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भाभी की चुदाई • पठन समय: 11 मिनट • पढ़ा गया: 866 बार

बड़ी भाभी की चुदाई में भाभी की बड़ी गांड का मज़ा

अमितोष गोयल

04 Aug 2025 को प्रकाशित

बड़ी भाभी की चुदाई में भाभी की बड़ी गांड का मज़ा
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हैलो फ्रेंड्स, मैं डिनाइयल गुप्ता (बदला हुआ नाम) कोटा राजस्थान से आपके सामने अपनी भाभी की चुदाई की कहानी लेकर हाजिर हूँ। आज जो घटना बताने जा रहा हूँ.. मुझे आशा है कि इसे पढ़ कर आप लोगों के लंड रात भर पानी छोड़ते रहेंगे।

मैं अपनी बड़ी भाभी के बारे में बता दूँ.. भाभी मेरे साथ रिश्ते में ही बड़ी नहीं हैं.. उनकी हाइट.. और जिस्म का एक-एक हिस्सा बड़ा है। भाभी का शरीर औसत महिलाओं से न केवल काफी बड़ा है बल्कि वो बहुत ही मारू किस्म की माल हैं। सच कहूँ तो वो कामरूपी देवी हैं। साड़ी में तो इतना ग़ज़ब ढहाती हैं कि कोई मर्द उनको देखे बिना नहीं रह सकता।

मेरी भाभी का नाम शिल्पा है.. उनकी उम्र 38 साल की है। उनके 2 बड़े-बड़े बच्चे हैं.. 15 साल के बच्चे होने के बाद से भाभी का शरीर तेज़ी से भर गया। अभी उनका फिगर उनकी उम्र से भी ज्यादा हो चुका है। उनकी गांड 42 और बोबे 40 के हैं.. उनकी कमर भी 38 नाप की है। भाभी की हाइट 5 फुट 10 इंच है। अब आप लोग खुद ही उनके रूप का अंदाज़ा लगा लो कि वो कैसी दिखती होंगी।

भाभी का रंग एकदम गोरा है और शरीर की बनावट ऐसी है जैसे हर वक्त सेक्स के लिए खड़ी रहती हों। अब मैं उस घटना पर आता हूँ, जिसके लिए मैंने इतनी भूमिका बाँधी।

कुछ दिनों पहले भैया भाभी परिवार से अलग रहने चले गए। उनका बड़ा सा घर बना है। लेकिन जब से वो वहाँ शिफ्ट हुए हैं.. मैं उनसे मिलने उनके नए घर में नहीं जा पाया। भाभी ने काफ़ी बार फोन भी किया।

फाइनली एक दिन मैंने वहाँ जाने का डिसाइड किया। मेरे भैया अधिकतर बिजनेस टूर पर रहते हैं और अक्सर रात में देर से घर आते हैं.. ये मुझे पता था। भाभी के बच्चे स्कूल जाते हैं.. वो शाम में 4 बजे तक आते हैं।

मैं भाभी को सरप्राइज देना चाहता था। वैसे भी मैं भाभी के साथ सोने के लिए बहुत लालायित भी था.. लेकिन मौका नहीं मिल पा रहा था। मैंने सोचा अचानक दिन में जाऊँगा, उस वक्त भाभी अकेली होंगी और एकदम से उन्हें सरप्राइज दूँगा तो मजा आएगा।

बस एक दिन मैं पहुँच ही गया। उस दिन दोपहर के 2 बजे थे, मैं सीधा उनके घर पहुँचा और दरवाजे की घंटी बजा कर छिप गया। भाभी आईं उन्होंने दरवाजा खोला.. बाहर देखा तभी मैंने साइड में से निकल कर एकदम से उन्हें डरा प्रिया।वो उस वक्त पिंक कलर की नाइटी पहने हुए थीं.. एकदम टाइट जिसमें उनका एक एक अंग नुमाया हो रहा था।

भाभी मेरे अचानक आने से एकदम शॉक्ड होकर रह गईं। हालांकि वे खुश भी बहुत हुईं और बोलीं- आख़िरकार आपको टाइम मिल ही गया देवर जी!मैं मुस्कुरा कर बोला- अब अन्दर बुलाओगी या यहीं से वापस जाऊँ?तो बोलीं- अरे ऐसे-कैसे जाओगे.. आज तो आपकी पूरी खातिर होगी.. आप तो दर्शन ही नहीं देते हो।मैंने कहा- चलो यार भाभी अन्दर चलो.. बड़ी गर्मी लग रही है।

भाभी आगे-आगे चल दीं, मैं पीछे-पीछे उनकी पिछाड़ी पर नजरें गड़ाए हुए चल रहा था। टाइट नाइटी में भाभी की क्या गांड मटक रही थी.. मन कर रहा था कि अभी ही खोल कर लंड पेल दूं। मेरा लंड तो मान ही नहीं रहा था.. बड़ी मुश्किल से कंट्रोल किया।

अन्दर जाकर भाभी बोलीं- आओ अन्दर बेडरूम में बैठते हैं.. वहाँ का एसी चालू है.. मैं अभी वहीं थी।तो मैंने कहा- जैसा आप कहें.. आज तो आपको पूरी खातिरदारी करनी है।भाभी बोलीं- बिल्कुल.. मेरे प्यारे देवर जी आप जो हुकुम करें.. वो हाजिर हो जाएगा।

लेकिन उन्हें नहीं पता था कि मुझे क्या चाहिए। वो तो ये सब नॉर्मली कह रही थीं। उन्हें क्या पता था कि मेरे मन का शैतान क्या करना चाहता था। थोड़ी देर में भाभी को क्या-क्या सर्व करना पड़ेगा।

थोड़ी देर में गर्मी बढ़ने लगी.. तो भाभी बोलीं- बोलो.. क्या लोगे गरम या ठंडा?मैंने कहा- भाभी इतनी गर्मी में गर्म पिलाओगी?तो बोलीं- अरे तो तुम बताओ ना यार, क्या चाहिए?मैंने कहा- नहीं भाभी, कुछ नहीं चाहिए।बोलीं- ऐसे नहीं चलेगा.. अच्छा रूको मैं कोल्डड्रिंक लाती हूँ।तो मैंने कहा- आपको पता तो है.. मैं कोल्डड्रिंक नहीं पीता हूँ।भाभी बोलीं- अच्छा ठंडा दूध बना दूं?

जैसे ही वो दूध बोलीं, मैंने उनके बोबे की तरफ देखा.. ये उन्होंने भी नोटिस किया।फिर मैंने बोला- अच्छा दूध पिला दो।तो वो बोलीं- अभी लेकर आती हूँ।मैंने कहा- ठीक है ले आओ।

वो जल्दी से दूध ले आईं.. लेकिन मेरा मन तो उनके बोबे के दूध में था। मैंने जरा सा दूध पिया लेकिन टेस्ट नहीं अच्छा लगा।मैं दूध का गिलास लेकर बैठा रहा.. तो भाभी बोलीं- क्या हुआ?मैंने कहा- ये दूध अच्छा नहीं लग रहा है।वो मुस्कुरा दीं और बोलीं- ये अच्छा नहीं लग रहा है तो देवर जी को कौन सा दूध चाहिए?मेरे मुँह से एकदम से निकल गया- आपका..तो वो बोलीं- क्या?

मैं घबरा गया.. मैंने बात चेंज कर दी।वो भी भूल गईं। फिर वो मुझे घर दिखाने ले गईं.. वो आगे-आगे थीं, मैं पीछे-पीछे उनकी गांड में नजरें गड़ाए चल रहा था।

मेरा सारा ध्यान उकी मटकती गांड में ही था। एक-दो बार मैंने टच करने की कोशिश भी की, लेकिन उन्होंने दूरी बना ली।जब वो मुझे अपना बाथरूम दिखाने ले गईं.. तो उनके बाथरूम में उनकी गीली चड्डी रखी थी। वो एकदम से चड्डी को उठाने के लिए झुकीं.. मेरा लंड उनकी गांड से उनकी गांड से पीछे से टच हो गया। मेरा लंड एकदम पूरे मज़े में आ गया था।

फिर हम दोनों बेडरूम में आकर बैठ गए।भाभी बोलीं- यार, तुम्हारी गर्लफ्रेंड कैसी है?मैंने कहा- मेरी गर्लफ्रेंड?तो बोलीं- हाँ तुम्हारी?मैंने कहा- भाभी मैं गर्ल्स को पसंद नहीं करता हूँ, ये आपको पता तो है.. फिर क्यों मज़ाक कर रही हो?तो बोलीं- लड़कियाँ नहीं पसंद हैं, तो क्या औरतें पसंद हैं तुमको?मैं मुस्कुरा प्रिया तो वे फिर बोलीं- जवाब दो ना?तो मैंने कह प्रिया- हाँ..

भाभी हंस पड़ीं और बोलीं- आजकल तुम बहुत मज़ाक करने लगे हो।मैंने कहा- नहीं भाभी.. सच में.. मुझे आपकी उम्र की औरतें पसंद हैं।भाभी बोलीं- हट पागल.. मैं तो मज़ाक कर रही थी।‘लेकिन मैं मज़ाक नहीं कर रहा भाभी.. सच कह रहा हूँ.. आई लाइक यू..’वो शॉक्ड रह गईं फिर बोलीं- मैं तो मोटी और बूढ़ी होने वाली हूँ?तो मैंने कहा- क्यूँ मज़ाक करती हो यार.. आप जैसी लेडी जिसको मिल जाए.. उसकी तो किस्मत ही पलट जाए।ये कह कर मैं उनके बिल्कुल पास जाकर बैठ गया और उन्हें बोला- भाभी आई लव यू..

ये कह कर मैंने भाभी को किस करना शुरू कर प्रिया। वो भी प्यासी थीं.. मेरा साथ देने लगीं। मैंने उनकी नाइटी के बटन खोलने शुरू किए.. और दो ही मिनट में नाइटी खोल दी। उन्होंने अन्दर ना ब्रा पहनी थी ना ही चड्डी। मेरा लंड फुल टाइट हो गया था। मैंने उनके बोबे चूसने शुरू कर दिए.. वो आहें भरने लगीं। अगले ही पल भाभी के मोटे-मोटे 40 नम्बरी बोबे मेरे मुँह में थे.. मैंने भाभी के चुचिया चूस-चूस कर लाल कर दीं। फिर उनकी नाभि.. पेट चूमते हुए भाभी की चुत पर आ गया।

मैंने देखा कि भाभी की चूत मस्त बालों वाली चुत है।मैंने पूछा- भाभी आप झांटें साफ नहीं करती हो?तो बोलीं- आजकल तुम्हारे भैया को तो टाइम ही नहीं मिलता.. उनके साथ सेक्स किए महीनों निकल जाते हैं।मैंने कहा- थैंक्स भाभी आई लाइक हेयरी चुत।यह कहते हुए मैंने अपना सर उनकी चुत में लगा प्रिया और चूत को खूब चाटा।

भाभी चिल्लाने लगीं- अह.. आज अपने लंड से फाड़ दो मेरी चुत.. आई लव यू टू.. एंड आई कांट लिव विदाउट यू.. अह..मैंने कहा- इतनी आसानी से लंड नहीं डालूँगा जान.. तुमने भी इतने साल तड़फाया है।

मैंने उन्हें उल्टा होने को बोला, तो वो कहने लगीं- पीछे क्या धरा है?तो मैंने बोला- वहाँ तो जन्नत है यार।

तो भाभी हंस पड़ीं और वो उल्टी होकर लेट गईं। मेरे सपनों की रानी मेरी भाभी की गांड मेरे सामने थी। भाभी की मोटी गांड देख कर मेरा लंड झटके मारने लगा। मैंने भाभी के चूतड़ों को फैला कर उनकी गांड खोली और छेद को चाटने लगा।

मुझे बड़ा मजा आ रहा था और मैं पूरी जीभ डाल कर भाभी की गांड के छेद को चाटने लगा।उन्होंने कहा- देवर जी, ये सब आपको अच्छा लगता है?मैंने कहा- भाभी ये तो जन्नत है और आज मैं आपकी गांड को खा जाऊँगा।भाभी बोलीं- आप तो पागल हो गए आपके भैया ने तो कभी पीछे से किया ही नहीं.. लेकिन सच कहूँ बहुत मजा आ रहा है देवर जी।मैंने कहा- भाभी असली मजा तो अब आएगा जब मैं आपकी गांड फाडूँगा।भाभी बोलीं- अरे नहीं.. बहुत दर्द होगा आपका लंड तो 9 इंच का है.. आपके भैया का तो केवल 5 इंच का है। आपका लंड तो मेरी गांड के चिथड़े कर देगा।मैंने कहा- कुछ नहीं होगा जान बस एक बार दर्द होगा.. फिर जिंदगी भर गांड ही मरवाओगी मुझसे.. इतना मजा आएगा आई प्रॉमिस भाभी.. इस दिन का इंतजार तो मुझे 15 सालों से था।

लंड इतने जोश में था कि पहली ही बार में मैंने उनकी गांड फाड़ दी। वो बहुत चिल्लाईं.. उम्म्ह… अहह… हय… याह… रोईं लेकिन मैंने नहीं छोड़ा। उनकी गांड में ही मेरी जान बसी थी, ऐसे कैसे छोड़ देता। मैं पूरे जोश से धमाधम लंड पेलता गया और आख़िर उनकी गांड में मेरे लंड से पानी छोड़ प्रिया।वो दर्द से कराहने लगीं। मैंने उन्हें प्यार किया.. फिर वो बोलीं- मुझे छीछी आई है।मैं उन्हें टॉयलेट में ले गया उन्होंने छीछी की.. मैंने उनकी गांड धोई।इससे उनका मेरे प्रति और प्यार बढ़ गया.. आई लव हर गांड अलॉट.. इसके बाद उनकी चूत भी मारी।

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Hello, kaise hai aap sab? Umeed karta ho aap sab log theek honge. Mera name Afzaal khan hai. Main Punjab se hu. Age 22 saal hai, aur main kisan hu. Ye meri pehli story hai. Umeed karta hu aap sab ko pasand aayegi.

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