चाची की चुदाई

चाची की चूत में उंगली फिर चूत में लंड से चुदाई

लेखक: टॉम सिंह दिनांक: 06-03-2009 पठन समय: 7 मिनट

यह मेरी पहली हिंदी चुदाई की स्टोरी है.. पहली बार ही लिख रहा हूँ, इससे पहले बस मैं आप सबकी स्टोरी पढ़ कर मुठ मारता रहता था, साथ ही मैं सोचता था कि मैं भी अपनी स्टोरी लिख डालूं।इसी प्रेरणा से आज मैं लिख पाया हूँ। मुझे कोई ग़लती हो जाए, तो माफ़ करना साथियो!

मेरी हिंदी चुदाई स्टोरी मेरी चाची की चुदाई की है.मैं अपनी चाची के बारे में बताता हूँ, मेरी चाची का रंग दूध जैसा गोरा है। उनकी हाइट पांच फुट एक इंच है और उनका फिगर 36-28-32 का है। उनके चूचे ज्यादा मोटे तो नहीं हैं.. पर जितने मोटे हैं.. ना उन्हें देख कर किसी का भी उनको चोदने का करने लगेगा।

आज से करीब एक महीने पहले की बात है, मैं कॉलेज से घर आया और मुझे पता चला कि चाचा किसी काम के सिलसिले में 5 दिनों के लिए आउट ऑफ सिटी गए हैं।मेरी चाची से बहुत पटती है.. और मुझे मालूम था कि उन्हें रात को अकेले सोने में डर लगता है।चाची ने मेरी मम्मी से बोला- आज मैं घर पर अकेली हूँ, टॉम को मेरे साथ रहने को बोलो।

मम्मी ने मुझे चाची के साथ रहने को बोला और मैं शाम को चाची के घर चला गया।

इससे पहले मैंने चाची को कभी गंदी नज़रों से नहीं देखा था। मैं चाची के घर पर गया तो देखा वो कपड़े धो रही थीं। मैं उनके बेडरूम में चला गया उधर टीवी लगी है, तो मैं टीवी देखने लगा।चाची ने मुझे बुलाया कि मेरी हेल्प कर दो.. ये चादर निचोड़वा दो।

मैंने उनके पास आकर एक साइड से चादर पकड़ी और दूसरी साइड से चाची ने पकड़ ली। हम दोनों चादर को मरोड़ने लगे। चाची झुक कर उसे घुमा रही थीं.. तो उनकी सफेद-सफेद चुची मुझे हिलती हुई दिख रही थीं।

मैं चाची की चुची ही देख रहा था.. और शायद चाची ने मुझे उन्हें देखते हुए देख लिया था।फिर अचानक चाची के हाथों से चादर छूट गई और ऊपर को रखी पानी की बाल्टी पर ठोकर लगने के कारण पानी चाची के ऊपर गिर गया.. और वो गीली हो गईं।पानी गिरने से चाची का सूट उनके शरीर से चिपक गया और उनकी चुची के निप्पल साफ दिखाई देने लगे। उन्होंने सफेद रंग का सूट पहना हुआ था, जिसमें उनके दूध बहुत ही मस्त दिख रहे थे।

मैंने पूरा नजारा मस्ती से देखा और चाची मुस्कुराते हुए चली गईं।मैं भी रूम में आ गया।

इसके बाद चाची ने खाना बनाया और हम दोनों खाना खा कर बिस्तर पर आकर लेट गए।चाची और मैं अब टीवी देखने लगे। चाची टीवी देखते-देखते सो गईं.. और उन्होंने सोते में मुझे पकड़ लिया।

कुछ ही देर बाद चाची मुझे अपने गले से लगा कर सोने लगीं। मैं ऐसे ही पड़ा रहा और फिर मैं चाची को क़िस करने लगा। जब चाची ने कुछ नहीं कहा तो मैं धीरे-धीरे उनकी चुची को दबाने लगा।चाची सीधी हो गईं तो मैंने चाची की नाइटी ऊपर कर दी।

अब चाची उठ सी गईं.. पर उन्होंने ऐसा शो किया जैसे मुझे पता नहीं लगा हो।

जैसे ही मैंने उनकी चुत में उंगली की.. तो उन्होंने आँख खोल कर मुझसे कहा- ये क्या कर रहे हो.. शर्म नहीं आ रही.. मैं तुम्हारी चाची हूँ।मैं डर गया और चाची को बोला- सॉरी चाची.. गलती हो गई.. माफ़ कर दो।मैं उठ कर नीचे लेटने लगा.. और बोलने लगा- प्लीज़ चाची, यह बात आप किसी को मत बताना।

चाची बोलीं- एक शर्त पर नहीं बताऊँगी.. तुम्हें मेरा एक काम करना पड़ेगा!मैंने बोला- कुछ भी करवा लो.. पर बोलना मत।चाची चुत खुजाते हुए बोलीं- जो कर रहे थे.. वो फिर से स्टार्ट करो।

चाची के मुँह से ये सुन कर मैं खुश हो गया और चाची को भींचते हुए किस करने लगा।‘थैंक्यू चाची..’

चाची मेरी पैंट के ऊपर से ही मेरे लंड को सहलाने लगीं। मैं उनकी चुची को दबाते हुए क़िस किए जा रहा था।हम दोनों के कपड़े कब उतर गए.. हमें पता ही नहीं चला। चाची मेरा लंड मुँह में लेकर चूस रही थीं.. मुझे बहुत मजा आ रहा था। यह मेरे साथ पहली बार हो रहा था।

करीब 10 मिनट तक उन्होंने मेरा लंड चूसा। मैं भी उनकी चुत चाटे जा रहा था.. वो एकदम नमकीन थी, पर मुझे बहुत अच्छा लग रहा था।चाची हल्की-हल्की आहें भर रही थीं.. और पैरों को हिला-हिला कर चुदास से तड़प रही थीं।

यह सुन कर मैं खड़ा हुआ, चाची को खींच कर बिस्तर के किनारे पर लाया और उनके पैरों को अपने कंधे पर रख लिया। अब मैंने अपना लंड उनकी चुत पर रखा और एक ज़ोर का धक्का दे मारा।

लंड का घुसना हुआ और चाची की चीख निकल गई। मैं डर गया था क्योंकि वो रोने लगी थीं। चूंकि उनकी चुत काफी कसी हुई थी और मेरा लंड कुछ ज्यादा ही मोटा था। मेरे लंड की चोट से उनकी चुत से खून भी निकल आया। मैं अपना लंड उनकी चूत में डाले रख कर थोड़ी देर रुक गया।

चाची बोलीं- अब रुक क्यों गए.. धक्के मारो.. और फाड़ दो मेरी चुत..!यह सुन कर मेरी हिम्म्त बढ़ी और मैं धक्के लगाने लगा। अब चाची ज़ोर-ज़ोर से ‘आअहह.. आहह.. उइई.. करने लगी थीं। पूरे कमरे में चाची के कामुकता से चिल्लाने की और ‘फच फच..’ की आवाजें गूँज रही थीं।

कुछ मिनट बाद चाची झड़ गई लेकिन मैं सांड की तरह चोदने में लगा रहा। कुछ मिनट बाद मैं भी झड़ गया.. और मेरा लंड धीरे-धीरे मुरझा गया।मैं चाची के ऊपर ही लेटा रहा।

चाची मेरे सर पर हाथ फेरते हुए बोलीं- मजा आ गया.. इत्ता मजा तो तेरे चाचा के साथ भी कभी नहीं आया।उस रात हम दोनों बिना कपड़ों के ही सो गए और सुबह उठ कर दोनों एक साथ नहाए।

नहाते समय भी मैंने चाची को फिर से चोदा और पूरे 5 दिन में हम दोनों ने 12-13 बार चुदाई की।

अब जब भी चाचा काम से बाहर जाते हैं तो चाची मुझे बुला लेती हैं। मेरी ये हिंदी चुदाई स्टोरी आपको कैसी लगी.. कमेंट में ज़रूर बताइएगा।support@mohakkisse.com