होम पर वापस जाएं
जीजा साली की चुदाई पठन समय: 7 मिनट पढ़ा गया: 505 बार

साली की चूत चुदाई के साथ पड़ोसन की गांड

दीपक साहू

01 Dec 2010 को प्रकाशित

साली की चूत चुदाई के साथ पड़ोसन की गांड
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

आपने मेरी पिछली कहानीसाली की चुदाई उसने मेरी गांड मारीपढ़ी होगी।अब उससे आगे की कहानी अगली सुबह से शुरू :

मैं बिस्तर से उठा और बाथरूम की तरफ की बढ़ा ही था कि- दरवाज़ा खोल दीपक, खोल!अरे यह तो दादा जी की आवाज है!इतनी देर तक सोते हो? और वो कहाँ है?कौन? मैंने पूछा।तुम्हारी साली?अभी सो रही है।

इतने में फ़ोन आया- मैं मम्मी के साथ आज यहाँ से बाजार जाऊँगी, तुम ऑफिस से वापिस आते वक़्त मुझे ले लेना क्योंकि मम्मी-पापा यहीं से वापिस चले जायेंगे।मुझसे तो कुछ बोलते नहीं बना- हाँ हाँ! ठीक है! बस यही मुँह से निकला।फिर नित्य क्रियाओं से निवृत होने के बाद देखा कि साली जी अभी भी आराम फरमा रही हैं।

मैंने रसोई में जाकर चाय बनाई और ले जा कर पेश की तो मैडम ने एक प्यार भरी जादू की झप्पी मुझे दे दी।मैंने कहा- मैं अभी आता हूँ!मैंने दादा जी को चाय दी और पूछा- आप क्या खायेंगे?तो बोले- अभी भूख नहीं है! मैं आज ओरछा जा रहा हूँ! मुझे कुछ पैसे दे दो!

ओरछा हमारे झाँसी शहर से 18 किमी दूर एक धार्मिक और मनोरम घूमने लायक जगह है, वहाँ हिन्दुओं के अलावा विदेशी भी आते हैं. मैंने उनके हाथ में 500 रुपए दिए और वो चाय पी कर चले गए।

अब मैंने अन्दर जाकर देखा तो साली जी चाय पी चुकी थी।कपड़े तो हम दोनों ही पहन कर नहीं सोये थे, मैंने तो उठकर बस तौलिया ही लपेटा था।तो बस अब क्या था मैं तौलिया भी हटा कर बिस्तर में कूद पड़ा।

वो भी बेसब्री से यही चाह रही थी और हम दोनों एक दूसरे में समाने की कोशिश करने लगे ही थे कि इतने में फिर बाहर से आवाज आई- भाभी! ओ भाभी!अरे! यह तो गुड्डी की आवाज है।

गुड्डी हमारे मोहल्ले की ही लड़की है जिसकी शादी एक गरीब परिवार में हुई थी अब वो अपने पति के साथ हमारे पड़ोस में ही किराये पर रहने लगी थी, मेरी नज़र उस पर काफी दिनों से थी।

तब मुझे याद आया कि गेट खुला ही रह गया था। अभी हम लोग संभल भी नहीं पाए थे कि वो बे तकल्लुफी से अन्दर तक आ गई और हमें उस हालत में देख कर बोली- अरे वाह! आज तो पांचों ऊँगलियाँ घी में और सर कड़ाही में है!

मैं यह बात सुन कर अवाक् रह गया, यह मुँह पर हाथ रख कर भागने की जगह यह क्या कह रही है!तभी उसने खुलासा किया- भाई साहब, औरतों पर मर्द निगाह रख सकते हैं तो औरते भी यह कर सकती हैं। लेकिन मैं तो आज यहाँ मौज करने आई थी मुझे यह मालूम नहीं था कि हमारे माल पर पहले से कोई और हाथ साफ़ कर रहा है।

इससे पहले मैं कुछ कह पाता वो लपक कर बिस्तर में आ गई और बोली- भाई साहब! आज ऑफिस में कह दो कि तबियत ख़राब है और मेन गेट लगा आओ! नहीं तो कोई तीसरी आ गई तो जाने क्या होगा आपका?चलो भाई अब बहुत सर खा लिया आपका! अब मुद्दे की बात पर आ जाते हैं।

हम तीनों में तय हुआ कि कोई भी शाम छः बजे तक कपड़े नहीं पहनेगा। सबसे पहले गुड्डी ने कपड़े उतार कर अपनी चूत मेरे मुँह पर रख दी और बोली- पहले इसे शांत करो! साली रो रही है! चड्डी गीली कर दी छिनाल ने!और साली जी रात के दूध पर से मलाई उतारकर ले आई और लंड पर लगा कर चूसने लगी।

मेरे दोनों हाथ गुड्डी की दोनों फ़ुटबालों से खेल रहे थे। नीचे साली जी गन्ने का जूस निकालने पर आमादा थी। उधर साली ने एक ऊँगली गुड्डी की गांड में डाल दी।गुड्डी चिहुंक उठी!

अब साली ने दूसरे हाथ ऊँगली मेरी गांड में डाल दी।बड़ा ही हसीन समय था वो! लग रहा था कि बस इसी तरह यह खेल निरंतर चलता रहे! लेकिन यह क्या- गुड्डी की चूत ने रसधार छोड़ दी।

यह भी पढ़ें (Recommended)

साली का भीगा बदन

वहाँ मेरे पप्पू की बैण्ड बज गई और साली जी दोनों सेहतमंद चीजों को चाट कर साफ़ कर चुकी थीं।

अब मेरी बारी थी, मैंने सबसे पहले गुड्डी की चूत में लंड पेल दिया और साली की चूत में अपनी चारों ऊँगली डाल दी। दोनों ही जबरदस्त तरीके से गांड मटका मटका का मजे ले रहीं थीं।

मेरा निकलने वाला ही था कि गुड्डी ने अपनी चूत हटाकर मुँह लगा दिया और एक दो तीन चार न जाने कितनी पिचकारी उसके उसके मुँह में समां गई और वो मजे ले ले कर सब पी गई।

अब दो बार झड़ने के बाद मेरी हालत खस्ता हो गई थी, मैंने कहा- चलो अब नवाब और कनीज का खेल खेलते हैं!वो दोनों बोली- वो कैसे?

मैंने कहा- आज दिन भर के लिए मैं तुम दोनों के लिए एक नवाब हूँ और तुम दोनों मेरी कनीज हो! जो मेरा हर हुकुम पूरा करती हो!तो दोनों एक साथ बोलीं- अब हमारे लिए क्या हुकुम है नवाब साहब?मैं बोला- सबसे पहले हमारे लिए लजीज नाश्ता तैयार किया जाये!दोनों बोली- नवाब साहब का हुकुम सर आँखों पर!

और दोनों कुछ देर बाद दूध और ब्रेड लेकर आ गई। नाश्ता करने के बाद तय हुआ कि दोनों कनीज नवाब साहब को स्नान कराएंगी और दोनों ने मुझे बड़ी तसल्ली से चूत चटा चटा कर और लंड चूस चूस कर स्नान कराया।

अब इसके बाद तय हुआ कि दोनों कनीज एक दूसरे की चूत का पानी मोमबत्ती से निकालेंगी और मुझे पिलाएँगी।

कुछ देर बाद दोनों ने एक दूसरे की चूत का बुरा हाल कर रखा था। दोनों थक चुकी थीं और दोनों की चूत से गुलाबी सा पानी टपक रहा था जिसे मैंने अपनी जीभ से मजे ले ले कर चाटा।

कुछ भी कहिये, अगर तसल्ली से मजा लेने को मिले तो इससे अच्छा कुछ हो ही नहीं सकता!

इससे पहले कि दूसरा दौर शुरू होता, मोबाइल पर फ़ोन आया- जल्दी यहाँ आ जाओ! मेरे पैर में चोट लग गई है।मैंने पूछा- कैसे?तो बोली- पैर फिसल गया है!मैंने कहा- मैं अभी आता हूँ! जरा कंप्यूटर बंद कर दूँ।

मैंने तुरंत गुड्डी को उसके घर भेजा और साली साहिबा को जिम्मेदारी दी कि सारा घर पहले जैसा कर देना, नहीं तो वो सब कुछ समझ जाएगी।

इसके बाद का सारा हाल बाद में!आपके मेल का इन्तजार रहेगा।support@mohakkisse.com

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

भाई की साली को माँ बनाया
जीजा साली की चुदाई

भाई की साली को माँ बनाया

दोस्तों मैं अजनबी दहिया आपके सामने अपनी पहली कहानी मोना की चुदाई पेश करने जा रहा हूँ। सबसे पहले मैं गुरूजी का धन्यवाद करता हूँ जिन्होंने मेरी कहानी को समझा और आप लोगो तक पहुँचाया, और उन फड़कती हुई चूतों को भी मेरा सलाम, जो हमेशा किसी लण्ड की तलाश ...

4 मिनट 810
बेशर्म साली-3
जीजा साली की चुदाई

बेशर्म साली-3

मैंने हँसते हुए कहा- बात यह है रेखा कि तुझे दूसरों की तरह विधाता ने नहीं गढ़ा… उसने जब तुझे बनाने का टाइम आया तो जनाब ने कामदेव को यह कार्य सौंप दिया… कामदेव ने अपनी पूरी कलाकारी तेरे में भर डाली… हुस्न और सेक्स से भरपूर एक कन्या का निर्माण किया जो...

13 मिनट 315
साली का भीगा बदन
जीजा साली की चुदाई

साली का भीगा बदन

दोस्‍तो, मैं आपका राज, मैंने अपनी साली के साथ दोबारा सेक्स किया, साली को दुबारा कैसे चोदा वह किस्‍सा सुनाने आया हूँ। इससे पहली की मेरी कहानीसाली की चुदाई करके सील तोड़ीमें आप पढ़ चुके हैं कि कैसे मैंने अपनी साली की वर्जिन बुर को चोदा था.

12 मिनट 280

पाठकों की राय

3 टिप्पणियां

अर्जुन सिंह

3 weeks ago

जीजा साली की नोक-झोंक और फिर ये रोमांस! लाजवाब कहानी।

आर्यन rocko

1 month ago

बहुत ही उत्तेजक और रोमांचक कहानी लिखी है भाई। मजा आ गया।

तुषार मजनू

1 month ago

रिश्तों की ये कहानी सच में बहुत ही कामुक थी। अंत बहुत ही गर्म था।

🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।