रोहित पुणे
सत्यापित कहानीकार (Verified)@rahata-panae
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
रोहित पुणे की रचनाएं
आपने बुलाया और हम चले आये-2
उसके पैर चूमते हुए उसकी साड़ी ऊपर करते हुए, उसकी नरम जाँघों तक आ गया। क्या खूबसूरत मखमली जांघें थीं। मैं दोनों जाँघों पर अपने होंठ से उसको मदहोश कर रहा था। वो अपना सिर जोर जोर से आजू-बाजू घुमा रही थी, अपने होंठ, दाँतों से चबा रही थी।
आपने बुलाया और हम चले आये-1
सभी लड़कियों, भाभियों, को रोहित का प्रेम भरा नमस्कार!