होम पर वापस जाएं
भाभी की चुदाई पठन समय: 9 मिनट पढ़ा गया: 897 बार

छोटी चुत वाली भाभी की चुदाई

विकास खण्डेलवाल

11 Jun 2024 को प्रकाशित

छोटी चुत वाली भाभी की चुदाई
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

हैलो मेरा नाम राहुल है.. मैं हरियाणा का रहने वाला हूँ, मेरी उम्र 25 साल है, मेरा सी.सी. टीवी और कंप्यूटर का काम था।

आज मैं आपको अपनी अपनी जिन्दगी का एक अजीब सा किस्सा बताने जा रहा हूँ।बात उन दिनों की है, जब मैं रोज मॉर्निंग वाक पर जाता था। मेरे पड़ोस की एक महिला जिसका नाम साधना था, वो भी घूमने जाया करती थी। उसका पति हमारी कॉलोनी का एमसी था।

उसका पति नाड़े का कच्चा था, उसके बारे में काफी बातें सुनने में आती थीं कि ये बन्दा फलां औरत के साथ सैट है या फलां औरत इसके साथ सेक्स करती है… मतलब वो वास्तव में एक ठरकी इंसान था। खुद के घर में बेहद खूबसूरत बीवी होते हुए भी उसे शौक निराले थे।

इस तरह की बातों से उसकी बीवी यानि साधना बहुत दुखी थी।

खैर.. उन दिनों मेरा भी उन्हें यहाँ आना जाना था। साधना मुझे बहुत अच्छी लगती थी। साधना एकदम स्लिम फिगर की लाज़वाब औरत थी।

एक दिन साधना के पति ने मुझसे डिमांड की- राहुल मेरे गेट पर एक कैमरा लगा दो।मुझे मौके की तलाश थी ही कि कब भाभी से खुलकर बात कर सकूं.. और आखिर वो मौका आ ही गया।

मैं अपना काम करने गया, तो मैंने देखा कि साधना भाभी अकेली घर पर थी और टीवी देख रही थी।लाल रंग के सूट में क्या मस्त माल लग रही थी वो!

चाय पी कर मैंने अपना काम करना शुरू कर प्रिया। इसी बीच साधना ने कहा- राहुल तू मेरे फ़ोन में फेसबुक चला देगा क्या?मैंने झट से ‘हाँ’ कही और पूछा- आप क्या करोगी फेसबुक यूज करके?साधना- अरे सारा दिन बोर होती रहती हूँ तुम्हारे भाई जी शाम को घर आते हैं और अब तूने मेन गेट पर एक चौकीदार और लगा प्रिया है।

मुझे ये सुनकर हंसी आ गई।उस साधना भाभी के चहरे पर मुस्कान ऐसी लग रही थी कि कब किसी का कत्ल कर दे और पता भी न लगे। वो अपने पति से काफी दुखी थी, तो उसे भी आज किसी से बात करके कुछ कहने का चांस मिल गया था।मैं अपना काम-धाम करके वापिस हो लिया।

उसके बारे में ही हर पल मेरे दिमाग में घूमने लगा कि कब उसकी मिले.. कब उसकी मिले..

कुछ दिन बाद एमसी साहब का फ़ोन आया बोले- भाई राहुल घर पर बच्चों के लिए एक कंप्यूटर और इन्टरनेट भी लगवा दे।अब अंधा क्या चाहे.. दो आँखें.. मैं झट से पहुँच गया अपना ताम-झाम लेकर पीसी लगाया और इन्टरनेट शुरू कर प्रिया।

एमसी साहब- राहुल यार तू बच्चों को कुछ सिखा जाया करो.. मैं तो काम पर चला जाता हूँ।मैंने कहा- ठीक है..

अब जनाब मेरी तो चांदी हो गई।

तभी एमसी साहब के जाते ही झट से साधना आई और बोली- तुमसे मैंने ये पीसी अपने लिए बनवाया है.. ताकि मैं फेसबुक चला सकूं।

मैंने जब साधना भाभी का अकाउंट फेसबुक पर बनाया था, उसी दिन उसको अपनी फ्रेंड लिस्ट में एड कर लिया था।

बच्चों को बाहर भेज कर साधना भाभी मेरे सर पर खड़ी हो गई थी।मैंने कहा- भाभी आप इतनी खूबसूरत हो.. आपको फेसबुक की क्या जरूरत! आपसे तो हर कोई वैसे ही बात करना चाहेगा।साधना- राहुल जिसको कदर करनी चाहिए वो तो करता नहीं.. तुम्हें क्या..! तुम अपना काम करो।

साधना के ज़ज्बात उसकी जुबान पर क्या आए.. मेरे पास मौका आ गयाम मैंने कहा- भाभी अगर भाई की जगह मैं होता तो बात ही कुछ और होती।

वो भावनाओं में बहते हुई रोने लगी और मैंने मौके का फायदा उठा कर उसे गले से लगा लिया।फिर औरतों की वही नौटंकी चालू हुई- ‘नहीं नहीं.. ये गलत है राहुल.. ये क्या कर रही हूँ मैं.. तू जा, तेरे भाई ने देख लिया तो गज़ब हो जाएगा।’मैंने उससे कहा- देखो अगर वो आएंगे तो अपन उनको सीसीटीवी में देख लेंगे।

उसकी कामुक सिसकारियाँ उसके अन्दर के दानव को जगाती हुई दिख रही थीं। आखिर मैंने उसे अपनी बाँहों में लिया और उससे अपने प्यार की इज़हार किया।

पहले तो उसने मना किया फिर हल्की सी मुस्कराहट दे कर कहा- मुझे तू बहुत अच्छा लगता है राहुल..उसे बाँहों में लेकर मानो ज़न्नत नसीब हो गई।

उसने मुझे एमसी साहब के बारे में सब बताया.. वो बहुत गुस्से से बात कर रही थी, तो मैंने भी मौका नहीं गंवाया।

मैंने उससे कहा- साधना सिर्फ उसे ही तुमसे दुखी करने का तुम्हें धोखा देने का हक है क्या.. उसे सबक सिखाना तुम्हारा हक भी है।इतने में वो सब समझ गई कि मैं क्या कहना चाहता हूँ और क्या करना चाहता हूँ।साधना- तू जरा गेट बंद करके तो आ जरा!

मैं भाग के गया, आया तो देखा उसने अपने कमरे का गेट बंद किया हुआ था।

यह भी पढ़ें (Recommended)

Beautiful bhabhi ko jungle mein choda-2

मैंने कहा- साधना दरवाजा तो खोल दो यार..!साधना- सब्र का फल मीठा होता है राहुल दो मिनट रुक!

फिर जब उसने दरवाजा खोला तो वो उसी लाल सूट में थी.. क्या लग रही थी यार वो..उसे देख कर मेरा तो रोम-रोम खड़ा हो गया।

उसने मुझे अन्दर खींच लिया और अपने बिस्तर पर मुझे धकेल प्रिया। अब वो मेरी बाँहों में बांहें डाले थी और उसके होंठों में मेरे होंठ फंसे हुए थे।

वो धीरे-धीरे गर्म होती गई और मैंने उसका सारा शरीर अपनी उंगलियों से नाप लिया।

क्या मस्त चीज़ थी वो.. हाय ऐसा लगता था कि हाथ लगाने में भी कहीं मैली न हो जाए..!

फिर झट से मैंने उसे अपने नीचे लिया और उसके तन पर हर जगह चुम्बन करना शुरू कर प्रिया। वो एकदम हॉट हो गई और देखते ही देखते उसने मुझे अपने नाखूनों से नोंच डाला।

साधना- अरे राहुल तू तो बड़ा रसीला है रे..हँसते हुए मैंने भी उसके चूमा और कहा- अभी रस निकलना बाकी है मेरी जान!

फिर मैंने उसकी सलवार के नाड़े को धीरे से खोला और उसकी चुत को रगड़ना शुरू कर प्रिया। सलवार क्या गिरी कि मुझे रहा ही नहीं गया.. अब मुझे नीचे उसकी चुत को देखना था।

अरे ये क्या उसकी गुलाबी और बहुत छोटी सी नंगी चुत देख कर मेरे तो होश ही उड़ गए.. मैं तो उसे देख कर जैसे पागल सा हो गया था.. क्या मस्त चुत थी यार उसकी.. उम्म्ह… अहह… हय… याह…मेरा लंड पत्थर जैसा सख्त हो रहा था।

उसने अपने दांतों से होंठों को चबाते हुए अपनी आँखों पर दुपट्टे से पल्लू कर लिया। यानि सिग्नल ग्रीन हो गया था.. सामान अन्दर ले जाने का..!

उसे लिटाते हुए उसकी गीली चुत पर लंड को रखा और एक बार में ही पूरा लंड उसकी चुत के अन्दर पेल प्रिया।

लंड के अन्दर घुसते ही पर्दानशीं ने पर्दा हटा लिया और चुत पसारते हुए कहा- और अन्दर तक डाल दे राहुल.. चोद दे मुझे.. आह्ह.. चोद आह म्मम्म..

साली की चुत दिखने में जरूर छोटी थी पर बड़े लंड को लीलने में बड़ी जबरदस्त थी। चुत चोदने का सारा खेल 5 मिनट में खत्म हो गया.. मैं एक बार और वो 2 बार झड़ चुकी थी।

वो उठी तो हम दोनों का पूरा माल नीचे बिस्तर पर था।

साधना ने मुस्कुराते हुए कहा- तुझमें बड़ी गर्मी है राहुल.. इतना माल तो कभी एमसी साहब का भी नहीं निकला।

तभी दरवाजे पर दस्तक हुई.. और आवाज आई- एमसी साहब ओ एमसी साहब..

फ़िर एक दिन सुबह उसका फ़ोन आया, मुझे बुलाया- आ जा, मन नहीं लग रहा है.. तू ना दस बजे आना। आज एमसी साहब भी नहीं हैं.. बच्चे भी स्कूल से नहीं आए हैं!

मेरा मन मचला और दस बजे उसके पास पहुँच गया।

आज उसने पहले मुझे अपने हाथों से खाना खिलाया और दूध पिलाया।‘असली वाला दूध तो पिला जान..!’वो शर्मा कर कमरे में चली गई।

बस फिर क्या थी.. रात भर मुठ मारी थी, सुबह साधना भाभी की चुत चोदने की बारी थी। मैं लपक कर कमरे में घुस गया।हय.. वो पागलों की तरह लग गई होंठ चूसने में.. मैंने उसकी नंगी चुत को फिर से रगड़ना शुरू कर प्रिया।‘उह आह ओह राहुल.. राहुल डाल न डाल प्लीज़ अन्दर तक पेल दे.. आह्ह..’

उस दिन उसकी पूरे 20 मिनट तक चुदाई की.. आज वो इधर नहीं है, पर वो भी उन पलों को याद तो करती होगी।

यह सेक्स स्टोरी मैंने अपनी तारीफ बटोरने के लिए नहीं उसके लिए लिखी है, शायद वो कभी मेरी कहानी देखे और मुझे फिर से मिले।आप सबने कहानी पढ़ी.. उसके लिए धन्यवाद।support@mohakkisse.com

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

Beautiful bhabhi ko jungle mein choda-2
भाभी की चुदाई

Beautiful bhabhi ko jungle mein choda-2

Hi Guys my name is Adinath and sab log mujhe pyar se adi bulate hai. Meri age 21 years hai and mein Kollam (Kerala) ke pass *** naam kar ke village se hun. But abi mein college ki vajah se Mumbai mein rheta hun.

13 मिनट 366
दिया भाभी, भाभी नम्बर दो-1
भाभी की चुदाई

दिया भाभी, भाभी नम्बर दो-1

नमस्कार चूत के पुजारियों को और लंड की प्यासियों को, मैं ईशात फिर से आप सबको अपना नया अनुभव बताने जा रहा हूँ।

9 मिनट 714
Kamsin bhabhi ki tabadtod chut aur gaand chudai-1
भाभी की चुदाई

Kamsin bhabhi ki tabadtod chut aur gaand chudai-1

Hi readers mera naam karan hai aur main haajir hoon apni ek sacchi kahani le ke jo ki ab se 1 saal pehle ghati thi mere aur meri bhabhi deepika ke bich me.

15 मिनट 704

पाठकों की राय

0 टिप्पणियां
इस कहानी पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!
🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।