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दो सहेलियों को प्रिया सेक्स का पूरा मजा- 2

लेखक: यश गर्ग दिनांक: 04-04-2022 पठन समय: 14 मिनट

देसी वर्जिन लड़की चुदी जब उसकी सहेली उसे मेरे पास होटल के कमरे में लाई. मैंने उन दोनों को एक साथ चोद कर थ्रीसम सेक्स का मजा लिया.

अब आगे देसी वर्जिन लड़की चुदी:

शाम छः बजे दोनों आ गई।उफ़्फ़ यार … क्या ग़ज़ब की थी उन दोनों में एक … बिलकुल शिल्पा शेट्टी जैसा फ़िगर … ग़ज़ब का ढला हुआ शरीर था।देखकर मेरा मन तो एकदम उसको पकड़ने का होने लगा।

उसके साथ दूसरी लड़की भी सुंदर थी पर फ़िगर सामान्य था।जिसका फ़िगर सेक्सी था वही चिंकी थी।श्रेया एक सामान्य लड़की थी और चिंकी एक हॉट कमसिन लड़की।

हम तीनों ने होटल में प्रवेश किया और अपने-अपने आधार कार्ड जमा करवाये।

हम तीनों रूम की तरफ़ बढ़ने लगे और सांसें भी अब मचलने लगी।दोनों आज बन ठन कर आई थी, लग रहा था बहुत प्यासी हैं।

मेरा मन मचल कर उन दोनों के जिस्म को मन की आँखों से टटोल रहा था।

श्रेया के बूब्ज़ की साइज 34 के क़रीब और चिंकी के बूब्ज़ की साइज 32 के होंगे.

चिंकी का आधार कार्ड में नाम परवीन अहमद (बदला हुआ नाम) था।अब समझ आया कि उसके घर पर इतनी पाबंदी क्यों थी।ख़ैर सबके अपने अपने नियम।

मुझे तो आज दो चूत एक साथ मिलेंगी … बस उसी ख्याल के साथ हम तीनों रूम में प्रवेश कर गये।

मैंने दोनों को बेड पर बैठने का इशारा कर रूम को भली भाँति देख और चैक किया, कहीं कोई कैमरा या कोई सुराख़ ना हो।

फिर मैंने दोनों को कहा- पहले चुदाई या फिर पेट भराई?दोनों एक साथ बोल पड़ी- सिर्फ़ चुदाई … वो भी जमकर!मैंने कहा- ठीक है फिर पहले मज़ा ले लिया जाये।

इतना कहकर बाथरूम में जाने लगा और दोनों को कहा- कुछ चेंज करना है तो कर लो।

मेरी आदत है सेक्स करने से पहले और करने के बाद शुशु करके ही आता हूँ।

मैं बाथरूम जाकर आया तो देखा दोनों ब्रा पेंटी में बैठी थी और मेरी तरफ़ इशारा कर रही थी।

मेरा तो लण्ड सातवें आसमान में दौड़ने लगा और खड़ा होकर दोनों को सलामी देने लगा।

मैं उनके क़रीब गया और दोनों को खड़ा कर अपनी बाँहों में भर कर दोनों के माथे पर किस की और कहा- सेक्स का आनन्द लेना है या फिर अपनी भूख शांत करनी है?श्रेया बोली- मुझे सेक्स में आनन्द चाहिए। ऐसा सेक्स चाहिए कि मैं यहाँ से जाने के बाद ये चुदाई कभी ना भूल पाऊँ।

इतने चिंकी बोली- मुझे तो मेरे जिस्म की प्यास बुझानी है और उसके लिए तुम जैसा चाहो करो। बस मेरी चूत को थोड़ा सम्भल कर चोदना। मैंने आज तक चूत में लण्ड नहीं लिया।

“चल झूठी … कितनी बार तो मैंने तुम्हारी चूत में उंगली डाली है और तूने मज़े भी लिए हैं।” श्रेया ने हँसकर कहा।“अरे यार! उंगली और लण्ड एक नहीं होता। उंगली से तो मैं भी करती हूँ।” चिंकी ने मुँह उचकाते हुए कहा।

“अरे तुम दोनों भी ना … तुमको सब मिलेगा; बशर्ते सेक्स करते वक़्त पूरा साथ दोगी। आहें और सिसकारियाँ खूब होनी चाहियें।”

इतना कहकर मैंने दोनों को बारी बारी खड़े खड़े चूमने लगा।श्रेया के मिश्री जैसे होठों को चूसा और फिर उसके बूब्ज़ को ब्रा के ऊपर से ही दबा कर आनन्द लिया।

एक हाथ मैं चिंकी की गांड को दबा रहा था।

फिर मैंने चिंकी के गुलाबी होंठों को चूसना शुरू किया।श्रेया बिना देर किए मेरी जींस की चैन खोल कर उसमें हाथ देकर लण्ड टटोलने लगी।मैंने इशारा किया कि जींस निकाल दे।

श्रेया ने जींस के साथ मेरी चड्डी भी निकाल दी और मेरा लण्ड तनतना कर बाहर आ गया और सलामी देते हुए फुफकारने लगा।तब श्रेया हाथ से उसे प्यार करने लगी।

मैंने चिंकी के होठों को चूसते हुए उसकी ब्रा की हुक खोल दी।चिंकी ने काले रंग की ब्रा पेंटी पहनी थी.

श्रेया ने गुलाबी रंग की ब्रा और सफ़ेद रंग की चड्डी पहन रखी थी।चिंकी के बूब्ज़ एकदम तने हुए थे, बूब्ज़ की निप्पल गुलाबी थी।

मैंने उसके बूब्ज़ पर हाथ फिराना शुरू किया।श्रेया लण्ड पर हाथ फिरा ही रही थी कि उसके लपक कर मुँह में ले लिया।

मैंने चिंकी के बूब्ज़ को चूसना शुरू कर प्रिया।रूम के बस हवस का नंगा नाच होने लगा।

श्रेया लण्ड को ऊपर से नीचे तक चाट रही थी।मुझे आनंद आने लगा।

मैंने सोचा अगर कि ये इसी तरह चूसती रही तो लण्ड पिचकारी मार देगा।मैंने चिंकी को नीचे बैठ कर लण्ड से खेलने को कहा और मैंने श्रेया को खड़ा किया।

श्रेया जैसे ही खड़ी हुई, मैंने उसकी ब्रा खोल कर बूब्ज़ आजाद कर दिये।उसके बूब्ज़ बड़े थे और एकदम कसे हुए थे। उसकी निप्पल भूरे रंग की थी।

चिंकी मेरे लण्ड के आस-पास किस कर रही थी।मैंने श्रेया के बूब्ज़ को चूसना शुरू कर प्रिया।

चिंकी बोली- यश, तुम्हारा लण्ड तो मस्त है यार! मैंने पहली बार हाथ में लण्ड लिया है।श्रेया बोली- चिंकी, लण्ड तो मस्त है, देखते हैं अब हम दोनों को कैसे संतुष्ट करेगा।

मैं बोला- तुम दोनों को संतुष्ट करके ही मेरा लण्ड पानी छोड़ेगा।दोनों एक साथ बोली- देखते हैं कितना सच है!

मैंने दोनों को बेड पर लेटने को कहकर कहा- देखो, हम जो सेक्स कर रहे हैं, इसे थ्रीसम या सैंडविच सेक्स कहते हैं. तो तीनों को एक साथ सेक्स में शामिल होना पड़ेगा, एक दूसरे के साथ। इसलिए चिंकी, तुम श्रेया की चूत चाटोगी। मैं तुम्हारी चूत चाटूँगा और श्रेया तुम मेरा लण्ड चूसोगी।

फिर शुरू हुआ असली खेल!

हम तीनों पूर्ण रूप से नंगे हो गये और जो मैंने कहा वैसे ही शुरू हुआ।

चिंकी की गुलाबी चूत, इतनी भी गुलाबी नहीं थी.पर उसके गोरे रंग के साथ अच्छी लग रही थी।

मैंने उस पर जीभ फिराना शुरू कर प्रिया।चिंकी श्रेया की चूत चाटने लगी और श्रेया मेरे लण्ड से खेलने लगी।

मैं चिंकी की चूत को बड़े ही रसीले तरीक़े से चाटने लगा।उसकी दोनों फाँकों के इर्द गिर्द किस करने लगा।मैं अपने दोनों हाथों से उसके बूब्ज़ दबा रहा था।

श्रेया मेरे लण्ड पर किस करते समय लण्ड को मसलने लगी।चिंकी श्रेया की चूत चाटने में खोई हुई थी और मेरे द्वारा चूत चाटने से मदहोश होने लगी।

चिंकी सिसकारियाँ भरने लगी।

मैंने उसकी चूत की चटाई जारी रखी और कुछ पल में ही रोटेशन बदलने को कहा।

अब चिंकी का मुँह मेरे लण्ड पर आ गया।मेरा मुँह श्रेया की चूत पर और श्रेया का मुँह चिंकी की चूत पर!

आनन्द से मेरा मन मचल रहा था।

मुझे चिंकी की चूत से ज़्यादा श्रेया की चूत चाटने में आने लगा क्योंकि श्रेया कि चूत फूली फूली और खुली खुली थी।उसकी चूत में जीभ डालकर मैं उसको चोदने लगा और चिंकी मेरे लण्ड को मुँह में लेकर चूसने लगी।

इसी तरह एक दूसरे को मज़ा देने लगे।

क़रीब तीस मिनट यही खेल चलता और चिंकी व श्रेया की चूत का स्वाद मेरे होंठों को भा गया।मैंने कहा- चिंकी, तुम सीधा लेट जाओ और श्रेया तुम चिंकी के ऊपर चढ़ जाओ और कुतिया की तरह बैठ कर किस करो। मैं चिंकी की चूत को प्यार देकर उसका पानी निकाल दूँ।

श्रेया और चिंकी बिना देर किये पोजिशन में आ गई।

मैंने कुछ पल चिंकी के पैर और जाँघों पर प्यार किया और फिर चिंकी की चूत में अपनी दो उंगली डालने लगा।चिंकी उछलने लगी, वह तड़पने लगी।

मैं अपनी उंगली को आगे पीछे कर उसकी चूत चोदने लगा; पहले धीरे-धीरे और फिर ज़ोर-ज़ोर से उसकी चूत की उंगली से चुदाई करने लगा।

चिंकी सिकुड़ने लगी; वह मेरी पीठ पर अपने दोनों पैर रख मुझे चूत की ओर दबाने लगी।

मैं कभी उसकी चूत एक अंदर उंगली से करता तो कभी चूत के ऊपरी दाने को रगड़ता।

चिंकी बोल उठी- यश, ज़ोर से … मेरा होने वाला है।मैं देर ना करते हुए ज़ोर-ज़ोर से करने लगा और श्रेया को हटा कर चिंकी की चूत में एक झटके से लण्ड डाल प्रिया।चिंकी के होश से उड़ गये।चीखने की बजाय उसके मेरे हाथ पर नाखून चुभा दिये।मुझे दर्द हुआ … पर चिंकी के दर्द के आगे कुछ ना था।

मैंने लण्ड डालकर ज़ोर-ज़ोर से चुदाई शुरू कर दी।चिंकी की चूत ने पानी छोड़ प्रिया, वह मुझे भींचने लगी।

मैंने उससे इशारे में पूछा- हो गया?तो बोली- हाँ मेरे पति देव, हो गया।

पति देव सुनकर मुझे अच्छा लगा और मैंने उसके माथे पर किस कर उसकी चूत से लण्ड निकाला और श्रेया की चूत में डालने से पहले उसे अच्छे से साफ़ किया।इस तरह से यह देसी वर्जिन लड़की चुदी.

फिर श्रेया को सीधा लेटने को कहा।श्रेया को शायद चुदने का अनुभव था इसलिए टांगों को सही पोजिशन में फैला लिया।

मेरा लण्ड उसकी चूत की गहराई में बिना किसी समस्या के अंदर समा गया।

चिंकी बोली- प्लीज़ मुझे भी साथ में ले लो ना!मैं बोला- चल तू भी श्रेया के ऊपर आकर सीधी लेट जा!

अब श्रेया के ऊपर चिंकी भी सीधी लेट गई।मैं बोला- चिंकी, पहले श्रेया का पानी निकाल दूँ।तो चिंकी बोली- मैं ठंडी हो जाऊँगी यार! श्रेया ने अपने बॉयफ्रेंड का लण्ड लिया है पर मैं तो पहली बार कर रही हूँ … इसलिए आज खूब चुदना चाहती हूँ। मेरा पानी तो छूट गया, पर जो मज़ा आ रहा था, वो खूब लेना चाहती हूँ।

मैंने श्रेया से पूछा तो श्रेया बोली- यश, चिंकी को ज़्यादा चोद लो, उसे मौक़ा नहीं मिलेगा। मैं तो आ जाऊँगी, जब तुम कहोगे।मैंने कहा- ठीक है।

मेरा भी लण्ड कोई शक्तिमान नहीं था कि ज्यादा देर टिके।

पर बीच-बीच में रुकने से और माइंड से सेक्स को हटाकर ख़ुद पर कंट्रोल कर रहा था।

चिंकी को श्रेया ने अपने ऊपर लिटा लिया और उसके बूब्ज़ दबाने लगी।

मैंने अपना लण्ड फिर से श्रेया की चूत में डाल लिया और आहिस्ता-आहिस्ता अंदर बाहर करने लगा।चिंकी अपने दोनों हाथों से मेरे बालों से खेलने लगी।

श्रेया की चूत से लण्ड अंदर बाहर करते-करते अचानक बाहर निकाला और चिंकी की चूत में डाल प्रिया।चिंकी को अंदाज़ा ना था कि ऐसा होगा.वह उछल पड़ी।

अब कभी चिंकी की चूत में तो कभी श्रेया की चूत में लण्ड जाने लगा।मज़ा भी खूब आने लगा।

मेरा लण्ड बस पानी छोड़ने वाला था कि मैंने श्रेया का सोचा कि इसका पानी नहीं छूटा अब तक।तो मैंने चिंकी से कहा- तुम मेरा लण्ड चूसो। मैं श्रेया का पानी छूटा दूँ।श्रेया बोली- यश, मैं पानी छोड़ चुकी हूँ।मैंने पूछा- कब?तो वह बोली- उसी समय जब तुम चूत को चाट रहे थे। मैंने तुम्हारे बालों को खींचा भी था। शायद तुम ध्यान नहीं दे पाये।

यह सुनकर मेरा मन खिल उठा।मैं बोला- मेरा छूटने वाला है, बोलो कहाँ डालूँ अपना रस?चिंकी बोली- मेरी चूत में डालो।श्रेया ने भी यही कहा।

मैं बिना सोचे श्रेया को चोदने लगा और और जब छूटने वाला हुआ तो चिंकी की चूत में डाल प्रिया और जब दो पिचकारी निकली तो तुरंत निकाल कर श्रेया के मुँह में दे प्रिया।

श्रेया ने बिना ना नुकुर किये सारा रस चाट लिया।

हम तीनों एक दूसरे के साथ संतुष्ट थे।

श्रेया बोली- मेरी चूत को रस नहीं मिला।मैंने कहा- अभी पूरी रात है। तेरी चूत को नहीं मिला तो चिंकी के मुँह में स्वाद नहीं गया। रात को करेंगे तो इस बार तुम्हारी चूत और चिंकी का मुँह!

यह कहकर हम तीनों बेड पर लेट गये।तीनों का बदन पसीने से भीग चुका था और सांसें तेज़ी से चल रही थी।

चिंकी बोली- यश, भूख लगी है।मैंने कहा- चलो कपड़े पहनो, बाहर ही खाकर आते हैं। थोड़ा माहौल बदलेगा और मेरे लण्ड को भी आराम मिलेगा।

श्रेया बोली- यश, तुम तुरंत नहीं ले सकते क्या हमारी?मैं बोला- श्रेया, पानी छूटने के बाद तुरंत लण्ड खड़ा तो हो जाएगा पर उसमें वो जोश नहीं रहेगा। इसलिए रुक जाओ अगर सेक्स में आनंद लेना हो तो! अब ये बताओ कैसा लगा सेक्स और मेरा लण्ड।

श्रेया बोली- मस्त … बस यह बताओ कि क्या इससे बड़ा लण्ड और मज़ा दे सकता है क्या?मैं बोला- लण्ड छोटा भी हो तो मज़ा दे सकता है यार! सेक्स में लण्ड नहीं बल्कि सेक्स का ज्ञान होना ज़रूरी है और सेक्स में एक दूसरे के प्रति लगाव होना ज़रूरी है। बड़ा या मोटा लण्ड सिर्फ़ एक भ्रम पैदा करता है और कुछ नहीं।

चिंकी बोली- मुझे तो तुम्हारा ही लण्ड चाहिए अब बस!यह कहकर उसने मेरे लण्ड पर किस कर प्रिया।

हम तीनों कपड़े पहन खाना खाने निकल पड़े।

हमने बार में जाकर शराब पी और फिर रूम पर आकर पूरी रात दो बार और सेक्स किया।एक दूसरे के साथ सेक्स का आनन्द लिया और सुबह एक दूसरे से विदा हो गए।

श्रेया से एक बार फिर मिलना हुआ पर चिंकी से नहीं।

मुझे अभी भी बहुत मेल आते हैं सेक्स के लिए!देखते हैं अब कौन कब किससे मिलना होगा।

श्रेया और चिंकी के बाद मेल के द्वारा एक लड़की अभी मिली है.अगर उससे मिलना हुआ तो ज़रूर उसके बारे में बताऊँगा।तब तक आप सबकी प्रतिक्रिया का इंतज़ार रहेगा।

दोस्तो, आप सबको मेरी ये कहानी कैसी लगी जिसमें देसी वर्जिन लड़की चुदी?मुझे मेल कर ज़रूर बतानाsupport@mohakkisse.com