकिन मेरे लिए आश्चर्यजनक बात यह थी कि लड़कियों के भी बहुत ज्यादा इमेल आये जो दोस्ती करना चाहती थी और उन में से कुछ मेरी मित्र भी बन गई फेसबुक पर !