रघु पाठक
सत्यापित कहानीकार (Verified)@ragha-pathaka
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
रघु पाठक की रचनाएं
बस के सफर में मिला लंड
मित्रो, इस बार यह कहानी मेरी नहीं बल्कि मेरी एक पाठिका व महिला मित्र की है जो बिहार से तालुक्कात रखती हैं.आगे की कहानी उन्ही के शब्दों में सुनना उचित होगा.तो चलते है कहानी की तरफ।
बेकार पड़े ट्रेन के डिब्बे में गांड मरवाने का सुख
तो मित्रो, आज हम बढ़ते हैं अगले वाकये की तरफ।
मेरी गांड पहली बार कैसे चुदी
मैं आपको अपना परिचय देता हूँ। मेरा नाम रघु पाठक उर्फ गांडू गरिमा है। गांडू गरिमा इसलिए क्योंकि मुझे पता नहीं कैसे गांड देने का शौक लग गया. वैसे तो मैं पूरा मर्द हूं। 5 फ़ीट 8 इंच गबरू जवान, गोरा रंग।गांव में अच्छी धाक है हमारी … पर उन गांव वालों को...