किस्से पर वापस जाएं
जीजा साली की चुदाई पठन समय: 5 मिनट पढ़ा गया: 797 बार

कॉलेज लाइफ में पर पुरुष से प्यार

नीतू पाटिल

10 Apr 2016 को प्रकाशित

कॉलेज लाइफ में पर पुरुष से प्यार
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

दोस्तो, मेरा नाम नीतू है।बात तब की है.. जब मैं कॉलेज में पढ़ती थी। मैं और मेरी क्लासमेट एक रूम में ही रहते थे।मेरी रूममेट हमेशा अपने बॉयफ्रेंड से रात-रात भर फ़ोन पर बातें किया करती थी।मेरा कोई बॉयफ्रेंड नहीं था.. तो मैं अकेलापन महसूस करके रह जाती थी।

हमारी बिल्डिंग के पास एक गार्डन है और एक रेस्टोरेंट भी है। मैं रोज शाम को वहाँ नाश्ता करने जाती थी और छोटे बच्चों को खेलते हुए देखती थी।

एक दिन जब मैं वहाँ गई.. तब वहाँ एक डेढ़ साल की बच्ची रो रही थी, उसके आस-पास कोई नहीं था। तो मैं उसके पास गई और उससे उसका नाम पूछा और थोड़ी बात की.. और उसे आइसक्रीम दिला दी।

थोड़ी देर बाद उसने बताया कि उसका नाम परी है और वो अपने पापा के साथ आई है।

इतने में उसके पापा भी वहाँ आ गए और उन्होंने मुझे थैंक्स बोला और कॉफ़ी ऑफर की।मैंने ‘ना’ कहा.. लेकिन बाद में उनके बहुत रिक्वेस्ट करने पर ‘हाँ’ बोल दिया।उनका नाम नितिन था और वह सिटी में नए थे।

अब जब मैं पार्क में जाती थी.. तो नितिन और परी से मिलती थी। बातों-बातों में नितिन ने बताया कि उनकी वाइफ की डेथ उनकी परी के जन्म के समय ही हो गई थी और परी के लिए उन्होंने दूसरी शादी नहीं की।मुझे उनके लिए दुःख लगा।

अब हम रोज 2-3 घन्टे पार्क में बातें करते थे और रात को मैसेज किया करते थे।

मुझे अब वो अच्छे लगने लगे थे। परी और मैं भी आपस में घुल-मिल गए थे।

एक सन्डे को नितिन का कॉल आया और उन्होंने बोला- मेरे ऑफिस से अर्जेंट कॉल आया। मुझे 5-6 घन्टे के लिए जाना है.. अभी तक परी की आया भी नहीं आई है.. तो क्या तुम परी का ध्यान रख लोगी?

मैंने ‘हाँ’ कर दी.. नितिन मुझे लेने मेरी बिल्डिंग के पास आए और मुझे साथ लेकर अपने घर पर छोड़ दिया और ऑफिस चले गए।

उनके घर पर मैंने परी को खाना दिया और उसे नहलाने लगी.. तो मेरा ड्रेस गीला हो गया।

मैंने उसे सुलाया और कपबोर्ड में ड्रेस देखने लगी, मुझे नितिन की वाइफ की बहुत साड़ी और ब्लाउज मिले। उसकी और मेरी फिटिंग लगभग एक सी थी। मैंने सोचा कि ड्रेस सूखने पर वापस चेंज कर लूँगी।

नितिन को आने में अभी टाइम था.. तो मैंने एक-एक करके साड़ी पहन कर देखना शुरू कर दीं।

यह भी पढ़ें (Recommended)

मेरा पहला साण्ड-4

उसमें एक पिंक कलर की साड़ी थी.. जब मैंने वो पहनी.. तभी दरवाजे की घंटी बजी और परी की नींद खुल गई और वो रोने लगी।

मैंने दौड़ कर दरवाजा खोला तो नितिन थे, मुझे उनकी वाइफ की साड़ी में देख कर वे चौंक गए।

मैं जाकर परी को शांत करने लगी, थोड़ी देर बाद वो शांत हो गई।

जैसे ही मैं खड़ी हुई.. तो नितिन ने मुझे पीछे से पकड़ लिया। मैं कुछ समझती.. तब तक नितिन ने मेरे नंगे पेट पर और छाती पर हाथ फेरना चालू कर दिया।

मैंने विरोध किया.. पर उनकी ताकत ज्यादा थी।

थोड़ी देर बाद मुझे भी अच्छा लगने लगा और मेरा विरोध कमजोर होने लगा। उन्होंने मुझे अपनी तरफ घुमाया और मुझे चुम्बन करने लगे, मैं भी साथ देने लगी।

कब हमारे कपड़े उतर गए.. पता ही नहीं चला। वो मेरे स्तनों को चूसने लगे.. मैंने अपनी आंखे बंद कर लीं और उनके बाल पकड़ लिए।

वो कभी मुझे किस करते तो कभी स्तन चूसते.. कुछ मिनट बाद उन्होंने मुझे चोदने की स्थिति में लिटा कर अपना लिंग मेरे अन्दर घुसा दिया।मुझे थोड़ा दर्द हुआ पर मैं सहन कर गई।

दस मिनट के बाद हम साथ ही झड़ गए और वैसे ही लिपट कर सो गए।एक घन्टे बाद नींद खुली तो नितिन मुझे ‘सॉरी’ बोलने लगे।

मैंने भी कहा- जो कुछ भी हुआ उसमें मेरी भी मरजी थी।तो वो खुश हुए और मुझे चूमने लगे।

उस रात मैं उनके घर में ही रही। उसके बाद हर 3-4 दिन बाद हम सेक्स करने लगे थे। बाद में जब मेरा कॉलेज खत्म हुआ और मैं वो शहर छोड़ कर पढ़ाई के लिए दूसरे शहर में चली गई।

यह मेरी सच्ची कहानी है। मुझे मेल करें और अपने विचार भेजें।support@mohakkisse.com

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

जवानी में चुदाई की भूख-2
जवान लड़की

जवानी में चुदाई की भूख-2

जवान लड़की की सेक्स स्टोरी के पहले भागजवानी में चुदाई की भूख-1में आपने पढ़ा:

16 मिनट 997
सविता की सहेली शोभा का सरप्राइज़
Group Sex Story

सविता की सहेली शोभा का सरप्राइज़

सविता भाभी की सहेली शोभा ने एक पार्क में दो लड़कियों को आपस में लेस्बियन सेक्स करती देखा तो उसे सविता के साथ किये समलैंगिक सेक्स की याद आ गयी. उसने सविता के घर जाकर उसे सरप्राइज़ देने का सोचा.तभी शोभा सविता के घर पहुँच गयी. पर वह वहां का दृश्य देख क...

2 मिनट 405
मेरा पहला साण्ड-4
कोई मिल गया

मेरा पहला साण्ड-4

सुनील ने मुझे राहुल से इतवार को मिलवाने का वादा किया था। मैं रविवार का इंतज़ार करने लगी और सोचती रही राहुल कैसा दिखता होगा, जिम में ट्रेनर है लोगों की बॉडी बनवाता है, तो उसकी खुद की बॉडी कितनी मस्त होगी, मैं दो दिनों तक दिन-रात यही सोचती रही।

13 मिनट 220

पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

प्रकाश सुतार सीकर

1 week ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

श्रेयस पटेल

1 week ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।