विजय पण्डित
सत्यापित कहानीकार (Verified)@vajaya-panaedata
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
विजय पण्डित की रचनाएं
मेरी प्यारी भाभी के गोल गोल चूतड़ और गांड
भाभी मुझसे लगभग बारह साल बड़ी थी। मैं उस समय कोई 18-19 साल का था। घर पर सभी मुझे बाबू कह कर बुलाते थे।
लौड़ी घोड़ी
मेरी भाभी की उम्र 21 साल की थी, और मैं 18 साल का था। भाभी ने बीए फ़ाईनल की परीक्षा दी थी और मुझे रिजल्ट लेने भाभी के साथ उज्जैन जाना था। उज्जैन में ही कुछ ऐसा हुआ कि मैं और भाभी बहुत ही खुल गए।
मैं चुप रहूँगा
कॉलेज में हड़ताल होने की वजह से मैं बोर हो कर ही अपने घर को कानपुर चल पड़ा. हड़ताल के कारण कई दिनो से मेरा मन होस्टल में नहीं लग रहा था. मुझे माँ की बहुत याद आने लगी थी. वो कानपुर में अकेली ही रहती थी और एक बैंक में काम करती थी. मैं माँ को आश्चर्यचकि...
बेदर्द चाची की अधूरी चुदाई
गर्मी की छुट्टियों में चाचू मुझे शहर बुला लिया करते थे. मुझे भी उनके पास बहुत अच्छा लगता था. चाची मुझे बहुत प्यार करती थी. उन्हीं की मेहरबानी से मेरे पास एक मंहगी मोटरसाईकल और एक बढ़िया सेलफोन भी था. इसलिये मुझे यह भी आशा रहती थी कि चाची मुझे कुछ न...
कलयुग की लैला-2
रूपा और कविता दोनों ही एक साथ आशू से कैसे चुदी- यह आपकलयुग की लैला के पहले भागमें पढ़ चुके हैं !अब आगे :