दो दिन बाद ऑफिस में:मैं- यार श्लोक, काफी दिनों से मन में एक सवाल है, तुम बुरा ना मानकर उस बात का सही जवाब देना अगर मुझे दोस्त मानते हो। सेक्स तो सभी करते हैं लेकिन तुम्हारे कमरे से इतनी जोरदार चीखने चिल्लाने की आवाज में कैसे आती हैं जिस तरह मानो किसी पोर्न फिल्म की शूटिंग अंदर चल रही हो और पोर्न फिल्म की नायिका बड़े मजे से सेक्स का आनन्द ले रही हो लेकिन उस मजे में दर्द का समावेश भी होता है। तो क्या अभी तक रीमा को तुम्हारा लिंग लेने की आदत नहीं हुई है?
श्लोक- अगर आप पूछ रहे हैं जीजू… तो मैं आज आपको सब कुछ सच बताता हूं। एक मर्द का लंबे समय तक सेक्स करना उसका सपना होता है लेकिन मैं मेरे अंदर यह गुण भगवान ने काफी प्रिया है लेकिन बुरी बात तो यह है के यह गुण भगवान ने मुझे ज्यादा ही दे प्रिया है। मतलब यह है कि जब मैं सेक्स करने लगता हूं तो कितना भी चाहूं स्खलन होता ही नहीं है वीर्य गिरता ही नहीं है। यह कोई ताकत नहीं, एक अजीब सी बीमारी है। रीमा को चोद चोद कर मेरा पूरा शरीर टूट जाता है लेकिन मैं संतुष्टि पर नहीं पहुंच पाता. करीब 45 या 50 मिनट की जोरदार चुदाई के बाद में मुझे कहीं संतुष्टि मिलती है। इसके लिए मैंने क्या कुछ नहीं कर के देखा। रीमा काफी अच्छा मुखमैथुन करती हैं उसकी चूत को मैंने चोद चोद कर चित्तौड़गढ़ बना प्रिया है। मेरे लिंग पर एक छोटा सा छेद रगड़ खाएं इसके लिए मैंने रीमा की गांड को गोदाम बना प्रिया है। तो भी संतुष्टि बड़ी मुश्किल से मिलती है। यह वरदान नहीं अभिशाप है। रीमा मेरे द्वारा किए हुए सेक्स से काफी परेशान भी हो जाती है कभी-कभी का ठीक है लेकिन रोज इतना गहरा सेक्स नहीं ले सकती. मैंने तो विदेश में बड़ी-बड़ी कॉल गर्ल को भी पटकनी दे दी है। यह तो बेचारी एक देसी लड़की है. पर क्या करूं रोज सेक्स किए बिना भी रहा नहीं जाता।
मैं- समझ नहीं आ रहा है यह समस्या है या खुशी की बात… किंतु यह इतना भी बुरा नहीं है क्योंकि सेक्स में तुम मजे तो ले रहे हो। अच्छा यह बताओ रीमा इस पर क्या कहती है?श्लोक- रीमा अभी तक समझ नहीं पाई है कि वह खुश हो या दुखी। शुरुआत के आधे घंटे तक वह जमकर मजा लेती है और जमकर मजा देती है. मैं उसे पाकर बहुत खुश हूं किंतु उसके स्खलन के बाद मेरे स्खलन तक का समय उस पर बहुत भारी पड़ता है।
फिर श्लोक बोला- यार जीजू, यह सब छोड़ो जब से आपने मुझे आपके स्वैपिंग के बारे में बताया है तब से मेरे दिलो दिमाग से यह बात निकल नहीं पाई है। रीना दीदी को देखकर ऐसा बिल्कुल नहीं लगता कि वे…इतना कहकर श्लोक रुक गया.
मैंने उससे उसकी बात पूरी करने का आग्रह किया.इस पर श्लोक ने कहा- रीना दीदी को देखकर बिल्कुल नहीं लगता कि वे सेक्स के लिए अपने पति की अदला बदली कर सकती हैं.मैं- अच्छा तभी रीना दीदी को आजकल घूर घूर कर देख कर तुम उनके इस क्रियाओं के बारे अंदाजा लगाते हो?श्लोक- नहीं, मैंने कहां देखा घूर कर?श्लोक की जुबान लड़खड़ाने लगी.
मैं- प्रिय श्लोक, मैंने तुम्हें देखा है रीना को घूरते हुए… उसकी गोरी टांगों और उसके पिछवाड़े को आते जाते निहारते हुए। माना कि स्वैपिंग की बात बताने से पहले तुम्हारी ऐसी कोई बुरी नजर रीना पर नहीं थी लेकिन उस दिन के बाद से मैंने तुम्हारी नजर का फेर महसूस किया है.श्लोक- जीजू, मुझे माफ कर दो, आगे से ऐसी गलती नहीं होगी. मैं क्या करूं, यह बात मेरे दिलो-दिमाग से गुजर नहीं पाई है जब भी रीना दीदी को देखता हूं उनके स्वैपिंग करके दूसरे मर्द से चोदने की अर्चना पर मन अजीब सा हो जाता है और पता नहीं किस प्रकार की जलन मुझे होने लग जाती है.
मैं- यार श्लोक, जलन तो अपनी प्रेमिका या पत्नी को किसी और के साथ अर्चना करके होनी चाहिए. वह तो तुम्हारी बहन है. पता नहीं तुम्हें उससे क्या फर्क पड़ता है कि वह किसी के भी साथ सेक्स करें क्योंकि रीना तो मेरी संपत्ति है। कहीं तुम्हारा मन यह तो नहीं सोच रहा था कि मेरे इतने करीब होते हुए भी रीना अपने जीजू के अलावा किसी और से कैसे चुदाई कर सकती है?
श्लोक गुस्सा हो गया और बोला- जीजू, आप ऐसा सोच भी कैसे सकते हैं कि मैं अपनी बहन के बारे में ऐसा सोच लूंगा. आपकी इस गंदी बात की वजह से मैं आप को कभी माफ नहीं करूंगा! अगर आप मेरे जीजाजी नहीं होते तो शायद मैं कुछ ऐसा कर बैठता जिससे कि आप किसी के साथ सेक्स करने लायक नहीं रहते!
मैं- माफ करना श्लोक, यह बात तो मैंने तुम्हारी नजर देखने के बाद कहीं है। तुम तो मेरे दोस्त हो। अगर रीना और मैं किसी और के साथ अदला बदली करके एक दूसरे से चुदाई कर सकते हैं तो क्या बुरा है कि वह दूसरा जोड़ा तुम ही बन जाओ। वैसे भी अदला बदली का खेल कोई सही बात तो नहीं है। तो इस गलत बात को गलत कहने तथा करने में सही गलत सोचने का क्या काम। वैसे भी तुम्हारी मन की इच्छा है क्या तुम किसी ऐसीभारतीय देसी महिला के साथ सेक्सकरना चाहते हो जो नई नवेली भाभी हो, जिसका जीरो फिगर ना हो, भरा पूरा शरीर हो अनुष्का शेट्टी, तमन्ना भाटिया और रीना… क्या इन तीनों से बेहतर तुम्हें कोई अपनी मनोकामना पूर्ण करवाने वाली लगती है? अनुष्का और तमन्ना तो तुम्हारी मनोकामना पूर्ण करने नहीं आएगी तो क्या रीना के अलावा तुम्हें कोई और उससे बेहतर उससे सुंदर उससे अधिक सेक्सी शरीर वाली महिला तुम्हारे ध्यान में आती है? नहीं ना? तो अदला-बदली का यह खेल अगर हम दोनों किसी और के साथ खेलें और आने वाले समय में तुम्हारी मॉडर्न पत्नी रीमा और तुम किसी और के साथ खेलो… उससे बेहतर है कि हम आज ही यह खेल खेल कर अपनी मनोकामनाएं पूर्ण कर लें।
श्लोक- जीजाजी, आप क्या बोल रहे हैं, मेरी समझ से बाहर है, मैं ऐसा सोच भी नहीं सकता। मुझे माफ कर दीजिए और अब इस विषय में या किसी भी विषय में मुझसे ऐसी बात मत कीजिएगा.श्लोक फनफनाते हुए केबिन छोड़कर चला गया.
सच बताऊं तो एक पल के लिए मैं काफी डर गया था कि वह रीना को यह बातें बता ना दे क्योंकि मैंने रीना को इन बातों के लिए तैयार नहीं किया था इसलिए भाई बहन वाली बात पर पूरी बात बिगड़ सकती थी।
जब मैं घर गया तब पता चला श्लोक ने मुझसे बात करना छोड़ प्रिया था, दो दिन तक हमारी बिल्कुल बातचीत नहीं हुई। तीसरे दिन रविवार था यानी छुट्टी का दिन रीमा और रीना ने हम लोगों को बिना बताए वाटर पार्क जाने, मस्ती करने का फैसला हमें सुनाया.
बीवियों की खुशी के लिए हम वाटर पार्क चले गए। वहां पर हम चारों ने बहुत मस्ती की लेकिन श्लोक और मेरी बातचीत बंद थी। इस बात का पता अभी हमारी दोनों बीवियों को नहीं पता चला था।वाटर पार्क के पानी में भीग कर रीना, रीमा के कपड़े उनके शरीरों से चिपक गए थे। रीना और रीमा दोनों के स्तनों तथा कूल्हों के उभारों को साफ तौर पर महसूस किया जा सकता था। रीमा को देख कर मेरा लिंग तन तन आए हुए था और बैठने का नाम तक नहीं ले रहा था। लेकिन रीमा से ज्यादा रीना का शरीर उन भीगे हुए कपड़ों में प्रदर्शित हो रहा था। क्योंकि रीमा तो जीरो फिगर पतली कमर वाली महिला थी लेकिन रीना बड़े स्तनों के उभार उत्तेजना पैदा करने वाले चौड़े पेट और आकर्षक शरीर चौड़े कूल्हे वाली महिला थी।
रीना बेशक मेरे पास रोज सोती थी तब भी उसका शरीर मुझे इतना आकर्षित कर रहा था। तो मुझे पूरा विश्वास था कि रीना के शरीर ने श्लोक के लिंग में भी खलबली मचा दी होगी।
थोड़ी देर बाद मैं पूल के बाहर जाकर बैठ गया और उन तीनों को मस्ती करते हुए देख रहा था।
कुछ देर बाद श्लोक मेरे पास आकर बैठ गया और बोला- जीजू, उस दिन के गुस्से के लिए सॉरी। मैंने कभी पहले दीदी को इस नजर से नहीं देखा था इसलिए मुझे उस दिन गुस्सा आ गया था। लेकिन आपकी बातों ने मेरा नजरिया बदल प्रिया। जब दीदी खुद अपने मजे के लिए अपने पति के अलावा किसी और के साथ सो सकती है, जब वह गलत काम खुद कर सकती है तो मैं क्यों नहीं कर सकता।
श्लोक की यह बात सुनकर मुझे अपने प्लान पर घमंड हुआ आखिर मैंने यह कर ही दिखाया.
मैं- प्रिय श्लोक, हम चारों नई उम्र के वैवाहिक जोड़े घर में अकेले रहते हैं, चारों को एक दूसरे से प्रेम है, एक दूसरे से दोस्ती है और एक दूसरे को पसंद करते हैं. तो क्यों ना इस संबंध का पूरा फायदा उठाया जाए। संबंधों को सेक्स संबंध तथा यारी को याराना बनाया जाए। ऐसा मौका सबको नहीं मिलता। वैसे तुम्हारा मन एकदम से बदल कैसे गया?
श्लोक- क्या बताऊं जीजू, मैं अपने मन को दीदी से हटा नहीं पाया. अदला बदली की बात पता चलने के बाद मैंने दीदी को आपके साथ किसी और के साथ और अपने साथ सेक्स करते हुए अर्चना की। इन 3 दिनों में हालांकि हमने बात नहीं की लेकिन मेरा लिंग एक मिनट भी बैठा नहीं। वाटर पार्क में दीदी के शरीर पर चिपके हुए कपड़ों मैं उनके इस शानदार शरीर को देखा तो ऐसा लगा कि आज अति उत्तेजना की वजह से मेरा लिंग दर्द से मेरा शरीर छोड़ देगा। आज से पहले मैंने इतनी उत्तेजना कभी किसी के लिए महसूस नहीं की। अच्छा एक बात बताइए जीजू यह सब आप केवल मेरे लिए ही तो नहीं कर सकते, रीमा पर आपकी नजर कब से है?
मैं- जब तुम्हारी शादी हुई थी, तब मेरा मन इतना गंदा नहीं था. फिर जब हम इस घर में इकट्ठा हुए उससे पहले मैं और रीना किसी के साथ अदला बदली कर चुके थे। चार एक ही उम्र के लोगों को देखकर मुझे पहला वाला याराना याद आ गया, मैं तुम तीनों से किसी प्रकार का धोखा नहीं करना चाहता था इसलिए बीवी की अदला बदली ही मैंने इसका समाधान सोचा और बीवी की अदला बदली में जो मजा है वह किसी प्रकार के सेक्स में नहीं है श्लोक। उसके बाद घर में रीमा के लंबी सेक्सी टांगों पतली कमर सेक्सी चेहरा लंबे सुनहरे बाल देखकर मेरा लिंग हमेशा फड़फड़ाए रहता जो रीमा के शरीर में नहीं देख पाया वह कृति सेनन के वीडियो डाउनलोड करके देखने की कोशिश करता हूँ, उस वक्त उत्तेजना में मैं अपना आपा खो बैठता हूँ और मन ही मन बोलता हूँ कि कब रीमा कहेगी ‘आओ कभी हवेली पर!’
इस तरह मैं और श्लोक दोनों हंसने लगे. जब रीना और रीमा पूल से बाहर आकर हमारे शरीर पर लिपट गई तब हमारी इस बातचीत का अंत हुआ रात में मैंने रीना की गहरी चुदाई की अपने प्लान के सफल हो जाने तथा आने वाली शानदार चुदाई के याद के साथ मैंने रीना को जमकर ठोका।उधर श्लोक के कमरे से भी वैसी ही आवाजें आती रही जिसका जिक्र मैं इस कहानी में पहले ही कर चुका हूं।
हालांकि आज की आवाज में काफी ज्यादा मज़ा और दर्द था और श्लोक की भी आवाज मजे के साथ आ रही थी.
वाइफ स्विंगिंग कहानी जारी रहेगी. मेरी सेक्सी स्टोरी पर आप अपने विचार मुझे मेरी मेल पर भेजें!support@mohakkisse.com