डॉ. दलबीर सिंह
सत्यापित कहानीकार (Verified)@da-thalbra-saha
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
डॉ. दलबीर सिंह की रचनाएं
भाभी की ननद और मेरा लण्ड-5
अब माला के जिस्म पर तो एक धागा तक नहीं था और मेरे जिस्म पर पजामा था और मैं चाहता था किसी तरह से माला को गर्म कर दूँ क्योंकि औरत पूरी तरह से सहयोग सिर्फ तब ही करती है कि या तो वो सेक्स अभ्यस्त हो या फिर पूरी तरह से गर्म हो !
भाभी की ननद और मेरा लण्ड-4
दलबीर सिंहमैंने अपनी कहानी के पिछले भाग में लिखा था कि कैसे भाभी ने योजना बना कर मुझे माला की चूत दिलवाई और खुद भाभी ने भी मुझसे उस रात में दो बार चुदाई करवाई।
भाभी की ननद और मेरा लण्ड-3
दलबीर सिंहभाभी ने मुझे थोड़ा परे को ढकेला और मेरा अंडरवियर पकड़ कर नीचे की ओर खींच दिया।फिर बोलीं- बिट्टू, तू हुन्न अपना ‘पप्पू’ माला दी घुत्ती दे अंदर धुन्न दे ! हौली हौली धक्कीं ! ऐदा पह्ल्ली वार ए ! ऐन्ने अज्ज तक नी ऐ काम्म कित्ता ! (तू अब अपना प...
भाभी की ननद और मेरा लण्ड-1
मेरी पहली कहानी आप लोगों ने पढ़ी और काफ़ी सारे मेल भी आए और लोगों ने तारीफ भी की। मानव का स्वभाव है कि उसे तारीफ अच्छी लगती है, मुझे भी लगी।
मुझे चोदना चाहता है न?
दोस्तों मेरा नाम दलबीर सिंह है और दिल्ली में रहता हूँ। और पेशे से डाक्टर हूँ। मेरी उम्र अब 35 साल है। मैं अंतरवासना का पिछले 4 साल से पाठक हूँ।