राज कौशिक
सत्यापित कहानीकार (Verified)@raja-kashaka
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
राज कौशिक की रचनाएं
दोपहर में नेहा का मजा-2
फिर हम रोज बात करने लगे और कई बार फोन सेक्स भी किया। बस अब मैं उसे चोदने का मौका देख रहा था। क्यूँकि नेहा की चूत भी चुदने को बेताब थी। वो फोन पर कहती तुम्हें देखने का मन कर रहा है तो मैं कभी उसके स्कूल में कभी घर की गली में चक्कर लगा आता।
दोपहर में नेहा का मजा-1
अपने बारे में तो बता ही चुका हूँ। मेरे पिता जी तीन भाई है दोनों पिता जी से बड़े है यानि मेरे ताऊ।
सुहागरात भी तुम्हारे साथ मनाऊँगी-2
कहानी का पहला भाग : सुहागरात भी तुम्हारे साथ मनाऊँगी-1
सुहागरात भी तुम्हारे साथ मनाऊँगी-1
इनमें कुछ सच्ची लगती है तो कुछ झूठी। खैर, जैसी भी हो, मजेदार होती हैं।
कुँवारी चूत मिली तोहफ़े में
हाय दोस्तो,मैं राज कौशिक अपनी कहानीसुहागरात भी तुम्हारे साथ मनाऊँगीजो चार भागों में प्रकाशित हुई थी, के आगे का भाग भेज रहा हूँ।
मेरी जवान चूत की धार
दोस्तो, एक बार फिर राज का दिल और खड़े लण्ड से नमस्कार। जो कहानी अब भेज रहा हूँ, यह मेरी एक दोस्त की है।उसका मेल आया और बोली- प्लीज मेरी कहानी अर्न्तवासना पर भेज दो और मेल आइडी मेरी देना।