क्रान्ति सलूजा
सत्यापित कहानीकार (Verified)@karanata-salja
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
क्रान्ति सलूजा की रचनाएं
चूत शृंगार-8
“तुमने गलत नहीं समझा, मैंने चोदू ही बताया था। मैं दुनिया के लिए चन्दू हूँ, तेरे लिए चोदू।”“सच कब चोदेगा?”“अभी आ जा।”“ऐसे कैसे आऊँ, उसके साथ ही आऊँगी।”
चूत शृंगार-7
मैं किस्सना को अपने मम्मों में दबा कर लेटी रही तो चैन मिला।मैंने पूछा- चोदने के लिए बुलाऊँ तो आकर चोदेगा?“हाँ !” वो बोला- मस्त चोदूंगा। कब चुदेगी?मैं बोली- बुलाऊँगी ! जरूर चुदूँगी तेरे से !
चूत शृंगार-6
“क्या मालूम मेमसाब सोती है कि देखती है। वैसे देखती जरूर होगी। जब कोई कमरे में चिल्ला-चिल्ला कर चुदे तो नींद किसको आता होगा। जरूर देखी होंयेगी। मैं तो रोज नाइट शो देखता हूँ।”“तेरा दिल नहीं करता चोदने को, जब तू माँ को चुदते देखता है?”“अरे मेमसाब अपन...
चूत शृंगार-5
मैंने कहा- सिर्फ हाथ रख कर कसम खाई है ना ! कोई जुबान रख कर तो कसम नहीं खाई।भैया ने कहा- क्या मतलब?तो मैं भैया के गले से चिपक गई और बोली- तू चूस ले।भैया बोले- सच में मुझसे चुसवाएगी?
चूत शृंगार-4
हम भूल ही गए थे कि मैंने साड़ी कॉफी बनाने के लिए उतारी थी ना कि मम्मे दबवाने के लिए और मैं कॉफी बनाने चली गई।
चूत शृंगार-3
वो समझ रहा था कि कमल मेरा पति है, मैंने भी नहीं बताया कि वो मेरा भाई है।मैंने उससे पूछा- तेरा नाम क्या है?उसने कहा- चोदू।
चूत शृंगार-2
भैया ने ब्लाउज खुला रखने को कहा था इसलिए मैंने पल्लू से भी पूरी तरह नहीं ढका। मेरी समझ में यह नहीं आ रहा था कि मुझे कौन ज्यादा ताड़ रहा है, भाई या वो मर्द। वो मर्द मुझे ज्यादा भाने लगा, सोचा उसको आँखों में बसा लेती हूँ रात को उसी को याद कर के उंगली...
चूत शृंगार-1
जाने क्या सोच कर मेरे माता-पिता ने मेरा नाम कमला रख़ प्रिया था, यों तो कमला लक्ष्मी का नाम है, पर मुझे सदा धन की कमी रही है, भाग्य ने कभी साथ नहीं प्रिया, गर्भ में बच्चा आते ही पति का देहान्त हो गया और बच्चा पैदा हुआ तो मरा हुआ! जिस औरत का न पति हो, न ...