सम वन
सत्यापित कहानीकार (Verified)@sama-vana
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
सम वन की रचनाएं
मेरी कामवासना और दीदी का प्यार-2
मेरी ये बात सुनकर उन्होंने कहा- नहीं, ये तो गलत बात होगी.यह कहकर उन्होंने मेरे हाथ पर अपना हाथ रख दिया.
मेरी कामवासना और दीदी का प्यार-1
कहानियाँ कभी नयी या पुरानी नहीं होतीं. केवल उनके सन्दर्भ अलग अलग होते हैं. पात्र बदल जाते हैं, काल बदल जाते हैं, परिदृश्य बदल जाता है, लेकिन सार वही रहता है. ये कहानी भी कुछ ऐसी ही है.
बेटे के दोस्त पर कामुक दृष्टि-4
अंकित की इन सारी हरकतों ने उसके पूरे शरीर में आग लगा दी थी. वह पूरी तरह से गीली थी … वो बस अंकित को अपने अन्दर महसूस करना चाहती थी. वो अब और इंतज़ार नहीं कर सकती थी.
बेटे के दोस्त पर कामुक दृष्टि-3
“आंटी, हालांकि आतिफ मेरा सबसे अच्छा दोस्त है, लेकिन क्या हम केवल वहीं तक सीमित रहेंगे? क्या हम इसके अलावा कुछ नहीं हो सकते?”
बेटे के दोस्त पर कामुक दृष्टि-2
एक दिन सुबह नहाने के बाद, वो शीशे के सामने बिना कपड़े पहने खड़ी थी. अपने खुद के शरीर को देखते हुए और पूरे शरीर पर हाथ फिराते हुए उसके दिमाग में केवल अंकित का ही ख्याल आ रहे थे. उसके होंठों पर एक मुस्कान आ गयी ये सोचते हुए की अगर यही सब अंकित उसके स...