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कोई मिल गया पठन समय: 10 मिनट पढ़ा गया: 744 बार

असली चुदाई का सुख मिल ही गया आखिर मुझे

कुणाल ठाकुर

28 Mar 2016 को प्रकाशित

असली चुदाई का सुख मिल ही गया आखिर मुझे
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मेरी इस समस्या को पढ़ कर मुझे बहुत सारे मेल्स आये जिनमें मुझे बहुत सारी राय मिली।मैं आपको एक बात बताना चाहता हूँ कि मुझे अपने से बड़ी औरतों के साथ चुदाई करना बहुत ज्यादा पसंद है, उनसे मुझे बहुत ही ज्यादा मज़ा आता है।

अब मैं आपको जो बताने जा रहा हूँ वो एक सत्य घटना है जो मेरे साथ हुई।

मुझे एक मेल आई, जिसमें लिखा था- मैं आपकी सहायता कर सकती हूँ।मैंने भी रिप्लाई किया- आप मेरी सहायता कैसे कर सकती हैं।

उसने कहा- जो सुख आपको आपकी पत्नी नहीं दे रही है, वो मैं आपको दे सकती हूँ क्योंकि मैं भी बहुत दिनों से प्यासी हूँ।

थोड़ी बात मेल से करने के बाद उसने कहा- क्या आप whatsapp प्रयोग करते हो?मैंने कहा- हाँ, मैं करता हूँ!तो उसने कहा- क्या हम whatsapp पर बात कर सकते हैं?मैंने हाँ कर दिया और उसे अपना नम्बर भेज दिया।

थोड़ी ही देर में मेरे whatsapp पर उसका मैसेज आया- हेलो!मैंने भी रिप्लाई किया- हेलो!

फिर हम दोनों की बात चालू हो गई, तब उसने अपने बारे में सब कुछ बताया, उसका नाम मीना है और वह भी आगरा से ही है।उसने अपनी उम्र 29 साल बताई और उसने बताया कि उसका पति वैसे उसे अच्छे से चोदता है और उसे संतुष्ट भी कर देता है लेकिन वो मुम्बई में काम करता है और एक महीने में एक बार घर आता है इसलिए वो प्यासी रहती है।

मैंने अपने मन में कहा- नेकी और पूछ पूछ…मैं बहुत खुश हुआ, मैंने बिना सोचे समझे हाँ कर दी।

वो भी बहुत खुश हुई।

मीना ने कहा- क्या मैं आपका फ़ोटो देख सकती हूँ?मैंने कहा- मेरा या मेरे पप्पू का?उसने कहा- दोनों का!

फिर मैंने उसे अपना और अपने लण्ड का फ़ोटो भेज दिया।उसने भी अपने आप ही अपना और अपनी चूत का फ़ोटो मुझे दिखाया।

फिर मीना ने लिखा- मैं आपसे फ़ोन पर बात करना चाहती हूँ!मैंने कहा- ठीक है।

फिर हम दोनों की बात फ़ोन पर चालू हो गई बस दो दिन हमारी फ़ोन पर बात हुई।उसके बाद मीना बोलने लगी- अब आप मेरे घर आ जाओ, मैं आपसे बहुत जल्दी मिलना चाहती हूँ।उसने कहा- कल ही आ जाओ!मैंने कहा- ठीक है!

उसने मुझे अपने घर का पता बताया और अगले दिन मैं उसके घर पहुँच गया।मैंने उसके घर के बाहर से उसे फ़ोन किया, मैंने कहा- मैं बाहर बड़ा हूँ, जल्दी से गेट खोल दो!

थोड़ी ही देर में उसने दरवाजा खोला और मुझे अंदर बुला लिया, अंदर आते ही उसने दरवाजा बंद कर लिया, मुझे गले लगाया, फिर मुझे सोफे पर बैठने को कहा और वो मेरे लिए पानी लेने चली गई।

वो पानी लेकर आई, मैंने पानी पिया और वो मेरे बगल में बैठ गई।हम दोनों बात करने लगे।

वो लाल रंग का लेगी और कुर्ती पहने हुई थी। वो देखने में सुन्दर थी उसका फिगर 34-28-34 का होगा।वहीं सोफे पर बैठे बैठे हम सेक्स की बात करने लगे।बात करते करते हम दोनों ही गर्म होने लगे।

मीना ने अपने दोनों हाथों से मेरे गालों को पकड़ कर अपने होंठ मेरे होंठों पर रख दिए।अब हम दोनों ही एक दूसरे के होंठों को चूसने लगे, कभी वो मेरे होंठ की चूसती तो कभी मैं उसके होंठ को अपने होंठों में लेकर चूसता!कभी वो मेरी जीभ को अपने दोनों होंठों से चूसती तो कभी मैं चूसता उसकी जीभ को… कभी मैं उसके होंठों को अपने दांतों से हल्का सा काट लेता जिससे उसकी आह निकल जाती!

अब मीना बहुत गर्म हो चुकी थी, अब उसके हाथ मेरे लण्ड को टटोल रहे थे, वो बुरी तरह से मुझे चूम रही थी कभी मेरी नाक को कभी कान को!

मैंने उसे सोफे पर ही लिटाया और मैं खुद उसके ऊपर था और उसे चूमने लगा, उसके होंठों को मैं जोर जोर से चूमने चाटने लगा।मैं भी पागल हो चुका था, मैं भी उसे जोर जोर से चाटने लगा, कभी उसकी नाक को चाटता तो कभी उसके कान को… कभी गालों को चाटता तो कभी उसकी गर्दन को!

मीना ने मुझे अपने ऊपर से हटाया और वो तुरंत खड़ी हो गई और खड़े होते ही उसने पहले अपनी कुर्ती को उतार कर एक तरफ फेंक दिया, फिर अपनी लेगी को भी उतार कर एक तरफ फेंक दिया और मेरी टी शर्ट, पेंट को उतार दिया।

अब हम दोनों ही चड्डी बनियान में थे।अब वो मेरा हाथ पकड़ कर अंदर बैडरूम में ले गई।

अंदर पहुँचते ही उसने मुझे अपने ऊपर गिरा लिया, मैं भी फिर उसे चूमने चाटने लगामैं ठीक उसके ऊपर था, मतलब मेरा लण्ड उसकी चूत के ऊपर था और मेरा सीना उसके बूब्स के ऊपर और मैं एक हाथ से उसके बूब्स को दबा रहा था और उसके होंठों को चूस रहा था।

अब मैं उसकी गर्दन को चूमने लगा, उसकी पैंटी के ऊपर से मैं उसकी चूत को सहला रहा था तो मैंने देखा कि उसकी पैंटी गीली हो चुकी है।मैंने उसकी ब्रा को उतार दिया और उसकी चूचियों को चूसने लगा, कभी मैं उसके एक बूब को चूसता तो कभी दूसरे बूब को चूसता…सच में बहुत मज़ा आ रहा था।यह होता है असली सेक्स में!

कभी बूब्स को चूसता तो कभी अपने हाथों से दबाने लगता।

मीना तो बस पागल हुए जा रही थी, वो लगातार आहें भर रही थी- आह्ह आह्ह्ह आह्ह्ह ओफ़्फ़्फ़… हआं ऐसे ही कुणाल… ह्म्म्म्म आःह्ह्ह… आज बहुत मज़ा आ रहा है… खुल कर सेक्स का मज़ा ही अलग होता है… और जोर से चूसो… खा जाओ आज इन्हें… इनमें बहुत खुज़ली होती है!

मैं उसके निप्पल को अपने दांत से हल्का सा काट लेता तो वो मेरे सर को अपने वक्ष में और जोर से दबा लेती।अब मैं नीचे आ चुका था, मैं उसके पेट को चाटता हुआ उसकी नाभि में जीभ डाल रहा था।

मीना बुरी तरह से काम्प रही थी। अब मैं भी जल्दी से खड़ा हुआ और अपनी चड्डी और बनियान उतार दी और मीना की पैंटी भी उतार दी।अब हम दोनों ही बिल्कुल नंगे थे।

मैंने मीना की चूत देखी, एकदम चिकनी थी, मैंने उस पर अपना मुँह लगा दिया और उसकी चूत को चाटने लगा।मैं अपनी जीभ को उसकी चूत में अंदर घुसा देता, कभी उसके दाने को होंठों से पकड़ कर चूसता, कभी उसकी चूत में उंगली अंदर बाहर करता।मीना तो बस आँखें बंद करके आहें भरे जा रही थी- आअह्ह्ह आआअह्ह ह्हह हम्म्म्म्म… ऐसे ही चाटो… बहुत मज़ा आ रहा… ओफ्फ्फ्फ़ आआह्हह्हह!और मेरे सर को अपनी चूत पर दबा देती!

अब मीना बोलने लगी- कुणाल, अब बर्दाश्त नहीं हो रहा… तुम मेरे अंदर आ जाओ!यह कह कर वो बैठ गई और मेरा लण्ड मुँह में लेकर चूसने लगी।

दो मिनट लण्ड चूसने के बाद मीना सीधी लेट गई, उसने अपने दोनों पैर फैला दिए और एकदम चित्त हो गई।मैं अपने लंड को पकड़कर उसकी चूत पर रगड़ने लगा।

उसने झठ से मेरा लण्ड पकड़ा, अपनी चूत के छेद पर लगाया और बोली- अब झटका मारो!मीना की चूत पहले से काफी गीली थी, मैंने झटका मारा तो मेरा 6 इंच का लण्ड मीना की गर्म चूत में फच की आवाज से घुस गया।

एक हल्की सी आवाज निकली मीना की- आआअह्हह्हह!अब मैं मीना की चूत में झटके मार रहा था तो मीना भी नीचे से अपनी गांड को उठा उठाकर धक्के मार रही थी और हम दोनों एक जिस्म हो गये।

वो मुझे लगातार चूमे जा रही थी और जोश में वो काँप रही थी।हम दोनों चुदाई में मस्त थे, मैं ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर घपाघप उसकी चूत चोद रहा था।

मैं बड़बड़ाने लगा- मीना, तुमने आज मुझे असली सेक्स का मज़ा दिया… मज़ा आ गया… मैं तुम्हारा यह अहसान कभी नहीं भूलूंगा!

अब मैं मीना की चूत को चोदने के साथ उसके बूब्स भी दबा रहा था।मीना की चूत से पानी निकल रहा था।

फिर जैसे ही मैं लण्ड को बाहर निकाल कर अंदर पेलता, वैसे ही फच की आवाज आती, मुझे बहुत आनन्द आ रहा था आवाज सुनकर ‘फच फच फच फच!’

उसके दोनों हाथ मेरी पीठ को सहला रहे थे।

अब हम दोनों अपने चरम पर थे, मैंने उसकी टाँगें ऊपर कर दीं और जोर-जोर से उसकी चूत को ठोकने लगा।उसकी चूत से ‘फच.. फच..’ की आवाजें आ रही थीं और वो नीचे से कमर हिलाए जा रही थी ‘जोर-जोर से चोदो.. आःह्ह्ह आह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह्ह…’

अब मुझे महसूस हुआ कि मैं झड़ने वाला हूँ, मैंने भी अपने धक्के तेज कर दिए और नीचे से मीना भी जोर-जोर से धक्के देने लगी, उसने मुझे अपने बाँहों में जोर से जकड़ लिया और वो झड़ने लगी।

मैंने भी आखिर में जोर जोर से धक्के मारे और झड़ गया।थोड़ी देर मैं उसके ऊपर ही पड़ा रहा।

कुछ देर बाद हम दोनों बाथरूम में गए और फ्रेश होकर आ गए।मैंने अपने कपड़े पहने और उसको चूमा और मैं अपने घर आ गया।

मेरे साथ जो भी हुआ वो मैंने बिल्कुल सच सच लिखा है।अपनी राय मुझे मेल कर सकते हैं और कमेन्ट्स में भी लिखिये।support@mohakkisse.com

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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

सिज़लिंग सोना

2 days ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

राज दिल्ली

2 weeks ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

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