सौरभ गुप्ता
सत्यापित कहानीकार (Verified)@sarabha-gapata
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
सौरभ गुप्ता की रचनाएं
जीना इसी का नाम है-8
अनीता सेठ को नीचे छोड़ कर मुझे लेकर ऊपर के कमरे में आई, मुझसे कहा- तुम ऊपर ही रहना, मैं बुड्ढे को निपटाती हूँ।मैं ऊपर के कमरे में जाकर सो गया।
जीना इसी का नाम है-7
अनीता को रॉकी ने अपनी बांहों में उठाया और अनीता ने उसके गले में हाथ डाले, रॉकी उसको लेकर बेडरूम चला गया।जैसे फिल्मों में हीरो सुहागरात मनाने हिरोइन को उठा कर ले जाता है।
जीना इसी का नाम है-6
एक दिन रात को 11 बजे अनीता ड्रिंक लेकर लड़खड़ाते हुए घर आई, उसने पर्स में सिगरेट निकालने के लिए हाथ डाला पर पैकेट में
जीना इसी का नाम है-5
अनीता को एक बार चोदने के बाद मैं उससे काफी घुल मिल गया था, वह मुझ पर काफी भरोसा करती थी और मुझे एकदम सीधा सादा आदमी समझने लगी।मैंने कभी भी उसे चोदने के लिए परेशान नहीं किया।अनीता से मिली जानकारी के अनुसार वह अपर मिडल क्लास की अति महत्वाकांक्षी लड़क...
जीना इसी का नाम है-4
अनीता ने अपने वक्ष पर मेरा चेहरा भींच लिया, मैं अपने नाक और होंठ उसके उभारों पर घुमा रहा था, तभी अनीता ने एक हाथ से अपना स्तन पकड़ा और उसका निप्पल मेरे मुख में डाल दिया।मैं समझ गया कि वो क्या चाहती है।
जीना इसी का नाम है-3
बाइक को सड़क के एक तरफ ले जाकर मैंने लॉक कर दिया और हम दोनों किसी तरह उस छोटी पहाड़ी पर चढ़ कर फायर वाचर के रूम में पहुँच गए पर वहाँ कोई नहीं था। बारिश होने से आग लगने की कोई गुंजाइश नहीं रह गई थी इसलिए वो शायद अपने घर चला गया होगा।कमरा में अँधेरा था...
जीना इसी का नाम है-2
अनीता के घर से लग रहा था कि वो अपर मिडल क्लास को बिलोंग करती है, अनीता का कमरा ऊपर था, वो सीढ़ियाँ चढ़ने के लायक नहीं थी, मैंने उसे सहारा दिया, उसको खड़ा करके उसका एक हाथ अपने गले में डाला और अपना एक हाथ उसकी कमर में डाला, फिर उसको लेकर सीढ़ियाँ चढ़ने ...