रोहन को तो जैसे सुनहरा मौका मिल गया था काजल को अपना बनाने का, उसने काजल को अपने सीने से लगा लिया और चुप करवाने के बहाने काजल के शरीर पर अपना हाथ घुमाने लगा- कोई बात नहीं काजल.. इस उम्र में ये सब हो जाता है… तू तो मेरी अच्छी बहन है ना… मैं किसी को कुछ नहीं बताउँगा, वैसे मम्मी और सोनम कहाँ गए है?‘वो मार्किट में गए हैं कुछ सामान लेने…’
काजल चुप हुई तो रोहन ने काजल का चेहरा ऊपर उठाया और उसकी आँखों से बहते आँसुओं को अपने होठों से चूम लिया। काजल की आँखें बंद हो गई थी।रोहन ने मौके का फायदा उठाया और अपने होंठ अपनी छोटी बहन के जवान रसीले होंठों पर रख दिए।काजल ने छूटने की कोशिश की पर रोहन की मजबूत पकड़ से छुट नहीं पाई, रोहन अब काजल के रसीले होंठो का रस पीने में लगा था।
कुछ देर छूटने के लिए छटपटाने के बाद काजल ने भी समर्पण कर प्रिया और अब उसका शरीर ढीला पड़ने लगा था। रोहन ने काजल के होंठ चूमते हुए एक हाथ काजल की मुलायम चूची पर रख प्रिया और मसलने लगा।
काजल की साँसें तेज हो गई थी और वो भी अब रोहन से चिपकती जा रही थी।
रोहन ने काजल को खड़ा किया और उसके टॉप को ऊपर करने लगा तो काजल ने रोहन को रोकने की कोशिश की- ये सब ठीक नहीं है भाई… हमें ऐसा नहीं करना चाहिए… आखिर हम बहन भाई हैं।‘काजल, मैं तुम्हें बहुत प्यार करता हूँ… और बहुत दिनों से तुम्हें अपना बनाने का सपना देख रहा हूँ… आज अगर मेरा सपना पूरा होने जा रहा है तो प्लीज मुझे मत रोक..’
काजल ‘नहीं भाई नहीं भाई’ करती रही पर रोहन ने उसकी एक ना सुनी और उसका टॉप उतार प्रिया।काजल ने ब्रा नहीं पहनी हुई थी, टॉप उतारते ही उसकी दोनों संतरे के साइज़ की तनी हुई चूचियाँ रोहन के सामने थी।रोहन को तो जैसे कुबेर का खजाना मिल गया था, उसने कुछ देर काजल की दोनों चूचियों को अपने हाथों में मसला और फिर काजल की एक चूची को मुँह में लेकर चूसने लगा।
काजल के जवान जिस्म को पहली बार किसी मर्द के हाथों का ऐसा मज़ा मिला था, वो मस्ती के मारे कांपने लगी थी।रोहन बेड पर बैठे बैठे नीचे खड़ी काजल की चूचियाँ चूस रहा था और उसके हाथ काजल की नंगी पीठ पर, काजल की गदराए चूतड़ों पर घूम रहे थे।
चूचियाँ चूसते चूसते रोहन ने काजल की स्कर्ट खोल दी और स्कर्ट पल भर में ही काजल के कदम चूमने लगी।स्कर्ट नीचे होते ही रोहन ने अपना एक हाथ काजल की कुंवारी चूत पर रख प्रिया।पेंटी में कसी चूत भट्टी की तरह गर्म थी, पूरी पेंटी काजल की चूत से निकले कामरस से सराबोर हो रही थी।
रोहन नीचे घुटनों के बल बैठा और उसने काजल की टांगें खुली की और फिर अपना मुँह काजल की चूत पर लगा प्रिया और जीभ से चाटने लगा।काजल की टांगें जवाब देने लगी थी, उससे अब खड़ा नहीं हुआ जा रहा था।रोहन ने काजल की पेंटी को भी उसकी जांघों से नीचे खींच प्रिया।
काजल की सुनहरी बालों से ढकी कुंवारी गुलाबी चूत देखते ही रोहन ने अपनी जीभ चूत पर लगा दी।जीभ के पहले स्पर्श को महसूस करते ही काजल की चूत ने कामरस छोड़ प्रिया।रोहन की जीभ कामरस का स्वाद महसूस करते ही और जोर जोर से चूत पर चलने लगी और सारा कामरस चाट गई।
झड़ने के कारण काजल का बदन एक पल के लिए थोड़ा सा ढीला हुआ तो रोहन ने काजल को बेड पर लेटा प्रिया।काजल को बेड पर लेटाने के बाद रोहन ने अपनी पेंट और अंडरवियर एक साथ नीचे की और अपना लम्बा और मोटा लंड निकाल कर काजल के मुँह के पास कर प्रिया।
मोटा लंड देख कर काजल घबरा गई, काजल ने शायद लंड को प्रत्यक्ष पहली बार देखा था।रोहन ने अपना लंड काजल के होंठो से लगाया तो काजल ने मुँह फेर लिया- भाई, मुँह में मत लगाओ, ये गन्दा है!‘पगली जिसे तू गन्दा कह रही है, लड़कियाँ तरसती है इसे मुँह में लेने के लिए… एक बार ले कर देख, फिर बार बार चूसने का मन ना करे तो कहना..’
काजल ना ना करती रही पर रोहन ने जबरदस्ती लंड का सुपाड़ा काजल के मुँह में घुसा प्रिया।काजल तड़प उठी थी पर वो बेबस थी, शुरू में काजल ने बुझे मन से लंड के सुपारे पर जीभ चलाना शुरू किया पर फिर काजल को भी लंड से निकले कामरस का स्वाद अच्छा लगने लगा और वो मस्ती में लंड को आइसक्रीम की तरह चाटने और चूसने लगी।
अपनी सगी बहन के ऐसा करने से रोहन तो मस्ती के मारे सातवें आसमान पर था, उसकी मस्ती भरी आहें और सिसकारियाँ निकल रही थी।रोहन ने काजल को बेड पर सीधा किया और 69 की अवस्था में आते हुए लंड को काजल के मुँह में देते हुए अपनी जीभ काजल की कुंवारी चूत पर रख दी।दोनों भाई बहन मस्त होकर एक दुसरे के यौन अंगों को चाट और चूम रहे थे, दोनों दिन-दुनिया से बेखबर मस्ती में लगे हुए थे।
कुछ देर की चूसा चुसाई के बाद काजल की चूत से अमृत वर्षा होने लगी तो रोहन के लंड ने भी पिचकारी छोड़ कर काजल का मुँह वीर्य से भर प्रिया।काजल को एक बार तो उबकाई आई पर रोहन का लंड अभी भी काजल के मुँह के अन्दर था तो बेबसी में वो सारा माल गटक गई।
दोनों ही पस्त हो चुके थे पर असली काम तो अभी बाकी था।तभी काजल बोली- भाई अब और मत करो, मम्मी और सोनम अब आने वाले होंगे और अगर कहीं वो बीच में आ गए तो सारा मज़ा ख़राब हो जाएगा।रोहन अब रुकना नहीं चाहता था क्यूंकि ऐसा मौका दुबारा मिलना मुश्किल था। फिर भी रोहन ने सोनम को फ़ोन किया यह सुनिश्चित करने के लिए कि वो लोग कितनी देर में आ रहे हैं।
फ़ोन रोहन की मम्मी ने उठाया और बताया की अभी कम से कम दो घंटे और लगेंगे उनको आने में।
इतना समय तो काजल और रोहन के लिए बहुत था अपनी कामेच्छा को शांत करने के लिए।फ़ोन काटते ही रोहन एक बार फिर से काजल पर छा गया और अपना लंड एक बार फिर से काजल के होंठों के हवाले कर प्रिया।मात्र दो मिनट में ही रोहन का लंड फिर से लोहे की छड़ की तरह सख्त हो गया था।
रोहन ने काजल को बेड के किनारे पर लेटाया और उसकी टांगों को अपने कंधे पर रख कर एक बार फिर अपनी जीभ काजल की चूत पर लगा दी।थूक से काजल की चूत को अच्छे से गीला करने के बाद रोहन ने खड़े होकर अपने लंड का सुपाड़ा काजल की चूत पर रगड़ना शुरू कर प्रिया।
काजल अपनी पहली चुदाई से पहले घबरा रही थी, वो रोहन को बोली- भाई, मेरा पहली बार है और मुझे बहुत डर लग रहा है, फिर तुम्हारा लंड भी तो देखो कितना मोटा और लम्बा है जबकि मेरी चूत का छेद कितना छोटा सा है।‘मेरी जान जिसे तू छोटा सा छेद कह रही है, उसमें तो सारा का सारा जहान समा जाए फिर भी जगह बच जायेगी… तू घबरा मत तेरा भाई अपनी बहन की चुदाई बहुत प्यार से करेगा।’
रोहन के लंड के चूत पर रगड़ने से काजल की चूत भी अब लंड को अन्दर लेने के लिए बेचैन होने लगी थी। वो भी बार बार गांड उठा कर लंड का स्वागत करने लगी थी।तभी रोहन ने थोड़ा लंड को चूत में दबाया तो काजल के चेहरे पर दर्द की लकीरें दिखाई देने लगी।
रोहन ने भी अंदाजा लगाया कि ऐसे तो काजल की चूत फट जायेगी और यह शोर भी बहुत मचाएगी, वो उठा और पास में रखी तेल की शीशी लेकर आया और ढेर सारा तेल पहले काजल की चूत पर लगाया और फिर अपने लंड का सुपारा भी तेल में अच्छे से तर कर लिया और फिर से लंड को काजल की चूत पर रगड़ने लगा।
काजल नहीं जानती थी कि पहली चुदाई में चूत के साथ साथ गांड भी फट जाती है, वो जोर से चीख पड़ी और दर्द के मारे हाथ पैर मारने लगी।रोहन ने काजल के होंठों पर होंठ रख कर उसको शांत करने की कोशिश की।काजल रोहन के नीचे दबी हुई छटपटा रही थी, लंड अभी सिर्फ दो इंच ही घुसा था।
रोहन ने देर करना सही नहीं समझा और एक बार उचक कर फिर से दो जोरदार धक्के लगा कर आधे से ज्यादा लंड काजल की चूत में उतार प्रिया।काजल की हालत ऐसी थी कि जैसे अभी बेहोश हो जायेगी।चूत से खून निकल कर गांड तक फ़ैल गया था। रोहन का लंड भी जैसे किसी शिकंजे में फंस गया था क्यूंकि काजल की कुंवारी चूत थी ही इतनी टाईट।
फिर भी रोहन ने एक लम्बी सांस ली और फिर लगातार दो तीन धक्के लगा कर पूरा लंड काजल की चूत में फिट कर प्रिया।अब रोहन ने धक्के लगाने बंद कर दिए और काजल की चूचियों को मुँह में लेकर चुम्भ्लाने लगा और दूसरी को मसलने लगा।काजल दर्द के मारे अभी भी रोये जा रही थी।
‘बस मेरी बहना… बस अब दर्द नहीं होगा… देख पूरा लंड तेरी चूत में जा चुका है। जिसे तू छोटा सा छेद कहती थी वो छेद मेरा पूरा सात इंच का लंड निगल गया है।’‘प्लीज भाई, बहुत दर्द हो रहा है प्लीज निकाल लो… मेरी चूत फट गई है… प्लीज मुझे नहीं चुदवाना…’‘अरे देख तो पूरा लंड घुस चुका है अब दर्द नहीं होगा…’
रोहन लगातार काजल की चूचियों और होंठों को चूमता रहा।करीब दो तीन मिनट बाद काजल को अपना दर्द कुछ कम होता महसूस हुआ तो वो भी रोहन के चुम्बन का जवाब चुम्बन से देने लगी। रोहन ने भी ग्रीन सिग्नल मिलते ही लंड को कुछ हरकत दी, उसने धीरे धीरे अपना लंड चूत से लगभग आधा निकाला और फिर धीरे धीरे ही दुबारा काजल की चूत में उतार प्रिया।काजल को दर्द हुआ पर अब वो इस दर्द को सहने के लिए तैयार थी।
ऐसे ही पहले धीरे धीरे लंड को अन्दर बाहर करते करते रोहन ने अपने धक्को की स्पीड बढ़ा दी। काजल की चूत ने भी थोड़ा पानी छोड़ प्रिया था जिस कारण थोड़ा चिकनापन आ गया था चूत में और लंड अब काजल की चूत में फिसलने लगा था।काजल को भी अब चुदाई में मज़ा आने लगा था, वो भी अब रोहन के हर धक्के का स्वागत अपनी गांड उठा उठाकर कर रही थी जो इस बात का सबूत था कि अब दोनों मज़े में थे।
करीब पांच मिनट और धीरे धीरे चुदाई चली फिर तो जैसे बेड पर तूफ़ान आ गया और दोनों बहन भाई जोरदार चुदाई में लीन हो गए, दोनों एक दूसरे को पछाड़ने की कोशिश कर रहे थे।लगभग दस मिनट के बाद काजल का शरीर अकड़ा और एक सरसराहट के साथ काजल की चूत पानी फेंकने लगी।काजल की चूत का पानी रोहन को अपने लंड के पास से जाता हुआ साफ़ महसूस हो रहा था।
झड़ने के बाद काजल थोड़ी सुस्त हुई पर रोहन लगातार धक्के पर धक्के लगा रहा था।कुछ देर की चुदाई के बाद काजल फिर से हरकत में आई और रोहन के धक्कों का जवाब देने लगी।
एक ही आसन में चुदाई करते करते रोहन अब कुछ अलग करने के मूड में था तो उसने काजल को बेड पर घोड़ी बना लिया और फिर पीछे जाकर अपना लंड फिर से काजल की चूत में उतार प्रिया।और फिर से चुदाई शुरू हो गई, रोहन के टट्टे हर धक्के के साथ थाप दे रहे थे और कमरे में फच्च फच्च की आवाज आने लगी थी जो कमरे के माहौल को मादक बना रही थी।
समय का अंदाज नहीं पर ये चुदाई बहुत लम्बी चली और फिर पहले काजल की चूत ने तीसरी बार अपने काम रस से रोहन के लंड को भिगो प्रिया और फिर कुछ देर बाद रोहन के लंड ने भी काजल की चूत को वीर्य से लबालब भर प्रिया।
झड़ते ही दोनों पस्त होकर लेट गए।रोहन का लंड अभी भी काजल की चूत में ही था जो की कुछ देर बाद सुकड़ कर फ़क की आवाज के साथ बाहर निकल गया।लंड के निकलते ही काजल की चूत से रोहन का वीर्य निकलकर बेड की चादर पर फैलने लगा।
करीब पांच मिनट बाद दोनों की साँसें थोड़ी शांत हुई तो काजल उठी।पूरी चादर पर काजल की चूत से निकले खून और चुदाई से निकले कामरस के धब्बे ही धब्बे नजर आ रहे थे।कहानी जारी रहेगी।support@mohakkisse.com