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Parivar Me Chudai पठन समय: 8 मिनट पढ़ा गया: 755 बार

घर का प्यार-2(Ghar ka pyar-2)

nishu98

01 Feb 2014 को प्रकाशित

घर का प्यार-2(Ghar ka pyar-2)
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पिछला भाग पढ़े:-घर का प्यार

नमस्कार दोस्तों, जैसा कि आप लोगों ने मेरे पिछले पार्ट में पढ़ा, कि कैसे मैंने और मेरी बहन ने मम्मी के नानी के घर जाने के बाद चूदाई की, और खिड़की से मम्मी को हमारी चूदाई को देखते हुए देखा। फिर मैं नंगा ही उनका हाथ पकड़ कर अंदर कमरे में ले आया।

एक और बात, ये कहानी काल्पनिक है तो फालतू के मैसेज मत करिए। बस कहानी का मजा लीजिए। अब आगे।

मैंने मम्मी को अंदर लाकर बेड पर बिठाया। तब तक प्रिया ने चादर ओढ़ लिया था। पर मैं अभी तक नंगा ही था। मैंने मम्मी को अपनी बाहों में भर कर कहा।

मैं: मम्मी, कब तक ऐसे तड़पती रहोगी?

प्रिया: हां मम्मी, आप भी हमारे साथ मिल जाओ। हम दोनों आपको कभी तड़पने नहीं देंगे। खूब प्यार देंगे आपको।

मैं: हां मम्मी, मैं तो आपको 2 साल देख रहा हूं, कि आप कितनी प्यासी हो। आप एक बार हां करो, फिर कभी आपको तड़पना नहीं पड़ेगा।

मम्मी: 2 साल से नहीं, जब से शादी हुई है तब से तड़प रही हूं।

मम्मी की आंखों में आंसू आ गए थे, और उन्होंने सुबकते हुए कहा ये।

प्रिया: क्या मतलब मम्मी जब से शादी हुई है तब से तड़प रही हो?

प्रिया ने मम्मी के आंसू पोंछ कर उन्हें गले लगाते हुए पूछा।

मैं: हां मम्मी, हमें शुरु से बताइए अपनी कहानी। और मैं वादा करता हूं कभी आप को दुखी नहीं होने दूंगा।

मम्मी: ये बात तब से शुरू हुई जब मैं कॉलेज में पढ़ती थी। तब मैं अपनी सहेलियों और उनके बॉयफ्रेंड के ग्रुप के साथ रह कर थोड़ी बिगड़ गई थी। उनके साथ रह कर मुझे सिगरेट पीने की आदत लग गई थी। और अपनी सहेलियों और उनके बॉयफ्रेंड के सेक्स किस्से सुनके मुझे भी बॉयफ्रेंड बनाने की इच्छा होने लगी। फिर मुझे भी अपने पड़ोस में रहने वाला लड़का पसंद आ गया था। मेरी उससे नजदीकियां बड़ गई।

मम्मी: हमारे घर आपस में मिले हुए थे। तो हम अक्सर छत पे मिल लेते थे। लेकिन अभी तक हमने किस और उसने मेरे बूब्स दबाने के अलावा कुछ नहीं किया था। एक रात हम किस कर रहे थे तो मेरी मां ऊपर आ गई और उन्होंने हमे देख लिया। और उन्होने पापा को बता दिया। उस रात पापा ने मुझे बहुत मारा, और मेरा कॉलेज बंद करवा कर मेरी एक महीने बाद ही शादी करा दी तुम्हारे पापा से। मैंने सोचा अब मैं अपने पति से ही सेक्स के मजे ले पाऊंगी, मगर इधर भी मेरी किस्मत फूटी निकली।

प्रिया: क्या मतलब मम्मी?

मम्मी: मतलब ये की सुहागरात में तुम्हारे पापा मेरे आगे की नहीं पीछे की मारने की कोशिश करने लगे। और वो भी नहीं कर पाए। उनका अंदर जाते ही वो ढेर हो गए। और हर बार मैं जब भी उन्हें सेक्स करने के लिए कहती तो वो पीछे ही करते। एक बार हम किसी रिश्तेदार की शादी में गए थे। तो रात में मैंने छत पे उन्हें अपने चचेरे भाई से अपना पिछवाड़ा मरवाते हुए देखा। और उनकी बातों से पता चला कि वो पिछले 5 साल से मरवाते आ रहे थे।

मैं: मतलब पापा गे है?

मम्मी: हां। और मैं आज तक कुंवारी हूं।

मैं: मतलब मैं समझा नहीं। आप अभी तक कुंवारी हो, तो फिर हम दोनों कैसे हुए?

मम्मी: वो मैं तुम्हारे पापा को धमकी देकर डॉक्टर के पास ले कर गई। कि अगर डॉक्टर के नहीं गए तो सबको बता दूंगी कि तुम गे हो। फिर उनका डॉक्टर के पास चेक-अप कराया तो पता चला कि उनके वीर्य से मैं मां बन सकती हूं। मैंने सेक्स की उम्मीद तो छोड़ ही दी थी। तो सोचा मां बनने का ही सुख लेलूं। फिर आइवीएफ के जरिए मैं मां बनी। फिर पहले तुम हुए फिर 3 साल बाद तुम्हारी बहन।

मैं: मां आप तो एक और बच्चा चाहती थी, फिर क्यू नहीं किया?

मम्मी: मैं तो अब भी चाहती हूं। पर अब वो शराब पी पीकर और अपनी मरवा-मरवा कर अपने दोस्तों से अब तुम्हारे पापा उस काबिल भी नहीं रहे।

प्रिया: तो मम्मी पापा अब भी सेक्स करते है अपने दोस्तों से क्या?

मम्मी: हां। और मैं यहां 24 साल से तड़प रही हूं।

इतना कह कर मम्मी फिर से रोने लग गई। तो मैंने और प्रिया ने मिल कर मम्मी को चुप कराया। फिर मैंने मम्मी से बोला-

मैं: मम्मी अब आप कभी नहीं तड़पोगी। हम दोनों भाई बहन मिलके आपको बहुत प्यार करेंगे। तो बोलो आप तैयार है हम दोनों के साथ मिलकर मजे करने के लिए?

मम्मी: हां, मैं तैयार हूं। तुम दोनों मेरे साथ हो तो मुझे किसी की परवाह नहीं।

प्रिया: मम्मी मेरी तो सुहागरात हो गई भाई के साथ। और अब तो भाई मेरे पति भी हो गए। क्यूंकी मैंने इनसे अपनी मांग भरवाई है। तो हमारी शादी भी हो गई।

मम्मी: क्या? ये क्या किया तुम लोगो ने? किसी को पता चल गया तो क्या होगा?

प्रिया: अरे मम्मी किसी को पता नहीं चलेगा। और बाद की बाद में देखेंगे। अभी तो आपकी बारी है सुहागरात मनाने की। पर मेरी एक इच्छा है।

मैं: अब क्या इच्छा है तेरी?

प्रिया: मम्मी पापा सिर्फ नाम के ही पति रह गए है ना?

मम्मी: हां। सिर्फ समाज में दिखाने के लिए ही है।

प्रिया: तो मेरी ये इच्छा है कि आज आप भाई के साथ सुहागरात मनाने से पहले इनके साथ शादी करें। फिर अपनी कुंवारी सील तुड़वाए।

मम्मी: ठीक है। उस नाम के पति से तो अच्छा है मैं अपने बेटे की बीवी बनके रहूं।

प्रिया: तो फिर जल्दी से नहा कर अपनी शादी को जोड़ा पहन कर तैयार हो जाइए। और ना मंगलसूत्र पहनना और ना सिंदूर लगाना, क्यूंकी वो भाई लगाएंगे, और पहनाएंगे। और सुनिए मेरे, मतलब हमारे पतिदेव जी। आप भी तैयार हो जाइए नहा धो कर, और शेरवानी पहन लीजिए, जब तक आपकी दूसरी बीवी तैयार नहीं हो जाती।

मैं: ठीक है। अभी से ही हुकुम चलाने लगी हो।

प्रिया: ओह। ज्यादा मुंह ना बनाओ। एक साथ दो-दो बीवियां मिल गई है, तो ज्यादा उड़ो मत।

मैं: ठीक है ठीक है जाता हूं।

मम्मी हमारी बाते सुन कर मुस्कराने लगी तो प्रिया ने उन्हें भी सुना दिया।

प्रिया: आप क्या हस रही हो? शादी के बाद मैं आपसे बड़ी हो जाऊंगी। क्यूंकि हमारे पति देव की मैं पहली पत्नी हूं। तो अब से दीदी कहने की आदत डाल लो मम्मी, या कहूं छोटी?

मम्मी: जी दीदी। जैसा आप कहो वैसा ही होगा।

फिर हम तीनों मुस्कराने लगे। फिर हम तैयार होने चले गए और 1 घंटे बाद तैयार होकर प्रिया मम्मी को अपने साथ मेरे कमरे में ले आई। बिल्कुल अप्सरा लग रही थी मम्मी। फिर प्रिया ने मुझे मम्मी को मंगलसूत्र पहनाने के लिए दिया तो मैंने पहना दिया। फिर सिंदूर दिया तो मैंने मम्मी की मांग में सिंदूर लगा दिया।

प्रिया: तो अब से आप हम दोनों के पति हो, क्यूं छोटी?

ये कह कर मुस्कराने लगी।

मम्मी: जी दीदी।

प्रिया: चलो भाई अब बाहर जाओ, और 10 मिनट बाद आना ।

फिर प्रिया 5 मिनट बाद बाहर आई और किचन में जाके एक गिलास दूध लेकर दोबारा कमरे में घुस गई। और मैं बस उसे तरसती आंखो से देखता ही रह गया।

तो दोस्तों अब अगले पार्ट में फिर मिलेंगे।

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