रिश्तों में चुदाई

सेक्स की नगरी की रसीली चुदाई की कहानी- 1

लेखक: अक्षय वाघमारे दिनांक: 18-12-2020 पठन समय: 16 मिनट

सेक्स फंतासी स्टोरी में एक काल्पनिक नगरी है जिसमें जवान होते ही हर लड़की और लड़के को किसी के साथ भी सेक्स करने की खुली छूट थी. सेक्स में खुलापन था.

दोस्तो, मेरा नाम अक्षय है. ये मेरी पहली सेक्स कहानी है. ये कहानी पूरी तरह काल्पनिक है और इसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है.

यह सेक्स फंतासी स्टोरी आपको एक ऐसी दुनिया में ले जाएगी, जिधर सिर्फ सेक्स ही सेक्स भरा पड़ा है.

जवानी की दहलीज पर कदम रखते समय जिस तरह के सेक्स के सपने दिमाग को उत्तेजना के शिखर पर पहुंचा देते हैं, उस सबका समावेश इस हिंदी सेक्स कहानी में आपको पढ़ने को मिलेगा. आप बस अपने लंड चुत को गर्म करके ठंडा करने की तैयारी कर लीजिए.

ये सेक्स कहानी एक ऐसे नगर की कहानी है, जिधर हर परिवार को सेक्स में खुलापन पसंद था.उस नगर का नियम था कि जवान होते ही हर लड़की और लड़के को किसी के साथ भी सेक्स करने की खुली छूट थी.

फिर चाहे लड़की अपने बाप या भाई से ही क्यों न चुदना चाहे.या लड़का या बाप अपनी बहन बुआ आदि को चोदना चाहे.

बस नियम ये था कि जवानी की दहलीज पार हो जाना चाहिए.

नगर में चुदाई के कुछ नियम भी थे, जिसका वर्णन आपको आगे पढ़ने को मिलेगा.

इस देसी सेक्स कहानी की शुरुआत मैं एक परिवार से शुरू कर रहा हूँ.

इस परिवार में चार सदस्य हैं.बाप विजय, उम्र 50 साल, मां सुम्मी, उम्र 48 साल, बेटा गगन 21 साल का है … और बेटी दीक्षा 19 साल की है.

दीक्षा को अपनी चुत की सील खुलवाने की खुजली हो रही थी क्योंकि वो पूरी जवान हो चुकी थी.मगर उसका मन अपने भाई से चुदकर सेक्स का मजा लेना था इसलिए उसने अपने भाई से कह रखा था कि सबसे पहले मैं तुमसे यानि अपने भाई से ही सेक्स करूंगी.

बहन दीक्षा की भरपूर जवानी को देख कर उसका भाई गगन भी उसे सबसे पहले चोदना चाहता था.

दीक्षा ने अपने भाई गगन से कहा था कि वैसे तो मैं 19 साल की हो चुकी हूँ मगर अगले कुछ दिनों में ही मैं नगर के रीतिरिवाजों के अनुसार तुमसे चुदना चाहूंगी.

गगन ने भी अपनी बहन के दूध मसल कर उसकी मंशा जानकर उसे सबसे पहले चोदने का मन बना लिया था.

अब मैं सेक्स कहानी में आगे बढ़ने से पहले आपको इस नगर के रीतिरिवाज बता देता हूँ.

1- कोई भी मर्द किसी भी लड़की या औरत को चोद सकता है, अगर वो 19 साल के ऊपर हो गई हो.

2- अगर वाइफ को 2 या 2 से ज्यादा लोग चोद रहे हों, तो पति वाइफ को छोड़कर दूर नहीं जा सकता है.

3- लड़की की चुत गांड मुँह या शरीर की सील लड़की के बाप के अलावा उसकी मां के बताए गए आदमी से ही फाड़ी जाएगी. वो भी लड़की के घर के सामने एक मंडप में ये चुदाई का खेल होगा.

4- लड़की की पहली चुदाई कब और कौन करेगा, ये बात लड़की की मां को पूरे नगर को बताना पड़ेगी.

5- कोई भी आदमी अपने लंड को हिलाएगा नहीं. जिस लड़की को जो जो मर्द चोदेगा, उस लड़की के घर वाले उस मर्द का लंड चूस कर खड़ा करेंगे.

6- लड़की 19 साल तक चुत गांड मुँह में कुछ नहीं डालेगी.

अब सेक्स कहानी का मजा लीजिए.

चूंकि दीक्षा की मचलती जवानी की तरफ नगर के कुछ मादरचोद लोगों की नजर भी गड़ी हुई थी और वो सब भी उसकी चुत फाड़ना चाह रहे थे.इसमें सबसे आगे दीक्षा का पड़ोसी चाचा दिनकर भी था.

एक दिन विजय का पड़ोसी दिनकर घर में आ गया.

उस वक्त घर में सुम्मी चाची किचन में काम कर रही थी.गगन और दीक्षा पढ़ाई कर रहे थे.

दिनकर ने अन्दर आकर गगन के सामने दीक्षा के चूचे दबा दिए.ये गगन ने देखा तो वो गुस्से से बोलने लगा.

गगन- चाचाजी, ये आप क्या कर रहे हो. आपने मेरी बहन के बूब्स से हाथ नहीं हटाए … तो मैं नगर में सबको बताऊंगा कि मेरी बहन के 19 साल होने के पहले ही आपने उसके साथ हरकत कर दी है.ये सुनकर दिनकर घबरा गया और बोला कि मुझे लगा कि ये अब 19 की हो गई है.

गगन- अभी नहीं, मगर जल्द ही हो जाएगी. फिर आपको नगर के नियम नहीं मालूम हैं क्या … जिस दिन मेरी बहन की चुदाई होगी, वो पूरे नगर के सामने ऐलानिया चुदेगी.

दिनकर- हां बेटा मैं भूल गया था … मैं इसी के लिए आया था, मगर तूने मुझसे पाप होने से बचा लिया. अब ये बता कि तेरे पापा या मम्मी घर पर हैं क्या?

गगन- हां, मम्मी किचन में हैं.

दिनकर किचन में चला गया. वहां उसने सुम्मी को देखा कि वो अपना काम कर रही थी.

दिनकर ने अपना लंड निकाला और सुम्मी के बाल पकड़कर उसे किस करने लगा.सुम्मी भी दो दिन से चुदी नहीं थी तो वो भी गर्म थी. सुम्मी दिनकर को किस करने लगी. दिनकर भी पूरा गर्म था और उसे भी कुछ दिन से कोई चुत चोदने को नहीं मिली थी.

सुम्मी ने दिनकर का लंड देखा, जो पहले से ही उसकी पैन्ट से बाहर निकल कर गुर्रा रहा था.भाभी ने मुस्कुरा कर अपने देवर का लंड पकड़ लिया और उसको हिलाना चालू कर प्रिया.

दिनकर ने भी सुम्मी की चूचियां और गांड जोर जोर मसलना शुरू कर दी थीं.सुम्मी की मादक आवाजें कुछ तेज आवाज में निकलना शुरू हो गई थीं.

अपनी मम्मी की गर्म आवाजें सुनकर गगन भी किचन में आ गया और गगन ये सब देखने लगा.

दिनकर ने गगन को अन्दर आया देखा तो वो सुम्मी की चूची मसलते हुए बोला- क्यों रे भड़वे, अब क्या देखने आ गया है? तेरी अम्मा तो जवान है या इसकी उम्र भी 19 की नहीं हुई है?गगन- चाचा, मेरी मम्मी तो पूरी मस्त माल है, मुझे तो खुद ये सब देख कर मस्ती चढ़ रही है और मेरा भी लंड खड़ा हो गया है.

दिनकर- तेरा लौड़ा क्यों खड़ा हो गया है बे!गगन- चाचा, तुम इतने गुस्से से मेरी मम्मी को मसल रहे हो न … इससे मुझे भी मजा आ रहा है.

दिनकर- तो आ जा भोसड़ी के … बहुत दिन हो गए. अपन दोनों मिलकर इसकी आगे पीछे कि एक साथ लेते हैं. इस तरह से सैंडविच बना कर किसी रांड को चोदे हुए मुझे भी बहुत दिन हो गए हैं. मेरी बेटी आशा जब घर पर थी, तब तेरी मम्मी और आशा दोनों से ही एक साथ चुदाई का मजा मिल जाता था.

गगन ने दिनकर से पूछा- क्यों चाचा, तुमने कभी अपनी बेटी आशा को अकेले नहीं चोदा था?

दिनकर- हां बे … मेरी बेटी आशा ने मुझे अकेले कभी चोदने ही नहीं प्रिया. वो हमेशा मुझसे सुम्मी के साथ चुदाई की कहती रहती थी.

अब गगन भी नजदीक आ गया और उसने अपनी मां के सामने लंड निकाल कर हिलाना शुरू कर प्रिया.

सुम्मी गगन और दिनकर का लंड एक एक करके मुँह में लेने लगी थी.

गगन- चाचा, आज तुम सिर्फ चुदाई के काम से ही मेरे आए थे क्या?दिनकर- नहीं बे … दरअसल मेरी बड़ी बेटी चमेली को देखने कल लड़के वाले आएंगे. मैं इसीलिए आया था कि सुम्मी से उसे घर आ जाने के लिए कह दूँ. इधर तेरी बहन दीक्षा को देखा तो उसे चोदने का मूड बन गया. फिर तूने मना किया तो खड़े लंड को शांत करने के लिए तेरी मां चोदने का मूड बन गया.

इसके बाद दिनकर ने सुम्मी को खड़ी कर प्रिया और उसे कमर से झुका प्रिया.सुम्मी की नंगी चुत से पानी टपक रहा था.

दिनकर ने पीछे से सुम्मी की चुत में लंड लगाया और एक ही झटके में अन्दर डाल प्रिया.सुम्मी की मस्त आह निकली और उसका मुँह खुल गया तो गगन ने अपना खड़ा लंड अपनी मां के मुँह में डाल प्रिया.

गगन- माफ करना चाचा, मैंने आपके खड़े लंड को अपनी बहन की चुत नहीं चोदने दी है … लेकिन क्या करूं … नगर के नियम के अनुसार मेरी बहन जब तक उम्र की रीमा पार नहीं कर लेती, तब तक मैं भी उसे नहीं चोद सकता हूँ.दिनकर- मुझे मालूम है बेटा … अब तू दीक्षा की बात छोड़ और मुझे अपनी मां चोदने का मजा लेने दे.

ये सुनकर वो दोनों सुम्मी की चुदाई में जुट गए.

गगन अपना लंड अपनी मां के मुँह में जोर जोर से मारने लगा और उसका सर पकड़कर जोर से लंड पर दबाने लगा.सुम्मी अपने बेटे के मोटे लम्बे लंड को गले तक ले रही थी, जिस वजह से वो सांस नहीं ले पा रही थी.

उसने गगन की कमर को धकेला और गाली दी- मां के लौड़े … साले सांस तो लेने दे भोसड़ी के.ये सुनकर गगन को गुस्सा आ गया और वो भी गाली देते हुए बोला- साली रांड … मेरा लंड मुँह से निकालती है, तेरी इतनी हिम्मत … देख अब मैं क्या करता हूँ.

इतना कहकर गगन ने सुम्मी के मुँह पर थूक प्रिया और उसने नीचे से अपनी मां की चुत पर अपनी हथेली को जोर से बजा प्रिया.

सुम्मी को अपनी चुत में अन्दर से लंड की चोट पड़ रही थी और बाहर अपने बेटे के हाथ की चमाट पड़ी तो वो कराह कर जमीन पर लेट गई.

सुम्मी चिल्लाई- आह मां, के लौड़े साले … ये क्या कर रहा है!

उसकी तेज आवाज सुनकर दीक्षा भी किचन में आ गई.

गगन ने दीक्षा को देखा तो बोल उठा- देख साली छिनाल ने मेरा लंड अपने मुँह से निकाल प्रिया साली कह रही है कि सांस नहीं ले पा रही है. जा, तू खड़ी खड़ी क्या लंड देख रही है … जल्दी से वो सामने से तेल की शीशी लेकर इधर आ.

दीक्षा ने चुदाई का मंजर देखा तो उसे भी ठरक चढ़ने लगी थी. वो झट से आगे को आई और तेल की शीशी लाकर अपने भाई गगन को दे दी.

गगन ने तेल की शीशी से अपनी मां की चुत और गांड पर तेल लगाया और साथ ही खुद के लंड पर भी लगा लिया.

ये देखकर दिनकर और दीक्षा हंसने लगे कि अब सुम्मी की गांड चुत में लंड चलेगा.

दिनकर- गगन, दीक्षा को इस रंडी के मुँह पर बैठ जाने दे, इसकी चुत को भी मजा आ जाएगा.

गगन ने मना कर प्रिया वो बोला- नहीं चाचा, अगर इसने अपनी चुत में जीभ डलवाई तो ये गर्म हो जाएगी. अभी इसे पूरी जवान हो जाने दो.

दीक्षा अपने भाई की बात सुनकर मन मसोस कर दूर खड़ी हो गई और चुदाई देखने लगी.इधर गगन और दिनकर दोनों मिलकर सुम्मी की चुत गांड मुँह में लंड चलाने लगे थे.

उन दोनों ने सुम्मी की गांड और चुत में एक साथ लंड चलाने शुरू कर दिए और दूर खड़ी दीक्षा अपनी मम्मी की सैंडविच चुदाई की लाइव ब्लू-फिल्म देख कर अपनी चुत को अपनी टांगों से ही रगड़ने लगी.

कुछ ही देर की मदमस्त चुदाई के बाद दोनों मर्दों के लंड का पानी छूट गया और सुम्मी की चुत और गांड में रस टपक गया.

गगन के लंड का रस उसकी मां की गांड में टपका था और दिनकर चाचा के लंड का पानी सुम्मी की चुत में छूट गया था.

चुदाई खत्म हुई तो गगन अपने गीले लंड को लेकर अपनी मां सुम्मी के मुँह के पास आ गया और सुम्मी ने अपने बेटे के लंड का पानी बड़े मजे से चूस कर साफ कर प्रिया.

ये देख कर दिनकर भी गगन की मां के पास आ गया और उसके मुँह से अपना लंड साफ कराने लगा. दिनकर ने अपने लंड को साफ़ कराया और कपड़े पहन कर चला गया.

उधर अपने सामने ये सब मस्ती देखकर दीक्षा अपनी ऐसी ही चुदाई होने के सपने देखने लगी.वो अपनी चुत में में आग से कसमसा रही थी.

गगन ने उसे कसमसाते हुए देखा तो उसने कहा- इधर आ जा कुतिया … तू भी अपनी मां की चुत चाट करके उसे साफ़ कर दे.

मगर सुम्मी ने मना कर प्रिया और उसने गगन से अपनी चुत चाटने का कहा.

अब सुम्मी अपने बेटे की जीभ से अपनी टपकती चुत का रस चटवाने लगी.दस मिनट बाद गगन ने अपनी मम्मी की चुत को मुँह से चाट कर साफ कर प्रिया. सुम्मी आह आह करती हुई निढाल पड़ गई.

ये सब होने के बाद भाई बहन पढ़ाई के लिए बैठ गए और मां किचन के काम में व्यस्त हो गई.

जब शाम को विजय घर आया. तब सुम्मी ने उसे बताया कि आज दिनकर घर आया था, उसकी बेटी को देखने लड़के वाले आने वाले हैं.

विजय ने ये सुना तो वो बोला- अच्छा इसका मतलब उसकी लौंडिया शादी के लायक हो गई है, उसके लिए लंड की खोज चल रही है.सुम्मी हंसने लगी और बोली- हां चमेली की चुत जवान हो गई है … जाओ उसे देख आओ.

खाना खाने के बाद विजय दिनकर के घर आ गया. उसके साथ में गगन भी आ गया था.

दिनकर की उम्र 53 साल की थी और उसकी पत्नी जया 48 साल की थी.जया ने अपने बूब्स और गांड बड़े मेंटेन किये हुए थे.

उसकी दो बेटियां थीं. बड़ी का नाम आशा था और वो 27 साल की थी. आशा शादीशुदा थी. दूसरी बेटी चमेली अभी 22 साल की थी.

चमेली के बूब्स और गांड भी काफी मस्त हैं. उसे कोई भी एक बार देख ले तो गारंटी से उसके लंड से पानी निकल जाए.

चमेली का भी सील तोड़ो कार्यक्रम हो चुका था, जिसके लिए जया ने नगर के ही एक लड़के को चुना था.

आशा और चमेली की खूबसूरती को देख कर नगर के लोग लंड हिलाने लगते थे. आशा को कई लोग चोद चुके थे मगर चमेली की चुत को चोदने का मन होने के बावजूद भी नगर के किसी अन्य मर्द ने उसे अब तक नहीं छुआ था.

इस वजह से वो अभी नगर के किसी भी लंड के नीचे नहीं आ पाई थी, चमेली ने सिर्फ अपनेब्वॉयफ्रेंड के साथ ही चुदाई का मजालिया था.

दोस्तो, इस मादक देसी सेक्सी कहानी में आगे सेक्स का दरिया बहने वाला है.

आप पहले मेरी इस सेक्स फंतासी स्टोरी के लिए अपने मेल लिख दें. उसके बाद आप अपने लंड चुत को किसी भी तरह शांत करने के लिए फ्री हैं.

support@mohakkisse.com

सेक्स फंतासी स्टोरी का अगला भाग:सेक्स की नगरी की रसीली चुदाई की कहानी- 2