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पड़ोसी लड़कों की हवस का शिकार हुई छोटी बहन-10(Padosi ladkon ki hawas ka shikar hui chhoti behan-10)

rajukavya

10 Mar 2023 को प्रकाशित

पड़ोसी लड़कों की हवस का शिकार हुई छोटी बहन-10(Padosi ladkon ki hawas ka shikar hui chhoti behan-10)
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पिछला भाग पढ़े:-पड़ोसी लड़कों की हवस का शिकार हुई छोटी बहन-9

आशा है कि आप लोगों ने पिछली सेक्स कहानी को पढ़ लिया होगा, कि कैसे सभी मिल कर मेरी छोटी बहन सपना को जम कर चोदते हैं और फिर रमेश सपना को अपने प्यार के जाल में फंसा कर चुदाई करता है। और जब दोनों अपनी चुदाई में मस्त थे, तो मैंने देखा कि विकास और अमर दोनों चुपके से चाॅकलेट खा रहे थे।

मैंने जब उनसे पूछा तो वो बोले कि, “इससे एनर्जी मिलेगी तो सपना के साथ ज्यादा देर मजे करेंगे हम दोनों और सपना को खुश कर देंगे।”

दूसरी तरफ सपना और रमेश एक-दूसरे से खुश थे। दोनों ने चुदाई का पूरा सुख भोग लिया था। रमेश सपना से बात करते हुए बोलता है कि, “अभी से कुछ घंटे पहले हम दोनों एक-दूसरे से अंजान थे, और किस्मत तो देखो अब हम दोनों एक-दूसरे को अपना दिल दे चुके हैं।”

रमेश: मैंने ये कभी नही सोचा था कि मैं उस लड़की को कभी चोद पाऊंगा, जिसको मैं कालेज जाते वक्त देख कर अपने लंड को मसलता रह जाता था। पर देखो आज भगवान भी मेहरबान थे।इसलिए मैं अचानक से आपके पास आया और फिर हम दोनों ने अच्छा वक्त बिताया।

सपना (चौंकते हुए): क्या? आप मुझे पहले से जानते हो, मुझे पहले भी देख चुके हो?

रमेश: हां मेरी जान, हम सब तुम्हें पिछले दो साल से देख रहे हैं। पर कभी सोचा नहीं था कि हम तुम्हें चोद पाएंगे। इसलिए सुबह-शाम जब तुम्हें कालेज आते-जाते देखता, तो हम सब तुम्हारे नाम की मुट्ठी लगा लेते थे।

सपना: तुम सब मतलब, तुम्हारे अलावा भी और कोई था क्या?

रमेश: हां, मेरे अलावा चार लड़के थे, जिसमें से एक विकास भी था।

सपना (थोड़ा उत्सुकता के साथ): और कौन कौन था?

रमेश: मेरे अलावा विकास, सागर, आकाश और राहुल थे। सब तुम्हे सोच सोच कर मुट्ठी मारते थे एक साथ।

सपना: सच्ची में तुम सब एक साथ मुट्ठी मारते थे? एक-दूसरे का देख शर्माते नही थे? मतलब छोटा या बड़ा होने पर?

रमेश: दोस्तों में कैसी शरम? वैसे राहुल और सागर का सबसे मोटा, लम्बा और तगड़ा था, जिसे तुम शायद झेल भी ना पाओ, और आकाश का सबसे लम्बा था पर उसका पतला था। बाकी विकास और मेरा तो तुम देख ही चुकी हो।

सपना: अच्छा, हो सकता है बड़ा रहा हो, मुझे क्या?

रमेश: बेबी अगर तुम चाहो तो मैं तुम्हे सभी का दिला सकता हूं। पर तुम्हारा अपना रिस्क रहेगा। क्यूंकि उनका मोटा तगड़ा है, तो दर्द शायद ही झेल पाओ। क्यूंकि सागर और राहुल ने जिसको भी चोदा है, वो दो दिन तक विस्तर से उठ भी नही पाई है।

सपना (उत्सुकता के साथ): ऐसा क्या, ये सब कहने की बात होती है।

रमेश: तो कहो तो तुम्हें उनसे मिला दूं। फिर बताना बाद में कैसे हैं उनके लंड।

ये सब आपस में रमेश और सपना एक दूसरे से लेटे हुए बात कर ही रहे थे। तभी वहां विकास आ गया।

विकास: अरे भाई, अब बस भी कर। अब मुझे भी लेने दे ना, और तुम सब क्या बात कर रहे थे इतनी देर से?

रमेश: विकास भाई सपना को अपने दोस्तों से मिलवाना है, राहुल, सागर और आकाश से। ये विश्वास ही नही कर रही कि वो सब जिसे चोदते हैं, वो दो दिन तक बिस्तर से ही नहीं उठती।

विकास: भाई लाईव शो दिखा दिया जाए क्या? प्लान बनाओ कहीं घूमने का और वहीं पर दोस्तों का दर्शन करा दो सपना को।

रमेश: ठीक है ना सपना बेबी? अगले महीने में कहीं घूमने चलते हैं। फिर वहीं हो जाएगा दूध का दूध पानी का पानी।

सपना मन ही मन मुस्कुराती है और बोलती है कि: ठीक है, देखा जाएगा।

विकास: ठीक है बेबी, बाद का बाद में देखा जाएगा। पहले अभी आओ मेरे लंड को शान्त करो। सपना बेबी, अब आ भी जाओ।

कहते हुए सपना को पकड़ कर अपनी गोद में बिठाता है, और फिर विनय को बुलाता है कि भाई तू भी आजा।

सपना: ओह यार तुम दो-दो लोग क्यूं मारना चाहते हो एक साथ? अकेले करो ना।

विकास: चुप कर रंडी साली, हमें मजा आता है। (और फिर विनय को बोलता है) आ जा भाई देर मत कर।

विनय (मुस्कुराते हुए): थैंक्यू भाई, मुझे लगा अब तो ठोंकने को ही नहीं मिलेगा साली को।

विकास: अरे भाई तू मेरा भाई है। अब चल इसकी गांड में घुसा दे।

इतना सुनते ही विनय अपने लंड को सपना की गांड के छेद पर रख कर धीरे से दबाता है। तो सपना चीख उठती है। पर विनय बिना रुके ही सपना को बोलता है, “चुप हो जा साली, मेरे से चुद ले अच्छे से रंडी।” इतना कहते हुए जोर का धक्का मारता है तो सपना विकास के ऊपर गिर जाती है।

विकास तुरन्त सपना को अपनी बाहों में जकड़ लेता है, और उसको चूमने लगता है। वो विनय को जोर-जोर से झटके मारने को कहता है। विनय के हर झटके में सपना आह आह अआआआहहहहह आह की आवाज निकालती है। विकास सपना की चूचियों को चाट-चाट कर उसके निप्प्ल के चारो ओर दांत से काटता है।

सपना विनय के हर झटके में उहआह उहआह की आवाज निकालती है तो कभी-कभी विकास के काटने की वजह से सी सी सी सी की आवाज निकालती है। ये सब चल ही रहा होता है, तब तक विनय ने अपनी स्पीड बढ़ा दी। वो जोर-जोर से झटके मारने लगा, जो देख सब चौंक गये। फिर विकास और रमेश बोले, “विनय भाई बस कर यार। तू तो हलक तक पहुंचा देगा। रंडी की चूत फट जाएगी भाई, धीरे कर।”

पर विनय कहां रुकने वाला था। वो जल्दी-जल्दी झटके मारते हुए सपना को अपनी गोद में उठा लिया और फिर सपना की कमर पकड़ कर अपनी कमर में फंसा लिया और फिर फट फट फट फट झटके मारने लगा। सपना की आह निकल रही थी, पर फिर भी वो मजे से चुद रही थी। वो बोल रही थी।

सपना: ओह वाव बेबी, और तेज, और तेज चोदो मुझे। फाड़ दो मेरी चूत, बहन के लौड़े, अपने दोस्त की बहन की चूत चोद डाल।

विनय: ओह बेबी, तू मेरी रंडी है साली लौड़ी। सरसो के खेत में जो कसर बच गयी थी, अब यहां पूरी कर देता हूं बहन की लौड़ी। अब तो मैं हर होली में आऊंगा तेरी जवानी का रस चूसने, और तेरे साथ चुदाई भरी होली खेलूंगा मेरी रंडी।

सपना: ओह नो बेबी, यू आर फकिंग टू हार्ड बेबी, प्लीज स्लो डाउन, उहहहहहफक पेन हो रहा। निकाल लो बेबी।

सपना की इतनी बात सुन कर अमर दौड़ कर सपना के पास आ गया और सपना को बोला-

अमर: ओह बेबी, तुझे तो अभी मेरा भी लंड खाना है। चल शुरू हो जा लौड़ी और चुप-चाप अपनी गांड में मेरा लंड ले।

इतना कहते हुए अमर अपने लंड को सपना की गांड में पेलने लगा। तो अमर का लंड फिसल गया। और फिर विनय रुका तो, अमर ने अपना लंड सपना की गांड में फंसाया, और जोर का झटका मारा। अमर का लंड सनसनाते हुए सपना की गांड को चीरता हुआ अन्दर दाखिल हो गया। सपना तुरन्त उछल पड़ी। पर अमर ने सपना का मुंह बन्द कर दिया, और फिर विनय और अमर दोनों मिल कर सपना की गांड और चूत में फटाफट लंड पेलने लगे, और गांड पर चमाट मारने लगे।

दस पन्द्रह झटके लगातार मारने और चमाट लगाने के बाद सपना की गांड एक-दम लाल हो गयी थी। पर वो दोनों रुकने का नाम नही ले रहे थे। तभी समर आ गया और सपना की चूचियों से खेलने लगा। वो बोला, “सपना रानी कैसी लगी आज तुम्हारी चुदाई? देख लो ना, आज हम सब ने तुम्हें चोद ही लिया। अब आना छत पर अपनी जवानी दिखाने, तब बताता हूं। सब के सामने चोदूंगा तुम्हें, पर कुछ भी कहो तुम्हारी गांड बहुत भार भरकम है। मजा आ गया।”

ये सब समर बोल ही रहा था तब तक विनय ओहहहहहह की आवाज करते हुए सपना की चूत में झड़ गया। और जब उसने लंड बाहर निकाला, तो गाढ़ा माल सपना की चूत से टपकने लगा। विनय का गाढ़ा माल सपना की चूत में होने से सपना की चूत में फिसलन बढ़ गयी थी और इसी का फायदा उठाते हुए समर भी अन्त में अमर के साथ धीरे-धीरे अपने लंड को सपना की चूत में अन्दर-बाहर करने लगा।

अमर सपना की गांड में अपना मोटा लौड़ा देकर धक्कम-पेल ठोंक रहा था। सपना की उह आह की आवाज बाहर ना निकले, इसलिए रमेश अपना लौड़ा सपना के मुंह में डाल कर लौड़ा चुसा रहा था, और विकास सपना की चूचियों को मसल रहा था। मैं और विनय ये सब देख रहे थे, कि कैसे इन चारो ने आज मेरी छोटी बहन सपना को रंडी बना दिया था। उसकी चूत सूज चुकी थी। उसकी चूचियां मसलते-मसलते लाल हो चुकी थी।

फिर कुछ ही देर में अमर और समर तेज तेज लंड अन्दर पेलने लगे, और कुछ ही झटकों बाद वो सपना की चूत और गांड में झड़ गए। फिर जल्दी से सपना को घुटनों पर बैठने को बोला। जैसा सपना अपने घुटनों पर बैठी, रमेश ने अपने लंड की पिचकारी उसके चेहरे पर फेंक दी। जिससे सपना के मुंह पर रमेश का गरम-गरम माल फैल गया। फिर विकास सपना की चूचियों पर अपना पिचकारी मार दिया।

अमर और समर ने सपना की चूत और गांड को भर ही दिया था, इधर विनय और मैं भी अपने लंड को लगातार हिला ही रहे थे। तो हम दोनों ने सपना की चूचियों और पेट पर अपना माल गिरा दिया।

रात के करीब 3 बज चुके थे। सपना की लगातार 5 घंटे चुदाई हुई थी। उसका जिस्म सबके माल से चिपचिपा रहा था। फिर सब ने सपना को बारी-बारी से किस्स किया और बोला कि, “ये रात हमेशा याद रहेगी मेरी रानी।” और फिर वो चारों सपना को आंख मारते हुए बोले कि, “फिर से तैयार रहना। तुम्हारे भाई के जाने के बाद भी हम तुम्हारा ख्याल रखेंगे मेरी जान।”

सपना चुप-चाप सुन लेती है, और फिर हल्की सी मुस्कान देती है। तो मैं समझ जाता हूं कि अब ये इन सबसे खूब चुदेगी। इसलिए मैं यही सोचता हूं कि जल्द से जल्द इसका कालेज खत्म हो और इसको यहां से निकालूं। पर अभी तो कालेज का 2 महीना बचा था।

क्या हुआ अगले 2 महीने में, जानने के लिए बने रहें अपने भाई राजू के साथ, धन्यवाद !

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