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इंडियन बीवी की चुदाई पठन समय: 12 मिनट पढ़ा गया: 563 बार

मेरे घर में मेरी चालू बीवी को उसके बॉस ने चोदा

साहिल चड्डा

26 Apr 2012 को प्रकाशित

मेरे घर में मेरी चालू बीवी को उसके बॉस ने चोदा
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मेरी इंडियन सेक्स कहानी के पिछले भागबीवी को उसके बॉस के कमरे में छोड़ा चुदाई के लिए

मैं कामिनी को फर्स्ट फ्लोर के बेडरूम में छोड़ने गया. दरवाजा खुला था.आलोक बोला- ऐसे नहीं.. मेरे हाथ में कामिनी का हाथ दो और बोलो कि मेरी कामिनी को खुश कर दीजिए.

मुझको बहुत गुस्सा आया, पर मैंने मन में सोचा ज्यादा दिमाग लगाना बेकार है. मैंने आलोक के हाथ में कामिनी का हाथ प्रिया और बोला- मेरी कामिनी को खुश कर दीजिए.वो बोला- अब तो कामिनी मेरी हो गई.वो जोर से हंसने लगा और कामिनी को खींच कर बेड पर गिरा कर उस पर चढ़ गया.

मैं कमरे से बाहर आ गया.आज मेरी चालू बीवी मेरे सामने बेशर्मों की तरह चुदने अपने यार के कमरे में गई थी और मैं ही उसको छोड़ कर आया था.

कामिनी धीरे से आलोक से बोली- दरवाजा भी बंद करोगे या..आलोक बोला- अब भी दरवाजा बंद करवाओगी यार..फिर वो जोर से बोला- सुन बे.. डोर बंद कर दे.

मैं अभी बाहर ही खड़ा था, मैंने दरवाजा धीरे से बंद कर प्रिया.

कामिनी बोली- तुम भी न.. विकास के सामने ये सब करने की क्या जरूरत थी? जब तुम्हारा दिल करता था, तो मेरी चूत तो तुम ले ही लेते हो न.आलोक बोला- देखो जानेमन जो खुल्लम खुला प्यार करने में मजा है, वो डर डर के लेने में नहीं है.. देखा आज तुम्हारा ढक्कन पति खुद तुमको मेरे पास चोदने के लिए छोड़ कर गया या नहीं!वो बोली- ये ठीक नहीं किया यार.

वो बोला- मेरी जान छोड़ो, अब जाम बनाओ, अपना और मेरा गला तर करवाओ.. फिर कुछ एन्जॉय करेंगे.वो खिलखिला कर बोली- पहले नहीं बोल सकते थे.. विकास सब कुछ बना कर रख देता.आलोक बोला- तो अब बोल दो.. वो क्या काम कर रहा होगा.. भोसड़ी का अपना लुल्ली सहला रहा होगा.

मैंने वहां से चले जाने में ही अपनी भलाई समझी, मैं चलने लगा कि इतनी देर में कामिनी की आवाज आई- विकास एक मिनट सुनोगे.मैं फिर रुक गया, कमरे में गया, मैंने देखा कि कामिनी आलोक की बांहों में बेशर्मों की तरह लेटी थी, उसने अलग होना भी ठीक नहीं समझा.

वो लेटे हुए ही बोली- सुनो यार, नीचे से दो गिलास, सोडा और आइस क्यूब्स ले आना.मैं मुड़ा ही था कि वो बोली- कुछ सलाद भी काट लाना.

मुझको खुंदक आ रही थी, मैंने उनको नीचे से माँगा हुआ सामान ला प्रिया और कमरे में आ गया, पर मुझे नींद कहां आती. खुजली भी हो रही थी कि कमरे में क्या चल रहा होगा.

मैं विंडो के पास जा कर खड़ा हो गया. वहां पर्दा डाला हुआ था, अन्दर लाइट जल रही थी. आलोक ने कामिनी को अपनी जाँघों पर बिठा रखा था और वो दोनों एक ही गिलास से सिप कर रहे थे. आलोक कामिनी के बालों में हाथ से सहला रहा था.

कामिनी उसके सीने में हाथ फेरते हुए बोली- ये क्या खुराफात की तुमने… विकास की फाड़ कर रख दी.वो बोला- यार साला ऐसे नाटक करता रहता.. उसके सामने किसी दिन बात तो खुलती ही.. और उसको शक तो हो ही गया था. तो मैंने सोचा कि ऐसा कुछ कर देते हैं कि साला परमानेंट चुप करके बैठ जाएगा.कामिनी बोली- तुम पूरे कमीने हो आलोक.

अब आलोक और मेरी बीवी में, बॉस और सबऑर्डिनेट के सम्बन्ध की जगह प्रेमी प्रेमिका का सम्बन्ध बन चुका था.

आलोक बोला- मैं तुम्हारे बिना नहीं रह पाता.उसने कामिनी को बिस्तर पे लिटा प्रिया.कामिनी बोली- जानू लोशन क्यों मंगाया था?वो बोला- थोड़ा तुम्हारे चिकने बदन को और चिकना करना है.

ये कहते हुए उसने कामिनी का गोल्डन ओवर कोट निकाल प्रिया. अब वो गोल्डन ब्रा पेंटी में मस्त हीरोइन सी लग रही थी. उसका गोरा बदन बड़ा ही क़यामत ढहाता हुआ लग रहा था.

आलोक शॉर्ट्स में था. उसने कामिनी की गोरी पीठ पर बॉडी लोशन लगाना शुरू कर प्रिया.

मेरी प्यासी बीवी कामिनी पूरे मजे से लोशन लगवा रही थी. पीठ से उतर कर वो कामिनी की गोरी गोरी गांड पर लोशन लगाने लगा. फिर उसके पेंटी की डोरी खोल दी. कामिनी की बची हुई गोरी गांड, अब बिल्कुल नंगी हो गई. आलोक पूरी मस्ती से गांड पर लोशन लगाने लगा.

फिर जाँघों पर नीचे लगाने के बाद बोला- जरा पलटो मेरी जान.वो ऊपर खिसक कर कामिनी के मम्मों के पास आ गया और कामिनी को तिरछा करके उसकी ब्रा की डोरी भी खोल दी, उसके बड़े बड़े गोरे मम्मे इधर उधर फुदकने लगे. आलोक उनको लोशन लगा कर मसलने लगा.

कामिनी अब गर्म हो चुकी थी, उसने बिना देर लगाए आलोक की शॉर्ट्स का हुक खोल प्रिया और खींचने लगी.

आलोक ने शॉर्ट्स उतार दी.. अब वो फ्रेंची में था. मेरी प्यासी बीवी कामिनी उसकी फ्रेंची में हाथ डाल कर उसका मोटा लम्बा लंड बाहर निकाल कर सहलाने में लग गई और धीरे से उसके लंड के सुपारे पर जीभ मारना शुरू कर प्रिया.

आलोक का लंड धीरे धीरे फुल टाइट हो गया. वो साढ़े सात इंच का बहुत मोटा लंड था.

चुदाई की प्यासी कामिनी ने आलोक के लंड को लॉलीपॉप की तरह चूसना शुरू कर प्रिया. थोड़ी देर उसका लंड चूसने के बाद आलोक ने अपनी फ्रेंची निकाल कर फेंक दी. अब वो दोनों एकदम नंगे थे. आलोक ने कामिनी को ऊपर खींच लिया और उसको पूरे बदन में किस करने लगा, मम्मे बुरी तरह से मसलने लगा. कुछ ही पलों में कामिनी के बड़े बड़े गोरे मम्मे लाल हो गए थे.

मेरी बीवी मादकता से कराह कर बोली- आराम से मसलो मेरी जान..

आलोक ने इस बात पर उसके एक मम्मे के निप्पल पर दांत से काट लिया. वो चिहुँक उठी, बोली- ऊई माँ.. दर्द होता है जी..वो बोला- दर्द में ही तो मजा है मेरी जान..

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फिर उसने अपने होंठों से जीभ बाहर निकाल कर कामिनी के कानों में घुसा दी.कामिनी के पूरे शरीर में करंट दौड़ गया. वो बोली- आह.. क्या करते हो..

फिर कामिनी ने आलोक को लिटा कर उसके गले पर डीप किस करना शुरू कर प्रिया.आलोक बोला- छोड़ो प्लीज..कामिनी बोली- हम्म.. जब खुद कर रहे थे तब..

वो हंसते हुए मस्ती से डीप स्मूच करने लगे. करीब दस मिनट दोनों एक दूसरे के होंठ चूसते रहे. इतनी देर तक शायद मैंने कामिनी भी इन छह सालों में कभी सेक्स नहीं किया था.

आलोक बड़े तसल्ली से कामिनी की चूत का मजा लेता था. अब उसने कामिनी की चूत में उंगली डाल कर उसकी घुंडी उमेठना चालू कर दी और स्पीड तेज कर दी. कामिनी एकदम से गरम होकर जोर जोर से अपनी गांड उचकाने लगी.

वो कामुक होकर पागलों की तरह विवके का लंड आगे पीछे करने लगी. उसने मेरा लंड इतनी बार आगे पीछे किया होता, तो अब तक पिचकारी छूट जाती, पर आलोक एक नम्बर का सॉलिड चुदक्कड़ था.

कामिनी काफी गरम हो चुकी थी, आलोक एकदम नीचे चले गया और उसने कामिनी की चूत में अपनी जीभ घुसा दी.कामिनी चुदाई की प्यास से तड़फ कर बोली- आह.. ये क्या कर रहे हो मेरी जान पूरा बदन जलने लगा है.वो बोला- यही आग तो भड़कानी है मेरी जान..

वो पूरी तन्मयता से अपनी जीभ को कामिनी की चुत में अन्दर बाहर करने लगा. कामिनी से जब बर्दाश्त के बाहर हो गया तो उसने अपनी टांगें बिल्कुल धनुष की तरह फैला दीं और बोलने लगी- आह डालो न आलोक.. अपना लंड डालो.. मेरी चूत बुरी तरह पानी छोड़ रही है.

आलोक बोला- चूत का काम पानी छोड़ना ही है.वो बोली- प्लीज आलोक फक मी हार्ड.. चोदो फाड़ दो आज चूत.. ऐसी आग लगा दी है.. कि बस अब सहा नहीं जाता.

आलोक ने कामिनी के दोनों गोरी टांगों को अपने कंधों पर उठा लिया और एक झटके में फुल स्पीड से चोट लगाते हुए पूरा लंड घुसेड़ प्रिया.कमरे से जोर की आवाज आई- उउइइइइइ माँआआ फट गई.. खून निकल आया.. निकालो जल्दी.. बहुत दर्द हो रहा है.पर आलोक ने ये सब अनसुना कर प्रिया.

वो मेरी बीवी तड़फ कर बोली- आलोक प्लीज़ लंड निकाल लो न.. मेरी चूत फट जाएगी.. पहले तो बड़े आराम से डालते थे.आलोक बोला- क्या यार, 6 साल चुदते हुए हो गए.. लगता है अभी तक ठीक से विकास ने तुमको चोदा ही नहीं है.वो बोली- तुम्हारा लंड है या मूसल जैसा लौड़ा..

आलोक ने धक्के देने शुरू किए. कामिनी ‘उउइइइ माँआ.. उउइइइ माँआ’ करते हुई गांड उचकाने लगी. आलोक की स्पीड बहुत बढ़ गई.कामिनी अब मजे से चुदने लगी थी, वो बोली- वाओ मेरी जान.. क्या चूत पेल रहे हो.. आह्ह बहुत मजा आ रहा है आलोक मेरी जान आह.. ऐसे ही ठोक दो मुझे.. आह..

आलोक कामिनी के मम्मों को रगड़े जा रहा था और उसके कड़क निप्पलों को चूसता जा रहा था.कामिनी बोली- काले हो जाएंगे.. इतना मत चूसो..वो कहां सुनने वाला था. कामिनी फुल स्पीड से गांड उचका रही थी.

आलोक कामिनी से बोला- मजा आ रहा है मेरी जान.कामिनी मस्ती से गांड उछल कर बोली- मजे की क्या बात करते हो जान.. आज तो मैं निहाल ही हो गई.उसने कामिनी से कहा- मेरी जान अब जल्दी से घोड़ी बन जाओ.वो बोली- पिचकारी छोड़ो न..वो बोला- इतनी जल्दी क्या है.

उसने कामिनी के पेट के नीचे हाथ डाल कर उसे पलटा प्रिया और पीछे से अपना लंड मेरी बीवी की चूत में पेल प्रिया.

कामिनी अपनी गांड को जोर जोर से पीछे को धक्का देना शुरू कर प्रिया. अब वो ‘आह उम्म्ह… अहह… हय… याह… आह्ह…’ करती जा रही थी. आलोक भी फुल स्पीड में अपने लंड को कामिनी की चूत में पेले जा रहा था.

तभी उसने एकदम से अपना लंड निकाल लिया. कामिनी बिना लंड के तड़फने लगी. वो बोली- ये क्या तरीका है.. मारो न झटके.. मैं झड़ने वाली हूँ.

आलोक बेड के नीचे नंगा खड़ा हो गया और कामिनी की गांड के बल उसको एक झटके में अपनी गोद में उठा लिया. अब उसने कामिनी की गांड अपने हाथ में लिये लिये अपना मोटा लंड उसकी चूत में पूरा घुसा प्रिया.

कामिनी थर्रा गई और वो कामिनी को उछाल उछाल कर चोदने लगा. कामिनी ने आलोक के कंधे पकड़ रखे थे. वो बोली- तुम्हारे जैसे मुस्टंडे सांड से चुदने के बाद कोई औरत कहीं नहीं जा सकती मेरी जान.. तुम्हारा लंड ने मेरी चूत में हाहाकार मचा रखा है.

आलोक उसको पेले जा रहा था. उसने कामिनी को धम्म से पटक प्रिया.वो बोली- उउउउइइइइ माँआआ..आलोक ने उसकी टांगें फैला कर अपने लंड को उसकी खुली चुत में घुसा प्रिया और झटके पे झटका देने लगा.

कामिनी कातर भाव से चुदते हुए बोली- आह्ह.. आलोक अब बस.. मैं झड़ गई हूँ.. तुम भी आ जाओ न.. मेरी चूत सूज जाएगी.आलोक बोला- विकास से सुबह चटवा लेना, सूजन कम हो जाएगी मेरी जान

उसने बिना रुके लंड पेलना चालू रखा. करीब दस मिनट ऐसे ही चोदने के बाद उसने कामिनी की चूत में पिचकारी छोड़ दी. बहुत देर से उनका चुदाई कार्यक्रम चल रहा था. रात के साढ़े बारह बज़ चुके थे. उसने एक पैग खींचा और वो वहीं नंगा ही कामिनी से चिपक कर लेट गया.

मैं बहुत पहले ही दो बार झड़ चुका था. इसलिए अब मैं कमरे में आ गया और सो गया. सुबह साढ़े सात बजे मेरी नींद खुली तो मैंने ऊपर जाकर देखा.

कामिनी अपने यार के साथ अभी भी नंगी पड़ी बेसुध सो रही थी. मैं समझ गया कि मैं पूरी तरह अपनी बीवी के चक्रव्यूह में फंस गया हूँ. हालांकि मुझे उसकी चुदाई देख कर मजा आ जाता था.

दोस्तो, गैर मर्द से मेरी चालू बीवी की चुदाई की कहानी कैसी लगी, मुझे मेल कीजिएगा.विकासsupport@mohakkisse.com

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7 मिनट 704

पाठकों की राय

1 टिप्पणी

दीप हरियाणा

1 month ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

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