डेल्ही Xxx भाभी चुदाई कहानी में एक दिन मैं घर से निकला कि सामने से एक महिला दिखाई दी. वह नजरें मिलाने लगी. मैंने उसे इशारा किया कि मेरे पीछे आओ.
नमस्कार दोस्तो,मेरा नाम रोहित है.
मैं आज फिर एक नई कहानी के साथ आपका दोस्त हाज़िर है।ये एक सच्ची डेल्ही Xxx भाभी चुदाई कहानी है, जो दिल्ली की है, जहाँ मैं जॉब करता हूँ।
बात ऐसी है कि रोज़-रोज़ ऑफिस जाना और अकेले रहते-रहते कोई भी बोर हो जाता है।बस, यही ज़िंदगी चल रही थी मेरी!
सर्दियों के दिन थे, और हवस अपने चरम पर थी।रोज़-रोज़ मुठ मारनी पड़ती थी, या फिर रम पीकर सोना पड़ता था, तभी शरीर की उत्तेजना कम होती थी।
एक दिन सुबह मैं ऑफिस की तरफ निकला।सामने से एक महिला आती दिखी, जो मुझे घूरे जा रही थी।
जैसे ही मेरी नज़र उससे टकराई, हम दोनों की निगाहें टूटी ही नहीं।उसका कसा हुआ, गदराया, और गोरा जिस्म था।
बाद में उसने बताया था कि एक दुर्घटना में उसके पति की मौत हो गई थी।ससुराल वालों ने भी साथ नहीं दिया, सो वो अकेले रहती थी।ना कोई संतान थी, बस अकेले ही विधवा का जीवन काट रही थी।
हाँ तो हमारी नज़रें टकराईं, तो टूटी ही नहीं।हवस मेरे सिर पर हावी थी, और सामने से कोई आमंत्रण दे, तो पीछे क्या हटना!मैं वहीं खड़ा होकर उसे देखने लगा।
वो सामने वाली दुकान पर सामान लेने आई थी और बार-बार तिरछी निगाह से मुझे देख रही थी।
मैंने हिम्मत करके, जैसे ही वो सामान लेकर बाहर आई, इशारा करके उसे अपनी तरफ बुलाया।
वो हल्की-सी मुस्कान के साथ मेरी तरफ आई।मेरा लंड तो खुशी में खड़ा होकर नाचने लगा!
जैसे ही वो मेरे पास आई, मैंने कहा, “मेरे साथ चलो!”और मैं ऊपर अपने फ्लैट की तरफ जाने लगा।
वो भी मेरे पीछे-पीछे, इधर-उधर देखते हुए, थोड़ा सहमते हुए आ गई।
जैसे ही हम दोनों फ्लैट के अंदर घुसे, हवस का तूफान आ गया, मानो उस छोटे से फ्लैट में!
मैंने उसे पकड़कर दीवार से चिपका दिया और किस करने लगा।
हवस तब और बढ़ गई, जब उसने सीधे मेरी जीन्स में हाथ डालकर मेरा लंड पकड़ लिया।
जैसे ही उसने मेरा लंड पकड़ा, मुझे अलग करके बोली, “ये कपड़े हटाओ!”
उसका नाम मधु था, ये उसने चुदाई के बाद बताया।
मेरे फ्लैट में इतना अंधेरा था कि बस उसका जिस्म चमक रहा था, शक्ल नहीं दिख रही थी।
उसका जिस्म एकदम मदहोश कर देने वाला था।हम दोनों कब नंगे हो गए, पता ही नहीं चला।
वो बेचारी प्यासी मधु मेरे लंड को छोड़ना ही नहीं चाह रही थी।ऐसे ही फोरप्ले चल रहा था।
मैं उसे काफी देर तक भोगना चाहता था, इसलिए जल्दबाजी नहीं कर रहा था।
करते-करते मेरा हाथ जैसे ही मधु की चूत पर पहुँचा, “स्स्शह्ह!” करके मधु एकदम मुझसे चिपक गई।
इतनी गीली और गर्म चूत थी कि बस अभी सारी हवस को भस्म कर देगी!आप लोग समझ सकते हैं कि उस वक्त मैं कैसा महसूस कर रहा था।
खैर, आगे बढ़ते हैं।
गर्म चूत और साँसों के बीच मैंने मधु की चूत को रगड़ना शुरू किया।ये एक कला है, जिसमें सभी को मज़ा आता है।
मैं चूत से खेल रहा था और उसकी सिसकारियों को अपने होठों से दबा रहा था, किस करते हुए।
थोड़ी ही देर में उसका शरीर एकदम थम गया।“रुकना मत!” मधु बोली।
मैंने तेज़ी से रगड़ना शुरू किया, और उसका जिस्म शांत हो गया।इसे चरमसुख कह सकते हैं।
फिर आई मेरी बारी।वो ऐसे ही लेटी रही, मैं उसके ऊपर आ गया।उसके बड़े-बड़े चूचों को अपने लंड से चोदने लगा।
उसने भी पूरा साथ दिया और हर झटके के साथ लंड को मुँह में लेने लगी।
फिर मैं नीचे आया और उसकी चूत, जो अभी भी गीली थी, उस पर लंड रख दिया।मधु ने कमर उठाकर इशारा कर दिया कि अंदर डाल दो।बस, फिर एक ही झटके में, “शह ह्हाह!” करके मधु की सिसकारी के साथ पूरा लंड अंदर।काफी समय बाद चूत का एहसास पाकर उत्तेजना बहुत थी।
मधु ने दर्द की वजह से मुझे थोड़ा रोका, लेकिन जैसे ही मैंने देखा कि वो थोड़ा नॉर्मल हुई, मैंने तेज़ी से झटके देना शुरू कर दिया।
“फच्च-फच्च!” करके उसकी चूत चिल्ला-चिल्लाकर चुदने की गवाही दे रही थी।वो भी कमर उठा-उठाकर मेरा साथ दे रही थी।
इतनी मादक चुदाई थी कि बस पंद्रह-बीस मिनट में मेरा सारा माल मैंने उसके पेट पर निकाल दिया।तब जाकर शांति मिली।
फिर हम ऐसे ही एक-दूसरे से खेलते हुए बातें करते रहे।इतने में मेरा लंड फिर तैयार हो गया।
अबकी बार फिर वही घमासान चुदाई चली।
इस बार मैंने एक घंटे तक चोदा, हर तरीके से डेल्ही Xxx भाभी चुदाई का मजा लिया।
मधु की एक खासियत थी—जब वो ऊपर बैठकर लंड ले रही थी, तो ऐसा लग रहा था कि बस निचोड़ ही देगी मुझे!
खैर, बहुत ज़्यादा संतुष्टि के साथ चुदाई का कार्यक्रम समाप्त हुआ।
फिर हम लोग हर दो-तीन दिन में कार्यक्रम सेट कर लेते थे।
एक दिन मधु अपने गाँव चली गई और मैंने भी दूसरी जगह रूम ले लिया।लेकिन उस अनुभव को आज तक भुला नहीं पाया।
आज भी तलाश करता हूँ कि क्या कोई दे पाएगी वैसा अनुभव, जो मधु ने दिया।
तो दोस्तो, शुक्रिया!यही तक थी मेरी कहानी।डेल्ही Xxx भाभी चुदाई कहानी जैसी भी लगी हो, ज़रूर बताना।मुझे इंतज़ार रहेगा।खूब चुदाई करो, मज़े करो, खुश रहो।नमस्कार!support@mohakkisse.com
लेखक की पिछली कहानी थी:अनजान भाभी की प्यासी चूत में मेरा लंड