विजय दीना नाथ चौहान
सत्यापित कहानीकार (Verified)@vajaya-thana-natha-cahana
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
विजय दीना नाथ चौहान की रचनाएं
तन की जरूरत रिश्तों से बड़ी होती है-3
सुबह के 6 बज चुके थे, मुझे लगा कि भाभी जागने वाली हैं, मैं डर गया और अपना हाथ भी नहीं हटाया और सोने का नाटक करने लगा।तभी भाभी उठी और उन्होंने मेरा हाथ अपने ब्लाउज से निकाला और दूसरे हाथ को जांघों से हटाया और मैं ठण्ड से काम्पने का नाटक करने लगा ता...
तन की जरूरत रिश्तों से बड़ी होती है-2
अब मैं आपको बताता हूँ कि किस तरह मैंने अपनी प्यारी सगी भाभी निशा को चोदा और अपनी हवस मिटाई।मैं आपको बता दूँ कि मैं और भाभी आपस में बहुत हंसी मजाक करते हैं और वो मेरा बहुत ख्याल रखती हैं।
तन की जरूरत रिश्तों से बड़ी होती है-1
मेरे भैया मुझसे 6 साल बड़े हैं, उनका नाम सूरज है, उनकी शादी करीब पाँच साल पहले मेरी भाभी निशा से हुई थी, अब उनकी दो साल की बच्ची है।हमारा घर शहर से 10 किमी दूर गाँव में है और मेरे भैया बैंक में सरकरी नौकरी में है। मेरे पिताजी अब काफ़ी बुजुर्ग हो गये...