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चुदाई की कहानी पठन समय: 10 मिनट पढ़ा गया: 1,002 बार

तमन्ना की चुदने की तमन्ना

महेश लोंग डिक

07 Apr 2014 को प्रकाशित

तमन्ना की चुदने की तमन्ना
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मेरा नाम महेश (बदला हुआ) है. मैं 28 साल का सांवला सा लड़का हूँ. कई लोग अपने लंड का साइज़ बताते हैं कि उनका लंड घोड़े से भी बड़ा है और शेर की तरह दिन भर चोद सकते हैं. मैं ऐसा कुछ नहीं लिखूंगा. मेरा लंड 6 इंच से जरा लंबा है और 3 इंच मोटा है. मेरे लंड की ख़ासियत ये है कि वो आगे से थोड़ा पतला, बीच में मोटा और आख़िर में थोड़ा कम मोटा है.

मैं फिलहाल दिल्ली में रहता हूँ और यहीं एक प्राइवेट कंपनी में मैनेजर की पोस्ट पे जॉब करता हूँ. मेरे ऑफिस में करीब 75% संख्या लड़कियों की है. उन्हीं में से एक लड़की जिसका नाम तमन्ना (बदला हुआ) है, मेरे करीब आने लगी.

चूँकि मैं मैनेजर हूँ, तो उसका काम मुझ से पड़ता रहता था. वो जब भी मुझसे कुछ पूछने आती तो बिल्कुल चिपक कर खड़ी होती थी. मैंने शुरूआत में इसे इग्नोर किया और अपने काम पे ध्यान दिया. पर जब ऐसा अक्सर होने लगा तो मैं जरा विचलित होने लगा. आखिर मैं भी एक लड़का हूँ, कब तक एक मस्त लौंडिया को अनदेखा करता.

धीरे धीरे मेरे मन में भी उसके साथ बैठने और चिपकने का ख्याल आने लगा. वो सांवली सी पतली दुबली लड़की थी, पर उसके नैन नक्श ऐसे थे कि किसी की भी उसकी जवानी पर नियत खराब हो जाए. जब मैं उसमें इंटरेस्ट लेने लगा तो वो मुझसे और ज्यादा चिपकने लगी और बाहर मिलने के लिए बोलने लगी.

मार्च 2017 को हम सीसीडी में कॉफ़ी के लिए मिले. हमने कॉफ़ी पी और खूब देर बात की. उसने अपने बारे में बताया कि कैसे उसके पुराने ब्वॉयफ्रेंड ने उसको धोखा दिया था. हम करीब एक घंटे बाद बाहर निकले और मेट्रो में गए. ट्रेन से उतरते वक्त उसने मेरे गालों पे किस कर लिया और मुस्कुरा कर चली गयी. मैं उसकी इस हरकत पर हक्का बक्का रह गया. दिल्ली की लौंडियां तेज होती हैं, पर इतनी तेज होंगी ये मैंने भी नहीं सोचा था. मैं उसके जाने के बाद बस अपना लंड सहलाता हुआ ही रह गया.

अगले दिन हम ऑफिस में मिले तो वो मुझे देखकर मुस्कुरा रही थी. मैंने उसे अपने केबिन में बुलाया और बात करने लगा. मैं उससे अकेले में मिलने चाहता था, पर मेरे कहने से पहले ही उसने बोला कि वो मुझसे अकेले में मिलना चाहती है और समय बिताना चाहती है.

मैं समझ गया कि वो मेरे साथ सेक्स करना चाहती है. मैंने पूछ लिया कि मिल के क्या करना है?तो उसने कहा- मुझसे मिल कर आप जो भी करना चाहते हों, वो कर लेना.. मैं आपको रोकूंगी नहीं.मैंने कहा- फिर भी कुछ बताओ तो कि तुम मुझसे मिल कर क्या करना चाहोगी?वो हंस दी और बोली- एक लड़की जब अकेले में किसी जवान लड़के से मिलती है तो वो क्या करना चाहेगी? आप खुद सोचो?मैंने कहा- और ज्यादा तो कुछ नहीं मालूम, लेकिन जो कल तुमने ट्रेन से उतरते समय किया था, बस वही करना चाहती हो या उसके आगे भी कुछ करना चाहोगी?वो बोली- वो तो मैं अभी भी कर सकती हूँ.

ये कह कर वो मेरी तरफ झुकी और मेरे होंठों से होंठ लगा कर चूमने लगी. मैं भी उसके होंठों का रस पीने लगा.

तभी वो अलग हुई और बोली- इससे ज्यादा इधर और कुछ नहीं हो सकता इसी लिए मैं तुमसे अकेले में मिलना चाहती हूँ.मैंने कहा- ठीक है तुमने मेरी प्यास जगा दी है और अब मैं तुमसे अकेले में मिल कर अपने मन का सब कुछ करना चाहता हूँ. मना तो नहीं करोगी?वो आँख मारते हुए ‘पूरे बुद्धू हो.. मैं तो खुद वो सब चाहती हूँ.’ कह कर हवा के झोंके की तरह मेरे केबिन से बाहर निकल गई.

इसके बाद हम दोनों में सब कुछ खुलता चला गया और अकेले मिलने का समय और स्थान भी तय हो गया.

हमने मई महीने में 2 दिनों की एक साथ छुट्टी ले ली. वो मेरे कमरे पे शाम में ही आ गयी और अपने घर पे बता दिया कि उसे ऑफिस के काम से 2 दिनों के लिए बाहर जाना है. शाम में मिल कर हमने खाना बनाया और खाया. उसके बाद वो बाथरूम में अपना हैंडबैग लेकर गई और 5 मिनट बाद बाहर आई तो मैं उसे देखता रह गया. उसने बेबीडॉल नाइट सूट पहन रखा था, जिससे उसके शरीर का हर अंग दिख रहा था. उसके शरीर पे एक भी बाल नहीं था.

वो मेरे पास अपने कमर हिलाते हुए आने लगी. मैं भागते हुए उसके पास गया और उसको गले से लगा कर किस करने लगा. वो इतने में ही बेकाबू होने लगी और मेरे लंड को पैंट के ऊपर से ही पकड़ कर मसलने लगी. मैंने उसके शरीर से नाम मात्र के कपड़ों को भी आज़ाद कर दिया और खुद भी नंगा हो गया. मेरा लंड बिल्कुल सख्त था और उसके पेट से लग रहा था. उसने मेरा लंड अपने हाथों में लिया, मेरी आंखों में देखा और बैठते हुए अपने मुँह में ले लिया.

मैं बता नहीं सकता, मुझे कितना आनन्द आया. करीब 5 मिनट में मुझे लगा कि मैं झड़ने वाला हूँ. मैंने अपना माल उसके मुँह में ही निकाल दिया और उसने उसे पूरा पी लिया. बाद में उसने बताया कि उसने अपने ब्वॉयफ्रेंड के साथ ओरल सेक्स किया था और उसका पानी पीती थी.

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अब मेरी बारी थी. मैंने उसके दूध को सहलाना और चूसना शुरू किया. मेरा एक हाथ उसकी चूत से खेल रहा था. उसकी चूत से पानी ऐसे निकल रहा था, जैसे नल से थोड़ी थोड़ी लीकेज हो रही हो.

धीरे धीरे मैं नीचे होते हुए उसके उसकी चूत तक पहुंचा और जैसे ही मैंने जीभ लगाई, वो झड़ने लगी. उसने बताया कि वो करीब 8 महीने से नहीं चुदी है और अब बर्दाश्त नहीं कर पा रही है.

मैंने उसको किस करना शुरू किया तो वो फिर से गर्म हो गयी और मेरे लंड को पकड़ कर अपनी चूत के पास ले गयी. मैंने उसकी गांड के नीचे तकिया लगाया और उसकी चूत पर अपने लंड को सैट किया. उसकी चुत उसके ही पानी से गीली हो रही थी. मैंने जैसे ही धक्का लगाया, मेरे लंड का टोपा उसकी चूत में घुस गया, पर दर्द के मारे उसके आंखों से आंसू आ गए.

मैं अपना लंड आराम से घुसाने लगा, तो वो बोली- तेज धक्का मारो और एक बार में अन्दर डाल दो.

मैंने भी बिना कुछ सोचे समझे तेज धक्का लगाया और मेरा पूरा लंड उसकी चूत के अन्दर चला गया. मैंने उसके होंठों को अपने होंठों से बंद कर रखा था तो उसकी आवाज़ तो बाहर नहीं आई, पर उसकी आंखों ने पूरा हाल बयान कर दिया.

करीब दो मिनट तक मैं बिना हिले उसके ऊपर पड़ा रहा. जब वो अपनी कमर नीचे से हिलाने लगी तो मैंने भी धीरे धीरे उसे चोदना शुरू कर दिया. जब उसका दर्द खत्म हो गया तो वो खुद को गालियां दे कर कहने लगी- चोद दो मुझे, फाड़ दो मेरी कमीनी चूत को, दो दिन तक लंड को बाहर मत निकालना.

मैंने भी उसे उसी भाषा में जवाब दिया. हम गालियों में बात करने लगे, पर सिर्फ़ चुदाई की बातें नहीं कर रहे थे. इससे ध्यान बंटता है और आप ज़्यादा देर तक चोद सकते हो. वैसे भी हम दोनों का थोड़ी देर पहले ही पानी निकला था तो जल्दी झड़ने का सवाल ही नहीं था.

मैंने उसकी गर्म गुलाबी चूत को करीब 15 मिनट तक अलग अलग तरीकों से चोदा. इस बीच वो 2 बार झड़ चुकी थी और मैं थकने लगा था.आख़िर में मैंने उसे अपने ऊपर बैठाया और नीचे से अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया. वो मेरे ऊपर लेट गई और अपनी कमर हिलाने लगी. दो मिनट बाद मैंने उसे बोला कि मैं झड़ने वाला हूँ.. तो वो और ज़ोर से मुझे चोदने लगी और बोली कि वो भी आने वाली है. बस 10-15 धक्कों के बाद हम दोनों साथ में झड़ गए और वो मेरे ऊपर ही लेट गयी. मेरा लंड अभी भी उसकी चूत में था और कड़क था.

करीब 15 मिनट बाद वो दुबारा वैसे ही मुझे चोदने लगी. हमने दुबारा चुदाई की.

बाद में जब हम अलग हुए और तब मैंने ध्यान से उसके नंगे बदन को देखा. अगले दो दिनों तक वो मेरे कमरे पे ही रही और हम दोनों ने दो दिन में करीब 10 बार सेक्स किया. इन दो दिनों में मैंने उसकी गांड भी मारी और उसकी सहेलियों को भी बुलाने के लिए पटा लिया. उसकी गांड मारने में उसके साथ साथ मुझे भी बहुत दर्द हुआ क्योंकि ये उसका पहली बार था और गांड बहुत कसी हुई थी.

मैंने उसकी दो सहेलियों को भी चोदा है.. पर वो कभी बाद में लिखूंगा. तब तक के लिए नमस्ते, आप अपने विचार जरूर शेयर कीजिएsupport@mohakkisse.comधन्यवाद.

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पाठकों की राय

3 टिप्पणियां

कबीर कुमार 1

1 week ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

पारुल पाण्डे

1 week ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

दीपक कुमार 7

3 weeks ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

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