होम पर वापस जाएं
Group Sex Story • पठन समय: 5 मिनट • पढ़ा गया: 1,221 बार

चुदासी सहेलियाँ

आनन्द सोनी

03 Aug 2021 को प्रकाशित

चुदासी सहेलियाँ
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

Chudasi Saheliyanदोस्तो, मेरा नाम आनन्द है। आज मैं आपको मेरी एक सच्ची घटना के बारे में बताने वाला हूँ।

बात उन दिनों की है, जब मैं बारहवीं कक्षा में था। मेरी उम्र करीब बीस साल की थी और मेरा लंड सात इंच का था।

गाँव में स्कूल ना होने की वजह से मैं शहर पढ़ने जाता था। जहाँ एक ग्यारहवीं कक्षा की लड़की भी आती थी जिसका नाम निशा था।हमारी क्लास के सारे लड़के उस पर मरते थे। जिनमें एक मैं भी था।

निशा काफी लम्बी लड़की थी, उसके मम्मे तने हुए और चूतड़ एकदम मस्त लचकीले थे, जब वह चलती तो उसके चूतड़ देखकर मेरा लण्ड अपने आपे से बाहर होने लगता।

क्लास में एक लड़की और थी जिसका नाम रमा था, उसका दिल मुझ पर आया था पर मैं उस पर ध्यान नहीं देता था क्योंकि जब मस्त चूत पर दिल आ जाए तो कोई काली चूत क्यों देखे भला?

रमा मुझको एक बार प्रपोज कर चुकी थी पर उसे मैंने मना कर प्रिया था।

एक बार शिक्षक दिवस पर रमा ने मुझसे फिर अपने प्यार का इजहार किया, मैंने उसे तब भी मना कर प्रिया।

रात को जब मैं सोया तो मेरे दिमाग में एक बात आई क्यों ना रमा के जरिए निशा तक पहुँचा जाए और मैंने ऐसा ही किया।

दूसरे दिन स्कूल जाकर रमा से कहा- अगर मैं तुमसे प्यार करूँ तो तुम मेरा एक काम करोगी?

तो वो बोली- तुम जो बोलोगे.. मैं करुँगी।

तो मैंने कहा- ठीक है.. तुम मुझे निशा पटवा दो.. बदले में तुम जो चाहोगी मैं करुँगा।

वो तैयार हो गई.. शायद उसको भी मुझसे प्यार नहीं था, बस वो अपनी चूत की खुजली मिटवाना चाहती थी।

मैंने उसे खुश करने के लिए उसको वहीं चुम्मी ली और उसके मम्मे दबाना शुरू कर दिए।

वो बोली- अभी हम स्कूल में हैं.. आगे का काम फिर कभी करेंगे।

मैंने कहा- ठीक है, पर तुम्हें मेरा काम आज ही करना पड़ेगा।

मैंने उसको निशा के लिए एक लव-लेटर प्रिया और चला आया।

मैं सोच रहा था कि कहीं निशा मना ना कर दे।

दूसरे दिन हम फिर मिले, मैंने पूछा- क्या हुआ?

तो रमा बोली- आनन्द, तेरे लिए तो मैं पूरी दुनिया को पटवा सकती हूँ, तो निशा क्या चीज है।

यह सुनते ही मेरा लंड खड़ा हो गया और मैंने रमा को जोर से पकड़ कर उसके दोनों मम्मों को दबाना शुरू कर प्रिया और उसकी चूत पर भी हाथ फेरता रहा।

इतने में घंटी बज गई।

वो बोली- शाम को मेरे घर आ जाना.. घर में कोई नहीं है।

फिर हम चले गए, शाम को मैं रमा के घर पहुँच गया।

मैंने देखा तो वहाँ निशा खड़ी थी, मैं उसके पास गया, मैंने पूछा- निशा क्या तुमको मेरा लेटर मिला?

तो वो मुझे कहने लगी- पागल.. पहले कहना चाहिए था ना.. अब तक तुमने कहा ही नहीं था।

यह सुनते ही मैंने उसको जोर से पागलों की तरह चूमना शुरू कर प्रिया।

इतने में रमा भी वहीं आ गई और बोली- कमरे में चलो।

मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि यह क्या चक्कर है।

रमा ने अन्दर जाकर कुंडी लगा दी और बोली- आनन्द, जो तुम्हारे पास है, वो हमें चाहिए और जो हमारे पास है वो तुमको चाहिए।

मैंने सोचा निशा के सामने मेरी पोल खुल गई, लेकिन निशा भी हँस रही थी।मैं समझ गया कि दोनों ने आपस में बात कर ली है।

तो मैंने कहा- अच्छा तो अब मैं चलता हूँ।

तो निशा बोली- मुझे यहाँ बुला कर तुम कहाँ जा रहे हो?

अब मैं भी पीछे नहीं हटा और बोला- ठीक है.. तो आ जाओ बिस्तर पर..

वो आकर मुझसे लिपट गई और एक बार फिर चुम्बनों का सिलसिला चालू हो गया।

इतने में हमें देखकर रमा भी गरम हो गई, तो मैंने उसे भी बुला लिया।आखिर उसी की वजह से तो ये सब हो रहा था।

फिर वह भी मुझे सहलाने लगी। जो चूत के लिए परेशान था आज दो-दो चूत उस पर मर रही थीं।

पहले मैंने निशा से कहा- अपनी जीन्स उतारो।

मैं भी अपने कपड़े उतारने लगा। रमा भी अपने कपड़े उतार रही थी, फिर दोनों को पलंग पर लेटा प्रिया।

दोनों चुदासी लौंडियाँ केवल कच्छी में थीं।

मैंने दोनों हाथों से उनकी चूतों को सहलाना शुरू कर प्रिया और फिर दोनों के स्तनों को मसकने लगा।

रमा के बुब्बू निशा के मुकाबले काफी बड़े थे।

फिर मैंने दोनों की पैन्टियाँ निकाल दीं, निशा की चूत तो मानो, चाँद का टुकड़ा थी और रमा की चूत काली थी।

फिर रमा खड़ी होकर बिस्तर से नीचे आई और मेरा लंड अपने मुँह में लेने लगी।इधर मैं निशा के चूचे चाट रहा था।

फिर मुझसे रहा नहीं गया और मैंने दोनों की चूत में बारी-बारी अदल बदल करके अपना लंड प्रवेश करवाया।बार बार चूत में से लण्ड निकालने के कारण मैं काफ़ी देर तक नहीं झड़ा था।उस दिन दोनों को धकापेल खूब चोदा। इसके बाद जब कभी मौका मिलता, मैं दोनों को चोदता।आपके विचारों का बेसब्री से इन्तजार रहेगा।

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

इसने चोदा, उसने चोदा, सबने चोदा हनीमून में
Group Sex Story

इसने चोदा, उसने चोदा, सबने चोदा हनीमून में

प्रेषिका : बेनज़ीर खानसम्पादक : इमरान

14 मिनट 562
Mom aur unki best friend ke sath foursome
Group Sex Story

Mom aur unki best friend ke sath foursome

Hi dosto, to Aaj apko batane ja raha hu mere dil ke sabse kareeb aur sabse haseen palon wali chudai ki kahani.

17 मिनट 828
Pyaar se lekar chudai tak ka safar-39
Group Sex Story

Pyaar se lekar chudai tak ka safar-39

Main Rohan aur Tushar ke sath Anwar ke farm house par pahuch gayi thi jaha sabhi mera intejar kar rahe the. Mujhe dekhte hi Rohit aur Anwar mujhse chipak kar chumne lage.

7 मिनट 404

पाठकों की राय

1 टिप्पणी
s

sexysham77

4 months ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।