विराज फैन्टास्टिक
सत्यापित कहानीकार (Verified)@varaja-fanatasataka
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
विराज फैन्टास्टिक की रचनाएं
एक सोची समझी साजिश-2
धन्यवाद मित्रो, आपके प्यार के लिए मैं आपका सदैव आभारी रहूँगा। आपके मेल प्राप्त हुए जिनमे से कईयों का जवाब मैं नहीं दे पाया। अधिकतर मेल में यही पूछा गया कि आगे क्या हुआ, जल्दी बताओ।तो मित्रो, सब्र रखें और आगे का वाकया पढ़ें।
एक सोची समझी साजिश-1
बात बीते वर्ष दिसम्बर की है, मैं अपनी बुआ जी के बेटे की शादी में गया हुआ था। मैं शादी से एक हफ्ते पहले ही पहुँच गया था। अतः मेहमानों के रहने व खाने पीने का बंदोबस्त मुझे ही करना था और मैं अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रहा था।
मेरी चाहत अधूरी रह गई
बात 2008 की है जब मैं इंटरमीडिएट के आखिरी वर्ष में परीक्षा की तैयारी कर रहा था। मेरी एक लड़की से दोस्ती हुई जिसके पीछे मैं कई साल से लगा था और दसवीं में जाकर उससे दोस्ती हुई थी। मैंने इंटर की परीक्षा के बाद उससे अपने प्यार का इजहार कर दिया था और उस...