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नौकरी की तलाश में चूत गांड चुद गई

यास्मीन खुराना

05 Oct 2016 को प्रकाशित

नौकरी की तलाश में चूत गांड चुद गई
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देसी चूत की चूत कहानी में परदे वाली एक सेक्सी लड़की की शादी एक गांडू आदमी से हो गयी. उसने उसे एक बार भी नहीं चोदा. वह अपनी कुंवारी चूत लेकर उससे अलग हो गयी.

यह कहानी सुनें.

मैं पहली बार देसी चूत की चूत कहानी लिखने जा रही हूँ।कुछ गलती हो तो माफ़ करना।

यह एक सच्ची कहानी है, कोई काल्पनिक या झूठी नहीं।सभी घटनायें सत्य पर आधारित हैं।

तो चलिए ज़्यादा समय ना लेते हुए कहानी पर आती हूँ।

मैं, यास्मीन खुराना एक विधर्मी औरत हूँ।अब आप बोलेंगे खुराना होकर विधर्मी कैसे?

तो दोस्तो, खुराना विधर्मी भी होते हैं।

मेरी शादी मेरी मर्जी के खिलाफ इकबाल से करवा दी गयी थी।इकबाल का बड़ा गैरेज़ था।

शुरुआत में तो सब ठीक था।लेकिन शादी के कुछ महीनो बाद मुझे पता चला कि इकबाल को औरतों में दिलचस्पी नहीं बल्कि मर्दों में है।वह गे है।उसने अपनी इज़्ज़त और खानदानी प्रतिष्ठा बचाने के लिए मुझसे शादी कर ली।

हम मिडिल क्लास के लोग हैं तो मेरे शौहर का पैसा देखकर मेरी शादी करा दी गयी थी।

लेकिन जब मुझे इकबाल के बारे में पता चला तब मैंने ठान ली कि अब मैं इकबाल साथ नहीं रह सकती हूँ।

फिर मैं इकबाल से बोली- मुझे तलाक दे दो।लेकिन इकबाल तलाक देने से मना कर प्रिया।

साथ ही उसने मेरे घर मतलब मेरे मायके पर झूठ बोला कि मेरा कहीं चक्कर चल रहा है और इसी सब के चलते मैं तलाक मांग रही हूँ।उसने बताया कि वह मुझे तलाक़ नहीं देने वाला है।

अब मेरे घर वाले भी मुझे खड़ी-खोटी सुनाने लगे।

लेकिन मैं भी तो एक औरत हूँ।मेरे में भी हवस की आग थी।

फिर मैं एक वकील त्रिपाठी जी से मिली।तब त्रिपाठी जी बोले- यास्मीन, तुम एक काम करो। मैं एक एनजीओ वाली किरण जी का नंबर देता हूँ, तुम उनसे मिलो।

किरण जी से संपर्क कर के मैं उनसे मिलने चली गई और पूरी बात बताई।किरण जी बोलीं- टेंशन की कोई बात नहीं है।

उन्होंने वकील त्रिपाठी जी से फ़ोन पर बात की ओर बोली- कोर्ट में केस दर्ज करें, बाक़ी सब मैं देख लूंगी।

अब इकबाल पर दबाव आया।कोर्ट के आगे उससे झुकना पड़ा और मेरा तलाक हो गया।

लेकिन मेरे घर वालों ने मुझे घर से निकाल प्रिया।मेरे घर वालों को लगता था कि मैं ग़लत हूँ इसलिए मैंने तलाक लिया है।

अब फिर से मैं किरण जी के पास गयी और बोली- आप एक बार फिर से मेरी मदद कीजिए। मेरे लायक कोई काम हो तो बताइए। आपके तो इतने संपर्क होगे कहीं भी कोई जॉब या कोई काम …!

तब किरण जी मेरी बात को काटते हुए बोली- अरे यास्मीन तू चिंता मत कर! मैं कुछ देखती हूँ। कोई काम होगा तो ज़रूर बताऊंगी।मैंने बोला- मेरे पास रहने को भी कोई जगह नहीं है।

तब वह बोली- तुम मेरे घर पर रह सकती हो जब तक कोई काम न मिल जाए।

फिर मैं बोली- किरण जी, आपका बहुत शुक्रिया! आप इतना कुछ‌ मेरे लिए कर रही हैं।तब किरण जी बोली- यास्मीन, अब यह तो मेरा काम है। तुम जैसी औरतों की मदद करना!

अब मैं किरण जी के घर पर रहने लगी।लगभग एक सप्ताह बाद किरण जी बोली- यास्मीन एक काम है। बेदी जी है, जो नेता चौधरी के भाई है। उन्हें उनके ऑफिस के देख रेख के लिए औरत की ज़रूरत है। पगार और खाना पीना साथ में रहने के लिए रूम भी देंगे।

आगे उन्होंने कहा- मैंने उनसे तेरे लिए बात की है। तू एक बार उनकी ऑफिस जा कर मिल ले।

मैं बेदी जी के ऑफिस गयी लेकिन वे नहीं थे।फिर किसी ने फ़ोन किया और मुझे एक पता प्रिया गया और कहा गया बेदी जी ने इस पते पर बुलाया है।

मैं उस पते पर गयी।वह एक फार्म हाउस था।

मैं अंदर गयी।वहां कोई 40 या 42 साल का मर्द था।वह बोला- आजा यास्मीन, तेरा ही इन्तज़ार था।

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मैं बोली- जी मैं वह जॉब, किरण जी …!तब बेदी हंसने लगा और बोला- जॉब? साली किरण लड़कियाँ देती है, आज उसने तुझे भेजा है।

उन्होंने कहा-‌ आ जा मेरी गोद में रानी!यह कह कर उन्होंने मुझे बाँहों में ले लिया और बोले- तू मस्त माल है।

उन्होंने मेरी ओढ़नी हटा प्रिया।फिर मेरी कुर्ती के ऊपर से ही मेरे बूब्स दबाने शुरु कर दिये और मुझे किसिंग करने लगे।कुछ 10 से 15 मिनट चूमा चाटी की।

फिर उन्होंने मुझे पूरी नंगी कर प्रिया और मेरी ब्रा-पैण्टी भी उतार प्रिया।

वे मुझे बोले- चल लण्ड चूस!मैं भी चूसने लगी।

वे मेरा सर पकड़-पकड़ कर पूरा अपना लंड‌ अंदर मेरे मुंह में पेल रहे थे।मुझे उल्टी जैसा लग रहा था।लेकिन मैं कर भी क्या सकती थी।मैं भी चुपचाप चूसने लगी।

लगभग 10 मिनट तक उन्होंने मेरे मुंह की चुदाई की और मेरे मुंह में सारा वीर्य भर प्रिया।

वे बोले- क्या मस्त है तू साली!उन्होंने मेरी गांड पर थप्पड़ भी लगा प्रिया।

फिर वे बोले- चल अपनी ब्रा से मेरा लंड साफ़ कर!मैंने उनका लण्ड साफ़ किया।

फिर से उनका खड़ा हो गया तो वे बोले- चल सीधी लेट जा!मैं लेट गयी।

वे घुटने के बल बैठ गये, मेरी टांगें खोल कर मेरी चूत में अपना लंड डाल प्रिया।मैं चीख पड़ी क्योंकि उनका लंड बहुत बड़ा था।

यह मेरी पहली बार थी … वह भी इतना बड़ा।मेरी चूत की चूत फट गयी.जब भी लंड अंदर जाता, मेरी बच्चेदानी को ठोकर मारता।

पूरे रूम में सिर्फ़ और सिर्फ़ गपागप गप… की आवाज़ गूंज रही थी।बेदी जी मेरे बूब्स को भी दबाये जा रहे थे।

फिर बेदी ने मेरी चूत में अपना वीर्य छोड़ प्रिया।अब मैं भी झड़ गयी थी।

उन्होंने फिर से मेरे मुंह में लंड प्रिया।

उनका लंड फिर से खड़ा हुआ तो उन्होंने मुझे डॉगी बना प्रिया।मैंने उन्हें मना किया लेकिन उन्होंने मेरी नहीं सुनी।

वे बोले- भोसड़ी की … तेरे नखरे देखने के लिए नहीं बुलाया है तुझे!और मेरी गांड में पूरा लंड डाल प्रिया।

वे बोले- ले साली ले!और मेरी गांड ठोकने लगे।

लगभग 15 मिनट तक उन्होंने मेरी गांड मारी और लंड का सारा पानी मेरी गांड में पेल प्रिया।

ऐसे ही उन्होंने मेरे साथ 3 राउंड किया।

मुझमें उठने की ज़रा-सी भी हिम्मत नहीं थी।

उसके बाद बेदी ने कपड़े पहने और मेरे मुंह पर पैसे फेंके।

उन्होंने किरण जी को फ़ोन किया और कहा- ले जा अपना माल!किरण जी आयी और मुझे ले गयी।

फिर मैंने किरण जी को एक थप्पड़ लगाया और बोली- साली, तू यह काम करती है? तुझे शर्म नहीं आयी।

तब किरण जी बोलीं- साली, तेरापति नामर्दथा। रहती ना उसके साथ! तेरे अपने घर वालों ने तुझे छोड़ प्रिया। लेकिन यह पैसा देख … अब तू ही देख ले आगे क्या करना है। मना करेगी तो मैं जबरदस्ती नहीं करूंगी।

मैंने वो पैसे ले लिए, फिर वह चली गयी।

तो दोस्तो, यह थी मेरी अपनी सच्ची कहानी।आप लोगों को कैसी लगी यह देसी चूत की चूत कहानी?मुझे ज़रूर बताए!धन्यवाद!support@mohakkisse.com

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पाठकों की राय

3 टिप्पणियां

गौरव शर्मा

3 months ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

सूत्रधार

3 months ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

रितेश अग्रवाल

3 months ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

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