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रिश्तों में चुदाई पठन समय: 6 मिनट पढ़ा गया: 1,239 बार

उफनती जवानी बहन की दीवानी

अंकित

13 Sep 2018 को प्रकाशित

उफनती जवानी बहन की दीवानी
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मेरा नाम कपिल है और मैं अब इक्कीस साल का हूँ। बात तब की है जब मैं बारहवीं क्लास में पढ़ता था।

तब मैं एक दुबला पतला लड़का था लेकिन मेरा लण्ड तो तब भी बलवान था, जवानी जो चढ़ रही थी।

हम नए नए जयपुर शिफ्ट हुए थे दादा-दादी, बुआ-चाचा सब शादीशुदा थे और जयपुर में ही रहते थे।

मेरे पापा सबसे बड़े भाई है, परिवार में और उनसे छोटे दो भाई और हैं, एक बुआ भी है, वो भी जयपुर में ही रहती हैं, सबके दो-दो बच्चे हैं इसलिए घर में खूब सारे बच्चे इकट्ठे हो जाते थे खेलने के लिए, बड़ा मज़ा आता था।

बुआ की शादी पहले हो गई थी इसलिए उनकी बेटी पूजा जवान हो चुकी थी, वो उन्नीस साल की हो चुकी थी और बहुत जबरदस्त माल लगती थी।ऐसे गोल-गोल बोबे की कोई भी चूसने के सपने देखने लगे।

मेरी जवानी भी फूट ही रही थी तब इसीलिए पूजा के चूचे देखने में बड़ा मज़ा आता था।

वो खाना परोसने क लिए झुकती तो उसके बड़े-बड़े स्तन बाहर आते थे, मन होता था कि खाना छोड़ कर उसके उरोज दबा डालूँ, पर क्या कर सकता था, सब लोग आसपास ही होते थे इसलिए मन पर काबू करना पड़ता था।

रात को सभी बच्चे दादी के घर के बेसमैंट में सोते थे, देर तक बातें करते थे और खूब ऐश करते थे।

पूजा मुझे बहुत प्यार करती थी इसलिए मैं उसके पास ही सोता था।

एक बार पूजा के हाथ पर एलर्ज़ी हो गई और वो मेरे पास ही सो रही थी। रात को उसे खुजली हुई और उसने मुझे तेल लेकर मालिश करने को कहा।

मैं तेल लेकर आया और हाथ की मालिश शुरू कर दी।

थोड़ी देर में मैं उसके कन्धों तक पहुँच गया और उसे राहत मिल रही थी।

अच्छा मौका देखकर मैं उसके बोबों को भी हाथ लगाने लगा, पर उसने इस पर ध्यान नहीं प्रिया।पर मेरा लण्ड तो खड़ा हुआ जा रहा था, पूजा की गर्म साँसें मुझे और मदहोश कर रही थी।

इसी बीच मेरे दिमाग में एक ख्याल आया कि क्यों ना पूजा को इस बात का पता चल जाए कि मैं क्या महसूस कर रहा हूँ।

मैंने उसका हाथ हटाकर दूसरी जगह रखने के बहाने अपने खड़े लण्ड से छुआ प्रिया, पूजा एकदम से हैरान होकर बोली- अरे, यह क्या है?मैंने धीरे से कहा- आपको तो पता ही होगा!पूजा बोली- पता तो है, पर यह ऐसा क्यों है?

मैं कुछ शरमाया और बोला- ऐसे ही रात को सोते समय कुछ सपना आ रहा था इसीलिए तब से ऐसा ही खड़ा है।पूजा ने मुझसे पूछा- ऐसा क्या देखा तूने सपने में?

मैं काफी देर तक कुछ नहीं बोला लेकिन फिर उसने बार-बार पूछा तो मैंने बताया कि मैंने उसे ही सपने में देखा था।

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वो आगे पूछने लगी तो मैंने बताया कि मैं काफी समय से उसे नंगी देखना चाहता था और बोबे दबाना चाहता था इसीलिए ऐसे सपने मुझे कई बार आ चुके हैं।

मैं यह बताकर बहुत घबरा गया लेकिन पूजा ने मुझे गले से लगा लिया और मुझे होठों पर चुम्बन करने लगी, मुझे बहुत ही मज़ा आ रहा था और मैं सीधे पूजा के रसीले बोबों की तरफ झपटा, रजाई ऊपर डाल ली और 5-7 मिनट तक जोर-जोर से दबाता रहा।

पूजा बोली- तू तो बड़ा हवसी हो गया है रे, बहन के पूरे मज़े ले रहा है।मैंने कहा- पहली बार किसी लड़की को छू रहा हूँ, पूरी प्यास बुझा लेने दो।

यह सुनकर पूजा ने मेरी चड्डी में हाथ डाला और मेरा फड़कता लण्ड अपनी मुट्ठी में जोर से दबा प्रिया।

इतनी देर खड़े रहने की वजह से और जबरदस्त उत्तेजना के कारण मेरा मुठ निकल गया और सारा मुठ पूजा के हाथ पर लग गया।

मेरी चड्डी भी गीली हो चुकी थी इसलिए हम दोनों बाथरूम की तरफ चले गए।वहाँ जाकर मैंने रोशनी में पूजा का नंगा बदन देखा, वो तो क़यामत बरसा रही थी।

मैंने उसे कस कर पकड़ लिया और फिर से उसके पूरे बदन को चूमने लगा।

मेरा लण्ड फिर से खड़ा हो चुका था और उफान मार रहा था, मैं उसकी चूत फाड़ देना चाहता था पर मुझे डर था कि कहीं पूजा प्रेग्नेंट ना हो जाए।

मैं अपना लण्ड पकड़ कर मुट्ठी मारने लगा तो पूजा ने कहा कि वो चुदवाने को तैयार है।यह सुनकर मैंने उससे कहा- तुम प्रेग्नेंट हो गई तो?

उसने मुझे अपनी तरफ खीचकर मेरा लण्ड पकड़ लिया और बोली कि उसका फर्टिलिटी पीरियड नहीं चल रहा और हम चुदाई कर सकते हैं।तब जाकर मेरी जान में जान आई।

पूजा ने बताया कि वो 4-5 बार अपने बॉयफ्रेंड से बिना कंडोम के ही चुद चुकी है।

मेरी हिम्मत और बढ़ गई और मैंने अपना लण्ड उसके मुँह में डाल कर गीला किया फिर मैंने उसकी टांगें खोल कर अपना लंड उसकी फ़ुद्दी पर टिका प्रिया।

पहले ही धक्के में मैंने अपना तीन इंच लंड अंदर घुसा प्रिया।

पूजा चीखने लगी थी, मैंने उसके लबों को अपने लबों से दबा प्रिया दूसरे धक्के में मैंने अपना पूरा लंड अन्दर घुसा प्रिया।उसकी आँखों से आँसू आने लगे, मगर मैं लगातार धक्के लगाता रहा।

थोड़ी देर में हम दोनों झड़ गए और रात को अंडरग्राउंड में वापस आकर दो बार और चुदाई की।यह थी मेरे पहले परम सुख की कहानी मेरी जुबानी…मुझे जरूर बताइए कि आपको कहानी कैसी लगी।support@mohakkisse.com

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