टी पी एल
सत्यापित कहानीकार (Verified)@ta-pa-el
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
टी पी एल की रचनाएं
यौन वासना के वशीभूत परपुरुष सहवास
लेखिका : अर्पिता चौहानसंपादिका एवम् प्रेषक: टी पी एल
कामना की कामवासना -4
मेरे खुले मुख को देख कर ससुरजी मुस्करा पड़े और उन्होंने बड़े ही आराम से अपने लिंग को उसके अंदर धकेल प्रिया तथा आहिस्ता आहिस्ता धक्के देकर अंदर बाहर करने लगे।
कामना की कामवासना -3
लेखिका : कामना रस्तोगीप्रेषिका : टी पी एलमेरी बात सुन कर ससुरजी का मुख खुला का खुला ही रह गया और धम्म से बिस्तर पर बैठते हुए बोले- कामना, तुम यह क्या कह रही हो? तुम मेरी बहू हो, मैं तुम्हारे साथ ऐसा कुछ भी करने की सोच भी नहीं सकता और ना ही करना चा...
कामना की कामवासना -1
आज मैं अपनी एक बचपन की सखी कामना रस्तोगी (जो आजकल अमेरिका में रहती है) के जीवन में घटित एक घटना का विवरण आप सबको बता रही हूँ जो उसके जीवन में लगभग तीन वर्ष पहले घटित हुई थी।
माँ की अन्तर्वासना ने अनाथ बेटे को सनाथ बनाया-3
मैं अपनी कामुक लालसा तरुण को दर्शाना नहीं चाहती थी इसलिए मैंने ऐसे किसी भी प्रयास में पहल नहीं करी क्योंकि मैं चाहती थी ऐसी पहल तरुण की ओर से ही हो.
माँ की अन्तर्वासना ने अनाथ बेटे को सनाथ बनाया-2
दोपहर के दो बजे का समय था जब तरुण वापिस आया और मुझे बिस्तर पर अर्ध नग्न हालत में देख कर मेरे वक्ष के ऊपर अपना तौलिया डाल कर मुझे आवाज़ लगा कर कहा- सरिता, उठो और अपने कपड़े ठीक कर लो.फिर एक बड़े थैले को मेरे पास और दूसरे छोटे थैले को मेज़ पर रख कर कमरे...
माँ की अन्तर्वासना ने अनाथ बेटे को सनाथ बनाया-1
इस वर्ष गर्मियों की वार्षिक छुट्टियों में मुझे उत्तराखंड के शहर रूड़की में अपने एक परिचित सम्बन्धी के घर उनकी लड़की के विवाह पर जाना पड़ा.विवाह की रूढ़िवादी रीति रिवाजों को निभाने के लिए लड़के वालों के यहाँ से चार दिन के लिए आई बारात की महिलाओं की देख ...
अनैतिक युक्ति से रुढ़िवादी प्रथा निभाई
लेखिका: वानिका श्रीनिवासनसम्पादिका एवम् प्रेषिका: तृष्णा लूथरा (टी पी एल)
बेटे की जीवन रक्षा हेतु माँ ने उसके साथ किया सहवास
मूल लेखक: श्वेतलाना अहोनेन उर्फ़ श्वेता मल्होत्राअनुवादक, संपादक एवम् प्रेषक: तृष्णा लूथरा