रघु पाठक
सत्यापित कहानीकार (Verified)@ragha-pathaka
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
रघु पाठक की रचनाएं
बस के सफर में मिला लंड
मित्रो, इस बार यह कहानी मेरी नहीं बल्कि मेरी एक पाठिका व महिला मित्र की है जो बिहार से तालुक्कात रखती हैं.आगे की कहानी उन्ही के शब्दों में सुनना उचित होगा.तो चलते है कहानी की तरफ।
मेरी वासना और पागल भिखारी का लंड-2
मेरे प्यारे पाठको, आप सबको मेरा प्यार भरा नमस्कार। उम्मीद है कि आप सभी के लण्ड खड़े और महिला पाठकों की चूत गीली होगी।जैसा कि आप सबको पता है कि यह कहानी मेरी पाठिका सुरभि पांडेय की है जिसका पहला भागमेरी वासना और पागल भिखारी का लंड-1आप पढ़ चुके हैं.
मेरी वासना और पागल भिखारी का लंड-1
मेरे प्यारे चूत और गांड के शौकीन भाइयों को और उन बहनों को नमस्कार जो कामुकता से भरपूर अपनी रस भरी जवानी को रोज नए लंड पर लुटाने को बेचैन रहती हैं।
बेकार पड़े ट्रेन के डिब्बे में गांड मरवाने का सुख
तो मित्रो, आज हम बढ़ते हैं अगले वाकये की तरफ।
मेरी गांड पहली बार कैसे चुदी
मैं आपको अपना परिचय देता हूँ। मेरा नाम रघु पाठक उर्फ गांडू गरिमा है। गांडू गरिमा इसलिए क्योंकि मुझे पता नहीं कैसे गांड देने का शौक लग गया. वैसे तो मैं पूरा मर्द हूं। 5 फ़ीट 8 इंच गबरू जवान, गोरा रंग।गांव में अच्छी धाक है हमारी … पर उन गांव वालों को...