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जवान लड़की पठन समय: 12 मिनट पढ़ा गया: 284 बार

मेरे भाई की वासना भरी नजर

नेहा शर्मा 1

12 Sep 2021 को प्रकाशित

मेरे भाई की वासना भरी नजर
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ब्रो सेक्स सेक्सी सिस कहानी में एक युवा लड़की ने अपने भाई की वासना भरी नजर को पहचाना. फिर भाई ने सोती हुई बहन के पेट पर मुठ मार कर अपना माल गिराया तो …

यह कहानी सुनें.

मेरा नाम है नेहा; मैं उत्तर प्रदेश की रहने वाली हूं।हम एक मध्यम वर्ग परिवार से संबंध रखते हैं।

हमारे परिवार में हम चार लोग मम्मी, पापा और मैं और मेरा एक छोटा भाई है।

मेरी उम्र 21 साल है और मैं इंटर पास करके अब आगे की पढ़ाई कर रही हूं।

हमारे परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है इसलिए मेरे पापा जॉब करते हैं.और मेरा भाई पढ़ता भी है और वह भी पार्ट टाइम जॉब करता है।

लड़कियों को हमारे परिवार में जॉब करना अच्छा नहीं समझते इसलिए मेरे पापा और मेरा भाई, जो मुझसे छोटा है, वह बस मेरी पढ़ाई खत्म हो जाने के बाद मेरी शादी कर देना चाहते हैं।

घर में सबसे खुशमिजाज मैं ही हूं और मजे में रहती हूं।

तो दोस्तो, मैं भी आप लोगों को अपना एक सच्चा वाकया आपके साथ शेयर करने आई हूं.

मुझे नहीं पता कि ऐसा करना सही है या गलत है और आगे इसमें मैं क्या करूं.इसलिए मैं यह ब्रो सेक्स सेक्सी सिस कहानी लिख रही हूं ताकि आप मुझे सही सुझाव दे सकें कि आगे मैं उसे कैसे डील करूं, मुझे यह बता सकें।

जब मैं बड़ी हुई या आप कह सकते हैं कि जब मैं 19 साल की हुई तो मेरा बदन एकदम भर गया।मेरे बूब्स ऊपर की तरफ खड़े रहने लगे और मेरा बदन ऐसा हो गया कि अगर कोई भी मुझे देख ले तो अपना होश खो बैठे।

मेरी इसी यौवन अवस्था पर ध्यान मेरे भाई का भी गया.और अक्सर मैंने यह महसूस किया कि घर में रहते हुए जब मेरा ध्यान उस पर नहीं होता तो वह मुझे अक्सर घूरा करता है।वह चुपचाप मेरे बदन को निहारता है।

हालांकि मैं उनसे कुछ नहीं कहती क्योंकि हर अवस्था में यह होता है, यह एक आम बात है एक लड़के का एक लड़की की तरफ आकर्षित होना।मेरी उम्र और मेरे छोटे भाई की उम्र में कोई खास अंतर नहीं है हम दोनों में बस डेढ़ साल का अंतर है।

चलिए खैर मैं अब आपको आगे की अपनी कहानी सुनाती हूं।

दिन ऐसे ही बीत रहे थे।एक दिन में कॉलेज गई तो वहां मेरी सखियों ने मुझसे कहा- चल किसी ट्रिप का प्लान बनाते हैं, कहीं घूमने चलते हैं.

क्योंकि मैं अपने घर की हालत जानती थी. ट्रिप के लिए पैसे चाहियें थे तो मैं उनसे मना करने लगी.लेकिन वे मुझे फिर भी फोर्स करने लगी कि तू हमारे साथ चल रही है और हम उस दिन जा रहे हैं.

तो मैं उनसे कह कर आ गई- ठीक है चलो देखती हूं. जैसा भी होगा, मैं तुमको बता दूंगी।

घर पर आकर यह बात मैंने अपनी मम्मी से बताई तो मम्मी ने मुझे साफ मना कर दिया.मैं थोड़ा परेशान हो गई.

लेकिन फिर यही बात मैंने पापा से कही तो उन्होंने मुझसे कहा कि कितने रुपए चाहिए होंगे?तो मैं उनसे कहा- यही कोई सात हजार रुपए।पापा ने मुझसे कहा- बेटा, इतना तो मेरे पास नहीं है मेरे पास चार हजार है बाकी तू अपने भाई से कह कर देख ले अगर वह थोड़ा कुछ तेरे लिए कर दे।

तो फिर मैं भाई के पास गई और मैंने उसे सब बताया.उसने मुझसे कहा- आप क्यों चिंता करती हो, मैं कल आपको दे दूंगा।

मैं बहुत खुश हो गई; मेरी खुशी का कुछ ठिकाना नहीं था और मैं खुशी के मारे उससे चिपक गई उसको गले से लगा लिया।

फिर मैंने अपनी सहेलियों को भी कॉल करके बताया कि मैं भी चलने के लिए तैयार हूं और हम सब ने घूमने का प्लान बना लिया।

पैसे का इंतजाम हो गया था.जहां हमें घूमने जाने वाले थे, हम वहां तीन दिन में घूमने निकल गए थे.और उसके बाद मैं घर वापस आ गई।

मैं बहुत खुश थी और मुझे अपने छोटे भाई पर भी बहुत रहम आ रहा था कि वह जॉब भी करता है और उसने मेरी खुशी के लिए कितना कुछ किया।

लेकिन कहानी अभी बदलने वाली थी.मुझे नहीं पता था कि वह मेरे लिए कुछ ऐसी फीलिंग भी रखता है जिसके लिए उसने यह सब किया था।

हम दोनों बहन भाई एक कमरे में सोते हैं, पापा मम्मी दूसरे कमरे में सोते हैं.

जब से उसने मेरी हेल्प की तो मैं थोड़ा उसके करीब हो गई थी और वह भी मुझसे थोड़ा और घुल मिल गया था।लेकिन मैंने महसूस किया कि अब वह मेरे बदन को और ज्यादा छूने की कोशिश करता है.मैंने यह जानते हुए भी उसे कुछ नहीं कहा क्योंकि मैं उसके प्रति बहुत खुश थी।

हम दोनों एक ही बेड पर सोते हैं, बेड के एक साइड पर वह सोता है और दूसरे साइड पर मैं सोती हूं।

एक रात 2:00 बज रहे थे और मैंने महसूस किया कि जैसे कि मेरे ऊपर कोई है।मैं पीठ के बल सीधी लेटी थी।

नाइट बल्ब जल रहा था तो मैंने बहुत थोड़ी सी आंखें खोल कर देखा।मेरे दोनों पैरों को अपने बीच में लेकर और अपने घुटने मोड़ कर मेरा छोटा भाई मेरी नाभि के ऊपर और मेरे पेट पर अपने हाथ से अपना लंड हिला रहा था।

उसने मेरे बदन को बिल्कुल भी टच नहीं किया हुआ था।जो टॉप में पहन कर सोती थी, उसने वह मेरे पेट से हटकर हल्का सा ऊपर कर दिया था जिससे कि मेरा थोड़ा सा पेट और मेरी नाभि दिख रही थी।

मैं तो एकदम सहम गई।मुझे कुछ समझ नहीं आया कि मैं क्या करूं … मैं बस चुप लेटी रही और सोने का नाटक करती रही।

कुछ देर बाद मुझे अहसास हुआ कि मेरे पेट और नाभि पर कुछ गर्म-गर्म गिर रहा है।लेकिन मैं फिर भी सोने जैसा नाटक करती रही।

यह सब सिलसिला खत्म हो जाने के बाद करीब 15-20 मिनट बाद मैंने आंखें खोल कर देखा तो मेरे ऊपर अब कोई नहीं था।भाई साइड में लेट कर सो चुका था।

तब मैंने अपने पेट और नाभि की तरफ देखा तो मेरी नाभि एक सफेद सफेद मलाई जैसी कुछ चीज से भरी हुई थी।

मैं जानती थी कि यह क्या चीज है. यह पुरुष का वीर्य होता है.मैंने फिल्मों में देखा था और इतनी उम्र हो गई है मेरी तो इस बारे में तो मुझे पता ही था।

मेरे छोटे भाई ने मेरे पेट और मेरी नाभि पर अपना वीर्य निकाला था।उसका वीर्य मेरी नाभि और पेट से बहकर कमर की तरफ भी जा रहा था।

मुझे कुछ समझ नहीं आया कि मैं क्या करूं!मैं कुछ देर तक ऐसे ही लेटी रही और सोचती रही कि अब क्या करूं!

उसका वह सारा चिपचिपा पदार्थ मेरे पेट और मेरी नाभि पर भरा पड़ा था और मेरी कमर की तरफ बह रहा था।

फिर मैंने साइड से कपड़ा उठाया और उस सबको उस कपड़े से पौंछ दिया।कपड़ा भी सारा गीला हो गया था.

फिर मैंने अपने टॉप को नीचे किया और उससे करवट बदल कर सो गई।

अगले दिन जब मैं उठी तो हम दोनों ने सामान्य प्रतिक्रिया की.मैं नहीं चाहती थी कि उसे पता चले कि उसने जो रात में मेरे साथ किया, मुझे मालूम है।और वह भी बिल्कुल मुझसे सामान्य व्यवहार कर रहा था।

फिर मैं भी कॉलेज चली गई और वह भी अपने जॉब पर चला गया।

पर दिन भर में यही सोचती रही कि मैं इस स्थिति को कैसे डील करूं।मेरे भी दिमाग में बार-बार वह नजारा सोचते हुए सेक्स के विचार आने लगे।

पर जैसे मैं खुद पर कंट्रोल कर रही थी उतना ज्यादा मेरे दिमाग में वह बात बार-बार घूम रही थी।

इसी तरह पूरा दिन बीत गया और फिर वही रात आ गई आज मैं फिर सोचने लगी कि आज फिर कुछ ऐसा तो नहीं होने वाला?

पर ऐसा नहीं हुआ.हम दोनों बातें करते हुए और ऐसे ही सो गए.

और सुबह जब मैं उठी तो कुछ भी नहीं हुआ था; मतलब हमारी रात बिल्कुल सामान्य बीती थी।

फिर लगातार दो रात कुछ नहीं हुआ.

लेकिन तीसरी रात फिर मुझे वही महसूस हुआ कि मेरे ऊपर कोई है।बिल्कुल वही स्थिति थी उसने अपने दोनों घुटने मोड़ रखे थे और वह बिल्कुल मेरे नाभि के ऊपर था और मेरे दोनों पैर उसके घुटनों के बीच में थे।

फिर मुझे अहसास हुआ उसने मेरा टॉप पकड़ा और बहुत हल्के से ऊपर की तरफ को कर दिया।मेरा गोरा पेट और मेरी नाभि फिर से दिखने लगे।और वह फिर से मेरे पेट और मेरी नाभि पर मुठ मारने लगा।

मैं आज फिर सोने का नाटक करती रही।

और फिर वही हुआ … करीब 8-10 मिनट बाद फिर मुझे अहसास हुआ कि मेरे पेट और मेरी नाभि पर कुछ गर्म-गर्म गिर रहा है।उसने फिर से अपना वीर्य मेरे पेट और मेरी नाभि पर गिरा दिया।और वह जाकर फिर से सो गया.

मैं कुछ समझ नहीं पा रही थी।

आज मेरे मन में भी पता नहीं, कुछ उत्सुकता सी जग रही थी।मेरी सांसें तेज हो रही थी और मेरे पेट की नाभि और मेरा पेट बहुत तेज ऊपर नीचे हो रहे थे।

और फिर उसका वीर्य मेरे पेट और मेरी नाभि से बहकर मेरी कमर की तरफ जा रहा था।

आज मैंने सोचा कि मैं इसको छू कर देखती हूं, यह छूने में कैसा लगता है.

तो मैं उसके वीर्य को पहली बार टच किया, वह बहुत मुलायम था।

फिर मैंने उसको अपनी नाक के पास लाकर सूंघा कि वह कैसा लगता है.तो बहुत मादक सी खुशबू आ रही थी … कुछ अजीब सी … जिसको मैं बता नहीं सकती।

फिर धीरे-धीरे अचानक पता नहीं मुझे क्या होने लगा, मेरा शरीर अकड़ने लगा और मेरी चूत ने अपने आप पानी छोड़ना शुरू कर दिया।

मेरा मन पता नहीं क्यों उसके वीर्य को टेस्ट करने का करने लगा.तो मैं बार-बार अपनी उंगली से अपनी नाभि से उसके वीर्य को लेती और बार-बार अपने मुंह में डालती।बहुत अजीब सा टेस्ट था। खारा सा लग रहा था।

पता नहीं क्या हो गया था मुझे …मैं बार-बार उसका वीर्य टेस्ट करती रही.इतना ज्यादा वीर्य था और मैं सारावीर्य चाटगई।

पता नहीं उस रात क्या हुआ … मैं खुद पर कंट्रोल नहीं कर पाई।

थोड़ी देर बाद मैंने सोचा कि यह मैं क्या कर रही हूं.फिर मैं थोड़ा शांत हुई और मैंने एक कपड़े से अपने बदन को पौंछा और फिर से अपने टॉप को नीचे किया और सो गई।

अगले दिन जब मैं उठी तो मैंने उसकी तरफ देखा और उसने मेरी तरफ देखा.तो मैं उसकी तरफ देख कर हल्के से मुस्कुरा दी.इस पर वह भी मुझसे बोला- दीदी, आपको किसी भी चीज की जरूरत हो तो आप मुझे कहिए, मैं आपको लाकर दूंगा.मैं उससे कुछ नहीं बोली.

और फिर वह जॉब पर चला गया.मैं भी अपने कॉलेज चली गई.

लेकिन मैं सोचती रही कि यह सब हमारे बीच क्या हो रहा है।

फिर कुछ दिन हमारे बीच ऐसे ही सामान्य बीते।

ना वह इससे आगे बढ़ पाया और ना मैं इससे आगे बढ़ पाई।

मेरी जिंदगी की यह अनोकही सी आपबीती आपको कैसी लगी?मुझे ईमेल करके जरूर बताएं।

मैं क्यों उसकी तरफ आकर्षित हो गई … मुझे खुद नहीं पता चला.पैसों की वजह से या फिर वह मेरा भाई था तो मैं उसके साथ कंफर्टेबल महसूस करती थी.इस वजह से या कोई भी अन्य कारण रहा होगा?

मैं नहीं बता सकती कि यह सब कुछ हमारे बीच कैसे हो गया।

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पाठकों की राय

3 टिप्पणियां

ऋषि सहगल

1 week ago

रिश्तों की ये कहानी सच में बहुत ही कामुक थी। अंत बहुत ही गर्म था।

विरेन राठौर

3 weeks ago

जीजा साली की नोक-झोंक और फिर ये रोमांस! लाजवाब कहानी।

कूल मनोज

3 weeks ago

क्या दीदी को पता चल गया था? अगला पार्ट जल्दी डालो यार।

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