संदीप साहू
सत्यापित कहानीकार (Verified)@sathapa-saha
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
संदीप साहू की रचनाएं
एक उपहार ऐसा भी- 14
साथियो, अब तक आपने जाना था कि प्रतिभा ने मेरी जंघा पर हाथ फेरना शुरू कर प्रिया था, जिसे मैंने काजल की मौजूदगी के चलते रोक प्रिया था. कुछ देर बाद मैंने अपनी दोस्त के मंगेतर वैभव के पास जाने के लिए कहा, तो काजल ने मुझे हल्दी की रस्म तक वापस होटल आने के ...
एक उपहार ऐसा भी- 13
हैलो … आपने मेरी इस लम्बी सेक्स कहानी के पिछले भाग में पढ़ा था कि काजल मेरी कामुक नजरों को भांप कर मुझसे खेलने लगी थी.
एक उपहार ऐसा भी-12
हैलो फ्रेंड्स, प्राची भाभी की मस्त चुदाई की कहानी पढ़ने के बाद एक बार फिर इस लम्बी सेक्स कहानी में आपका स्वागत है.
एक उपहार ऐसा भी-11
दोस्तो, मेरी इस भाभी की चुदाई कहानी के पिछले भाग में आपने पढ़ा था कि मेरी दोस्त की प्राची भाभी मुझसे चुदने के लिए मरी जा रही थीं. उन्होंने अपने कपड़े उतार दिए थे.
एक उपहार ऐसा भी-10
नमस्कार दोस्तो, आपने अब तक पढ़ा कि मुझसे बहुत सी हसीनाएं मिलीं, पर सबसे बाद में मिलने वाली सुन्दरी हीना सबसे पहले चुद गई, वास्तव में चुदाई के लिए सबसे आवश्यक चीज होती है, बहाना और मौका … मुझे मेहंदी के बहाने हीना को पटाने का मौका मिला. रूम में अके...
एक उपहार ऐसा भी- 9
आपने अब तक की इस मस्त कर देने वाली कहानी में जाना था कि हीना मेरे लंड को चूसने के लिए तैयार ही हो रही थी कि मैंने उससे 69 में होकर उसकी चुत चाटने की इच्छा जाहिर कर दी.
एक उपहार ऐसा भी-7
नमस्कार दोस्तो, ये लंबी भूमिका बेवजह नहीं है, कहानी जब आगे बढ़ेगी तो सभी कैरेक्टरों के पूरे आनंद मिलेंगे।
एक उपहार ऐसा भी- 6
अब तक मुझे जोरों की पेशाब लगी थी.मैंने पूजा की बताई जगह से एक टावेल निकाल लिया. हड़बड़ी में अपने कपड़े निकाल कर बिस्तर पर ही एक किनारे फेंक कर बाथरूम में घुस गया।
एक उपहार ऐसा भी- 5
नमस्कार दोस्तो, कामुक कहानी के पहले ये सारी भूमिकाएं जरूरी हैं. और आप यकीन मानिये हर बार मैं कहानी को संक्षिप्त करने का प्रयत्न करता हूँ. पर लंबी ही हो जाती है.
एक उपहार ऐसा भी- 4
दो दिन बाद खुशी का मैसेज आया. उसने टिकट भेज प्रिया था, टिकट रेलवे की फस्ट क्लास एसी सुपरफास्ट का था.साथ में सॉरी लिखकर कहा गया था कि उस डेट पर फ्लाइट की टिकट नहीं हो पाई।
एक उपहार ऐसा भी-3
विधाता की रचना के सबसे नायाब दो प्रजाति नर और मादा को कुलदीप साहू का नमस्कार!