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भाभी की चुदाई पठन समय: 12 मिनट पढ़ा गया: 1,081 बार

भाभी की चूत चोदी-5(Bhabhi Ki Chut Chodi-5)

lizzie90

17 Aug 2025 को प्रकाशित

भाभी की चूत चोदी-5(Bhabhi Ki Chut Chodi-5)
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वो मेरा टोपा मुंह में लेकर चूसने लगी। उसके मुंह में मेरा लंड जा नहीं रहा था। मैंने कहा-

मैं: और लेले मेरी जान, अभी तो बहुत बाहर है मेरा लंड।

उसने कहा: कैसे लेलू? इतना बड़ा लंड है तेरा। मुंह में नहीं आ रहा।

मैंने कहा: चल मैं धक्का देता हूं। तू तेरा मुंह खोल।

उसने मुंह खोला अपना। मैंने मेरा लंड उसके मुंह में पेल दिया एक बार में उसके गले में।‌ मेरे लंड से उसकी सांस रुक गयी कुछ देर के लिए। फिर उसने लंड बाहर निकाल कर कहा-

भाभी: क्या कर रहे हो? मेरी सांस ही रोक दी आपने। थोड़ा तो रहम करके मेरा मुंह चोदिए। अब मैं आपकी बीवी हूं, कोई रंडी नहीं, जो आप मेरा मुंह अब ऐसे चोद रहे है। मैं तेरी ही हूं, पर प्लीज मुझे प्यार से अपना लंड चुसा। मैं ले लूंगी तेरा लंड अपने मुंह में। तू चाहे तो मेरा मुंह पूरा चोद ले, पर प्यार से अपना लंड मेरे मुंह में डाल कर चोद ले। प्लीज मेरी जान।

वो सररर सर्रर्र सर्रर्र सर्रर्र सर्रर्रर सूप्प्प सुप्प्प्प सुप्प्प्प सुप्प्प करके मेरा लंड ले रही थी अपने मुंह में। मेरे लंड का पानी निकलने वाला था।

मैंने उसे कहा: मधु, मेरे लंड पानी निकलने वाला है, क्या करूं?

उसने कहा: सुनो जी, अब घबराना नहीं।अब मैं आपकी पत्नी हूं। मुझे ही पिला दो आपका पानी। वैसे भी आपने ही बोला था लंड का पानी पीने से चेहरे पर नूर आता है। तो देर मत करिए, अब बस मेरे मुंह में डाल दो अपना पानी। पिला दो मुझे अपना पानी।

मैंने जोरों से झटके लगाये और उसके मुंह में चोदता गया। फिर एक-दम से मेरा जो पानी निकला, उसके मुंह में भी नहीं समाया। पानी बहता हुआ निकला उसके मुंह से। मैंने उसका मुंह अपने लंड से बंद कर दिया कुछ देर के लिए। मैंने उसकी सांसें रोक दी ताकि मेरा पानी उसके मुंह से बाहर ना आये। उसने भी मेरा सारा पानी पी लिया और कहा-

भाभी: आज तक मैंने पानी निकलता नहीं देखा तेरे भाई का। आज मुझे असली मर्द का पानी पीने को मिला है। धन्य हो गई मैं कि तू मेरा पति बना है। मेरे पतिदेव, मैं सदा तेरी ही पत्नी रहूंगी।

कुछ देर हम दोनों आराम करने लगे। उसने मेरा लंड फिर से चूसना शुरु कर दिया।उसकी जीभ मेरे लंड पर ऐसे चल रही थी, मानो साप का शरीर रेत पर घिसता है। मुझे इतना मजा आ रहा था‌। फिर मैं उठ कर बेड पर बैठ गया और उसको अपनी गोद में बिठाया। वो वैसे ही नंगी मेरे जांघों पर बैठ गयी और मुझे किस्स करने लगी।

मैं भी उसके मुंह में अपनी जीभ डाल के घुमाने लगा। मेरा लंड नीचे से उसकी चूत में घुस रहा था। उसे भी फील हो रहा था मेरा लंड उसकी चूत में और वो बार-बार ह्ह्ह्ह ऊऊऊह्ह्ह्ह ऊऊऊउ आहाहह्ह ऊह्ह्ह्ह माँ मर गयी क्या लंड है मेरे नए पति का सीधे मेरी चूत में घुसे जा रहा है बोल रही थी।

भाभी: सुनिए जी, अब और क्यों तडपा रहे है? जल्दी से मेरे अन्दर कर दीजिये। अब रहा नहीं जा रहा मुझसे। आपका ये लम्बा लंड दे दीजिये मुझे मेरी कोमल सी चूत में और बना दो मुझे अपनी रखेल। उई माँ हाय, ये लंड जी आपका मुझे गुदगुदी कर रहा है चूत में।

मैंने उसे गोद से उतार कर बेड पर पटक दिया और उसकी टांगे खोल दी।

मैं: वाह मेरी जान, क्या कोमल सी चूत द्है तुम्हारी।

उसकी चूत पर बिलकुल भूरे-भूरे बाल थे, छोटे-छोटे। मैंने उनपे हाथ फेरा तो उसके मुंह से सिसकी निकली: अअअअ ओह पति देव, क्या कर रहे हो? बस यू ही मत खेलो मेरी चूत से, शुरु हो जाओ बस। बजा दो मुझे, अपने लंड से करो ना मेरी चूत की ओपनिंग। बरसा दो अपना प्यार मेरी चूत पर अअअअ ओह माँ ईईई।

उसकी सांसें अटकी जा रही थी ये बोलते हुए। मैंने देर ना करी और उसकी चूत पर जीभ लगा कर हलकी सी चाटी। वो अअअअ ओह जी प्लीज अअअअ ओह करने लगी। मुझे मजा आ रह था उसकी चूत चाटने में। अब मैं धीरे-धीरे उसकी चूत में अपनी जीभ डाल रहा था और उसे मजा दे रहा था।

उसका पानी मुझे मेरी जीभ पर फील हो रहा था खारा-खारा सा, पर चाटने में मजा भी आ रहा था। उसने एक जोर कि सांस ली अअअअ ओहओहओह मर गयी और फव्वारा फूट उसका। उसकी चूत से उसका रस निकल रहा था।

मैंने अब अपना लंड खड़ा कर हिलाया और पेल दिया उसकी चूत में। चूत थोड़ी टाइट थी घुसते टाइम, क्योंकि महीनों से चुदी नहीं थी मधु भाई से। लंड धीरे-धीरे उसकी चूत में घुसा।

वो बोली: अअअअ ओह ओह्ह्हह्ह्ह्ह मेरे देवर से सीधे मेरे पति बने, अब रंडी बना कर मेरी चूत के मजे ले रहे हो।

मैंने जोरों से धक्का मारा उसकी चूत में। वो सिहर उठी, आँखे बड़ी हो गयी। पैर कांपे। उसकी बच्चेदानी में लंड छू गया।

वो जोरों से बोली: आआआआअ मार डाला रे हवसी ने। मेरी बच्चेदानी फाड़ दी। चूत फाड़ने को क्या बोला था, मेरी बच्चेदानी में दे मारा लंड। प्लीज यार थोड़ा तो रहम करो। इतना जोर का मारोगे तो कहीं मेरी बच्चेदानी में कुछ कर मत देना। थोड़ा धीरे धक्का दो ना मेरी चूत में, आपकी ही हूं, कहीं नहीं जा रही।

मैंने उससे सॉरी कहा: मुझे माफ करना, तुम्हारी चूत थोड़ी टाइट है ना, तो मैं जरा जोश में आकर तुम्हारी चूत में धकेल बैठा।

वो बोली: अरे तो मैं यही हूं ना, धीरे-धीरे चोदो, आराम से चोदो, अब तो बीवी बना लिया ना मुझे।

फिर मैं धीरे-धीरे करता, पर बीच-बीच में जोर से लंड भी धकेल लेता उसकी चूत में। अब वो कुछ नहीं बोल रही थी। वो जान गयी थी कि मैं नहीं मानने वाला और मैं तो चलाता रहा मेरा लंड उसकी चूत में। वो बस मोन करे जा रही थी। चिल्ला रही थी।

भाभी: अअअअ ओह अअअअ ओह अअअअ ओह अअअअ ओह अअअअ ओह अअअअ ओह शिवम मेरे पति, रुको नहीं। करो, करो तुम करो, करते रहो, बजा दो मेरी चूत। करो चुदाई मेरी चूत की। कर डालो इसके दो टुकड़े।

मैंने कहा: दो तो है इसके जान।

वो बोली: चुप रहो और फाड़ो इसे अअअअ ओह अअअअ ओह। (अपनी माँ से) मेरी शादी इससे क्यों नहीं कराइ पहले? अब तक मेरी भोंसड़ी का पता नही क्या करता ये। पर मुझे ऐसा ही भोंसड़ा बनाने वाला पति अब मिल गया है माँअअअअ ओह अअअअ ओह अअअअ ओह अअअअ ओह माँ माँ माँ अअअअ ओह अअअअ ओह चोदो चोदो चोदो अअअअ ओह अअअअ ओह मेरा भोंसड़ा। मेरी चूत, हाय मेरी चूत।

मेरा होने वाला था उसके बोलने से। मैंने उससे कहा: कहां निकालूं, जल्दी बोल?

वो बोली: कहां क्या? भर दो मेरी चूत को और कर दो मेरी चूत की ओपनिंग। आपके लंड के पानी से भरो उसको।

उसने मुझे जोरों से पकड़ लिया। मेरे कुल्हों से टांगे लपेट ली उसने एक-दम।

मेरे मुंह से निकला: अअअअ ओह अअअअ ओह मधूऊऊऊ मधूऊऊऊ मेरा लंड आया आ आया अ अ अ अ अ अ अ।

मेरा लंड उसमे खूब फूटा। चूत लाल हो गयी थी उसकी, एक-दम लाल। मेरा पानी उसकी चूत में समां नहीं रहा था, बाहर आ रहा था। मैं उसे पकड़ कर पड़ा रहा। वो भी मुझे पकड़ कर पड़ी रही। मैं उसके उपर था, वो मेरे नीचे।‌ लंड उसकी चूत में पड़ा था। मैं उसे धीरे-धीरे किस्स करने लगा। अपना थूक उसके मुंह में डालने लगा। वो मुंह खोल के मेरा थूक ले रही थी।

पसीना-पसीना हो गए थे हम रात में। फिर हम सीधे हुए। मैंने लंड निकाला उसकी चूत से। उसने चूत खोल के रखी थी और मेरा पानी निकल रह था धीरे-धीरे। मैं उठा, और उसकी चूत से कुछ बूंद अपने पानी की लेके हाथ पे उसके मुंह में डालने लगा।

मैंने कहा: सुन, मुंह खोल ना।

उसने मुंह खोला और मैंने उंगलियों से अपना पानी उसके मुंह में डाला। वो पी रही थी। मुझे उसको मेरा पानी पिलाना बहुत बहुत पसंद है और वो मेरा पानी पी रही थी।फिर वो उठी और नंगी ही पानी लेके आई दोनों के लिए। हमने पानी पिया और एक-दूसरे को घूरने लगे।

वो बोली: क्या देख रहे हो?

मैं: बस तुझे ही देख रह था। कल तक तू मेरी भाभी थी। आज तू मेरा लंड अपनी चूत में ले रही है। आज तू मेरी रखेल बन चुकी है।‌ मेरा पानी पी चुकी है। मेरा लंड चूस चुकी है। तुझे अच्छा तो लगा ना?

भाभी बोली: मुझे तुम्हारे साथ बहुत मजा आया। बल्कि जितना प्यार आज तुमने दिया, पहले तुम्हारे भैया ने कभी नहीं दिया। आशीष के होने के बाद में हमेशा ही इस बात का दुःख था कि मेरा एक बच्चा है। पर अब मैं खुश हूं तुम्हारी वजह से। अब से तुम रोज मेरी ऐसे ही चूत मारना। अपना लंड खूब मेरी चूत में डालना। भोंसड़ा बना दो मेरी चूत का ताकि फिर से से टाइट ना हो। मैं तुम्हारी बीवी हूं अब, तुम मुझे जैसा रखोगे मैं वैसा कहा मानूंगी तुम्हारा।

उधर मेरी गांड फट रही थी कहीं किसी को पता लगा कि मैंने भाभी कि चूत मार कर उसको प्रेग्नेंट कर दिया, तो पता नहीं क्या होगा। मैंने भाभी से एक प्रॉमिस लिया कि हम हमेशा इसे ही चुदाई करेंगे, ऐसे ही बच्चे करेंगे, और मुझसे चुदने के बाद कभी-कभी वो भैया से चुद ले, ताकि किसी को पता ना चले।

वो कहने लगी: पर क्या तुम यही चाहते हो मैं तुम्हारे अलावा किसी और से भी चुदूं अब?

मैंने कहा: नहीं, पर कभी-कभी भैया से एक-दो बार चुद लेना बस। पानी तो मैं ही निकालू़ंगा तुम्हारे अन्दर।

वो मान गयी और कहा ठीक है। उसने कहा: अब क्या?

मैंने कहा: आज रात के 1 बज गए है। थोड़ा आराम करो। उसके बाद तुम्हारी गांड में लंड डालना है‌।

वो बोली: हट बदमाश! गांड नहीं, तुम जालिमों की तरह चोदते हो। मुझे मेरी गांड का साइज़ नहीं बढ़वाना‌।

मैं: अच्छा तो फिर मैं नहीं कर रहा बच्चे तेरे साथ।

वो बोली: अच्छा बाबा ठीक है, मार लेना गांड भी। अब तो तुम्हारी हूं।

वो कपड़े पहनने लगी तो मैंने रोक दिया।

मैं: ये क्या कर रही है? ऐसे ही सो। अब तो मैं पति हूं तेरा, और पति सामने बीवी नंगी ही सोती है।

भाभी: अच्छा जी, चलो फिर आओ तुम भी मेरे साथ, सोते है।

मैंने कहा: चल ठीक है सो जा, पर कपड़े मत पहनना, और सुबह टाइम से मुझे कॉफी बना के देना बिलकुल नंगी ही।

उसने कहा: आशीश ने देख लिया तो?

मैंने कहा: उसके उठने से पहले तू मेरे लिए ले आना बना के।

फिर वो सो गयी। मैंने उसे लिप किस्स दी और उसे 2-3 बार चूमा। फिर वो सो गयी।

अब बाकी कि कहानी मैं अगले पार्ट में सुनाऊंगा, कैसे मैंने मधु भाभी की गांड मारी।

अगला भाग पढ़े:-भाभी की चूत चोदी-6

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