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Office Sex पठन समय: 13 मिनट पढ़ा गया: 588 बार

मादरचोद लड़की ने पहले पिटवाया फिर चुद गई

प्रीत किरण

03 Oct 2011 को प्रकाशित

मादरचोद लड़की ने पहले पिटवाया फिर चुद गई
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बैड गर्ल फकिंग स्टोरी में मेरे साथ काम करने वाली लड़की महा सेक्सी थी. मैं उसे चोदना चाहता था. वह भी मेरे साथ खूब फ्रैंक थी. एक दिन मैंने उसे पकड़ लिया.

दोस्तो, मेरा नाम विकास है, उम्र 25 साल है.मैं महाराष्ट्र के एक छोटे से ज़िले का सीधा-सादा लड़का हूँ.

आज मैं आपको ठीक एक साल पुरानी वह बैड गर्ल फकिंग स्टोरी सुनाने जा रहा हूँ, जिसने मेरी ज़िंदगी बदल दी.

मैं फार्मासिस्ट का स्टूडेंट था.मैंने शहर से बाहर की एक मैन्युफैक्चरिंग कंपनी में इंटरव्यू प्रिया तो मेरा सिलेक्शन हो गया.

मेरी जॉइनिंग वेयरहाउस में हुई.

वहां पहुंचा तो पता चला कि डेढ़ महीने पहले ही एक लड़की जॉइन कर चुकी थी.

जब पहली बार उसे देखा तो दिल की धड़कन रुक सी गई.वह दिल्ली से आई थी, उसका नाम पूजा था.

पूजा की हाइट करीब 5 फीट, कंधे तक खुले बाल, आंखों पर हल्का नंबर का चश्मा.

व्हाइट टी-शर्ट, ऊपर से जैकेट, नीली टाइट जीन्स … और उनमें से झलकती मोटी-मोटी जांघें और भरी-पूरी गांड.उसके बूब्स तो ऐसे कि टी-शर्ट फट ही जाए.

वह कोई कुदरत का करिश्मा लग रही थी … कातिलाना माल!मैं तो पहली नज़र में ही पागल हो गया.

मेरी पुरानी गंदी आदत है.मैं दिन-रात पोर्न देखता हूँ इसलिए किसी भी लड़की को पूरा स्कैन कर लेता हूँ.पूजा को देखकर तो मेरी नीयत ही खराब हो गई.

उसके साथ मेरी हाय-हैलो हुई.वह बहुत जल्दी मुझसे घुल-मिल गई.

हमारा ऑफिस वेयरहाउस के एक कोने में था.एक तरफ कंप्यूटर, बाकी चारों तरफ दवाइयों का माल भरा हुआ.मैं काम कम और उसके बूब्स-गांड ज्यादा देखता था.

रात-दिन बस वही नज़रों के सामने घूमती थी.

मैंने चुपके से उसके कई फोटो क्लिक किए और रात को तकिए में छेद करके अपना लंड डाल कर उसका फोटो देखता और अर्चना करता कि मैं उसकी चूत और गांड मार रहा हूँ.

सच में मैं उसके लिए पागल हो चुका था.वह किसी दूसरी जगह रूम लेकर अपनी फ्रेंड के साथ रहती थी, मैं अकेला. कोई रूम पार्टनर नहीं.

कुछ महीनों में पूजा मेरे साथ इतनी फ्री हो गई कि मेरे कंधे पर हाथ रखकर बात करने लगी.मुझे लगने लगा था कि उसे मुझसे लगाव हो रहा है.

मैं उसके लिए रोज़ चॉकलेट लाता, उसके बर्थडे पर होटल में डिनर करवाया, टेडी बियर गिफ्ट किया.

धीरे-धीरे मैं उससे सच में प्यार करने लगा था … और मुझे पूरा यकीन था कि वह भी मुझसे प्यार करने लगी है.

एक बार की बात है.

उस दिन पूजा कुछ ज़्यादा ही सेक्सी ड्रेस में आई थी.मैं तो उसे देखते ही पागल हो गया.

उसकी ड्रेस की तारीफ करते-करते मैं कंट्रोल खो बैठा.अचानक से मैंने झटके से उसे पकड़ लिया.एक हाथ उसकी पतली कमर पर, दूसरा सीधा उसके बाएं बूब पर … और उसके दूध को मसलते हुए मैंने उसके गाल को ज़ोर से चूम लिया.

ये देखते ही पूजा ने मुझे ज़ोरदार धक्का प्रिया और एक कड़क थप्पड़ जड़ प्रिया.

वह मुझे गालियां देने लगी- पागल लड़के, तूने मुझे इस तरह छूने की हिम्मत कैसे की?

इसके बाद उसने जूता उतारा और मुझ पर बरसाने लगी.मैं हाथों से बचाता रहा, फिर भागा तो पीठ पर भी जूते की मार पड़ी.

वह चिल्ला रही थी- रुक साले … आज इस हरकत की वजह से तुझे पुलिस के हवाले न किया तो मेरा नाम पूजा नहीं!

मैं डर के मारे कांपने लगा, हाथ जोड़कर माफी मांगने लगा- पूजा प्लीज … मुझे माफ कर दो. मैंने जानबूझ कर नहीं किया … तुम्हें देखकर कंट्रोल नहीं कर सका … प्लीज़ एक बार माफ कर दो, दोबारा कभी ऐसी गलती नहीं करूँगा!

फिर भी वह नहीं मानी, बाहर जाने लगी.मैंने उसके पैर पकड़ लिए और रोने लगा- प्लीज़ पूजा … पुलिस कंप्लेंट करोगी तो मेरी ज़िंदगी बर्बाद हो जाएगी!पर उसने एक न सुनी और चली गई.

मैं बुरी तरह डर गया.यहां मेरा कोई अपना नहीं था जो मदद करता.

मेरी गंदी आदत आज मुझ पर भारी पड़ गई.मैं टेंशन से पागल हो रहा था.

मैं उसका फोन लगाया, पर उसने उठाया ही नहीं.ऑफिस छूटने के बाद घर जाते वक्त अचानक दो आदमी आए, उन्होंने मुझे पकड़ा और गाड़ी में ले जाकर खूब मारा.

वे मुझे वहीं छोड़कर चले गए.उस रात टेंशन और मार दोनों से बुखार चढ़ गया.

सुबह दूसरे डिपार्टमेंट का दोस्त आया, मुझे इस हालत में देखकर अस्पताल ले गया.मैंने उसे कुछ नहीं बताया.

मैं तीन दिन ऑफिस नहीं गया.पर एक बात समझ नहीं आ रही थी कि अगर उसने पुलिस कंप्लेंट की तो पुलिस आई क्यों नहीं?

चौथे दिन मैं ऑफिस गया.पूजा दिखी नहीं, पर उसका बैग दिखा.वह स्टॉक लेने गई थी.

जब वापस आई तो बिल्कुल नॉर्मल तरीके से बोली- विकास … ये स्टॉक अपडेट कर देना!

मैं हैरान था कि ये मुझसे नॉर्मल क्यों बात कर रही है?मैंने उसकी तरफ देखा तक नहीं.

फिर वह मेरे सामने वाली चेयर पर बैठ गई … और अचानक मेरा हाथ पकड़ लिया.

वह मेरी तरफ देखकर धीरे से बोली- विकास … सॉरी मैंने कोई पुलिस कंप्लेंट नहीं की थी. उस दिन गुस्से में मैंने सिर्फ अपने चचेरे भाई को बताया कि तुमने मेरे साथ बदतमीजी की. मुझे नहीं पता था कि वह तुम्हें इस कदर मारेगा. मैंने उसे बहुत डाँटा … सच में बहुत अफसोस है मुझे विकास, मैं तुम्हारे घर भी आई थी, पर तुम नहीं थे. शुभम ने बताया कि तुम अस्पताल में हो … सॉरी विकास … सच में सॉरी!

मैं चुप रहा.

फिर वह बोली- अगर मैं कंप्लेंट करती तो तुम्हारी बदनामी हो जाती … और कंपनी की रेपुटेशन का भी मुझे ख्याल था.

मैं कुछ नहीं बोला, चुपचाप बैठा रहा.

वह बार-बार मेरी तरफ देख रही थी.मैं नज़रअंदाज़ कर रहा था.

बहुत देर बाद वह झिझकती हुई बोली- लगता है तुमने मुझे माफ नहीं किया?मैं उठकर जाने लगा.

अचानक वह पीछे से आई, मेरे बाएं कंधे पर हाथ रखकर मुझे घुमाया … और मेरे दोनों हाथ पकड़कर सीधे अपने भरे-भरे मम्मों पर रख दिए.

फिर मीठी आवाज़ में बोली- क्या यही चाहिए थे ना तुम्हें? लो … दबाओ जितना जी चाहे!मैंने झट से हाथ खींच लिए.

पर उसने मेरी गर्दन पकड़ ली और ज़ोर से मेरे होंठों पर किस कर दी.

वाह यार … उसके होंठ इतने नरम थे कि पूरे बदन में बिजली दौड़ गई.मैं तो बेहोश होने वाला था.

मैंने हांफते हुए पूछा- पूजा … ये क्या है? तुम्हें हुआ क्या है? कुछ समझ नहीं आ रहा मुझे!

वह कुछ नहीं बोली … बस शर्माई और मुस्कुरा दी.शाम को उसका फोन आया.

वह बोली- शाम को 9 बजे तैयार रहना, मैं लेने आऊंगी!

वह अपनी सहेली की गाड़ी लेकर आई, मुझे बिठाया और सीधे एक होटल ले गई.

रूम पहले से बुक था.

रूम में घुसते ही उसने मुझे गले लगा लिया.उसने मेरी शर्ट के बटन खोले, शर्ट उतारी.

फिर अपनी टी-शर्ट निकाली … ब्रा में थी.मेरी बनियान निकाली, फिर अपनी ब्रा भी हटा दी.यार … उसके बड़े-बड़े सुडौल, टाइट बूब्स देखकर मेरी आंखें गोल हो गईं … जैसे कोई कार्टून में होता है.

उसने मुझे बिस्तर पर धकेला, मेरी पैंट-निकर उतार दी.मेरा लंड हाथ में लेकर धीरे-धीरे हिलाने लगी और मेरे बॉल्स को मुँह में ले-लेकर चूसने लगी.

उसने लंड मुँह में नहीं लिया, पर जो कर रही थी … वह भी कम नहीं था.फिर मुझे चूमती हुई वह ऊपर को आई और होंठों को घेर-घेर कर चूसने लगी.

उसने अपनी जीन्स-पैंटी उतारी और मेरे लंड पर सवार हो गई.उसको चुदने का अनुभव था शायद तो उसने अपनी चुत में लंड ले लिया.

लंड अन्दर लेते ही वह कमर हिलाने लगी.उसकी चूत बिल्कुल मक्खन जैसी नरम, गर्म और रसीली थी.

मैं तो स्वर्ग में पहुंच गया था.

मेरा लंड उसकी चूत के अन्दर था … यार, क्या जबरदस्त चूत थी … एक भी बाल नहीं, बिल्कुल क्लीन और गोरी.मैंने दोनों हाथों से उसके मक्खन जैसे नरम बूब्स पकड़े और ज़ोर-ज़ोर से दबाने लगा.

हम दोनों की सांसें फूल रही थीं. वह कामुक सिसकारियां ले रही थी- आआह … विकास … आआह्ह्ह!

मैंने उसे पलटा, बूब्स मुँह में लेकर चूसने लगा.वह और तड़पने लगी … दांतों से होंठ दबा रही थी.

इधर मैंने एक बात नोटिस की कि उस वक्त वह मुझसे भी ज़्यादा सेक्सी और हॉट थी.

फिर मैंने उसे उल्टा लिटाया.वाह … क्या बड़े-बड़े गोल-मटोल चूतड़ों में गुलाबी गांड का फूल खुल बंद हो रहा था.

मैंने दोनों हाथों से उसके चूतड़ों को फैलाया और अपना मुँह बीच में फँसा कर गांड को जीभ से चाटने लगा और होंठों से चूतड़ों को चूमने लगा.फिर उसकी चूत को जीभ से चाटते हुए उसे पागल कर प्रिया.

बैड गर्ल फकिंग के लिए मचलने लगी.तो मैंने उसे डॉगी स्टाइल में खड़ी किया और कमर पकड़ कर पीछे से चुत में लंड पेल प्रिया. वह मस्त हो गई तो मैंने उसके दूध पकड़ कर उसे खूब ज़ोर-ज़ोर से चोदा.‘पचक-पचक … पचक-पचक … ’ की मस्त आवाज़ें आ रही थीं.

उसकी चूत से पानी की बौछार निकल गई थी तो चुत रसीली हो गई थी.लौड़े ने सरपट दौड़ लगानी शुरू कर दी थी.

मैंने बहुत देर तक उसे चोदा.आखिर में मैंने लंड बाहर खींचा और उसकी गांड पर अपना गाढ़ा वीर्य उड़ेल प्रिया.

हम दोनों नंगे बिस्तर पर लस्त पड़े थे.वह मेरे ऊपर चढ़ आई, उसके बाल मेरे मुँह पर बिखर गए.वह मुझसे पूरी तरह चिपक गई.

उसने उठ कर अपनी जेब से सिगरेट निकाली और मस्ती से कश लगाने लगी.मैं सिगरेट नहीं पीता था, तब भी उसने मुझे दो कश पिलाए … मुझे खांसी आ गई तो वह हंसने लगी.

फिर हम दोनों होटल से निकल गए.अब मैं एकदम फ्रेश और खुश था.

एक हफ्ते तक हम दोनों खुशी-खुशी रहे थे.फिर मैंने सोचा कि अब इससे शादी की बात कर लूँ.

वह एक हफ्ते की छुट्टी पर गई थी, आठ दिन बाद लौटी.मैंने हिम्मत करके शादी की बात की.

ये सुनते ही वह एकदम मेरी तरफ घूमी.उसने मुझे अलग नज़रों से देखा और धीरे-धीरे चलती हुई मेरे पास आई.मेरे गले में दोनों हाथ डाले, होंठ मेरे होंठों के सामने लाकर गर्दन टेढ़ी की और फुसफुसाई- मेरी शादी तय हो चुकी है!

उसने यह कह कर वापस से मेरे होंठ चूम लिए.

फिर हाथ हटाकर मुड़ी और जाने लगी.अचानक से पलटी और बोली- अगले महीने शादी है. जो हमारे बीच हुआ, उसे भूल जाओ. मैं सिर्फ 15 दिन और हूँ. अगर तुम चाहो तो हम दोनों एक बार फिर से सेक्स कर सकते हैं … मैं तैयार हूँ!

ये सुनकर मैं शॉक हो गया.

मैंने झट से उसके बाल पकड़े, एक हाथ से कमर खींचकर बूब्स अपने सीने से लगाए और चिल्ला कर बोला- तो ये सब सेक्स का नाटक क्यों किया था तूने?

उसने मेरा हाथ झटका, धक्का प्रिया और गरजी- ये मेरा माफी मांगने का तरीका था … और हां, मैं तुम्हारे साथ सेक्स करना चाहती थी. तुम भी तो यही चाहते थे ना? ऑफिस में तुम्हारी नज़रें सिर्फ मेरे बूब्स पर ही रहती थीं!

मैंने कहा- अगर मैं चाहूँ तो तेरी शादी रोक सकता हूँ!

वह पलटी और उसने चुटकी बजाई, उंगली मेरे मुँह के सामने लाकर बोली- ऐसी गलती मत करना बेटा, अगर ऐसा किया तो मैं तेरी ज़िंदगी सचमुच जहन्नुम बना दूँगी. मेरे पास तेरे सारे सबूत हैं … अंडरस्टैंड?यह कह कर उसने बड़ी-बड़ी आंखें करके प्यारी सी स्माइल दी, दायीं आंख मारी और चली गई.

मैं घुटनों के बल बैठकर रोने लगा- पूजा प्लीज़ … तुम ऐसा नहीं कर सकती मुझे समझो … मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ. तुम्हारे बिना नहीं जी सकता … मैं तुम्हें बहुत खुश रखूँगा … पूजा प्लीज़!

वह चली गई.फिर क्या … उसकी शादी हो गई और मुझे हमेशा के लिए भूल गई.

यह मेरी सच्ची सेक्स कहानी है, बैड गर्ल फकिंग स्टोरी आपको कैसी लगी … कमेंट में ज़रूर बताएं.धन्यवादsupport@mohakkisse.com

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मेरा नाम अनिल है। मैंने अभी अपनी इंजीनियरिंग पूरी की है।

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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

बिग बॉस

2 months ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

दीपक राजपूत

2 months ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।