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Group Sex Story पठन समय: 12 मिनट पढ़ा गया: 1,305 बार

अमीर भाभी और उनकी सहेली के साथ ग्रुप सेक्स

शुभ गर्ग

15 May 2026 को प्रकाशित

अमीर भाभी और उनकी सहेली के साथ ग्रुप सेक्स
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दोस्तो, मैं शुभम आगरा से हूँ. आपने मेरी पिछली सेक्स स्टोरीभाभी जी की जम कर चुत चुदाई की स्टोरीको बहुत पसंद किया. आप लोगों बहुत सारे मेल आए, इसके लिए आप लोगों का बहुत बहुत धन्यवाद.

मेरी पिछली स्टोरी पढ़ने के बाद मेरी मेल आईडी पर एक मेल आई. वो एक हाउसवाइफ की मेल थी, उसका पति बिजनेस मैन था जो कि बिजनेस की वजह से अधिकतर समय बाहर ही रहता था.

उस महिला ने मुझे ये सब बताते हुए कहा कि वो मुझसे मिलना चाहती है. उनका नाम नीलम (चेंज्ड नाम) था. मैंने उनको अपना नम्बर प्रिया. रात को 9 बजे उनकी कॉल आई. उन्होंने शनिवार नाइट को आने के लिए बोला. उन्होंने बताया कि वो अपने पति से सन्तुष्ट नहीं हैं और सेक्स का पूरा मजा लेना चाहती हैं.

मैंने उनसे उनका एड्रेस लिया और शनिवार शाम को 8 बजे उनके बताए हुए एड्रेस पर पहुँच गया. मैंने उनके घर के बाहर से उनको कॉल किया और बताया कि मैं आपके घर के बाहर हूँ.उन्होंने दरवाजा खोला, मैं तो उसको देखता ही रह गया यार… क्या मस्त माल थी. मैंने ऊपर आसमान में देखा और ऊपर वाले का शुक्रिया अदा किया कि आज ऐसी मस्त चुत मारने को मिलेगी.

नीलम ने अन्दर आने के लिए बोला, मैं अन्दर आ गया.उनका घर काफ़ी बड़ा था. उन्होंने सामने सोफे पर बैठने का इशारा किया, मैं सोफे पर बैठ गया.

थोड़ी देर बाद वो अन्दर से पानी लेकर आ गईं और मेरे पास ही बैठ गईं.हम लोगों ने बातें करना शुरू की, उन्होंने मुझे बताया कि आज उनका बर्थडे है और उनके पति को उनकी कोई फिक्र ही नहीं है.मैंने कहा- मैडम आपने पहले बताया नहीं… नहीं तो मैं आपके लिए कोई गिफ्ट ले आता.नीलम जी बोलीं- मुझे मैडम नहीं भाभी कहो… मैं तुमको प्यार से मिलना चाहती हूँ… कोई मैडम बन कर नहीं!

मैंने कहा- भाभी जी आपने मेरी बात का उत्तर नहीं प्रिया.बोलीं- भाभी जी नहीं… बस भाभी कहो… और आज तुम आ गए, बस ये मेरे लिए बहुत है… आज तुम मुझे खुश कर दोगे… यही मेरे लिए सबसे बड़ा गिफ्ट होगा.मैंने कहा- देख लेना, आप मुझसे निराश नहीं होंगी.मैंने उनको एक वासना भरी निगाहों से देखा और अपने लंड को सहलाने लगा. मेरा लंड फूलने लगा. नीलम भाभी मेरे फूलते हुए लंड को कामना भरी निगाहों से देखने लगीं.मैंने उनका हाथ अपने हाथ में ले लिया.

नीलम भाभी ने कहा- हाथ पकड़ कर क्या करने वाले हो?मैंने कहा- आपका नसीब देखने वाला हूँ.भाभी मुस्कुरा कर बोलीं- मुझे मेरा नसीब दिख रहा है. वो अभी बड़ा हो रहा है.मैं हंस कर उनको कहा- ऐसे नहीं… जरा ठीक से समझाओ न भाभी… आपका नसीब कैसा है.भाभी बोलीं- वो जब तक मैं न देख लूँ, तब तक कैसे बता सकती हूँ कि नसीब कैसा है.मैंने कहा- भाभी नसीब देखने के लिए क्या दिक्कत है… क्या मैं कोई मदद कर सकता हूँ?भाभी बोलीं- तुम ही मेरे नसीब को दिखा सकते हो.

यह कहते हुए उन्होंने मेरे लंड पर हाथ रख कर लंड को अपनी मुट्ठी से मसल प्रिया और बोलीं- देखो ये है मेरा नसीब… अपनी मांद में जाने के लिए फूल रहा है.मैंने भाभी को अपनी बांहों में भर लिया और उनको चूमने लगा.भाभी ने मुझसे अलग होते हुए कहा- अभी जरा रुको. मुझे कपड़े बदलने हैं.

मैंने उनको छोड़ प्रिया. वे मुझसे अलग होकर बैठ गईं… और बातें करने लगीं.बातों बातों में उन्होंने बताया कि उनकी एक सहेली भी एन्जॉय करना चाह रही है… क्या उनके साथ भी एंजाय करना चाहोगे?मैंने कहा- कोई बात नहीं आप उनको भी बुला लो.

उनकी फ्रेंड का नाम वंदना (चेंज्ड नाम) था. उन्होंने वंदना को आवाज देकर बुलाया… तो मैं चौंक गया. वो बगल के ही रूम में बैठी थी.नीलम हम दोनों को वहीं पर छोड़ कर चेंज करने चली गईं.

वंदना की उम्र करीब 30 साल की थी. वो भी बहुत सुन्दर थी. उसका फिगर 34-30-36 का था. मैंने वंदना का हाथ पकड़ा और अपनी तरफ खींच लिया. उसने भी मेरा साथ प्रिया तो मैंने उसको उठा कर अपनी गोद में बैठा लिया और वंदना का एक चुचा दबाने लगा.वो भी मस्त मस्त सिसकारी लेने लगी.

तभी नाईटी पहन कर नीलम भाभी भी आ गईं, उन्होंने हम दोनों को इस तरह बैठे देखा तो बोलीं- अरे वाह… आप लोग तो शुरू हो गए.वो भी मेरे पास मुझसे चिपक कर बैठ गईं.

मैं नीलम के होंठों को किस करने लगा और वंदना की चुचियां दबाने लगा. दस मिनट तक लिप्स चूसने के बाद हम तीनों उठ कर बेडरूम में जाने लगे.मेरे साथ बेडरूम में आते ही नीलम ने मेरी शर्ट उतार दी, वंदना ने मेरी पैंट उतार दी. मैंने नीलम की नाईटी उतार दी और नीलम ने वंदना की नाईटी उतार दी. अब मैं सिर्फ़ अंडरवियर में था, वो दोनों ब्रा और पेंटी में थीं.

मैंने नीलम को पीछे से हग किया और उनकी चुचियां दबाने लगा. वंदना ने नीलम की पैंटी उतार दी और नीलम की चुत पर किस करने लगी.

मैंने भी झटके के साथ नीलम की ब्रा फाड़ दी, अब नीलम भाभी बिल्कुल नंगी हो गई थीं. उनकी बड़ी बड़ी चुचियां क्या मस्त थिरक रही थीं. मैं उनकी चुचियां चूसने लगा. वंदना नीलम भाभी की चुत चूस रही थी.अब वंदना उठी और मेरा लंड को पकड़ कर रगड़ने लगी. मेरा लंड भी अंडरवियर को फाड़ने वाला था. वंदना ने मेरा अंडरवियर निकाला तो मेरा लंड एकदम से तन कर उसके सामने गुर्राने लगा. वंदना ने मेरा लंड अपने हाथ में ले लिया और सहलाने लगी.

वंदना नीचे बैठ गई और उसने मेरा लंड चूसना चालू कर प्रिया. मैं खड़ा खड़ा नीलम भाभी के होंठों को चूस रहा था. अब नीलम भाभी नीचे बैठ गईं और वंदना खड़ी हो कर अपनी चुचियां चुसवाने लगी.

नीलम भाभी मेरा लंड चूसने लगीं.आह… भाभी क्या मस्त होकर रंडी के जैसे लंड चूस रही थीं… बिल्कुल कुल्फी की तरह निचोड़ने में लगी थीं.मैं भी वंदना की चूचियां दबाते हुए पूरी तरह से निचोड़ रहा था.

कुछ देर बाद वंदना बोली- प्लीज़, आप मेरी फुद्दी चूसो.मैं बिस्तर पर लेट गया. वंदना मेरे मुँह के ऊपर अपनी चुत को ले आई और मैं उसकी मरमरी चुत को सक करने लगा. नीलम भाभी मेरे लंड को चूसती रहीं.

अब वंदना से बर्दाश्त नहीं हो रहा था. उसने मेरा मुँह अपनी चुत से हटा कर अपनी चुत को मेरे लंड के ऊपर रख प्रिया. लंड भी पूरी तरह तैयार था. मैंने झटका दे प्रिया. एक ही झटके में वंदना की चुत को फाड़ता हुआ अन्दर चला गया. मेरा लंड पूरा वंदना की बच्चेदानी तक चला गया था. वंदना अपने होंठ दबा कर कराहने लगी.

दो झटकों में ही अब वंदना अपने चूतड़ों को ऊपर उठा उठा कर मेरे लंड पर मारने लगी. उधर नीलम भाभी ने अपनी चुत को मेरे मुँह पर रख प्रिया. मैं नीलम की चुत को चूसने लगा.

नीलम के मुँह से सिसकारी निकल रही थीं- प्लीज़ जानू… चूसो मेरी चुत… मेरे पति से मेरी चुत ठंडी नहीं हो पाती… वो चूतिया मुझको मज़ा नहीं दे पाता… आह… मैं चाहती हूँ… कि आज तुम मेरी चुत को ठंडी कर दो… अपनी रांड बना लो…मुझको भी उनकी गरम बातें सुनकर मज़ा आ रहा था. मैं भी पूरे जोश में था.

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वंदना अब तक 2 बार झड़ चुकी थी. अब नीलम भाभी उठीं और भाभी ने मेरे लंड को पकड़ कर अपनी चुत के मुँह पर टिका लिया, फिर भाभी एक झटके के साथ लंड के ऊपर बैठ गईं. उधर वंदना ने अपनी चुत को साफ किया और मेरे ऊपर झुक कर अपनी चुचियां चुसवाने लगी. नीलम भाभी ने मेरे लंड के ऊपर उछलना चालू कर प्रिया और जोर जोर से चुदाई का मज़ा लेने लगीं.

मैंने वंदना को अपने करीब बैठाया और उसकी चुचियां मसलने लगा. नीलम भाभी ने मेरे लंड के ऊपर बैठे बैठे वंदना को भी मेरे सीने पर बैठा कर उसे हग कर लिया और जोर जोर से झटका मारने लगीं.

मैंने भी वंदना की गांड में उंगली करना शुरू कर दी. कुछ देर बाद वंदना हट गई.

अब नीलम भाभी झड़ने वाली थीं, मैं भी झड़ने वाला था, मैंने भाभी से पूछा- भाभी यार… अपना माल कहाँ निकालूँ.तो नीलम भाभी कहने लगीं- मेरी चुत में ही पिचकारी मारना… तेरा माल को पी कर ही मेरी चुत की गर्मी ठंडी होगी.मैंने करारे झटके मारे और हम दोनों एक साथ झड़ गए.

नीलम भाभी के चेहरे पर बहुत ख़ुशी थी. अब वंदना और नीलम दोनों तृप्त दिख रही थीं.

मैंने दोनों को नीचे बिस्तर पर लिटाया. दोनों को खूब किस किया. दोनों ही बड़ी खुश थीं.वंदना बोली- यार तूने आज हम दोनों को अपना लंड का गुलाम बना लिया.

वे दोनों ही मेरे लंड को सहलाने लगीं. कुछ देर हम तीनों ऐसे ही लेटे रहे. थोड़ी देर में मेरा लंड फिर से मस्ती में आ गया. ऐसे मस्त माल भाभी की नंगी चूत देख कर कोई मर्द लंड कैसे शांत रह सकता था.

अब मैंने वंदना को उल्टा लिटाया और उसके चूतड़ों पर किस करने लगा.

नीलम भाभी नीचे लेट गईं और मैंने अपना लंड नीलम भाभी के मुँह में डाल प्रिया. अब मैं नीलम भाभी को लंड चुसा कर वंदना की गांड मारना चाहता था.

मैंने वंदना को बोला- यार वंदना अब गांड को मज़ा लेना है.

वंदना और नीलम दोनों ही खुशी से बोलीं- हम भी यही चाहते हैं.

मैंने वंदना को डॉगी स्टाइल में किया और अपने लंड को वंदना की गांड के छेद पर रख कर धक्का दे प्रिया.

वंदना के मुँह से एकदम से चीख निकली- हाय मर गई… बहुत बड़ा लंड है… प्लीज़ बाहर निकालो… मैं मर जाऊंगी.

तभी नीलम भाभी ने अपनी एक चुची वंदना के मुँह में दे दी. वंदना की आवज चूची के कारण दब कर रह गई. फिर उसने भी नीलम की चुचि चूसना शुरू कर प्रिया.

मैंने धीरे धीरे अपना पूरा लंड वंदना की गांड में डाल प्रिया और वंदना के ऊपर चढ़ कर उसे चोदने लगा. वंदना के नीचे नीलम भाभी लेट गईं और वंदना की चुचियां चूसने लगीं.

इस तरह मैं 20 मिनट तक वंदना की गांड मारता रहा. फिर नीलम घोड़ी बन गई और वंदना नीचे हो गई. मैंने अपना लंड नीलम भाभी की गांड के छेद पर रखा और एक ही झटके में पूरा लंड गांड के अन्दर पेल प्रिया. नीलम भाभी की चीख निकल गई, उनकी आँख से आँसू आने लगे.

मैं थोड़ा रुक गया.

जब नीलम भाभी का दर्द कुछ कम हुआ, तो फिर से गांड चुदाई शुरू कर दी. धकापेल 15 मिनट तक गांड मारने के बाद हम दोनों ही झड़ गए. उधर वंदना ने भी अपनी उंगली से खुद को एक बार और झड़ा लिया था.

उस रात हम तीनों ने कई बार चुदाई का मज़ा लिया. सुबह 6 बजे हम तीनों फ्रेश हुए और मैं चलने लगा.नीलम भाभी ने मुझको 10000 रूपए दिए और होंठों पर पप्पी दी.वंदना ने भी मुझे किस किया और चुदाई के लिए थैंक्स बोला.

तो दोस्तो… कैसी लगी दो भाभी की एक साथ चुदाई की ग्रुप सेक्स स्टोरी? प्लीज़ मेल कीजिएगाsupport@mohakkisse.com

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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां
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mohsin khan

1 month ago

क्या भाभी सच में मान गई थी? अगला भाग जल्दी लाओ!

आलोक नन्दन

2 months ago

मजा आ गया भाई! भाभी को अच्छे से मनाया। अगला पार्ट भी जल्दी पब्लिश करना।

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