चुदाई की कहानी

बुआ की बेटी के बैग में मिला डिल्डो

लेखक: विजय 5 दिनांक: 20-11-2015 पठन समय: 13 मिनट

कज़िन सिस्टर फक स्टोरी मेरी बुआ की बेटी की चूत चुदाई की है. वह हमारे घर रहने आई। उसके सामान में मुझे डिल्डो दिखा। मैं समझ गया कि इसकी चूत मिल जायेगी.

दोस्तो, मेरा नाम अजय है। मेरी उम्र 21 साल है और मैं लखनऊ का रहने वाला हूँ।

यह कज़िन सिस्टर फक स्टोरी दो साल पहले की है।उन दिनों मेरी बुआ की लड़की रिया हमारे घर रहने आई थी।

मैं आपको रिया के बारे में क्या ही बताऊँ!वो मुझसे उम्र में तीन साल बड़ी है और उसका फिगर 32-28-34 है।

रिया इतनी गोरी है कि दूध भी उसके रंग के सामने मैला लगे।उसके घर में उस पर काफी दबाव बना कर रखा जाता था इसलिए उसका कोई ब्वॉयफ्रेंड नहीं था।

वो जब हमारे घर आई तो मुझे जवान हुआ देखकर हैरान हो गई और फिर खुश होते हुए गले से लग गई।

रिया जैसे ही मेरे गले लगी मेरे रोम-रोम में आग लग गई।उसकी चूचियों का स्पर्श मेरी छाती पर हुआ तो दिल में घंटियां बजने लगीं, स्तनों का ऐसा मादक स्पर्श मुझे पहली बार मिला था।

हालांकि रिया मुझसे उम्र में बड़ी थी, लेकिन हम दोनों के बीच एकदम दोस्ती वाला रिश्ता था।

तभी मम्मी ने कहा- जाकर रिया का सामान कमरे में रख आओ।मैं सामान रखने गया तो मेरे हाथ से रिया का छोटा बैग छूट गया।

मैं जब उसे सही करने लगा तो मैंने रिया के बैग में डिल्डो देखो, मैं तुरंत समझ गया रिया की चूत को लंड की तलाश है।अब मैं उसे पटाने की तरकीब सोचने लगा।

मैं रात को सबके सोने के बाद चुपके से रिया के कमरे में गया।मेरे जाते ही उसने झट से कोई चीज अपने हाथ में छुपा ली और हाथ को तकिया के नीचे कर लिया।

मैं तुरंत समझ गया कि वो क्या कर रही थी।रिया हड़बड़ाते हुए बोली- क्या हुआ अजय? कोई काम था क्या?

मैंने अब उसका फायदा उठाने की कोशिश की।स्मार्ट बनते हुए मैं बोला- मैंने सब देख लिया है, तू जो कर रही थी, और जो तू अपने बैग में लेकर आई है, मैं पहले ही देख चुका था। अब मैं बुआ को भी बता दूंगा तेरी हरकतों के बारे में।

वो नाटक करने लगी और बोली- क्या बोल रहा है तू … ऐसा क्या देख लिया तूने … मेरे पास ऐसा कुछ भी नहीं है जो तू मुझे ऐसे धमकी दे रहा है।मैंने कहा- तू चालाक बन रही है, लेकिन तेरी चालाकी मेरे सामने नहीं चलेगी पगली, तू चाहती है मैं उस चीज को तेरे हाथ से लेकर तुझे दिखाऊं? ठीक है, तो मैं खुद ही दिखा देता हूं।

उसका नाटक अब छू मंतर हो गया।मैं उसकी तरफ बढ़ने लगा तो वो डर गई और मेरे आगे किसी को इस बात के बारे में न बताने के लिए मिन्नतें करने लगी- प्लीज ऐसा मत करना, अगर मां को पता चला तो वो मेरी चमड़ी उधेड़ देगी। तू जो कहेगा, मैं करूंगी।

मैंने इसी का फायदा उठाते हुए कहा- सेक्स करना है मुझे, मैंने कभी किसी के साथ नहीं किया है। तू मेरी हेल्प करेगी?

वो बोली- तू पागल हो गया है क्या? भाई है तू मेरा!मैं बोला- देख, मुझे वो सब नहीं पता, लेकिन जब से मैंने तेरे बैग में डिल्डो देखा है, तब से ही तेरे साथ सेक्स करने की इच्छा हो रही है। आगे तू सोच ले कि क्या करना है, मैं सच में बुआ को तेरी इस बात के बारे में बता सकता हूं।

पहले तो उसने संकोच किया … लेकिन वो डरी हुई थी और वैसे भी लंड तो उसको भी चाहिए ही था।फिर उसने हामी भर दी।

मैंने दरवाजे को अंदर से बंद किया और उसके पास जाकर बेड पर कूद गया।

मैंने उसके होंठों को चूसना शुरू किया और वो भी मेरा साथ देने लगी।

उसकी सांसों की गर्माहट मुझे वो सुख दे रही थी जिसकी मैं अर्चना भी नहीं कर सकता था।फिर मैंने उसकी नाइट ड्रेस को खोल प्रिया।

नीचे उसने ब्रा भी नहीं पहनी हुई थी।उसकी नंगी, गोरी चूचियां देखकर मैं अपना आपा खो बैठा और जोर जोर से उसके बूब्स को दबाते हुए चूसने लगा।

मेरा जोश काफी ज्यादा था और मैं बीच बीच में उसकी चूचियों के निप्पल को दांतों से काट भी लेता था।

उसके मुंह से आह्ह … उफ्फ … जैसी कामुक और दर्द भरी आवाजें निकल रही थीं।अब मैं उसके शरीर को धीरे-धीरे चूमने लगा।कुछ मिनटों के बाद वो भी पूरी तरह से गर्म हो गई।

मैंने अपना लोअर निकाला और लंड उसके मुंह के सामने कर प्रिया।

उसने जल्दी से मेरे लंड को लपक लिया और मुंह में लेकर चूसने लगी।वो बहुत मजा दे रही थी.लंड चुसवाने में ही मुझे स्वर्ग सा मालूम पड़ रहा था।

वो मेरे लंड को ऐसे चूसने में लगी थी मानो सालों से जिसका इंतजार था वो आज उसे मिल गया।

काफी देर लण्ड चुसवाने के बाद मैंने उसे सीधी लिटाया और उसकी चूत चाटने लगा।

उफ्फ … उसकी गुलाबी चूत … जिसको शायद अब तक लंड का मजा नहीं मिला था, वह केवल प्लास्टिक के डिल्डो से ही मन बहला रही थी, बहुत ही रसीली हो गई थी।

उसकी चूत की वो मादक खुशबू मुझे पागल कर रही थी।

पूरे जोश में मैं उसकी चूत चाटने लगा और रिया मादक सिसकारियां लेने लगी- स्स्स … आह्ह … अम्म … आह्ह … ओह्ह … आराम से।मैं सब्र नहीं कर पा रहा था और उसकी चूत को बस चूस-चाटकर खाने में लगा था।

कुछ देर उसकी चूत चाटी और फिर हम दोनों ने 69 की पोजीशन ले ली।वो लंड चूसने में जैसे माहिर लग रही थी और मैं भी उसकी चूत को चाटने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा था।

धीरे-धीरे मजा बढ़ता गया और फिर मेरा माल छूटने को हो गया।एकदम से मैं वीर्य को रोक नहीं पाया और मैंने सारा माल रिया के मुंह में ही पिला प्रिया।वो भी पूरे मजे के साथ उसको पी गई।

कुछ देर के लिए मेरा जोश ठंडा हो गया।

अब मैं आराम से उसके नंगे बदन को सहलाने लगा, उसकी चूचियों से खेलने लगा।

दस मिनट के लगभग हम दोनों एक दूसरे के बदन को सहलाते रहे।वो मेरे लंड और गोटियों को दुलारती रही और मैं उसकी चूत और चूचियों को छेड़ता रहा।

फिर मेरा लंड दोबारा से तनाव में आने लगा।जैसे ही रिया को लगा कि लंड खड़ा होने लगा है, उसने झट से लंड को मुंह में ले लिया और तेजी से चूसने लगी।

कुछ ही देर में उसने लंड को पूरा टाइट कर प्रिया।मेरा लंड एक बार फिर से लोहे जैसा सख्त हो गया।

वो मेरे लंड को तेजी से चूसे जा रही थी।इतने में मैंने उसकी चूत में उंगली दे दी क्योंकि अब मुझसे भी नहीं रुका जा रहा था।मैं तेजी से उसकी चूत में उंगली चलाने लगा।

जब उससे चूत की चुदास बर्दाश्त नहीं हुई तो उसने लंड को मुंह से निकाल प्रिया और बोली- बस, अब डाल दो अंदर!मैंने उसकी चूत से उंगली निकाल ली और उसको बेड पर पीठ के बल पटक लिया।

बहन की चूत पर मैंने थूक लगाया और फिर अपने लंड के टोपे पर भी थूक लगा लिया।

लिंग मुंड को अच्छे से चुपड़ने के बाद मैंने उसकी चूत पर लंड का टोपा टिका प्रिया और धीरे धीरे जोर लगाते हुए अंदर सरकाने लगा।मेरा लंड रिया की चूत में अंदर सरकने लगा।शायद डिल्डो ले-लेकर उसने चूत को इसके लिए आदी बना प्रिया था।

धीरे-धीरे धक्के लगाते हुए मैंने चार-पांच धक्कों में पूरा लंड उसकी चूत में उतार प्रिया।उसके मुंह से कोई आवाज न हो इसलिए मैंने उसके होंठों पर अपने होंठों को कसा हुआ था।उसको तकलीफ बहुत हो रही थी लेकिन घर वालों के डर से हम दोनों ही कुछ आवाज नहीं कर रहे थे।

पूरा लंड चूत में जाने के बाद मैंने रिया को धीरे-धीरे चोदना शुरू किया।उसको भी कुछ देर के बाद मजा आने लगा, वो भी चुदाई में पूरा साथ देने लगी।

कुछ देर मैंने उसको मिशनरी पोजीशन में चोदा।जब मैं थकने लगा तो फिर वो भी समझ गई और उठकर मुझे नीचे लिटा लिया।

उसने मेरे लंड को हाथ में लिया और उसकी चूत पर सेट करते हुए उस पर बैठ गई।

धीरे-धीरे बैठते हुए वो पूरा लंड चूत में अंदर ले गई।लंड को अंदर लेकर वो उछलने लगी और मैंने उसके चूतड़ों पर हाथ सेट कर लिए।अब मैंने नीचे से धक्के लगाने लगा।

इस पोजीशन में चोदते हुए मुझे और ज्यादा मजा आने लगा।रिया भी शायद इस पोजीशन में ज्यादा मजा ले रही थी और तीन-चार मिनट के बाद अचानक से उसकी चूत से काफी सारा गर्म पानी निकल गया जो मुझे मेरे लंड पर बहता हुआ महसूस हुआ। शायद वो झड़ गई थी।

उसके बाद मैंने उसको लंड से उतारा और उसको करवट के बल लेटाकर पीछे से उसकी चूत में लंड पेल प्रिया।मैं अब पीछे से हाथ आगे की ओर लाकर उसकी चूचियों को भींचते हुए उसकी चूत को चोदने लगा।उसको दर्द हो रहा था लेकिन मैं अब पूरे जोश में आ चुका था।

चुदते हुए ही वो फिर से गर्म होने लगी।अब वो खुद ही अपने हाथों से अपनी चूचियों को भिंचवाने लगी।

मैं उसको चोदे जा रहा था और वो सिसकारियां लिए जा रही थी- आह्ह … आह्ह … और जोर से … फाड़ दे मेरी चूत … आह्ह … असली मजा आ रहा है … डिल्डो से ऐसा मजा कभी नहीं आता … आह्ह … और चोद अजय।

उसकी कामुक बातें सुनकर मेरा जोश और ज्यादा बढ़ रहा था।

फिर मैंने उसको घोड़ी बना लिया और उसके पीछे घुटनों पर खड़ा होकर उसको चोदने लगा।अब मैं पूरी ताकत लगाकर उसकी चूत में धक्के लगा रहा था।

इस पोजीशन में उसको थोड़ा दर्द होने लगा था लेकिन मैं रुक नहीं रहा था।वो हल्की दर्द भरी आहें ले रही थी- आईई … उईई … आराम से … आह्ह … आह्ह … आउच … धीरे कर यार … दुख रही है।

मैं अपनी ही धुन में लगा हुआ था।लगातार 10 मिनट तक मैंने उसको उसी पोजीशन में ताबड़तोड़ तरीके से चोदा।इस बीच वो एक बार और झड़ गई।

अब मेरा मन उसकी गांड मारने का किया।मैंने उसकी गांड में लंड लगाया तो उसने हाथ से हटा प्रिया।वो घूमकर बैठ गई।

मैंने उसको गांड चुदाई के बहुत मनाया लेकिन वो नहीं मानी।फिर मैंने आखिरकार उसके मुंह में लंड देकर चोदना शुरू किया।मुंह को चोदते हुए मैंने सारा माल उसके मुंह में ही गिरा प्रिया।

फिर हम दोनों शांत हो गए।

उसके बाद मैं उसके रूम से आ गया क्योंकि ज्यादा देर रात तक वहां रुकना ठीक नहीं था।

अगले रोज दिनभर हमारी नजरें टकराती रहीं लेकिन किसी ने कुछ नहीं कहा।

रात को फिर मैं उसके रूम में पहुंच गया और उसकी चुदाई की।वो कई दिन हमारे घर पर रही और मैंने रोज रात को उसकी चूत मारी।मेरी बहन भी चुदने के लिए उतावली रहती थी।

हमारी इस रासलीला का किसी को पता नहीं चला।

रिया के रहते हुए मेरी हर रात मजे से भरी होती थी। रिया को भी अबडिल्डो की जरूरतनहीं पड़ती थी।

फिर वो अपने घर वापस लौट गई और मुझे उसकी चूत मारने की याद सताने लगी।

इतने दिन चोदने के बाद मैं अब रात को चूत मारे बिना बेचैन सा रहने लगा।फिर जब हम दोबारा मिले तो मैंने रिया की गांड भी मार ली।

आपको वो स्टोरी भी बताऊंगा कि कैसे मैंने रिया को गांड चुदवाने के लिए राजी किया।इसके अलावा मैंने रिया की सहेली की चुदाई भी की।वो कहानी मैं अलग से लिखूंगा।

तो दोस्तो, ये कज़िन सिस्टर फक स्टोरी आपको कैसी लगी, इस बारे में अपनी राय जरूर मुझ तक पहुंचाएं।अपनी जिन्दगी में हुई चुदाई की घटनाओं के और किस्से भी आपके साथ शेयर करूंगा।

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