सुकान्त शर्मा
सत्यापित कहानीकार (Verified)@sakanata-sharama
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
सुकान्त शर्मा की रचनाएं
कमसिन स्कूल गर्ल की व्याकुल चूत-8
अंकल जी से सम्बन्ध बनाने के बाद मेरा चित्त काफी हद तक शांत हो गया था, मेरा मन पढ़ाई में लगने लगा और मैं इंटरमीडिएट भी फर्स्ट डिविजन में पास हो गई.
कमसिन स्कूल गर्ल की व्याकुल चूत-7
अंकल जी का वीर्य अपनी चूत में फील करते ही मुझे एक बार फिर से उत्तेजना का ज्वार उठा और मैं फिर से झड़ गयी.मैंने चूत को हाथ से छू कर देखा तो गाढ़ा सफ़ेद लाल मिक्सचर सा बह रहा था.फिर अंकल जी मुझे सहारा देकर वाशरूम ले गए और मुझे एक पट्टे पर बैठा कर गीजर ...
कमसिन स्कूल गर्ल की व्याकुल चूत-6
“सोनम बेटा, इसे एक बार चूस कर गीला तो कर दो; फिर देखना इसका कमाल!” अंकल जी ने मुझसे कहा.“नहीं अंकल जी, मैं इसे मुंह में नहीं लूंगी … छीः …” मैंने कह प्रिया.“चलो कोई बात नहीं गुड़िया रानी, जैसी तुम्हारी मर्जी!” अंकल जी बोले और मुझे बेड पर लिटा कर मुझस...
कमसिन स्कूल गर्ल की व्याकुल चूत-5
अगली सुबह देर से आँख खुली; सात बज चुके थे और दिन चढ़ आया था तो अब मोर्निंग वाक पर जाने का तो प्रश्न ही नहीं था अतः यूं ही अलसाई सी लेटी रही और मन में उधेड़बुन चलती रही, सोचती रही कि रमेश अंकल के यहां जाना है; अंकल जी ने मेरे ही कारण आंटी जी को मायक...
कमसिन स्कूल गर्ल की व्याकुल चूत-4
मेरी तरफ से हां का इशारा पाते ही अंकल जी ने मुझे फिर से अपनी बांहों में भर लिया और मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए और मेरा निचला होंठ चूसने लगे साथ ही अपना हाथ नीचे लेजाकर मेरी सलवार के ऊपर से ही मेरी झांटों वाली चूत सहलाने लगे और उसे मुट्ठी में भ...
कमसिन स्कूल गर्ल की व्याकुल चूत-3
किसी से चुदवाने का तो मैंने पक्का इरादा कर ही लिया था पर मैं अपनी चूत दूं तो किसको दूं? दो तीन ऐसे ही असमंजस में बीते पर मैं कोई निर्णय नहीं ले पाई.
कमसिन स्कूल गर्ल की व्याकुल चूत-2
बस उस दिन के बाद अपने घर पर मेरा ये लगभग रोज का ही नियम बन गया कि मैं रात में बिस्तर में नंगी हो जाती और अपनी टांगें ऊपर उठा कर घुटने मोड़ लेती और एक उंगली से अपनी चूत का दाना या मोती सहलाती और चरम आनन्द पा कर सो जाती.
कमसिन स्कूल गर्ल की व्याकुल चूत-1
पर मेरा लेखक मन एक ही चरित्र की सीरियल कहानियों से उभर कर कुछ नया लिखने का प्रयास, कोई नयी थीम तलाशता रहता था. इसी क्रम में मुझे एक पाठिका सोनम सिंह का मेल मिला जिसमें उन्होंने मेरी कहानियों की तारीफ़ के साथ साथ अपने बारे में भी बहुत कुछ बताया.
कमसिन कम्मो की स्मार्ट चूत-7
मैंने उसके हाथ चूत पर से हटा दिए और उसकी चूत अब मेरे सामने अनावृत थी. कम्मो मेरे सामने मादरजात नंगी लेटी थी. ट्यूबलाइट की तेज रोशनी में उसका जवां हुस्न मेरे तन मन में हाहाकार मचाने लगा.
कमसिन कम्मो की स्मार्ट चूत-6
कहानी के पिछले भाग में आपने पढ़ा कि मैं कम्मो को धर्मशाला के कमरे में ले आया था.
कमसिन कम्मो की स्मार्ट चूत-5
मेरी पुत्र वधू की भतीजी कम्मो मेरे साथ सेक्स करना चाहती थी लेकिन कोई मौक़ा नहीं मिल रहा था तो वो निराश हो चुकी थी.
कमसिन कम्मो की स्मार्ट चूत-4
कम्मो तो मुझ पर अपना सब कुछ लुटाने, सबकुछ न्यौछावर करने को प्रस्तुत ही थी; कमी तो मेरी तरफ से थी कि मैं इतनी बड़ी दिल्ली में कोई एकांत कोना नहीं तलाश पा रहा था. ऐसी बेबसी का सामना मुझे पहले कभी नहीं करना पड़ा था. कम्मो मुझसे चिपकी हुई चुपचाप थी, वो ...