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Group Sex Story पठन समय: 12 मिनट पढ़ा गया: 1,184 बार

माँ, बुआ और चाची का जंगल में गैंगबैंग-3(Maa, bua aur chachi ka jungle mein gangbang-3)

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29 Sep 2021 को प्रकाशित

माँ, बुआ और चाची का जंगल में गैंगबैंग-3(Maa, bua aur chachi ka jungle mein gangbang-3)
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पिछला भाग पढ़े:-माँ, बुआ और चाची का जंगल में गैंगबैंग-2

पिछले भाग में आपने पढ़ा था कि कैसे मैंने अपनी बुआ को चोदा और अपनी मां और चाची का गैंगबैंग देखा। अब पढ़े कि कैसे मैंने अपनी मां और चाची की चुदाई की।

वसीम, पंकज और अहमद खाना लेने के लिए बाहर चले गए थे और मेरी बुआ, मेरी मम्मी और चाची को चुदाई के लिए मना रही थी। मेरी मम्मी इस बारे में बात करने के लिए मुझसे राजी ही नहीं हो रही थी। उनके लिए मां-बेटे के बीच सेक्स होना एक बहुत बड़ा पाप था। मेरी बुआ ने बहुत कोशिश की, पर मम्मी नहीं मानी तो मैंने सोचा क्यों ना अब मैं कोशिश करके देखूं और बात आगे बढ़ जाए।

प्रतीक: मम्मी मैं जानता हूं कि आपके लिए ये सब काफी अजीब हैं। पर अगर आप उनसे चुदवा सकती हैं, तो मुझसे क्यों नहीं? उल्टा मैं तो आपका अपना हूं। मैं तो ये बात किसी को बता भी नहीं सकता कि मैंने आपकी चुदाई की है। वरना सारे लोग मेरा मज़ाक बनाएंगे और हमारे खानदान की ही बदनामी होगी। पर वो लोग तो दूसरे को बता सकते हैं ना?

मम्मी: बेटा मैं जानती हूं कि तू ये सब किसी को नहीं बताएगा। पर मैं तेरी अपनी मां हूं। मैंने तुझे जन्म दिया है। मैं कैसे तुझसे चुदवा सकती हूं? तू ही सोच रहा है वहां से तू निकला है तू वापस वही जाने की बात कर रहा है। ये बहुत ज़्यादा ग़लत है।

बुआ: देख अंजलि, तुझे प्रतीक से नहीं चुदवाना है तो ठीक है। फिर एक शर्त लगाते हैं।

मम्मी: कैसी शर्त?

बुआ: मैं तेरे सामने प्रतीक से चुदाई करवाऊंगी और अगर तेरा हाथ तेरी चूत पर गया, और अगर ये सब देख कर तुझे मजा आने लगेगा, तो तुझे प्रतीक से चुदाई करवानी पड़ेगी।

मम्मी: आप कैसी बात करती हैं। चुदाई देखने के बाद मैं खुद को कैसे कंट्रोल करूंगी?

बुआ: अगर आपको इस परिवार में चुदाई पाप लगता है, तो आपको मेरी और प्रतीक की चुदाई देख कर गुस्सा आएगा मजा नहीं।

चाची मेरी मम्मी को कहती हैं: हां बोल दे। मुझे यकीन है हम ही ये शर्त जीतेंगे और अगर आप हार गए तो आप प्रतीक से चुदाई बंद करवा देंगे और उस 20 साल के लड़के को छोड़ देंगे जो कि आपके परिवार का हिस्सा हैं और ये पाप हमारे परिवार में दोबारा नहीं होगा।

बुआ: ठीक है। फिर मंजूर है मुझे भी यह शर्त।

मेरी बुआ अपने कपड़े उतार के मेरे सामने झुक जाती हैं और मेरी पैंट उतार देती हैं। मेरी मम्मी की नज़र मेरे बड़े मोटे लंड पर पढ़ते ही उनकी आंखें बड़ी हो जाती हैं। शायद उन्हें ऐसा लगा था कि मेरा लंड छोटा होगा। मेरी बुआ, मेरी मम्मी की नज़रों को देख कर मेरी मम्मी पर हस्ती हैं और मेरा लंड अपने मुंह में डाल कर ऊपर-नीचे करने लगती हैं।

मेरी बुआ मुझे ब्लोजॉब दे रही थी। फिर मैं अपनी बुआ को ऊपर उठा कर अपना लंड पर बैठा लेता हूं और उनकी पैंटी उतार देता हूं। मेरी बुआ कुछ बहुत गंदा करने का सोचती है। वो मुझ पर लेटती है, अपनी गांड मेरे मुँह पर रखती है, और फिर वो मेरे मुँह पर सुसु करना शुरू करती है। ये देख कर मेरी मम्मी चौंक गई। उन्होंने पहली बार ऐसा कुछ देखा था।

मम्मी: ये क्या कर रही हो आप?

बुआ उनको देखती हैं, हस्ती हैं और बोलती हैं-

बुआ: ये एक और अच्छी बात है। मैं जो भी कहूंगी प्रतीक वो करेगा। पर तुम जो कुछ भी उनको कहोगे, क्या वो करेंगे?

मम्मी: नहीं, वो तो अपनी मनमानी ही करते हैं।

बुआ मेरे लंड पर बैठते हुए: देखा हूं ना मैं परिवार में चुदाई करवा के मजे में।

मेरी बुआ मेरी मम्मी को अपने जाल में फंसाने के लिए कुछ भी कर सकती थी। मैं बहुत खुश था, क्योंकि मेरी बुआ मेरी इच्छा पूरी करने के लिए बहुत मेहनत कर रही थी। अब मैं मेरी बुआ को पकड़ता हूं और ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगता हूं। मेरी मम्मी का हाथ धीरे-धीरे हमारी चुदाई देखते हुए उनकी चूत पर जा रहा था। उनकी चूत गीली थी और हल्की सी गुलाबी भी थी।मेरी मम्मी से अब और नहीं रहा गया। वो मेरे पास आ गई और मुझे किस्स करने लगी।

मुझे चूमने के बाद उन्हें बोला: प्रतीक तेरा लंड तो कमाल है‌। मुझे भी चोद दे। तुझसे चुदाई करवाने में अब मुझे शर्म नहीं आएगी। वैसे भी बहुत मर्दों से चुदवा चुकी हूं। क्यूं ना अब मैं अपने बेटे से चुदवाके ये देख लूं कि तू भी मेरी तरह सेक्स के लिए पागल हैं या नहीं।

मैंने अपनी बुआ की चूत से अपना बड़ा लंड निकाला और अपनी मम्मी को पलट कर उनकी गांड पर अपना लंड रगड़ने लगा हूं। मैं उनकी मुलायम गांड के पूरे मजे ले रहा था | फिर मैं उनके स्तन मसलने लगता हूं।

मम्मी: बेटा मुझे इतना मत तड़पा। मुझे चोद के मेरी आग बुझा दे अपने इस बड़े लंड से।

प्रतीक: मम्मी मैंने तुम्हारी चूत पाने के लिए बहुत मेहनत की है। तुमने मुझे बहुत तड़पाया है मां। तो तुम्हें भी मेरा लंड पाने के लिए थोड़ा तड़पना तो पड़ेगा। तभी तो मुझे तुम्हें चोदने का और भी मजा आएगा।

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चाची भी ये सब देख कर खुद की चूत में उंगली कर रही थी। उनको भी ये देखने में मजा आ रहा था। फिर मैंने अपनी मम्मी को झुकाया और अपना लंड उनकी चूत के अंदर डाल दिया।

मम्मी: आह्ह बेटा, तेरा लंड मेरी चूत में काफी अच्छा लग रहा है। यकीन नहीं हो रहा है कि तू जहां से आया है उसी जगह को तू अब अपना बना रहा है।

प्रतीक: हां मां, वैसे भी तुम रंडी हो। कितने सारे मर्दों से चुदवाती हो। अरुण के दोस्तों के साथ भी प्लान बनाया, उनको बुलाया और उनसे यहां जंगल में चुदवाया, और अब अपने बेटे से चुदवा रही हो।

मम्मी: हां तूने सही कहा। मैं रंडी हूं बेटा, और तू मेरा फेवरेट आशिक है।

तभी पीछे से वो तीनो वसीम, पंकज और अहमद खाना लेकर आ जाते हैं और मेरी मम्मी और मेरी चुदाई देखते हैं और हंसते हैं।

पंकज: मां-बेटे की चुदाई भी देखने को मिल गई आज। कसम से आज का दिन बड़ा अच्छा जा रहा है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं पोर्न के अलावा और भी मां-बेटे की असली चुदाई देख सकूंगा।

वसीम: अभी थोड़ी देर पहले तो इनको चोदा था हमने। बहुत आग है इन आंटियों की चूत में।

अहमद: काश मैं भी अपनी अम्मी की चुदाई कर पाता।

मैं झड़ने वाला था, इसलिए मैंने अपना लंड उनकी चूत से निकाल दिया। उनको पलट कर उनकी कमर पर अपना स्पर्म निकल दिया।‌ अहमद मेरी बुआ के बाल पकड़ता है और उनके मुंह में अपना लंड डाल देता है। तो वहीं वसीम अपना लंड बुआ की गांड के अंदर डाल देता है। पंकज जाकर मेरी चाची को किस्स करने लगता है।

फिर मैं भी पंकज के पास जाकर चाची की चूत में अपनी उंगली डाल देता हूं। तभी वसीम एक आइडिया देता है हमारी चुदाई के खेल को मज़ेदार बनाने का।

वसीम: तो ऐसा कुछ करते हैं कि पहले हम एक-एक करके इन लड़कियों का गैंगबैंग करेंगे। पहले तो हम चिट्स बनाएंगे। उसके बाद उसमें जिस औरत का नाम आएगा, उस औरत का गैंगबैंग होगा।

पंकज एक पेपर लेकर आया था वो उस पेपर के टुकड़े करके उसमें तीन औरतों का नाम लिखा दिया था और मुझे चिट निकालने के लिए कहा था। जब मैंने चिट निकाला तो उसमें मेरी बुआ का नाम था। मेरी बुआ खुश हो गई कि पहली बार उनकी गैंगबैंग की थी।

सबसे पहले मेरी बुआ नंगी लेट जाती हैं। हम चारो मर्द मेरी बुआ को घेर लेते हैं और सबसे पहले पंकज जाकर मेरी बुआ के स्तन चूसता हैं। तो वही वसीम मेरी बुआ की गांड चाटने लगते हैं। अहमद उनकी चूत चाट रहा था और मैं अपना लंड उनके मुँह में डाल देता हूं।

मेरी बुआ मुझे मजे से ब्लोजॉब दे रही थी। तो वही पर वो अहमद के मुंह में झड़ गई थी। फिर वसीम मुझे इशारा करके पोजीशन बदल लेता हैं। अब वसीम अपना लंड उनके मुंह में डालता है और मैं उनकी गांड चाटने लगता हूं। फिर पंकज उनकी चूत चाटना शुरू कर देता है। वसीम उनके स्तन चूसना शुरू कर देता है।

फिर मैं अपना लंड उनकी चूत में डाल देता हूं, और पंकज उसका लंड उनकी गांड में डाल देता है। हम दोनों एक साथ उनको चोदने लगते हैं। मेरी बुआ बहुत ज़ोर से चिल्ला रही थी। उन्होने पहले दो लंड एक साथ एक बार में नहीं लिये थे।

बुआ: मेरी शादी-शुदा चूत को फाड़ दो। मेरी गांड को फाड़ दो। जो आज तक मेरा मर्द नहीं कर पाया वो तुम लोग कर रहे हो। आह्ह.. मेरी चूत और गांड आह्ह।

मेरी मम्मी और चाची इतनी ख़तरनाक चुदाई देख कर डर गई थी, क्योंकि उनकी भी बारी आने वाली थी। मेरी बुआ की गांड में मैंने अपना लंड बहुत अंदर डाल दिया था, जिसकी उनकी आँखों से आंसू निकल रहे थे।

बुआ: थोड़ा आराम से करो। मुझे चलने लायक नहीं छोड़ोगे तुम लोग। जिंदगी में कभी नहीं आह.. ऐसा दोबारा नहीं करूंगी..

उनके शब्द गड़बड़ा रहे थे, क्योंकि अब उनकी गांड और चूत में हमारे लंड के कारण जलन भी हो रही थी, और इससे उनको मजा भी आ रहा था। फिर मैंने अपना लंड उनकी गांड से निकाला और पंकज ने अपना लंड उनकी चूत से निकाल दिया।

अब अहमद ने अपना लंड उनकी गांड में डाला और वसीम ने अपना लंड उनकी चूत में। मेरी बुआ को अब उतना दर्द नहीं हो रहा था, क्योंकि मेरा लंड और पंकज का लंड ही सबसे ज्यादा बड़ा था। वसीम और अहमद का लंड मीडियम साइज़ का था। अहमद और वसीम भी बुआ को अपनी सारी जान लगा कर चोद रहे थे। मेरी बुआ अब उनके लंड पे ज़ोर-ज़ोर से अपनी गांड पटक रही थी, और उनका पूरा लंड अपनी गांड के अंदर रंडियों की तरह ले रही थी।

अहमद ने अपना माल उनकी गांड में ही निकाल दिया, तो वही वसीम ने अपना माल उनकी चूत से निकाल कर उनके मुंह में डाल दिया। अब मेरी बुआ बहुत थक गई थी। वो उठने की हालत में भी नहीं थी। वो वहीं सो गई। वो अपनी गांड पकड़ कर सो रही थी। ये सब देख कर सब हंसने लगे। फिर मैंने उनकी गांड की छेद में बाम लगा दिया, ताकि उनको आराम मिल सके और उनका दर्द कम हो सके।

अब बारी था दूसरा चिट निकालने का।मैंने एक चिट‌ उठाया और उसमें मेरी मां का नाम था। अब अगले हिस्से में पढ़े कि कैसे मेरी मम्मी की गैंगबैंग चुदाई होती है।

अगला भाग पढ़े:-माँ, बुआ और चाची का जंगल में गैंगबैंग-4

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