होम पर वापस जाएं
पहली बार चुदाई • पठन समय: 7 मिनट • पढ़ा गया: 309 बार

सजा देने में मजा आया

नेहा जवान

19 Dec 2010 को प्रकाशित

सजा देने में मजा आया
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

मैं गुजरात के शहर भरूच से हूँ। अभी मैं एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करती हूँ।

यह घटना मेरी शादीशुदा जिन्दगी से पहले की है, जब मैं 20 साल की थी और मेरे पढ़ाई चल रही थी।

तब मेरे पड़ोस में एक राजस्थानी परिवार रहता था।

उस परिवार में पति-पत्नी और दो लड़के थे, एक का नाम था जिगर.. जिसकी उम्र 18 साल और दूसरा मिहिर जिसकी उम्र कम थी।हमारे परिवार में मम्मी-पापा और मैं ही हैं, मैं उनकी इकलौती बेटी हूँ।

उस समय जिगर पढ़ाई करने के लिए काफी समय हमारे घर में मेरे कमरे में ही रहा करता था।

मेरे पढ़ाई के लिए पापा ने मुझे घर के ऊपर वाला एक कमरा प्रिया था। पढ़ाई करने के लिए मैं और जिगर उसी कमरे का उपयोग करते थे।

जिगर अपनी पढ़ाई में जरा कमजोर था इसलिए हर बार मेरी डांट खाता था और उसको कई बार मैं सजा भी देती थी।

एक दिन उसका गणित का रिज़ल्ट ख़राब आया था, उस दिन उसके मैंने सारे कपड़े उतरवा कर खाली कच्छे में खड़ा रख कर फुटपट्टी से मारा।

वो बेचारा कुछ नहीं बोला लेकिन मेरी नज़र उसके लंड के उभार पर पड़ी और मैंने देखा कि इसकी उम्र के मुकाबले कच्छे का उभार कुछ ज्यादा ही बड़ा दिख रहा है।

उसी दिन से मेरे मन में वासना जागी, मैं मौका ढूंढ़ने लगी थी कि कब इसको फिर से ऐसी सजा दूँ और मुझे उसके लंड के दर्शन करने को मिल जाएँ।

लेकिन मेरी इच्छा अधूरी ही रह गई।उसकी पढ़ाई अच्छी होती गई और वो पढ़ाई में ज्यादा ध्यान देने लगा।

एक साल के बाद जब उसकी पढ़ाई में अंग्रेजी के टेस्ट में कम नम्बर आए तब मैंने ठान ली कि मैं अब उसे सजा कुछ ऐसी मिल जाए कि मेरी चुदाई की इच्छा पूरी हो जाए और सजा भी मिल जाए।

उस दिन मैंने उसे अपने पास बुलाया और कहा- अगर तू चाहता है कि मैं तेरा रिज़ल्ट तेरे पापा को न बताऊँ तो फिर तुझे मेरी सजा भुगतनी होगी। कल दोपहर को तू यहाँ पढ़ाई करने आना, तेरी सजा कल होगी।

मेरे मम्मी-पापा दूसरे दिन अहमदाबाद रिश्तेदार के घर दो दिन के लिए जाने वाले थे इसीलिए मैंने उसे दूसरे दिन बुलाया था।

उस दिन रविवार था, मैं और जिगर ऊपर वाले कमरे में गए, मैंने सारे खिड़की दरवाजे बन्द कर दिए, फ़िर जिगर को बोला- सजा के लिए तैयार हो जाओ।

आगे की कहानी आप दूसरे की जुबानी से सुनिए।

जिगर- दीदी क्या करना होगा?

पूजा (मैं)- अपने सारे कपड़े उतार दो और सिर्फ कच्छे में खड़े रहो।

जिगर- दीदी आज रहने दो… मैं नहीं कर सकता।

पूजा- क्यूँ, आज क्या तकलीफ है?

जिगर- दीदी आज मैंने अन्दर कुछ नहीं पहना है।

पूजा को तो यही चाहिए था, फिर भी उसने जिगर को सजा देने के लिए तैयारी कर ली थी।

उसने घर में से पापा की लुंगी लेकर जिगर को दे दी और कहा- सारे कपड़े उतार कर खाली इसे पहन लो।

अब जिगर लुंगी पहन कर खड़ा था।

आज पूजा ने उसको हाथ से कमर के नीचे मारना शुरू किया। पूजा बार-बार उसे लंड पर और उसके आस-पास मारती थी।

थोड़ी देर में जिगर की लुंगी लंड के पास से खड़ी हो कर तम्बू बन गई।

पूजा- अरे.. अरे.. जिगर मैंने तुम्हें इतना मारा भी नहीं हैं और यहाँ तुम्हें सूजन भी आ गई… मुझे माफ़ कर दो, मैं तुम्हें मलहम लगा देती हूँ.. इससे ये ठीक हो जाएगा।

जिगर- दीदी, रहने दो.. ये ऐसे ही ठीक हो जाएगा।

पूजा- नहीं नहीं.. मैं मलहम लगा देती हूँ।

इतना कह कर पूजा ने लुंगी उठाई… जिगर का लंड देखा तो वो 6-7 इंच का और काफी तगड़ा था।

पूजा ने धीरे से उसे हाथ में पकड़ा तो जिगर बोला- दीदी गुदगुदी हो रही है।

पूजा- अरे इतना सूज गया है और तुझे गुदगुदी हो रही है..

पूजा ने काफी प्यार से पूरे लंड पर वैसेलिन मलहम लगा प्रिया और जिगर से कहा- थोड़ी देर पलंग पर लेट जाओ।

जिगर लुंगी पहन कर लेट गया।

थोड़ी देर बाद पूजा ने देखा कि लंड वैसे का वैसा ही है, इसलिए उसने जिगर से कहा- देखो तुम अगर इसे ठीक करना चाहो तो एक दवाई है मेरे पास, जिससे ये ठीक हो सकता है।

जिगर- जो भी हो.. मेरा ये पहले जैसा कर दो ताकि मैं घर जा सकूँ।

पूजा ने तुरंत अपने सारे कपड़े उतार दिए और ब्रा और पैन्टी में खड़ी हो गई।

जिगर- दीदी, तुमने अपने कपड़े क्यों उतारे और इससे क्या होगा?

पूजा- बुद्धू, मैं और तुम एक दूसरे में समा जाएंगे, जिससे तेरा ये जो लंड खड़ा हुआ है वो बैठ जाएगा।

जिगर- लेकिन दीदी ये तो हर रोज सुबह जब में सुसू करने जाता हूँ, तब खड़ा हो ही जाता है… तो क्या हर रोज मुझे तुम्हारे पास आना होगा?

पूजा- बातें बनाना बंद कर और तेरा लंड उठा कर मेरी चूत में डाल दे।

इतना कह कर पूजा ने अपनी पैंटी उतार दी।

उसकी कुंवारी चूत में आज कुंवारा लंड जाने वाला था।

पूजा पलंग पर जा कर 69 की अवस्था में जिगर के ऊपर जाकर बैठ गई और बड़े ही प्यार से उसका कड़क लम्बा लंड चूसने लगी, जिगर को मजा आने लगा।

पूजा ने उसको अपनी चूत चाटने को कहा, जिगर उसकी चूत चाटने लगा और पूजा मस्त हो गई।

उसको चुदाई के लिए बहुत जल्दी थी, इसलिए उसने जल्दी से जिगर का भीगा हुआ लंड का सुपारा अपनी चूत में पेलना शुरू कर प्रिया।पहले तो पूजा को दर्द हुआ, लेकिन जिगर का लंड काफी कड़क था क्योंकि वो अभी जवानी में कदम रख ही रहा था, इसलिए पूजा की बुर में झटके खाता हुआ पिचकारी छोड़ने लगा।

पूजा ने झट से बाहर निकलते हुए उसका सारा रस पी लिया।

जिगर का लंड अब उसकी पुरानी स्थिति में आ गया था, इसलिए वो खुश हो गया, पूजा की भी इच्छा पूरी हो गई थी।

इसके बाद जिगर काफी बार पूजा के साथ सो जाता था और लंड खड़ा होते ही पूजा को बोलता- दीदी इसे ठंडा कर दो।

दोनों की आग एक-दूसरे में मिल कर ठंडी हो जाती थी, अब तो जिगर को भी चुदाई के बारे में ज्यादा पता चल चुका था, इसलिए वो खुल कर पूजा से चुदाई करता था।

कैसी लगी मेरी जवानी की पहली चुदाई की कहानी?

आगे की कहानी मैं बाद में बताऊँगी कि कैसे जिगर एक दिन अपने दोस्त को ले आया और मेरी चुदाई की।

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

कच्ची कली की कुंवारी बुर का चोदन
पहली बार चुदाई

कच्ची कली की कुंवारी बुर का चोदन

दोस्तो, आपने मेरी पिछली सेक्सी कहानीपड़ोस की देसी सेक्सी लड़की की चूत की प्यासको पढ़ा, कैसी लगी बताइएगा जरूर. आज उसी सेक्स कहानी का दूसरा पार्ट लेकर मैं हाजिर हूँ.

12 मिनट 348
गर्लफ्रेंड की चुदाई
पहली बार चुदाई

गर्लफ्रेंड की चुदाई

मैं एक शानदार लंड का मालिक हूँ। मेरे लंड की लंबाई 7″ और मोटाई 2.5″ की है। मैं अभी 23 साल का हूँ और दिखने में ऐवरेज हूँ.. लेकिन हां मुझमें कामोत्तेजना बहुत है। मैं किसी भी लड़की, भाभी, आंटी को अपने लंड से खुश कर सकता हूँ।

16 मिनट 986
हॉट कॉलेज गर्ल की उसके घर में चुदाई
पहली बार चुदाई

हॉट कॉलेज गर्ल की उसके घर में चुदाई

यंग गर्ल नाईट सेक्स कहानी में मेरी दोस्ती मेरी क्लास की एक लड़की से हो गयी. एक दिन उसने रात को अपने घर बुलाया. वह घर में अकेली थी. उसने मुझे अपना जिस्म दिखाकर गर्म किया.

14 मिनट 420

पाठकों की राय

0 टिप्पणियां
इस कहानी पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!
🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।