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भाभी की चुदाई • पठन समय: 6 मिनट • पढ़ा गया: 382 बार

भाभी की चिकनी जांघें

बाबा हरामी दास

02 Feb 2022 को प्रकाशित

भाभी की चिकनी जांघें
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हमारे घर में मेरा बड़ा भाई अनुज, भाभी पूजा, मम्मी, पापा और मैं रहते हैं। भाई की शादी दो साल पहले हुई थी। भाभी मेरी ही उम्र की हैं। भाभी का गोरा रंग, बदन 36-28-38, वो बहुत ही खूबसूरत और सेक्सी हैं। भाई ट्रैवल कंपनी में टूर प्रबन्धन करते थे, कभी कभी वो

एक महीने के लिए टूर पर जाते थे क्योंकि उन्हें लोगों के खाने पीने का इंतज़ाम करना पड़ता था।

एक बार की बात है भाई टूर के साथ नेपाल गए थे, 25 दिनों का टूर था, घर में सिर्फ मैं, भाभी, मम्मी, पापा ही थे। मैं एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता हूँ। उस दिन जब मैं जॉब से घर आया तो पता चला कि मम्मी पापा मामा के घर गए हुए थे और वो अगले दिन आने वाले थे।

मैं जब घर पहुँचा तो पूजा भाभी सो रही थी।मैं ड्राईंगरूम में बैठा था, थोड़ी देर बाद मैंने देखा कि वो नहा कर बाहर निकली।

वो सिर्फ तौलिये में थी, उनकी घुटनों के ऊपर गोरी गोरी चिकनी जांघें साफ़ नज़र आ रही थी।वो तोवेल उनकी छाती से थोड़ा ही ऊपर था।

यह देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया, मैंने सोचा कि आज इनको चोदने का मौका मिल जाए तो क्या ही बात हो !

मैं उनके पीछे पीछे उनके बेडरूम में चला गया, मैंने देखा, वो अपना बदन पौंछ रही थी और साथ साथ अपने उरोजों को सहला रही थी और उनकी चूचियाँ एकदम लाल हो रही थी।

मैं भी अपना लण्ड हाथ में लेकर सहलाने लगा।

फिर वो अलमारी की तरफ बढ़ी, तब मैंने उनके चूतड़ देखे ! उफ्फ ! क्या गांड थी ! सोचा अभी जाकर बिना तेल लगाये पूरा लंड अंदर घुसा दूँ !

फिर वो अलमारी से ब्रा निकाल कर पहनने लगी और उसकी मैचिंग पैन्टी भी पहन ली।काली जालीदार ब्रा और पैन्टी देखने के बाद तो मेरा दिमाग ही ख़राब हो गया। फिर वो साड़ी पहन कर अपने कमरे से बाहर आ गई। उनके बाल अभी भी गीले थे।

उसने कहा- मोनू क्या देख रहे हो?

मैंने कहा- भाभी, आज आप कमाल की लग रही हो !

वो हँसी और बोली- तुम्हारे कहने का क्या मतलब?

यह सुन कर मैं हड़बड़ा गया, मैंने हिम्मत से कहा- आप समझ तो रही हैं, जो मैं कहना चाहता हूँ।

मैंने नोट किया कि वो मुझे कुछ अजीब नजरों से देख रही थी, वो बोली- आज कुछ ज्यादा नटखट दिख रहे हो?

और वो मेरे पास आकर बैठ गई, बोली- मेरी कमर में कुछ दर्द है, थोड़ी मालिश कर दोगे?

मैंने कहा- क्यों नहीं ! पर मुझे भूख लगी है, पहले खाना खा लें, फिर कर दूंगा !

भाभी ने खाना लगा प्रिया, हमने खाना खाया और कमरे में आ गए। उन्होंने टी.वी. चालू कर प्रिया और मुझे मालिश करने को कहा।

स्टार गोल्ड पर ‘तुम’ फिल्म चल रही थी, मैं धीरे धीरे मालिश कर रहा था। उस वक़्त टीवी पर होटल वाला सीन आया जिसमें हीरो हेरोइन के साथ सेक्स करता है।

यह देख कर मेरा लण्ड खड़ा हो गया।

पूजा बोली- मेरे पैरों पे आ जाओ और दोनों हाथ से मालिश करो !

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अचानक वो पलट गई और मैं उनके ऊपर गिर पड़ा। मैंने उनकी आँखों में देखा तो उनमें मुझे न्यौता नज़र आया।

मैं उनके होंठ और गालों को चूमते चूमते उनके गले तक चला गया और वहाँ से उनके वक्ष पर !

फिर मैंने उनकी साड़ी ऊपर सरका दी और बोला- भाभी, आज तो तुम अप्सरा लग रही हो !

वो बोली- मेरे बदन से खेलते हो और भाभी कहते हो? मुझे सिर्फ पूजा कहो !

मैं बोला- ठीक है !

मैंने उनका ब्लाऊज खोल प्रिया और ब्रा के ऊपर से उनकी चूचियाँ दबाने लगा। वो आह आह करने लगी।अब उन्हें मज़ा आने लगा था मेरा एक हाथ उनकी छाती दबा रहा था तो दूसरा पैंटी के अन्दर था फिर मैंने उनके सारे कपड़े उतार दिए। अब वो बिल्कुल नंगी थी।

मैंने उनकी चूत पर जोरदार चुम्बन किया वो तड़प उठी।

मेरे भी लण्ड का बुरा हाल था। अब हम लोग 69 की मुद्रा में आ गए।वो मेरा लौड़ा लोलीपोप की तरह चूस रही थी, मैं अपनी जुबान से उनकी चूत चोदने लगा।वो आह आह करने लगी, मेरे दोनों हाथ उनके चूतड़ों पर चल रहे थे।

वो बोली- लगता है तुम्हें शादीशुदा औरतों को चोदने का काफी अनुभव है?

मैंने कहा- नहीं ! यह मेरा पहला अनुभव है।

उन्होंने कहा- असली मज़ा तो हम में ही है ! कुँवारी लड़कियाँ कहाँ चुदवा पाती हैं ! और तेरा तो लण्ड भी काफी बड़ा है !

फिर हम अलग हुए, मैं उनकी चूत में उंगली डालने लगा, वो बोली- अब बर्दाश्त नहीं हो रहा ! चोद डाल मुझे ! फाड़ दे मेरी चूत को !

मैंने उनकी दोनों टांगों को अपने कंधे पर रखा और चूत के मुंह पर लण्ड रख कर रगड़ने लगा। फिर मैंने अचानक एक जोरदार झटका प्रिया और मेरा लिंग तीन इन्च तक उनकी चूत में घुस गया।

वो जोर से चिल्लाई लेकिन मैंने उसके होंठों को चूस लिया। वो दर्द से तड़पने लगी। फिर मैंने एक और धक्का लगाया और पूरा लौड़ा उनकी चूत में चला गया।

फिर मैं धीरे धीरे लण्ड अन्दर-बाहर करने लगा। करीब 15 मिनट तक ऐसे ही चोदता रहा, फिर उनको घोड़ी बनाया और उनकी कमर को पकड़ कर जोर जोर से पेलने लगा।

उनके मुँह से आह आह ऊई ऊई ! फ़ाड़ दे ! और जोर जोर से पेल मादरचोद ! आह ! निकल रहा था।

मैं 7-8 मिनट तक ऐसे ही चोदता रहा, फिर मैं झड़ने वाला था तो उन्होंने कहा- अन्दर ही डाल दे अपना रस !

मैं उसकी चूत में झड़ गया। उस दिन-रात में मैंने भाभी को सात बार चोदा।

फिर बाद में मैंने उनकी गांड भी मारी लेकिन वो सब अगली कहानी में !

सभी पाठक, पाठिकाएँ, लड़कियाँ, भाभियाँ, आंटी मुझे मेल करें ! मैं उनके मेल का इन्तजार करूँगा और लड़के भी मुझे मेल करें।3238

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