वरिन्द्र सिंह
सत्यापित कहानीकार (Verified)@varanathara-saha
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
वरिन्द्र सिंह की रचनाएं
दोस्त ने खुद अपनी बीवी चुदवाई
दोस्तो, आज आपके लिए पेश है एक बिल्कुल सच्ची कहानी।यह बात अभी दो महीने पहले की है। हमारे ग्रुप के ही दोस्त सतीश की शादी हुए अभी 4-5 महीने ही हुए थे, बाकी हम सब अभी कुँवारे थे, मतलब कुँवारे तो नहीं थे मगर और किसी की शादी नहीं हुई थी।अक्सर हम सब शाम ...
दुनिया की तो माँ की चू…!
दोस्तो, आज मैं आपके सामने एक ऐसी कहानी पेश करूंगा, जिसे पढ़ कर आप भी सोचेंगे के इंसान के मन में कब क्या चल रहा होता है, इसका कोई भी अंदाज़ा नहीं लगा सकता।
मुफ्त में हिजड़ों की गांड मारी
आज मैं आपको अपने एक दोस्त की बताई हुई कहानी सुनाने जा रहा हूँ। मुझे यह कहानी बहुत पसंद आई तो सोचा आपको भी सुना दूँ, शायद आप को भी पसंद आए।
पी जी वाले नीग्रो का लन्ड खाया
कुछ दिन पहले की बात है, मुझे पता चला के हमारे पड़ोस में जो चावला आंटी रहती हैं, उनको उनके ही घर में पी जी रह रहे एक नीग्रो लड़के के साथ सेक्स करते उनके पति ने पकड़ लिया, घर में बहुत हंगामा हुआ, चावला अंकल ने तो आंटी को पीट भी प्रिया।मगर बाद में सब कुछ ...
काम पिपासु को मिली काम ज्वाला-2
मेरी कामवासना भरी कहानी के पहले भागकाम पिपासु को मिली काम ज्वाला-1में आप ने पढ़ा कि अपनी पत्नी की मृत्यु के बाद से मैं अपनी कामुकता को हस्तमैथुन से दबा रहा था, मुझे कोई चूत नहीं मिल रही थी. फिर मेरी नजर एक औरत पर पड़ी और मैंने उससे नजदीकी बढ़ाई.अब आगे:
काम पिपासु को मिली काम ज्वाला-1
मैं प्रदीप एक 40 वर्षीय मर्द हूँ, कद काठी अच्छी है, देखने में अच्छा लंबा चौड़ा हूँ। हर इंसान अपनी रोज़ी रोटी के लिए कोई न कोई रोजगार करता है। मैं भी काम करता हूँ। मगर मेरा काम धार्मिक है, मैं जगराता पार्टी चलाता हूँ। मेरे दो बच्चे हैं, एक लड़का और एक...
जिगोलो की कामुक दुविधा-2
कहानी का पहला भाग:जिगोलो की कामुक दुविधा-1मैं सोचने लगा कि ‘अरे मैं तो समझा था कि ये घर जाएगी, मगर ये तो वो सब करने को तैयार थी, जो किसी भी भाई बहन के बीच होने का सवाल ही पैदा नहीं होता।
जिगोलो की कामुक दुविधा-1
दोस्तो, मेरा नाम जमील है और मैं करनाल में रहता हूँ, एक 27 साल का गोरा चिट्टा नौजवान हूँ। रेगुलर जिम जाता हूँ, अच्छी बॉडी बना रखी है।दरअसल मैं जिस काम में हूँ, उस काम में आपका खूबसूरत और सेहतमंद होना बहुत ही ज़रूरी है। मैं एक जिगोलो हूँ। जिगोलो बहुत...
मन्जू की चूतबीती-2
इस सेक्स कहानी के पहले भागमन्जू की चूतबीती-1में आपने मेरी चुदाई की शुरुआत, मेरी सुहागरात और मेरे ननदोई से मेरी चुदाई के बारे में पढ़ा.अब आगे:
बावले उतावले-3
उस दिन दोपहर को हम तीनों ने अपने चाचाजी की हवेली के पीछे बने हुये बड़े से खलिहान में जा कर मज़े करने की सोची। खलिहान में बड़े बड़े कमरे थे, जिनमें भूसा भरा था, गोबर के उपले रखे थे, खेती बाड़ी के औज़ार रखे थे, और भी बहुत कुछ समान रखा था।क्योंकि सारा दिन ...
मन्जू की चूतबीती-1
मेरे प्यारे प्यारे दोस्तो, मेरा नाम मन्जू वर्मा है, और मैं अभी 56 साल की हूँ। मैं एक वृद्ध आश्रम में रहती हूँ। अब देखा जाए तो अभी मैं इतनी बूढ़ी भी नहीं हुई हूँ कि मैं किसी वृद्ध आश्रम में रहूँ, मगर मेरा बेटा मुझे यहाँ छोड़ गया है। यहाँ तो बहुत ही ब...
बावले उतावले-2
उसके बाद तो हम दोनों का एक दूसरे को देखने का नज़रिया ही बदल गया। आते जाते हर वक्त हमारा ध्यान एक दूसरे पर ही रहता। रात के खाने के बाद भी हमें एक दो बार मौका मिला तो मैंने अगर उसके होंठ चूमे, उसके मम्में दबाये तो उसने भी बड़ी उतावली होकर मुझे चूमने द...