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माँ की चुदाई पठन समय: 13 मिनट पढ़ा गया: 589 बार

बेटे से पहले मैं चुदी फिर मेरी बेटी चुदी

रेहाना खान

28 Nov 2021 को प्रकाशित

बेटे से पहले मैं चुदी फिर मेरी बेटी चुदी
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बैड फॅमिली फक स्टोरी में मैंने अपनी वासना के खेल के बारे में बताया है. बेटी जवान हुई तो उसे मैंने अपने खेल में शामिल कर लिया. फिर मैंने अपने बेटे को हम दोनों के जिस्म का मजा प्रिया.

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मेरे प्यारे दोस्तो,मैं 44 साल की एकमद मस्त खूबसूरत और सेक्सी महिला हूँ।मेरा नाम मिसेज हेमा सिंह है।

मेरा रंग गोरा है, कद 5′ 2″ का है, बदन गदराया हुआ है. चेहरा गोल है, मेरी चूचियाँ बड़ी बड़ी और सुडौल हैं।मेरे होंठ गुलाबी हैं और मेरे निप्पल भी गुलाबी हैं।

मैं एक उच्च पद पर काम करती हूँ. मैं सेक्स की बहुत बड़ी खिलाड़ी हूँ.

आज मैं आपको अपनी एक सच्ची बैड फॅमिली फक स्टोरी सुना रही हूँ.

मुझे नंगी रहने का बड़ा शौक है।मेरी बेटी स्मृति ने जब अठारहवें साल में कदम रखा तो एक दिन रात में मैं अपनी बेटी के सामने एकदम नंगी हो गयी।

वह बोली- मम्मी ये क्या?मैंने कहा- तुम भी मेरी तरह नंगी हो जा, तब बताती हूँ।

जब वह नंगी हुई तो मैंने कहा- देख बेटी, अब टू जवान हो गयी है। तेरी चूत बिल्कुल मेरी चूत जैसी हो गयी है। मैं तुझे सेक्स की शिक्षा देना चाहती हूँ.

फिर मैंने उसे लण्ड, बुर, चूत, भोसड़ा, चोदा चोदी, पेला पेली सबके बारे में खुल कर बताया और कहा- आज से तू मेरी फ्रेंड है। हम दोनों नंगी नंगी खूब गन्दी गन्दी बातें करेंगीं और मज़ा करेंगी। मैं तुझे अपनी चुदक्कड़ सहेली बना लूंगी।

आज वह 20 साल की हो गयी है और मेरे साथ लण्ड का मज़ा खूब लेती है।मेरे साथ ही लण्ड चूसती है लण्ड पेलवाती और पेलती हैं।हम दोनों को गांड और चूत चटवाने का जबरदस्त शौक है.

एक दिन हम दोनों बैठ कर शराब पी रही थीं और खूब मसालेदार बातें भी कर रही थी।

स्मृति बोली- यार हेमा, तुम 20/22 लण्ड ले चुकी हो लेकिन तुम्हारी चूत ससुरी अभी भी बड़ी टाइट बनी हुई है बिल्कुल मेरी चूत जैसी! इसका कारण क्या है?मैंने कहा- अरे मेरी बुर चोदी नेहा, जब तू मेरे उम्र की होगी तो तेरी भी चूत इसी तरह टाइट बनी रहेगी। बस जितनी शराब तू पीती है उतनी ही शराब अपनी चूत को भी पिलाया कर!

स्मृति बोली- अच्छा यह बताओ तुमने बड़े लोगों के लण्ड लिए हैं?मैंने कहा- हां, मैं कई बड़े लोगों के लण्ड ले चुकी हूँ। एक राज़ की बात बताऊँ। मैं पिछले 10 साल से अपने ससुर से चुदवा रही हूँ। बड़ा मोटा लण्ड है उसका!

वह बोली- मुझे भी उसका लण्ड दिलवाओ न मम्मी!हां हां जरूर दिलवा दूँगी।तभी अचानक बेटे का दोस्त अमित आ गया।

स्मृति उसे अच्छी तरह जानती थी।

मेरा बेटा अमित के साथ लंदन में पढ़ता है।मैंने पूछा- बेटा अमित, मेरे बेटे समर सिंह की सेक्स लाइफ कैसी है? तुम तो उसके पक्के दोस्त हो बताओ न?वह बोला- अरे आंटी, वह आजकल लड़कियां खूब चोद रहा है। वह तो लड़कियों की माँ भी चोदता है। अब तक 8/10 लड़कियां चोद चुका है। वह अगले हफ्ते यहाँ आ भी रहा है।

यह सुनकर मेरी चूत गीली हो गयी।तब मैंने ठान लिया कि अब मैं अपने बेटे से जरूर चुदवाऊंगी।जब वह दूसरों की माँ चोद सकता है तो अपनी माँ क्यों नहीं चोदेगा? अपनी बहन क्यों नहीं चोदेगा?

उसके जाने के बाद मैंने स्मृति को बताया- मैं अमित से दो बार चुदवा चुकी हूँ.स्मृति बोली- तू सच में बहुत बड़ी रंडी है हेमा!

उस दिन मेरा बेटा समर सिंह 2 साल बाद लंदन से आया तो मैं उसे देख कर गदगद हो गयी।

वह मेरे गले लग गया और बोला- मम्मी तुम तो पहले से ज्यादा अच्छी लग रही हो!

अपनी बहन स्मृति से मिला तो बोला- अरे स्मृति, तुम तो बड़ी मस्त जवान हो गयी हो। बड़ी सेक्सी और हॉट लग रही हो।उसने कहा- भैया आप भी बड़े स्मार्ट और हैंडसम हो गए हो।

हम दोनों ने उसका वेलकम किया, ढेर सारी बातें की और फिर बाहर घूमने फिरने निकल पड़े।

रात को हम तीनों एक ही कमरे में बैठ कर बातें करने लगे।मैंने कहा- पिछले हफ्ते अमित आया था वह तेरे बारे में बता रहा था।उसने पूछा- अच्छा तो क्या बता रहा था अमित?मैंने कहा- यही सब कि समर आजकल खूब सेक्स कर रहा है, लड़कियां चोद रहा है।

बेटा बोला- बस यही बताया मम्मी, तुमको?मैंने कहा- हां बस यही बताया था और कुछ नहीं।

फिर वह तपाक से बोला- अरे मम्मी, मैंने तो अमित की माँ भी चोदी है जब वह लंदन आयी थी।यह सुनकर मेरी चूत में आग लग गयी।स्मृति की चूत भी गीली हो गयी।

तभी स्मृति बोल पड़ी- अरे भैया, जब दूसरे की माँ चोदते हो तो क्या अपनी माँ नहीं चोदोगे?उसने मेरी तरफ देखा तो मैं मुस्कराकर बोली- हां सच ही तो कह रही है।

यह सुनकर वह कुछ बोला नहीं, बस मुझसे लिपट गया और फिर हाथ बढाकर स्मृति को भी लिपटा लिया।

हम तीनों एक साथ बड़ी देर तक एक दूसरे से लिपटे रहे।

रात के 10 बज चुके थे।मैं काफी उत्तेजित हो चुकी थी।स्मृति भी गर्म हो चुकी थी।

मैंने अपनी मैक्सी उठा कर उसे अपनी चूत और गांड दिखा दी।वह बोला- वाओ मम्मी, तुम तो सच में बहुत हॉट हो।

मैंने उसके मुंह के सामने अपनी चूत खोल दी।वह अपने दोनों हाथों से मेरे चूतड़ पकड़े हुए मेरी चूत चाटने लगा।

तब तक स्मृति ने अपने सारे कपड़े उतार दिए और एकदम नंगी हो गयी।

उसने अपने भईया की पैंट खोली और लण्ड बाहर निकाल कर हिलाने लगी, बोली- अरे मम्मी, भइया का लण्ड तो शेखर अंकल के लण्ड से बड़ा है। बड़ा मस्त और मोटा लण्ड है भईया का। अब तो भइया से चुदाने में बड़ा मज़ा आएगा।

मैंने कहा- उसे अपनी बहन चोदने में भी बड़ा मज़ा आएगा बेटी!

ऐसा कह कर वह नंगी नंगी बड़े प्यार से लण्ड चूसने लगी और मैं अपनी गांड चटवाने लगी।बेटी की चूत मेरे मुंह के सामने आ गयी तो मैं झुक कर उसकी चूत चाटने लगी।

फिर थ्रीसम का खेल बन गया।बेटा मेरी गांड चाटने लगा, मैं बेटी स्मृति की चूत चाटने लगी और बेटी अपने भईया का लण्ड चाटने लगी।

हम तीनों एकदम नंगे नंगे सेक्स का मज़ा लूटने लगे।

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बेटा बोला- मम्मी, तेरी चूत बड़ी स्वादिस्ट है, तेरी गांड बड़ी मस्त है। कितने लण्ड ले चुकी हो तुम मम्मी?मैंने कहा- ज्यादा नहीं बेटा, यही कोई 20/22 ही लण्ड ले पाई हूँ अब तक!

उसने कहा- अच्छा तब तो बिल्कुल रंडी बन चुकी हो तुम! स्मृति कितने लण्ड ले चुकी है मम्मी?मेरे बोलने के पहले स्मृति ही बोल पड़ी- अरे भईया, अभी तो शुरुआत है। मैं तो अभी तक 8 ही लण्ड ही ले पाई हूँ, अब तेरा लण्ड 9वां होगा भईया!

बेटा बोला- तो तुम भी लण्ड खूब ले रही हो स्मृति! तुम भी बिल्कुल मम्मी की तरह हो गयी हो।

इन बातों से हम तीनों बुरी तरह उत्तेजित हो चुके थे।मेरे बेटे का लण्ड पूरे ताव पर आ चुका था।

उसने मुझे चित लिटा प्रिया और मेरे ऊपर चढ़ कर मुझे घपाघप चोदने लगा, लौड़ा पूरा घुसेड़ कर चोदने लगा, फच्च फच्च धच्च धच्च की आवाज़ आने लगी।

स्मृति एक बेटे को अपनी माँ चोदते हुए बड़े गौर से देखने लगी।अपने भइया के पेल्हड़ सहलाने लगी और चाटने भी लगी।

कुछ देर बाद स्मृति ने मेरे मुँह पर अपनी चूत रख दी।मैं बेटी की चूत चाटते हुए बेटे के लण्ड से चुदवाने लगी।

मुझे ज़न्नत का मज़ा मिलने लगा।मैं सातवें आसमान पर पहुँच गयी।

बेटे से चुदवाने का क्या मज़ा होता है, उसका अनुभव होने लगा मुझे!

मेरी चूत को एक नया लण्ड मिला तो वह भी बहुत उत्तेजित थी।मेरे मुंह से सिसकारियां निकलने लगीं- ऊऊ, हां हां हां हूँ ओ हां … बड़ा मज़ा आ रहा है बेटा समर! चोद ले अपनी माँ की चूत, फाड़ दे मेरी चूत। क्या मस्त लौड़ा है तेरा। हाय रे तूने मुझे पहले क्यों नहीं चोदा।

मेरा बेटा मेरी चूची पर हाथ मार मार कर, मेरे गाल सहला सहला कर चोद रहा था.वह बोला- मम्मी, तू सच में चुदवाने में बड़ी मस्त है, रंडी की तरह चुदी हुई है तू! आज मैं तेरी चूत का भोसड़ा बना दूंगा।

स्मृति बीच बीच में लण्ड निकाल निकाल कर चाट लेती थी।वह अपना मज़ा ले रही थी, बोली- भईया माँ चोदने में मज़ा आ रहा है न?वह बोला- हां, बड़ा मज़ा आ रहा है। मुझे तुझे चोदने में भी मज़ा आएगा पगली तू चिंता न कर। अभी तुझे भी चोदूंगा मैं!

उसने चुदाई की स्पीड बढ़ा दी.बेटे से चुदाई का यह पहला मौका था तो मैं जल्दी खलास हो गयी.

कुछ देर में उसके लण्ड ने भी उगल प्रिया.वीर्य हम दोनों माँ बेटी ने खूब मस्ती से चाटा.

उसके बाद हम तीनों नंगे नंगे बाथ रूम चले गए।स्मृति लण्ड पर साबुन लगा लगा कर उसे नहलाने लगी।मेरा बेटा मेरी चूत और गांड धोने लगा।

इतने में स्मृति बोली- अरे मम्मी, भइया का लौड़ा तो फिर से खड़ा हो गया है।मैंने कहा- अब तो ये लौड़ा तेरी चूत में घुसेगा बेटी!

फिर हम तीनों बाहर निकल आये।

बेड पर आते ही समर ने अपनी बहन को अपने बदन से चिपका लिया, उसकी चूचियाँ दबाने लगा, उसकी चुम्मियाँ लेने लगा, उसकी गांड पर हाथ फेरने लगा.

वह बोला- स्मृति, मम्मी ने तेरी चूत में लण्ड पेलवा पेलवा कर तुझे भी रंडी बना प्रिया है।तो वह बोली- तुमने भी तो खूब लड़कियां चोदी हैं भईया। लड़कियों की माँ भी चोदी है। आज तुम अपनी माँ चोद कर पूरे मादरचोद बन गए हो तुम!

इस पर हम तीनों हंस पड़े।

स्मृति बोली- भईया, मुझे पहले लौड़ा ठीक से चूस लेने दो, फिर बाद में चोदना।

तब स्मृति बेटे का लण्ड चूसने में जुट गयी और बेटा उसकी बुर!मैं दोनों को ऐसा करते हुए देख देख कर फूली नहीं समा रही थी।

15 मिनट बाद स्मृति बोली- भईया अब पेल दो लण्ड मेरी चूत में! अब रहा नहीं जा रहा।

मेरे बेटे ने लण्ड अपनी बहन की चूत पर रगड़ा और फिर गच्च से पूरा घुसा प्रिया अंदर!स्मृति के मुंह से चीख निकल पड़ी- उई माँ फट गई मेरी चूत … बड़ा मोटा है इसका लण्ड मादरचोद! अपनी माँ चोद कर साला और मोटा हो गया है।

समर ने भकाभक चोदना शुरू कर प्रिया और मैं वहीं नंगी नंगी बैठी हुई अपने बेटे से अपनी बेटी चुदवाने लगी।स्मृति बड़े मजे ले ले कर चुदवा रही थी।

समर बोला- मम्मी, स्मृति की चूत सच में बड़ी टाइट है। लौड़ा बिल्कुल चिपक कर घुस रहा है। स्मृति को चोदने में ज्यादा मज़ा आ रहा है मम्मी!

उधर स्मृति बोली- हाय मेरे राजा भईया, बातें मत करो, मुझे चोदो मन लगाकर! हचक हचक कर चोदो, मुझे भी रंडी की तरह चोदो. मैं बहुत चुदासी हूँ।

समर ने चोदने की रफ़्तार बढ़ाई तो स्मृति की गांड थिरकने लगी।वह पूरा लौड़ा पेलवाकर खूब तूफ़ान मेल की तरह अपने माँ के सामने अपने भाई से झमाझम चुदवा रही थी; बड़ी बेशर्मी से और बड़े मन से चुदवा रही थी।

बैड फॅमिली फक में दोनों की चुदाई बड़ी देर तक होती रही।चुदाई की महक बहुत अच्छी लग रही थी।

स्मृति बोली- हाय दईया, बड़ा मज़ा आ रहा है मम्मी!तू नहीं होती तो आज मुझे इतना बढ़िया लण्ड नहीं मिलता।

ऐसा कहते ही उसकी चूत ने पानी छोड़ प्रिया.

फिर उसने भइया का लण्ड मुट्ठी में लेकर उसे भी खलास कर प्रिया।स्मृति की चुदाई देख कर सच में मुझे गर्व महसूस हुआ।

रात में मैंने फिर बेटे से अपनी गांड मरवाई, एक बार नहीं 3 बार मरवाई।

बेटे ने स्मृति की भी गांड मारी और उसे रात भर खूब अच्छी तरह चोदा।जब तक मेरा बेटा समर यहाँ रहा तब तक हम दोनों माँ बेटी उससे खूब चुदवातीं रहीं और गांड भी मरवातीं रहीं।

बैड फॅमिली फक स्टोरी पर अपने विचार अवश्य लिखें!support@mohakkisse.com

लेखिका की पिछली कहानी थी:किरायेदार के लंड से बुझाई चूत की आग

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