मधुरेखा
सत्यापित कहानीकार (Verified)@mathharakha
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
मधुरेखा की रचनाएं
कारनामा पूरा ना करने की सजा
सवेरे फिर मित्र से बात हुई… वो बोले- रात में जो नहीं कर सकी…मैं बीच में टोकते हुए बोली- सॉरी !वो बोले- नो सॉरी, नो ! इसकी सजा मिलेगी !
आसान काम नहीं है-2
मैंने झट से गाउन उठा कर पहना, वहाँ बिखरे साड़ी, कपड़े उठा कर छिपाए, बाल ठीक किए, दरवाजा खोला तो सामने श्रेया ! सरप्राइज़.. श्रेया मेरी पेईंग गैस्ट !
आसान काम नहीं है-1
सुबह दूध वाले भैया को तड़पाने के बाद मैंने अपने मित्र को सारा घटनाक्रम बताया तो उन्होंने मुझे यह साहस भरा काम सफ़लतापूर्वक सम्पन्न करने पर बधाई दी।
Dare Task Kahani : डर और दर्द में भी मज़ा है
जब मैं एक एक करके अपने कपड़े उतार रही थी तब अजीब सी बेचैनी हो रही थी! पूरे कपड़े उतरे तो शीशे के सामने मैंने खुद को देखा!हे भगवान!पूरे बदन में बिजली सी दौड़ गई.. बता नहीं सकती कि क्या चल रहा था मेरे मन में! डर और रोमांच का मिलाजुला सा अनुभव हो रहा...
पर-पुरुष सम्मोहन
मेरे मित्र ने जितना मुझे समझाया था, वो मैंने सफ़लतापूर्वक कार्यान्वित कर लिया था। अब मुझे प्रतीक्षा थी अपने मित्र से आगे के निर्देशों की ! मुझे पता नहीं था कि वे कब ऑनलाइन मिलेंगे मुझे तो मैं खुद ऑनलाइन होकर प्रतीक्षा में बैठ गई।
जो पहले कर ना सकी थी
लगातार मेरी नाक बह रही है, सारा बदन टूट रहा है, अभी उठी हूँ… श्रेया ने कॉफी बना कर दी, उससे भी ज़्यादा कुछ फ़र्क नहीं लगा उसने पूछा- कैसी तबीयत है?
आम हारे, चीकू जीते
अपना पिछला करतब करने के बाद मेरी तबीयत नासाज हो गई थी, उसके दो कारण थे, पहला कि बर्फ़ के अपने बदन पर प्रयोग से मुझे ठण्ड लग गई थी, दूसरा यह कि मेरा मासिक धर्म शुरु हो गया था।
पर पुरुष समर्पण-4
ठीक 6:30 पर मेन-गेट खुलने की आवाज आई, मैंने खिड़की से देखा कि शचित आ गये हैं।
पर पुरुष समर्पण-3
ब्रा और ब्लाउज दोनों का साइज पहले से बड़ा था, वो जानते थे कि मान्या के जन्म के कारण मेरा वक्ष काफ़ी बढ़ गया है।असल में ही मैं मोटी हो गई हूँ।