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कोई मिल गया • पठन समय: 7 मिनट • पढ़ा गया: 449 बार

दारू के नशे में टुन्न अमीरजादियों की चुदास

बाबू जिगोलो

21 Jul 2016 को प्रकाशित

दारू के नशे में टुन्न अमीरजादियों की चुदास
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दोस्तो, मेरा नाम बाबू है.. मैं पुणे का रहने वाला हूँ। आज मैं पहली बार अपनी कहानी आप लोगों के सामने पेश कर रहा हूँ, यह बात अभी कुछ ही दिन पहले की है।

एक दिन मैं अपनी बाइक से सिटी की ओर जा रहा था। तभी मुझे कॉल आया तो मैंने बाइक रास्ते के एक तरफ रोकी और कॉल रिसीव किया।

मैं अभी बात ही कर रहा था कि अचानक मेरी नज़र मेरे सामने वाली कार पर गई, मैंने देखा कि उसमें 2 लड़कियाँ थीं। तभी वो दोनों कार से उतर कर सामने वाली वाइन-शॉप में गईं।

मैं तो उन दोनों को एकटक देख रहा था.. क्या माल थीं.. एक ने जीन्स और टॉप पहना हुआ था एकदम चुस्त फिटिंग थी, उसके बड़े-बड़े स्तन थे.. और चूतड़ तो बहुत ही बड़े थे, वो बहुत ही खूबसूरत थी।दूसरी ने सादी सी साड़ी पहनी हुई थी.. पर दिखने में तो वो उस जीन्स वाली से भी ज्यादा सेक्सी थी.. वो शादीशुदा थी लेकिन फिर भी बहुत मस्त लग रही थी।दोनों ही पटाखे बड़े घर के लग रहे थे।

कुछ ही देर में दोनों वाइन शॉप से वापस आ रही थीं.. मेरा लवड़ा तो उन दोनों को देख कर ही 6 इंच का हो कर खड़ा हो गया था।

उन दोनों ने भी मुझे देखा और हँसने लगीं।

तभी एक बाइक वाला उन दोनों के बाजू से एकदम तेजी से निकला.. तो वो साड़ी वाली अपने आप को संभाल नहीं पाई और गिर गई।

दूसरी उसको एकदम से उठाने की कोशिश करने लगी.. पर वो खुद को ही नहीं संभाल पा रही थी.. वो भी गिर गई।

तब मैं समझ गया कि ये दोनों पहले से ही टुन्न हैं.. दोनों अभी उठ ही रही थीं कि एक के हाथ से बैग नीचे गिर गया और उसमें से एक दारू की बोतल गिर कर फूट गई।मैं उधर खड़ा होकर ये सब ड्रामा देख रहा था।

वो दोनों किसी तरह अपनी कार के पास आ गईं.. बैग भी उठा लाई थीं। फिर दोनों कार में बैठ गईं.. मैं उनको देख रहा था.. तभी मेरी नज़र रास्ते पर पड़ी एक चाभी पर गई.. तो मैंने जाकर वो चाभी उठा कर उनको देने गया।

चाभी देते समय साड़ी वाली ने मेरा हाथ पकड़ लिया और अपने स्तन पर रख लिया।

मैं अचकचा गया और बस उसकी तरफ अभी देख ही रहा था और अपना हाथ पीछे को खींच रहा था।

वो बोली- क्या हुआ.. रहने दो ना..

मैं बोला- मैं इस सर्विस का चार्ज लेता हूँ।

तभी जीन्स वाली बोली- कितना भी चार्ज ले लो.. पर अभी हमारे साथ चलो।

तो मैं बोला- ठीक है.. तुम आगे चलो.. मैं बाइक से तुम्हारी कार के पीछे-पीछे आता हूँ।

वो इस बात को नहीं मानी.. तो मैं बोला- ठीक है.. मैं अपनी बाइक को सामने के मॉल की पार्किंग में लगा कर आता हूँ।

उसने कहा- ठीक है.. पर जल्दी आना..

मैंने बाइक पार्क करने के बाद बाहर को आया.. वो दोनों चुदासी चूतें.. कार लेकर मेरे पास आ गईं.. तो मैंने कार में बैठने से पहले उनसे पैसे माँगे।

तब उसने 10000 रुपए मेरे हाथ में दे दिए।

तो मैं बोला- इतने में तो एक के साथ ही काम करूँगा।

उसने फिर से 10000 रूपए दिए.. तब मैं कार में बैठ गया.. तो उसने कार उसके रो-हाउस के पास ले गई।

लेकिन साड़ी वाली तो साली रास्ते में ही चालू हो गई थी। हम दोनों पीछे बैठे थे और हम दोनों चुम्बन भी कर रहे थे।

रो-हाउस पर पहुँचने के बाद अन्दर जाते ही वो जीन्स वाली भी चालू हो गई।

उधर हम तीनों के अलावा दूसरा कोई नहीं था.. वो पूरा खाली पड़ा था। वे लोग मुझे बेडरूम में ले गईं और अपने-अपने कपड़े उतारने के बाद मेरे भी कपड़े उतारे और चालू हो गईं।

एक मुझसे चुम्बन कर रही थी और दूसरी मेरा 6″ लम्बा और 3″ मोटा का खड़ा लंड अपने मुँह में लेकर चूस रही थी।

कुछ देर बाद एक ने अपनी चूत मेरे मुँह पर रखी.. तो मैंने भी अपनी जीभ उसमें डाल दी और उसे चाटने लगा। थोड़ी देर बाद उसने पानी छोड़ प्रिया.. तो वो मेरे लंड को चूसने बैठ गई।

तब दूसरी मेरे पास लेट 69 की अवस्था में गई और बोली- ले मेरी चूत चूस..

तब मैं भी उसकी ऊपर से चूत चूसने लगा, दूसरी वाली ने मेरा लौड़ा छोड़ कर मेरी गाण्ड चूसना चालू किया।

कुछ देर बाद उसने भी पानी छोड़ प्रिया.. तो पहले वाली मेरे बाजू में आई और बोली- चल अब चूत की खुजली मिटा दे।

अब तक मेरा भी पूरी तरह से टाइट हो गया था.. तो मैंने उसके नीचे एक तकिया रखा और उसकी चूत में लंड घुसाया.. ज़्यादा तकलीफ़ नहीं हुई.. उसकी तो पहले ही शादी हो चुकी थी.. पर पूरा अन्दर जाने के बाद वो चिल्लाने लगी- आह.. आह.. आह.. बहुत मज़ा आ रहा.. आह.. हय.. आह.. आअहह.. ठोक साले ठोकू…

थोड़ी देर बाद उसे मैंने घोड़ी बनाया और उसकी चूत में लंड घुसाया.. फिर निकाल कर गाण्ड में घुसाया.. तब वो ज़ोर से चिल्लाई।

मैंने उसकी चिल्लाहट को अनसुना किया और अब मैं हचक कर उसकी गाण्ड मार रहा था।

तभी दूसरी बोली- मुझे तुम दोनों के नीचे आना है।

फिर क्या था.. वो ऊपर की तरफ मुँह करके लेट गई.. और दूसरी उसके ऊपर घोड़ी बन कर उसे चुम्बन कर रही थी।

मैंने लंड को फिर से घोड़ी वाली की चूत में डाल प्रिया।

थोड़ी देर चोदने के बाद नीचे वाली के छेद में डाल प्रिया.. तो वो बहुत जोर से चिल्लाई.. उसकी चूत थोड़ी कसी हुई थी।

अब मैं दोनों को ही चोद रहा था। अब वे दोनों अकड़ कर झड़ चुकी थीं.. और मैं धकापेल चुदाई में लगा हुआ था.. फिर मेरा पानी निकलने वाला था।

तब तक नीचे वाली एक बार और उसके ऊपर वाली दो बार झड़ चुकी थी.. मैंने लंड बाहर निकाल कर कन्डोम उतार प्रिया और दोनों के मुँह पर पानी छोड़ प्रिया।

कुछ देर बाद हम तीनों ने एक एक लार्ज पैग खींचे और मैंने फिर से दोनों को खूब चोदा। वो दोनों और मैं भी बहुत खुश थे।

अब मेरा जाने का समय हो गया था तब साड़ी वाली ने मुझे 5000 रूपए और दे दिए और वो अपना नाम बताने लगी तो मैंने उसे रोका और कहा- मैं आप लोगों से जान-पहचान बनाने नहीं आया हूँ। मैंने उनको अपना मोबाइल नम्बर प्रिया और फिर कभी याद आने पर कॉल करने को बोला।

वो फिर मुझे माल के पास छोड़ने आई और मुझे एक चुम्बन किया और चली गई।

उसके बाद मैंने अभी उनको 3 दिन पहले ही एक होटल में जाकर खूब चुदाई करके आया हूँ।

तो दोस्तो और मस्त चूत वाली आंटियो.. बड़े दूध वाली भाभियों और चिकनी बुर वाली लड़कियों.. कैसी लगी मेरी कहानी.. यह पूरी तरह से सच है.. प्लीज़ मुझे ईमेल करके बताना.. कि कैसी लगी मेरी कहानी..

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पाठकों की राय

3 टिप्पणियां
ज

जुगल किशोर

3 months ago

सच में बहुत ही हॉट और उत्तेजक कहानी है भाई। मजा आ गया पढ़कर।

प

प्रेम राज पाटिल

3 months ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

क

कमलेश सिंह

4 months ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

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