यशोदा पाठक
सत्यापित कहानीकार (Verified)@yashatha-pathaka
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
यशोदा पाठक की रचनाएं
चाची चार सौ बीस-3
अंकल मुझे अपने नीचे दबा कर जोर जोर से चोद रहे थे था। जाने इस जवान चूत में कितनी मस्ती थी जो पिटी जा रही थी और जितना पिटती थी उतनी ही और जोर से लण्ड खाना चाह रही थी।मेरे चुदने की तमन्ना चाची ने पूरी करवा दी थी।फिर तो जी भर कर मैंने अंकल का लण्ड खाय...
चाची चार सौ बीस-1
मैं उन दिनों अपनी चाची प्रियंका के यहाँ रतलाम में आई हुई थी। चाचा तो हमेशा की तरह अपनी यात्रा पर गये हुये थे। चाची मुझसे बहुत प्रेम रखती थी थी। घर में सबसे छोटी मैं ही थी। चाचा के यात्रा में जाने के बाद चाची अकेली रह जाती थी, वो कोई अपना साथी चाहत...
जीजू
कम उमर से ही मेरी सहेली ने मुझे यौन शिक्षा में प्रवीण कर दिया था। मैं चूत, लण्ड, चूचियों के बारे में सब जानने लग गई थी। उसके कम्प्यूटर पर अकसर चुदाई के सीन भी देखती रहती थी। मोमबत्ती से मजा लेना मेरी सहेली ने मुझे सिखा दिया था।
कुड़ी पतंग हो गई
आज मेरी बड़ी बहन को हॉस्पिटल में दाखिल करवा दिया था. उसकी डिलिवरी होने वाली थी. जीजू भी यहीं घर पर आ गये थे. यूं तो वे इसी शहर में रहते थे, और एक सरकारी विभाग में कार्य करते थे.