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कुमार बोसोन

सत्यापित कहानीकार (Verified)

@kamara-bsana

18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।

2 कहानियाँ
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कुमार बोसोन की रचनाएं

गुरु घण्टाल

छप्पर फाड़ कर-2

मैंने उसके उरोजों को सहलाना शुरू किया। उरोज क्या थे दो रुई के गोले थे। सुगंधा के उरोज तो इसके सामने कुछ भी नहीं थे। मेरा लिंग पजामें में तंबू बना रहा था। मैंने उरोजों को जोर जोर से मसलना शुरू किया तो उसके मुँह से कराह निकली।

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गुरु घण्टाल

छप्पर फाड़ कर-1

सुगंधा को वापस उसके छात्रावास छोड़ने के बाद मैं सभी देवों से इस बार बचा लेने की प्रार्थना करते हुए अपने कमरे पर लौटा (पढ़िए कहानी का पिछला भागछुपाए नहीं छुपते)।

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