संजय सिंघानिया
सत्यापित कहानीकार (Verified)@sajaya-saghanaya
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
संजय सिंघानिया की रचनाएं
नादान निर्मला की अनचुदी बुर-2
फिर मेरा हलब्बी लौड़ा उसके हाथ में आने के बाद उसने अपनी सलवार उतरवाने के लिए मना नहीं किया।ऊपर से नीचे मैंने देखा.. तो ऐसे लगा कि क्यों इस लड़की के साथ ये कर रहा हूँ.. कितनी मासूम और हसीन है ये.. लेकिन दिल की चाहत और दिमाग़ की चाहत में फरक होता है।
नादान निर्मला की अनचुदी बुर-1
अब तक मैं कितनों के साथ सोया हूँ.. मुझे सबके नाम याद हैं.. कुछ के साथ रिश्ते एक दिन के थे और कुछ के साथ महीनों तक चले.. तो कुछ के साथ सालों तक मस्ती की.. और किसी के साथ शायद जन्मों का रिश्ता होगा।