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भाभी की चुदाई पठन समय: 12 मिनट पढ़ा गया: 1,314 बार

सविता भाबी के बदन का नशा

जानू 6

11 Nov 2024 को प्रकाशित

सविता भाबी के बदन का नशा
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दोस्तो, मेरा नाम आकाश है, मेरी उम्र अभी बाईस साल है, मैं छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले का रहने वाला हूँ.यह बात पिछले साल की है, जब मैं सेकेंड ईयर की पढ़ाई कर रहा था. मेरे घर के सामने सुरेश भैया और सविता भाबी और उनका चार साल का बेटा रहता है. मेरा, सुरेश भैया से बहुत अच्छा व्यवहार है. मैंने कभी भी सविता भाबी को गलत नजर से नहीं देखा था.

सविता भाबी की उम्र अभी 26 साल की है. बहुत खूबसूरत लम्बे कद की छरहरी देह है. सविता भाबी के फूले हुए चूतड़, तने और कसे हुए दूध गोरी नारी, उनको जबरदस्त माल किस्म की चीज का दर्जा देते हैं.

भाबी के पति सुरेश भैया पेशे से इंजीनियर हैं और सविता भाबी हाउस वाइफ हैं. मेरा भाबी के साथ अफेयर तब शुरू हुआ, जब कालेज से आते वक्त दो चॉकलेट लाता, एक मेरे यहां बच्चे के लिए और एक भाबी के बेटे के लिए. उनके बेटे को कभी मैं अपनी गाड़ी में घुमाता, कभी साईकल पर बिठा कर उसे घुमाता रहता था. मेरी भी भाबी से बातें खूब अच्छी जमती थीं. हम दोनों कभी कभी आधा घन्टा, तो कभी एक घन्टा तक बैठ कर बातें करते रहते थे.

मैं उनकी तरफ अब आकर्षित होने लगा था. मैं जब भी उनके घर से होकर गुजरता था, तो भाबी मुझे देख कर स्माईल किया करती थीं. मैं भी भाबी को देख कर स्माईल पास कर देता था.

एक दिन मैं सुबह सुबह उनके घर गया तो भाबी नीचे झुक कर पौंछा लगा रही थीं. मैं पेपर पढ़ने के लिए सोफा में बैठ गया, अचानक मेरी नजर भाबी के ब्लाउज पर चली गई. भाबी के गहरे गले वाले ब्लाउज में से उनके मम्मे पूरी तरह से तने हुए थे. भाबी की मेहरून कलर की साड़ी उनके दोनों मम्मों के बीच से होते हुए गले तक गई थी. इस वक्त भाबी के निप्पल साफ उभरे हुए दिख रहे थे. भाबी ने मुझे ये सब देखते हुए भांप लिया कि मैं उनके मम्मों को घूर रहा हूँ.

ये सब समझने के बाद भी भाबी ना तो मेरी तरफ देख रही थीं, ना हट रही थीं. मेरा लंड अन्दर में तूफान मचाए हुआ था. मैंने अपने एक हाथ से अपने लंड को दबाया हुआ था. खड़ा लंड देखने ना आगे इसकी वजह से उसके ऊपर पेपर रखा हुआ था.

भाबी ने मेरी हालत को भांप लिया और मुझसे पूछा कि अब तक कोई लड़की पटाई है या नहीं?

मैंने ना में सर हिलाया, फिर वो किचन की ओर जाने लगीं. मैं सीधा उठ कर अपने घर की ओर भागा और सीधा बाथरूम में आ गया. मैं अपना लंड निकाल कर भाबी को याद करके मुठ मारने लगा. थोड़ी देर में ही मेरा पानी निकल गया और मैं शांत हो कर रूम में जाकर सो गया.

दूसरे दिन मैं 11:30 बजे भाबी के घर गया. उनका बच्चा स्कूल गया हुआ था, भैया आफिस जा चुके थे. भाबी घर में अकेली थीं, टीवी देख रही थीं. मैं भी सोफे पर जाकर बैठ गया. भाबी ने मेरे को स्माईल दी और मेरे पास आकर बैठ गईं. उन्होंने मेरे हाथ को अपने हाथ में ले लिया.

मैंने बोला- भाबी मैं कुछ आपसे कहना चाहता हूँ.भाबी बोलीं- क्या बोलना है?मैं थोड़ा शर्मा रहा था.

भाबी मेरे हाथ को दबाते हुए बोलीं- बोलो ना… क्या बोलना है?मैंने भाबी को ‘आई लव यू सविता…’ बोला. ये सुन कर भाबी थोड़ी देर चुप रहीं और उठ कर किचन में चली गईं. भाबी की इस प्रतिक्रिया से मैं थोड़ा सा डर गया था.

फिर भाबी किचन से वापस आईं और गुस्से में बोलीं- तुम्हें शर्म नहीं आई कि तूने अपनी शादी शुदा भाबी को आई लव यू बोला… और साथ में मुझे भाबी भी बोलता है. तेरे भैया को आने दे… उनको सब बताती हूँ. मैं तेरे मम्मी पापा को बताती हूँ.

मैं उनके इस रूप से एकदम से सहम गया और मैं बहुत डर गया था, मैंने हाथ जोड़ कर सॉरी बोला और तुरंत वहां से भाग गया.भाबी चिल्लाईं- आकाश रुको.पर मैं नहीं रुका, मैं घर आ कर सीधा रूम में घुस गया और अन्दर से लॉक करके बिस्तर में लेट गया.

थोड़ी देर में मेरा फोन बजा, सविता भाबी का फोन था. मैंने फोन काट प्रिया और फोन स्विच ऑफ़ कर प्रिया. फिर मैंने भाबी को एक हफ्ते तक अपना मुँह ही नहीं दिखाया और ना ही मैंने उनका फोन उठाया.

एक दिन मेरे घर पर कोई नहीं था, मैं अकेला था. मेरे घर की बेल बजी. मैं दरवाजा खोलने गया.मैंने पूछा- कौन?बाहर से आवाज आई- मैं सविता, मुझे तुमसे बात करनी है.मैंने रूखे स्वर में कहा- मुझे कोई बात नहीं करनी है, जाओ घर पर कोई नहीं है, बाद में आना.

फिर दरवाजे के नीचे से भाबी ने एक चिठ्ठी डाली, जिसमें लिखा था- मुझे माफ कर देना आकाश, मैंने उस दिन मजाक में तुमसे गुस्सा किया. मैंने उस दिन भी तुम्हें रोकना चाहा पर तुम नहीं रुके. मैं भी तुमसे प्यार करती हूँ. आकाश आई लव यू, तेरी सविता.

ये पढ़ कर मेरी तो खुशी का ठिकाना ही नहीं रहा, मैं उछल पड़ा. मैंने दरवाजा खोला तो देखा सविता भाबी जा चुकी थीं. फिर दूसरे दिन मैंने कालेज जाने के लिए बैग उठाया और देखा कि सामने वाले भैया जा चुके है और सविता भाबी घर पर अकेली हैं. मैं रोड पर पहुंचा, इधर उधर देखा, जब कोई नहीं दिखा तो मैं दबे पांव भाबी के घर आहिस्ता से घुस गया और बाहर का दरवाजा अन्दर से लगा लिया.

भाबी किचन में थीं, रोटी के लिए आटा गूँथ रही थीं. मैंने सीधा जाकर उनकी कमर को पकड़ा और सीधा गले में किस किया.भाबी चौंक गईं- आकाश छोड़ो मुझे… तुम ये क्या कर रहे हो?पर मैं कहां सुनने वाला था. मैंने भाबी को घुमाते हुए सीधा किया. एकदम से मैंने सविता भाबी के होंठों पर अपने होंठ रख दिए और उन्हें किस करने लगा.

सविता भाबी भी मेरा साथ देने लगीं. कुछ ही पलों में मेरा हाथ भाबी के गले से होते हुए सीधा उनके दूध के ऊपर चला गया. मैंने ऊपर से ही भाबी के मम्मों को दबाना चालू कर प्रिया.

आआहह… आआह… क्या पल था यार… सविता भाबी के मुँह से सिर्फ मादक सिस्कारियां निकल रही थीं. मैं ब्लाउज के ऊपर से ही भाबी के निप्पलों को चूसने लगा. मैंने इतना ज्यादा चूसा कि उनके ब्लाउज और ब्रा दोनों गीले हो गए थे.

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सविता भाबी के बूब से दूध निकल रहा था. मैंने भाबी के ब्लाउज और ब्रा दोनों को निकाल प्रिया और जोर जोर से भाबी के मम्मों को दबाने लगा. भाबी के मदमस्त मम्मों को दबाते हुए मैं भाबी का दूध पीने लगा.

‘आआआहह… उम्म…’भाबी बोलीं- मजा लेना ही है, तो कमरे में चलो.

मैंने भाबी के साथ उनके कमरे में आ गया और उन पर टूट पड़ा. अब उनके कमरे में सिर्फ कामुक सिस्कारियां गूँज रही थीं. मैंने भाबी की पूरी साड़ी को भी निकाल प्रिया. अब भाबी सिर्फ पेंटी में ही रह गई थीं. भाबी इस वक्त खड़ी थीं, मैं नीचे बैठ गया और उनकी जांघों को चूमने लगा, काटने लगा. फिर अचानक से भाबी की पेंटी के ऊपर से उनकी फूली हुई चुत को चाटने लगा.

आआहह… व्व्व्व्व… अपने हाथों से मेरे सिर को चुत पे दबाये जा रही थीं. अब मैंने भाबी की पेंटी को भी निकाल प्रिया और अपनी जीभ को सीधे उनकी चुत के छेद में घुसा प्रिया.

आआह… उम्म्ह… अहह… हय… याह… आआह… सविता भाबी चिल्ला उठीं. मैं उनकी चुत को बड़ी बेदर्दी और प्यार के मिले जुले प्रयासों से चाटे जा रहा था. मेरी जुबान लगातार भाबी की चुत में अन्दर बाहर हो रही थी.

भाबी मुझे कुछ भी नहीं बोल रही थीं मुझे लगा कि शायद भाबी मुझे लाज के चलते कुछ भी नहीं कह पा रही हैं लेकिन उनको अपनी चुत की चुदाई का मजा लेना ही है इसलिए वे मेरे साथ सेक्स में डूबी हुई हैं.

भाबी को मैंने हल्का सा धक्का प्रिया तो वे समझ गईं और खुद ही बिस्तर पर चित लेट गईं. अब तक मैं भी नंगा हो चुका था. मैंने अपने 8 इंच लम्बे और मोटे लंड को उनकी आँखों की तरफ लहराया तो भाबी ने अपनी आँखें बंद कर लीं और दबी आवाज में कंडोम लगाने के लिए कहा.

मैंने उनसे पूछा कि कंडोम किधर है?तो उन्होंने आँखें बंद किए हुए ही उंगली उठाते हुए अलमारी की तरफ इशारा कर प्रिया.

मैंने अलमारी खोली तो सामने से कंडोम का पैकेट रखा हुआ था. मैंने एक मेनफोर्स का डॉटेड कंडोम अपने खड़े लंड पर लगाया. पहले मैं सविता भाबी को अपना लंड चुसवाना चाहता था, पर वो अपनी चुदास की मस्ती और एक अनजानी लज्जा में अपनी आंख ही नहीं खोल रही थीं. मैं सोचने लगा एक बार चुदाई कर लेता हूँ फिर तो सविता भाबी हर बार पहले लंड ही चूसेंगी.

मैंने भाबी के ऊपर चढ़ते हुए थोड़ा सा थूक उनकी चुत पर अपने हाथ से लगाया और भाबी के दोनों पैरों को अपने हाथ उठा कर कंधे पर रख लिया. भाबी भी चुत चुदाने के पूरे मूड में थीं तो मैंने उनके एक हाथ में अपने लंड को पकड़ा प्रिया और लंड अन्दर घुसाने को बोला.

उन्होंने हिचकते हुए मेरे लंड को पकड़ा और अपनी चुत के मुँह पर मेरे लंड को रख प्रिया. मैंने सुपारे पर चुत के छेद की गर्मी का अहसास किया और पूरे जोर से एक धक्का लगा प्रिया. मेरा लंड एक झटके में चुत के अन्दर घुसता चला गया.

सविता भाबी- आह… आह… आ व्व्व्व्व्… मर गई…

भाबी कराह भरी सिसकारियां लेने लगीं. मैं उनकी कराहों पर ध्यान न देते हुए जोर जोर से शॉट लगाने लगा. दो तीन धक्कों में ही मेरा लंड भाबी की चुत में एडजस्ट हो गया और उनकी चुत एकदम से रस छोड़ बैठी.

अब मेरा लंड भाबी की चुत में पूरा अन्दर बाहर होने लगा. पूरे रूम में फच फच की आवाज आने लगी.

इसी अवस्था में लगभग बीस मिनट तक मैंने बिना रुके ताबड़तोड़ भाबी की चुत चुदाई की. कुछ ही देर में भाबी की चुत झड़ गई थी, लेकिन मैं चुदाई में लगा रहा.

फिर मैंने भाबी को कुतिया बना कर चोदा. उनके चूतड़ों को जोर से दबाया और अपने लंड की नोक को भाबी की गांड से टच करके चुत के मुहाने पर लगाते हुए एक ही झटके में अन्दर तक पेल प्रिया.भाबी- आआअआह… आआअह… मर गई…मैं पीछे से भाबी के ऊपर लद गया और उनके दूधों को दबाए जा रहा था.

थोड़ी देर बाद भाबी के झड़ते ही मैं भी झड़ गया. सविता भाबी मुझे बांहों में भर कर सो गईं. एक घंटे बाद हम दोनों फिर से गरम हो गए और फिर से चुदाई शुरू हो गई. उस दिन मैंने भाबी को तीन बार चोदा.

अब भाबी मेरे लंड की शैदाई हो गई हैं. हम दोनों रोज चुदाई करते हैं.

कैसे लगी ये आपबीती, ये मेरी जिंदगी की सच्ची चुदाई की कहानी है. आप सब जरूर बताना.मेरी मेल आईडी हैsupport@mohakkisse.com

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