कुमार बोसोन
सत्यापित कहानीकार (Verified)@kamara-bsana
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
कुमार बोसोन की रचनाएं
मेरी बहन की प्रवेश परीक्षा-2
वो बोली- नहीं भैय्या, ऐसा करते हैं, हम दोनों बेड पर सो जाते हैं।
मेरी बहन की प्रवेश परीक्षा-1
काशी हिंदू विश्वविद्यालय में विभिन्न विषयों की प्रवेश परीक्षा देने के लिए विद्यार्थी दूर दूर से आए हुए थे।लंका (काहिवि के मुख्य द्वार पर स्थित मार्केट) एवं आसपास के सारे होटल भरे हुए थे।
छुपाए नहीं छुपते-1
मेरे और सुगंधा के बीच प्रथम संभोग के बाद अगले दिन उसकी परीक्षा थी, जिसे दिलवाकर मैं शाम की ट्रेन से उसे गाँव वापस छोड़ आया।
छप्पर फाड़ कर-2
मैंने उसके उरोजों को सहलाना शुरू किया। उरोज क्या थे दो रुई के गोले थे। सुगंधा के उरोज तो इसके सामने कुछ भी नहीं थे। मेरा लिंग पजामें में तंबू बना रहा था। मैंने उरोजों को जोर जोर से मसलना शुरू किया तो उसके मुँह से कराह निकली।
छप्पर फाड़ कर-1
सुगंधा को वापस उसके छात्रावास छोड़ने के बाद मैं सभी देवों से इस बार बचा लेने की प्रार्थना करते हुए अपने कमरे पर लौटा (पढ़िए कहानी का पिछला भागछुपाए नहीं छुपते)।
फाड़िए मगर प्यार से
पुरुष को यदि कोई स्त्री आसानी से हासिल हो जाए तो वो जल्द ही उससे ऊब जाता है। जो स्त्री पुरुष को जितना ज्यादा तरसाती है पुरुष उसको हासिल करने के लिए उतना ही ज्यादा लालायित होता जाता है।