विंश शाण्डिल्य
सत्यापित कहानीकार (Verified)@vasha-shanaedalya
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
विंश शाण्डिल्य की रचनाएं
सुहागरात: एक आस एक प्यास-1
सभी लंड धारियों को मेरा लंडवत नमस्कार और चूत की मल्लिकाओं के चूत में उंगली करते हुए नमस्कार।मित्रो, मैं साहिल आज फिर एक बार अपनी एक और सच्ची घटना के साथ आपके सामने प्रस्तुत हूँ।आप सभी ने मेरी कहानीप्रेम संग वासना : एक अनोखा रिश्तापढ़ी और सराहा भी, ...
प्रेम संग वासना : एक अनोखा रिश्ता -5
दूसरे दिन जब हमारी आँख खुली तो दिन के 11 बज रहे थे, खैर टेंशन तो कोई थी नहीं क्योंकि ऑफिस नहीं जाना था।हम उठे, मुंह धोया और नाश्ता किया और एक दूसरे के बगल मैं बैठे बातें करने लगे।हम इतने पास थे कि हमारी साँसें आपस में टकरा रही थी और फिर से मुझे खु...
प्रेम संग वासना : एक अनोखा रिश्ता -3
मैंने उससे मज़ाक में कहा- तुम मेरे साथ ड्रिंक कर रही हो, कहीं मैं तुम्हारा फ़ायदा न उठा लूँ?उसने मेरी तरफ देखा और मुस्कुरा कर बोली- तो उठा लो फायदा… मैं भी तो यही चाहती हूँ, जब दिल तुम्हें दे दिया है तो शरीर कौन सी बड़ी चीज है।
प्रेम संग वासना : एक अनोखा रिश्ता -2
फिर शुरू हुआ हमारी बातों का सिलसिला और हम कभी मैसेज में तो कभी फोन पे घंटों बातें करने लगे।उसने बताया कि यहाँ वो अकेली ही रहती थी और उसका होम टाउन उसने हिमाचल बताया और यह भी बताया कि यहाँ उसके ज़्यादा दोस्त भी नहीं हैं।और यही बात मेरा प्लस पॉइंट हो...