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भाभी की चुदाई पठन समय: 3 मिनट पढ़ा गया: 721 बार

मेरी भाभी की चाहत

mnsngh596

19 Jul 2023 को प्रकाशित

मेरी भाभी की चाहत
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प्रेषक : अमन सिंह

अब मैं आपको अपने अतीत में ले जाता हूँ।

बात उस समय की है जब मैं बारहवीं में था, मेरे भाई की नई-नई शादी हुई थी। भाभी बहुत खूबसूरत थी बिल्कुल किसी मॉडल की तरह !

खूबसूरत लड़कियाँ अब मेरी कमजोरी हैं लेकिन मैं पहले इस बारे में कुछ नहीं सोचता था सिवाय पढ़ाई के ! मैं बचपन से होस्टल में रहा हूँ।उन दिनों मैं घर पर था और नई-नई भाभी भी ! हम दोनों बहुत घुल मिल गए थे, भाई सुबह से रात बारह बजे तक घर से बाहर जॉब करते थे इसलिए भाभी और मैं काफ़ी समय साथ-साथ बिताते। वो जब रूठ जाती तो मैं ही उनको मनाता और अपने हाथों से खाना खिलाता और जब उनका सर दुखता तो मैं ही सर दबाता, हम रात में साथ-साथ सो जाते थे, पर मेरे दिल में ऐसा कुछ नहीं था, मैं उनकी इज्जत करता था, सब मेरा भरोसा करते थे, मेरे मन में भी कोई दुर्भावना नहीं थी। मैं रात में उनके कमरे में पढ़ाई करता था क्योंकि भाई तो रात बारह बजे आते थे तो हम दोनों कमरे में अकेले होते थे और जब कभी लाइट चली जाती तो हम एक साथ बिस्तर में लेट जाते थे। भाभी मेरे से चिपक जाती थी और मैं सोचता था कि सर्दी के कारण भाभी ऐसा करती हैं। लेकिन मुझे यह भी लगता था कि वो मुझे चाहती हैं, लेकिन तब मैं इससे अनजान था।

सोते समय उनकी साड़ी उनकी जांघों तक ऊपर चली जाती थी। वो मेरे सर को अपने सीने से चिपका लेती और कहती- अमन, आज सर्दी बहुत है !

यह कहकर हिलने लगती तो मेरा लौड़ा खड़ा हो जाता और कभी-कभी इसमें से पानी निकल जाता।

भाभी का बदन क़यामत है !

ऐसे ही एक रात वो मेरे साथ सोई हुई थीं, उनकी साड़ी ऊपर उठ गई, वो मुझ में समाये जा रही थी और मुँह से सिसकारी निकाल रही थी। मेरा सात इंच का लौड़ा खड़ा हो गया। वो मुझे चूमने लगी।

मैंने कहा- भाभी, क्या कर रही हो?

तो वो बोली- हमने अपने आपको तुम्हें सौंप दिया !

तो मैंने कहा- भाभी, मैं क्या करूँ?

तो वो शरमाते हुए बोली- कुछ भी करो !

तो मैंने कहा- मुझे कुछ नहीं आता !

तो वो बोलीं- ये भी मुझे ही सिखाना पड़ेगा?

मैंने कहा- सिखा दो !

तो उन्होंने मुझे अपने ऊपर आने को कहा, वो पैन्टी नहीं पहने थी। उन्होंने मेरी पैंट उतारी और मेरा लण्ड शरमाते हुए अपने हाथ में पकड़ा। फिर अपनी चूत से लगाकर मुझे ऊपर से मेरे कूल्हे पकड़ कर दबाया और आगे पीछे होने लगी और मुझे चूमने लगी।

वो सिसकारी ले रही थी, उस समय उनकी आवाज सेक्सी लग रही थी।

कुछ देर आगे-पीछे होने के बाद उन्होंने मुझे कस कर पकड़ लिया और मुझे अपने दूध पिलाये। उनका बदन दूध की तरह सफ़ेद था। मुझे तब से गौरी लड़कियाँ बहुत पसंद हैं।

तब मुझे सेक्स की चाहत नहीं थी लेकिन आज इसकी जरूरत है, पर मेरे पास कोई नहीं है।

खैर आप बताइए कि आपको मेरी आपबीती कैसी लगी !

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